जीवन के मज़े -1

(Jeevan ke maze- 1)

हेलो दोस्तों मेरा नाम रोहित जैन है और मैं 25 साल का हू । मैं दिल्ली से हू मेरी फ़ैमिली में कोई नहीं है मेरे माता पिता का मैं इकलौता बेटा था सो कुछ साल पहले उनके एक्सीडेंट में डेथ के बाद मैं एक दम अकेला हो गया मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं थी मेरा परिवार पैसे वाला है मेरे जीवन में एक जीवन साथी की कमी थी जो कुछ समय मेरी पत्नी निशा के आने से पूरी हो गयी । निशा एक पढ़ी लिखी मॉडर्न खयालो वाली लड़की थी वो एक बहोत बड़ी कंपनी में बड़े औधे पर काम करती थी उसके कपडे पहनने का तरीका किसी का भी लंड खड़ा कर दे वो हमेसा छोटे और महगें कपडे पहनती उसका साइज 34-23-37 है अब मैं अपने बारे में बताता हु मैं एक हट्टा कट्टा 5 फुट 11 इंच लम्बा चुस्त लड़का हु मेरे लंड का साइज 7 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा है मैंने अपने कॉलेज की कई लड़कियों की जमके चुदाई भी की है ।

अब कहानी पे आते है मैंने अपने पापा मम्मी के जाने के बाद अपने बिज़नेस को सँभालने लगा । अकेले होने के कारन मैं अपनी मर्ज़ी का मालिक बन चूका था इसीलिए मैं अपने दोस्तों और लड़कियों(रंडिया और दोस्तों की खूबसूरत बीवियाँ ) के साथ हमेसा पार्टी करता रहता इन पार्टियों में जम के नाच गाना दारू चुदाई सब होती सहर की टॉप रंडियो को बुलाके हम सारे दोस्त रात भर रगड़ के चोदते । धीरे धीरे मेरे ऑफिस की मस्त माल जैसी दिखने वाली लड़किया भी शामिल होने लगी पार्टी में हर तरफ चुदाई चलती देख इन्हे भी चुदने का मन होने लगा धीरे धीरे मेरे दोस्त और मैं इन्हे चोदने लगे । मैं उन लड़कियों को ऑफिस में अपने केबिन में बुलाकर चुदाई करने लगा उन सब को मैंने ब्रा और पैंटी पहनने के लिए मना कर दिया जिससे जब मैं चाहू उन्हें ऑफिस में कही भी आसानी से चोद सकू । उनमे से एक लड़की जिसका नाम सोनिआ है उसे मैंने अपना सेक्रेटरी बना लिया क्योंकि पहली चुदाई के बाद से ही मैं उसके हुसन का दीवाना हो गया उसका 32-24-38 का बदन देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता और उसे चोदने के लिए मचलने लगता । एक दिन सोनिआ हाई हील्स टाइट लैगी और टाइट टॉप में ऑफिस आयी उसे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया उसने देख लिया और समझ गयी की उसकी चुत की चटनी बनने वाली है । मैंने उसे अपने केबिन में बुलाया और अपने पैंट से अपना लंड निकाल कर हिलाने लगा ।

जैसे ही सोनिआ मेरे पास आयी मैं बैठे बैठे ही अपनी चेयर में पीछे खिसक गया सोनिआ ने मेरा लंड देखा और मेरे पास आकर घुटनो के बल बैठकर मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर किसी ट्रेंड रंडी की तरह चूसने लगी मुझे भी आनंद की अनुभूति होने लगी मैं उसके बाल पकड़कर धीरे धीरे उसके मुँह को चोदने लगा की तभी मेरे फ़ोन की घंटी बजी मैंने फ़ोन उठाया तोह मेरे एक आदमी ने मुझे रावत जी के मिलने आने की बात बताई और कहा की वो 5 मिनट बाद मेरे केबिन में आजाएगे । रावत जी को मैं मन नहीं कर सकता था क्योंकि वो मेरे पापा के बहुत अच्छे दोस्त है पर सोनिआ मेरा लंड चूस रही थी और बिना झड़े मैं उसे रोकना नहीं चाहता था ।
इसीलिए मैंने उसे मेरे टेबल के नीचे जाने के लिए कहा ताकि मैं बिना रावत जी के पता लगे सोनिआ से अपना खड़ा लंड सांत करवा सकू । मेरे टेबल के नीचे काफी जगह थी इसलिए सोनिआ टेबल के नीचे बैठ गयी और फिर से मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी ।

5 मिनट बाद जब रावत जी मेरे केबिन में आये तोह मैंने बैठे बैठे ही हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया और उन्हें बैठने के लिए कहा । टेबल के नीचे सोनिआ मेरा लंड चूस रही थी बिना आवाज़ किये और ऊपर मैं और रावत जी बातें कर रहे थे । 15 मिनट बातचीत होने के बाद रावत जी चले गए उनके जाते ही मैंने मेरे आदमी को किसी को भी अगले 1 घंटे तक अंदर न भेजने के लिए कहा क्योंकि मैं सोनिआ को आराम से चोदना चाहता था ।

फिर मैंने सोनिआ के बाल पकडे और उसे कुतिया की तरह हाथ और पैरो के सहारे चलबा कर सोफे के पास ले गया और उसके दोनों गलो पे जल्दी जल्दी तीन थप्पड़ लगाए और सोफे पे बैठकर अपना लंड उसके मुँह में डालकर उसका मुँह चोदने लगा थप्पड़ खाने के बाद वो और मज़े से चुदवा रही थी 5 मिनट मैंने उसका मुँह चोदा फिर मैंने उसके और अपने सारे कपडे उतार दिए ।

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अब सोनिआ मेरे सामने सिर्फ हील्स में नंगी खड़ी थी मैंने उसे सोफे पे पटक दिया और उसकी चूत चाटने लगा सोनिआ अपनी चूत के बाल साफ़ रखती है क्योंकि मुझे झाँट वाली चूते चोदने में मज़ा नहीं आता । जैसे जैसे मैं चूत चाट रहा था सोनिआ को भी मज़ा आ रहा था कुछ देर चाटने के बाद सोनिआ झड़ने वाली थी तोह उसने मेरे बाल पकड़कर मेरा सर अपनी चूत में दबा लिया और सारा पानी मेरे मुँह में छोड़ दिया जिससे मैं उसकी चूत का सारा पानी पी गया और चाट कर उसकी चूत साफ़ कर दी । फिर मैंने सोनिआ को सोफे पर कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में झटके से लंड डाल दिया जिससे सोनिआ की हलकी सी चीख निकल गयी। मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना सुरु किया थोड़ी देर बाद सोनिआ को मज़ा आने लगा और वो कहने लगी ” येह फ़क मी फ़क मी हर्डर बेबी हर्डर प्लीज बेबी फ़क मी हर्डर ” जिससे मुझे और जोश आगया और मैंने उसके बाल पकडे और तेजी के साथ धक्के लगाने लगा बीच बीच में मैं उसकी गांड में भी लंड डाल देता जिससे उसे और मज़ा आ रही थी और वो मुँह से आवाज़े निकलती जा रही । लगभग आधे घंटे चोदने के बाद मेरा माल निकलने वाला था तोह मैंने सोनिआ को मेरा लंड चूसने के लिए कहा और उसने मेरा लंड मुँह में लेकर जल्दी जल्दी लॉलीपॉप की तरह चाटने चूसने लगी 5 मिनट बाद मैं झाड़ गया और सारा माल सोनिआ पी गयी ।

उसके बाद सोनिआ ने अपने कपडे पहने और मुझे किश करके केबिन से बाहर चली गयी । इसी तरह मैंने सोनिआ के अलावा अपने ऑफिस की हर लड़की को ऑफिस में भी और अपने घर की पार्टियों में भी जमके सब के सामने चोदा है । इन् पार्टियों में लड़किया किसी रंडी की तरह एक साथ कई लंड से चुदवाती सोनिआ को मैंने कई बार मेरे दोस्तों के साथ मिलकर पूरी रात चोदा है । पार्टी में लेस्बियन सेक्स भी होता मेरे कई दोस्तों की बीविया मेरे ऑफिस की लड़कियों के साथ रात भर मज़े करती क्योंकि उनके पति किसी और को चोद रहे होते ।
कहानी अगले भाग में जारी रहेगी ।