कहीं प्यार ही ना हो जाए चुत से मुझे

(Kahi Pyar Hi Na Ho Jaye Chut Se Mujhe)

मैं अपनी मम्मी के साथ अपने ननिहाल गया, मेरे मामा जी की तबीयत खराब थी इसलिए मुझे अपनी मम्मी के साथ जाना पड़ा, मैं जब अपने मामा से मिला तो उनकी तबीयत वाकई में काफी खराब थी और उस वक्त उन्हें देख कर मुझे बुरा लग रहा था, हम लोग दो-तीन दिनों तक उन्हीं के घर पर रुक गए उनकी तबीयत काफी खराब थी इसलिए डॉक्टर उन्हें देखने के लिए घर पर ही आते थे। Kahi Pyar Hi Na Ho Jaye Chut Se Mujhe.

दो-तीन दिनों के दौरान तो वह थोड़ा बेहतर महसूस करने लगे थे, उस दौरान उनके पड़ोस में रहने वाली जाह्नवी से मेरी बातचीत हो गई जाह्नवी भी मेरी ही उम्र की थी लेकिन हम लोगों की सिर्फ बात ही हो पाई थी और जब मैं अपने घर चला गया तो मेरे दिमाग से जाह्नवी का ख़्याल भी उतर चुका था इस बात को काफी समय हो चुका था, मैं काफी समय बाद अपने मामा के घर उनसे मिलने के लिए गया उस वक्त मेरी नौकरी को लगे हुए एक महीना ही हुआ था, मैं जॉब जब करने लगा था और मेरी एक अच्छी कंपनी में नौकरी भी लग गई थी।

मैंने जब जाह्नवी को देखा तो मुझे उसे देख कर बहुत अच्छा लगा, उसने मुझसे पूछा तुमने तो जैसे मुझे भुला ही दिया, मैंने जाह्नवी से कहा नहीं ऐसी बात नहीं है मैं अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया था और उसके बाद मेरी अब जॉब भी लग चुकी है, उसने मुझे कहा चलो तुम्हारी जॉब लग चुकी है उसके लिए मैं तुम्हें बधाई देती हूं। वह बहुत ही खुश थी उस दिन जाह्नवी ने मेरा नंबर ले लिया, मैं पहले उसे अपना नंबर नहीं देना चाहता था.

लेकिन उसने जबर्दस्ती मेरा नंबर मुझसे ले लिया, मैंने जब उसे अपना नंबर दिया तो उसके बाद वह अक्सर मुझे फोन करने लगी, पहले तो मैं उसे टाल दिया करता था क्योंकि मुझे उससे बात करने का ज्यादा मन नहीं होता था लेकिन धीरे-धीरे मुझे भी एहसास होने लगा कि वह मेरे लिए कुछ ज्यादा ही सीरियस होने लगी है इसलिए मैं अब उससे फोन पर बातें करने लगा था उस दौरान मेरी ऑफिस में काम करने वाली एक लड़की से मेरा अफेयर भी शुरू हो गया लेकिन यह बात मैंने जाह्नवी को नहीं बताई थी, जाह्नवी और मेरे बीच में ऐसा कुछ भी नहीं था हम दोनों सिर्फ एक अच्छे दोस्त हैं और ना ही मैं उसे इस बारे में बताना चाहता था। “Kahi Pyar Hi Na”

मेरा जिस लड़की से अफेयर चल रहा था उसका नाम गुडिया है मेरे और उसके बीच में काफी समय तक रिलेशन चला लेकिन एक दिन उसने मुझे कहा कि अब मेरी सगाई हो चुकी है इसलिए तुम मुझे भूल जाओ। मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आया, मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी लेकिन गुडिया ने मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा किया जिससे कि मुझे कुछ दिनों तक तो बुरा लगा लेकिन मेरे पास उस वक्त जाह्नवी का सहारा था उसके बाद जाह्नवी से मैं बातें करने लगा था, हम दोनों ने एक दूसरों को फोन पर ही प्रपोज किया था। मैं जाह्नवी से मिलने के लिए कभी कबार चले जाता था लेकिन ज्यादातर समय मैं अपने ऑफिस में ही होता था, एक दिन जाह्नवी मुझे कहने लगी तुम मुझे बिल्कुल भी समय नहीं दे पाते हो, “Kahi Pyar Hi Na”

मैंने जाह्नवी से कहा ठीक है हम लोग जिस दिन मेरी छुट्टी होगी उस दिन मुलाकात करते हैं, जाह्नवी बहुत ही एक्साइटेड थी कि वह मुझसे मिलने वाली है और मैं भी उससे मिलने के लिए बहुत खुश था, मैं जब जाह्नवी को रिसीव करने में उसके घर पर गया तो वह उस दिन पटियाला सूट पहन कर आई थी वह उसमें बहुत ही सुंदर लग रही थी, मेरी नजर तो उससे हट ही नहीं रही थी और मैं उसे देखता ही जा रहा था। जब जाह्नवी मेरे पास आई तो मैंने जाह्नवी से कहा आज तो तुम कुछ ज्यादा ही सुंदर लग रही हो और मेरा तुमसे नजर हटाने का मन ही नहीं कर रहा, वह कहने लगी आज तक तुमने कभी मुझे ऐसे देखा ही नहीं है इसीलिए तो तुमने कभी मेरी सुंदरता को इतने ध्यान से नहीं देखा, मुझे लगा वाकई में जाह्नवी बहुत ज्यादा सुंदर है।

हम दोनों साथ में मूवी देखने के लिए चले गए, जब हम दोनों साथ में बैठकर मूवी देख रहे थे तो मैं सिर्फ जाह्नवी के चेहरे की तरफ देख रहा था और उसे ही मैं निहार रहा था, उसे भी मेरे साथ मूवी देखना बहुत अच्छा लग रहा था हम दोनों ने उस दिन एक साथ बहुत अच्छे से समय बिताया और मुझे भी उस दिन जाह्नवी के साथ समय बिता कर बहुत अच्छा लगा, अब मेरे दिल में जाह्नवी के लिए और भी ज्यादा प्यार बढ़ चुका था और उस दिन मैंने उसकी सुंदरता को बड़े ध्यान से देखा उसके बाद तो मैं जाह्नवी का दीवाना हो चुका था, जाह्नवी के बिना मैं एक पल भी नहीं रह सकता था मैं उससे शादी करना चाहता था लेकिन मेरे घर में मेरे बड़े भैया भी है जिनकी शादी अभी तक नहीं हुई है इसीलिए शादी का ख्याल तो मुझे अपने दिमाग से निकालना ही पड़ा। “Kahi Pyar Hi Na”

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हम दोनों एक दूसरे को अब बहुत ज्यादा समय देने लगे थे और मुझे भी जाह्नवी के साथ समय बिताना बड़ा अच्छा लगता था। जाह्नवी और मेरे बीच में कभी भी सेक्स नहीं हुआ था एक दिन मैंने पोर्न मूवी देख ली उस दिन मेरे लंड से पानी बाहर निकलने लगा और उसी वक्त जाह्नवी का भी फोन आ गया। मैंने उसके साथ फोन सेक्स का मजा लिया उसने उस दिन मुझे फोन सेक्स के पूरे मजे दिए परंतु अब मैं उसे जल्दी से चोदना चाहता था। जिस दिन मेरी छुट्टी थी उस दिन जाह्नवी को मैं अपने घर पर ले आया हम दोनों मेरे घर पर बैठे हुए थे। मेरे घर में भी जाह्नवी के बारे में सबको पता चल चुका था मैंने जाह्नवी के होठों पर चुमना शुरू किया तो वह भी मुझसे बड़े अच्छे से अपने होठों को मिला रही थी हम दोनों एक दूसरे के होठों को काफी देर तक चूसते रहे। जब हम दोनों का शरीर गर्म होने लगा तो तभी मेरी मम्मी भी आ गई मेरी मम्मी जब आई तो हम दोनों एक दूसरे से थोड़ा दूर होकर बैठ गए लेकिन मेरा लंड खड़ा हो चुका था इसलिए मैंने अपने लंड पर तकिया रख लिया जिससे कि मेरी मम्मी को पता ना चले। “Kahi Pyar Hi Na”

जैसे ही मेरी मम्मी गई तो मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया मैं जब जाह्नवी के ऊपर लेटा तो मैंने उसके सारे कपड़े एक ही झटके में उतार कर फेंक दिए, मैं उसके कपड़े उतार चुका था मुझे उसके बदन को चाटने में बड़ा मजा आ रहा था उसके गोरे बदन को मैं ऊपर से लेकर नीचे तक चाट रहा था जब मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत पर सटाया तो उसकी चूत ने पानी बाहर की तरफ छोड़ना शुरू कर दिया उसकी चूत बाहर की तरफ पानी छोड़ रही थी मुझे भी अच्छा महसूस हो रहा था। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटाया तो वह थोड़ा घबरा सी गई जाह्नवी मुझे कहने लगी मुझे डर लग रहा है। जब उसने यह बात कही तो मैंने भी ज्यादा देर नहीं की और एक ही झटके में अपने लंड को धक्का देते हुए उसकी चूत के अंदर घुसा दिया उसकी चूत से खून निकल चुका था मेरा लंड उसकी योनि में अंदर तक प्रवेश हो चुका था.

उसको दर्द हो रहा था उसकी सिसकियो से मुझे और भी मजा आ रहा था मेरे लंड में भी दर्द हो रहा था लेकिन मैं उसे तेज गति से धक्के दे रहा था। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था जब वह अपने मुंह से सिसकियां लेती तो मेरे अंदर और भी ज्यादा जोश पैदा हो जाता मैंने उसे इतनी तेज गति से धक्के दिए कि मेरे लंड मे भी दर्द होने लगा था परंतु जैसे ही मेरा वीर्य पतन जाह्नवी की योनि में हो गया तो मैंने उसे गले लगा लिया और उसे गले लगाकर मैं उससे लिपट कर लेटा रहा। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में 10 मिनट तक लेटे रहे मेरा लंड भी उतना ही कड़क था और उसकी चूत भी उतनी ही गरम थी लेकिन मुझे उसे छोड़ने का बिल्कुल मन नहीं कर रहा था।
“Kahi Pyar Hi Na”

जाह्नवी मुझसे कहने लगी अब तुम मेरे ऊपर से उठ जाओ मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा है तब जाकर मैंने अपने लंड को उसकी योनि से बाहर निकाला। जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि से बाहर निकाला तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और कहने लगी आज तो तुमने मुझे जन्नत की सैर करवा दी यह कहते हुए उसने अपनी लाल रंग की पैंटी को पहना और उसके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान थी। मुझे भी उसे चोदकर बड़ा मजा आया जब वह घर से जा रही थी तो मेरी मम्मी कहने लगी जाह्नवी तुम्हारे लिए बहुत अच्छी लड़की है मैंने कुछ जवाब नहीं दिया मैं सिर्फ मन ही मन मुस्कुराता रहा। “Kahi Pyar Hi Na”