कड़ाके की सर्दी में मौसी और मामीजी को सरसो के खेत में पेला–4

Kadake ki shardi me mausi aur mamiji ko sarso ke khet me pela-4

गांड़ में लंड ठूकते ही मौसी की जान हलक में आ गई और मौसी ज़ोर से चीख पड़ी।
मौसी– आईईईई आईईईई मर गई।
मेरा लन्ड एक ही शॉट में मौसी की गांड़ में पूरा घुस चुका था।मौसी दर्द के मारे बुरी तरह से बौखला गई। अब मैं मजे से मौसी की गांड मारने लगा।
मौसी– आईईईई आईईईई आईईईई ओह कुत्ते।धीरे धीरे मार।
मैं–साली, रण्डी मै तो ऐसे ही मारूंगा।
मौसी– आईईईई मै मर जाऊंगी।बहुत बड़ा लंड है तेरा।
मैं– तो मेरी रण्डी, फिर तेरी गांड़ क्यो फट रही है। लेे लेे ना मेरा बड़ा लंड।
मौसी– अब मैं क्या करूं? तू तो बिना बताए ही डाल रहा है कुत्ते।
मैं–हां वो तो मै डालूंगा ही।

मौसी– आईईईई आईईईई ओह ऊंह आईईईई बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है।आईईईई आईईईई।
मैं सरसो के खेत में कड़ाके की सर्दी में मौसी की बुरी तरह से गांड़ मार रहा था। आस पास के सरसो के फुल, भंवरे ये नज़ारा देख रहे थे।मुझे मौसी की गांड़ मारने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैं गांड़ हिला हिलाकर मौसी की गांड़ का गोदाम बना रहा था।
मौसी– आईईईई आईईईई ओह ऊंह आईईईई आऊ कुत्ते।
मैं– ओह कुत्ती बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आहा।
मौसी– आहा। आहा आह आह ऊंह धीरे धीरे डाल साले।
मैं– मै तो ऐसे ही डालूंगा साली रण्डी।
मौसी दर्द से बहुत ज्यादा तड़प रही थी।मौसी ने सरसो के पौधों को पकड़ रखा था। अब मौसी की चीखे थोड़ी सी रुक गई और मौसी की चूत ने गाड़ा माल बहा दिया। अब मौसी फिर से कड़क सर्दी में पसीने पसीने हो गई थी।फिर मैंने बहुत देर तक मौसी की गांड़ मारी।
कहानी के दूसरे भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से मैंने मेरी मौसी को सरसो के खेत में पूरी नंगी करके पेला। अब कहानी आगे…..

मौसी गांड़ मरवाने के बाद बहुत ज्यादा थक चुकी थी। अब मैंने फिर से मौसी को पकड़ कर सीधा कर लिया और उनकी टांगो को फिर से हवा में लहरा दिया। मौसी के बूब्स पर सरसो के पत्ते चिपक चुके थे। अब मैं मौसी की चूत में लंड डालकर मौसी को फिर से बजाने लगा।मौसी फिर से धीरे धीरे सिसकारियां भरने लगी।
मौसी– ऊंह आह आह ओह अहा ओह आईईईई।आज तो जान ही निकाल दी तूने।
मैं– जान निकालने में ही तो मज़ा आता है मौसी।
मौसी– हां भाभी को चोद चोदकर सबकुछ सीख गया है तू।
मैं– हां मौसी।
अब मैं धीरे धीरे फिर से मेरे लन्ड की स्पीड बढ़ा दी और मौसी को झमाझम बजाने लगा।मौसी फिर से ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी।
मौसी– आईईईई आईईईई ऊंह आह अहा आईईईई।
अब मेरा निकलने वाला था। तभी मैंने मौसी को बाहों में कस लिया और सारा माल मौसी की चूत में भर दिया। अब मैं पसीने पसीने होकर मौसी से लिपट गया।
मौसी– बहुत बुरी तरह से चोदा है आज तो तूने। मेरे जिस्म के पुर्जे पुर्जे को हिला दिया।
मैं–चलो अच्छा हुआ फिर तो।

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मौसी– सालो बाद इतनी अच्छी चुदाई हुई है मेरी।
मैं– अब तो आपकी इसी तरह से चुदाई होती रहेगी।
फिर थोड़ी देर बाद मैं फिर से मौसी के रसीले होंठों को चूसने लगा। अब मौसी भी अच्छी तरह से मेरा साथ देते हुए मेरे होंठो को खाने लगे। धीरे धीरे मेरा लन्ड फिर से हरकते करने लगा।कुछ देर बाद मेरा लन्ड फिर से मौसी को बजाने के लिए तैयार हो चुका था। अब मैं आगे सरक कर मौसी के मुंह पर बैठ गया और मौसी के मुंह में लंड डाल दिया। अब सर्दी में मौसी मेरा लन्ड चूसने लगी। मौसी अच्छी तरह से मेरा लंड चूस रही थी।मुझे मौसी को लंड चूसाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर थोड़ी देर मौसी ने मेरा लन्ड इसी तरह से चूसा।
वाकई में यारो रिश्तेदारी में चुदाई का मज़ा अलग ही होता है।और अगर किसी खेत में आप चुदाई कर रहे हो तो फिर तो मज़ा डबल हो जाता है।
अब मैं 69 पोजिशन में आ गया और अब मैं मौसी की चूत चाटने लगा। इधर मौसी फिर से मेरे लन्ड को पानी पानी करने लगी।मै मौसी की चूत में जीभ घुसा कर मौसी को तड़पाने लगा। मुझे मौसी की चूत चाटने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। मौसी भी लंड चूसकर मुझे बहुत ज्यादा मज़ा दे रही थी। हम दोनों ही कड़क सर्दी में सरसो के खेत में बहुत ज्यादा मज़ा ले रहे थे।फिर थोड़ी देर हम दोनों ने इसी तरह से मज़ा लिया।

अब मैं नीचे लेट गया और मौसी मेरे ऊपर चढ़ गई। मौसी का भारी भरकम जिस्म मेरे ऊपर था।जिससे नीचे से मुझे मिट्टी और सरसो के पत्ते चुभने लगे लेकिन चुदाई का मज़ा लेने के लिए सबकुछ करने को तैयार था।
अब मौसी ने उनकी काली घनी लंबी घटाओ से मेरे चेहरे को ढक लिया और मेरे होंठो को बुरी तरह से खाने लगी।मौसी बुरी तरह से मेरे होंठो पर टूट पड़ी थी।वो लबालब किस कर रही थी। इधर मै मौसी की कंचन पीठ को सहलाते हुए मौसी का साथ दे रहा था।फिर मौसी ने थोड़ी देर मेरे होंठो को चूसा और मेरे चेस्ट पर किस करने लगी। अब मैं मौसी की घनी घटाओ को संवारने लगा।मौसी बुरी तरह से मेरी चेस्ट पर चुंबनों की बारिश कर रही थी। थोड़ी देर में ही मौसी ने मेरी चेस्ट को किस करके गीला कर डाला।
अब मौसी सीधे मेरे लन्ड पर आ गई और मेरे लन्ड को मसलने लगी।
मौसी– इतना बड़ा कैसे हो गया तेरा लंड?
मैं– बस मौसी ऐसे ही हो गया।
मौसी– आज तो मै इसका पूरा मज़ा लूंगी।

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अब मौसी ने मेरे लन्ड को मुंह में भरा और लपक लपककर मेरे लन्ड को चूसने लगी। अब मैं फिर से मौसी के बालो को संवारने लगा।मौसी के लंड चूसने के तरीके से लग रहा था कि मौसी बहुत लंबे समय से चुदी नहीं है।मौसी लॉलीपॉप की तरह की तरह मेरे लन्ड को चूस रही थी।मुझे भी मौसी को लंड चूसाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर मौसी ने बहुत देर तक मेरे लन्ड से प्यास बुझाई।
अब मैंने मौसी को फिर से सरसो के पत्तो पर पटका और जल्दी से उनकी टांगो को मोड़ दिया। अब मैं मौसी की चूत में लंड डालकर उन्हें फिर से बुरी तरह से बजाने लगा।
मौसी– ऊंह आह आह आह ऊंह आहा आईईईई।
मेरा लन्ड झमाझम मौसी की चूत में अंदर बाहर हो रहा था।मेरे लन्ड के हर एक शॉट के साथ मौसी के बूब्स बुरी तरह से हिल रहे हैं थे।
मौसी– आह आह। अहा आह।
आज तो मौसी को बुरी तरह से बजाने का मेरे ऊपर भयंकर जुनून सवार था। मुझे मौसी को बजाते हुए बहुत देर हो चुकी थी लेकिन अभी भी शाम होने में बहुत ज्यादा टाइम बाकी था। तभी मेरे दिमाग में आया कि क्यों नहीं मामीजी और मौसी को एक साथ बजाया जाए? बस फिर क्या था? मैं लग गया मिशन पर।

मैं– मौसी,आप थोड़ी देर यही रुकना मै मामीजी को लेकर आता हूं।
मौसी– उनको क्या करेगा यहां?
मैं– कुछ नहीं बस थोड़ा सा काम है।
मौसी– अच्छा ठीक है।
तभी मैं ऐसे के ऐसे ही नंगा सरसो में से बाहर निकल आया और झट से मामीजी के पास आ गया।मामीजी चुपचाप बैठी हुई फोन चला रही थी। मुझे देखते ही मामीजी भौचक्की रह गई।

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मामीजी– ये क्या है?
मैं– अरे यार मामीजी,अब तो चलो ना।
मामीजी– मै वहां क्या करूंगी लेकिन।
मैं– आप तो कुछ मत करना सिर्फ बैठ जाना।
मामीजी– नहीं, नहीं मुझे डाल में काला नजर आ रहा है।
मैं– अरे मामीजी कुछ भी काला नहीं है।
मामीजी– नहीं ,नहीं मै नहीं जाऊंगी।
बहुत कोशिश करने के बाद भी मामीजी मेरे साथ सरसो के खेत में चलने के लिए तैयार नहीं थी। शायद मामीजी जान चुकी थी कि मैं मौसी और मामीजी को एकसाथ पेलना चाहता हूं।तभी मैंने मामीजी का हाथ पकड़ लिया और उन्हें खींचकर सरसो के खेत में लेे जाने लगा। मामीजी नहीं जाने की पूरी कोशिश करने लगी लेकिन मै मान ही नहीं रहा था।फिर मैं मामीजी को सरसो के बीच में से लेे जाते हुए उन्हें चुदाई वाली जगह पर ले गया।

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