किराएदार भाभी को चोदकर बर्थडे सेलिब्रेट किया–4

Kirayedar Bhabhi ko chodkar birthday celebrate kiya-4

भाभी– आईईईई आईईईई मर गई।आईईईई आईईईई।
अब मैं गांड़ हिला हिलाकर कर भाभी की ज़ोरदार चुदाई करने लगा।मुझे भाभी की चूत में लंड पेलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में घुस चुका था।भाभी भयंकर दर्द से तड़प रही थी।
भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई बहुत दर्द हो रहा है ।आईईईई मुझसे नहीं झेला जा रहा है।
लेकिन मैंने भाभी की बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और मेरे लन्ड का पूरा सुपाड़ा भाभी की चूत में घुसाता रहा।मेरे लन्ड की ज़ोरदार ठुकाई के साथ भाभी के बड़े बड़े बूब्स बहुत ज्यादा इधर उधर हिल रहे थे।दर्द के मारे भाभी के चेहरे की हवाइयां उड़ चुकी थी।

भाभी– आह आह आह आईईईई आईईईई आईईईई।
मैं– भाभी बस थोड़ी देर दर्द होगा।फिर आपको बहुत ज्यादा मज़ा आयेगा।
मैं दे दना दन भाभी की चुदाई कर रहा था।भाभी बेड पर हाथ पैरों को इधर उधर पटक रही थी।वो दर्द से बहुत ज्यादा तड़प रही थी।कुछ देर में ही मेरे लन्ड ने भाभी की हालत खराब कर दी।धक्कमपेल चुदाई के कारण भाभी की चूत की हालत बिगड़ चुकी थी।जब मेरे लन्ड ने भाभी की चूत को अंदर से बहुत ज्यादा खोखला कर दिया तब जाकर भाभी का दर्द कम हुआ। अब भाभी की दर्द भरी चीखे मादक सिसकारियों में बदल चुकी थी।
भाभी– आह आह ऊंह आह आह आह ऊंह ओह ओह।
मैं– ओह भाभी आपकी चूत बहुत शानदार है।आज तो मै आपकी चूत का भोसड़ा बना दूंगा।
भाभी– आह आह ऊंह ओह तो बना दो भोसड़ा। मैं तो कब से तेरा लंड चूत में लेने के लिए तड़प रही थी।
मैं– ऊंह आह आह ओह मै भी आपको चोदने के लिए बहुत दिनों से तड़प रहा था।आप सच में बहुत मस्त माल हो भाभी।आपको चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा है।
भाभी– आह आह आह आह ओह ओह ऊंह।मुझे भी तुझसे चुदाई कराने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह।

मैं– ओह भाभी।आज तो मैं आपकी चूत को पूरा खा जाऊंगा।
अब मैं पूरा ज़ोर लगाकर भाभी की चूत को फाड़ रहा था। अब भाभी भी बड़ी मस्त होकर चूत फड़वा रही थी। अब हम दोनो चुदाई के नशे में बुरी तरह से डूब चुके थे।
अजब गजब नज़ारा था यारो जिस भाभी को कभी मैंने चोदने के बारे में नहीं सोचा था।आज उसकी प्रमिला भाभी की चूत में मेरा लन्ड भयंकर घमासान मचा रहा था।मेरे लन्ड को भाभी की चूत में तूफान मचाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।भाभी भी फूल मूड में होकर चूत चुदवा रही थी।

बहुत देर की भयंकर चुदाई के बाद प्रमिला भाभी कांप उठी और उन्होंने चूत के गरमा गर्म लावे में मेरे लन्ड को भिगो दिया।चूत रस बाहर निकलते ही भाभी बुरी तरह से पसीने में भीग गई।मेरा लन्ड अभी भी फूल मूड में होकर भाभी की ताबड़तोड़ चुदाई कर रहा था। अब पूरे बेडरूम में फ्फस्क फ्फेच फ्फच फ्फच फ्फचच की आवाजे गूंजने लगी। अब भाभी का दर्द पूरा गायब हो चुका था। अब वो आराम से चुदाई करवाने का मज़ा ले रही थी।
भाभी– ऊंह आह आह आह ओह ऊंह आह आह ऊंह। बहुत मज़ा आ रहा है रोहित।आज जिंदगी में पहली बार मुझे इतना प्यार मिल रहा है।
मैं– भाभी अब आप चिंता मत करो।मेरा लन्ड अब हमेशा आपको ऐसे ही प्यार देगा।
भाभी– आह आह आह ऊंह आह आज मेरी चूत की कली कली को बिखेर दे रोहित।
मैं– हां भाभी।आज तो आपकी चूत को फाड़कर ही मानूंगा।
अब मैं फिर से पूरे जोश खरोश के साथ भाभी की चुदाई करने में जुट गया। मैं गांड़ हिला हिलाकर भाभी को फिर से बुरी तरह से पेलने लगा।भाभी भी मादक सिसकारियां भरते हुए शानदार चुदाई करवा रही थी। अब मैंने भाभी की टांगो को छोड़ दिया और उन्हें अच्छी तरह से बाहो में कसकर चोदने लगा। अब भाभी और मेरी सांसे एक हो चुकी थी।भाभी ने भी मुझे अच्छी तरह से बाहों में भर लिया।मेरा लन्ड धमाधम भाभी की चूत की बखिया उधेड़ रहा था।  अब तक भाभी का पूरा जिस्म पानी पानी हो चुका था। अब मेरे लन्ड का रस भी निकलने वाला था। अब मैंने भाभी को कसकर जकड़ लिया और उनकी रसीली चूत में मेरे लन्ड का सारा माल भर दिया। अब मैं पसीने पसीने होकर भाभी के जिस्म से लिपट गया।भाभी ने अच्छी तरह से मुझे बाहों में समेट लिया।
मैं– आई लव यू भाभी।
प्रमिला भाभी– आई लव यू टू रोहित।
मैं– मज़ा आ गया आज तो।

भाभी को चोदकर मै भाभी के कातिल जिस्म के ऊपर ही पड़ा था।भाभी की चूत के परखच्चे उड़ाने की कसक अभी भी मेरे लन्ड में बाकी थी।इसलिए मै भाभी को फिर से चूमने चाटने लगा।मैंने उनके होंठों को फिर से मेरे होंठो में फंसा लिया और ज़ोरदार तरीके से भाभी के होंठो को चूसना शुरु कर दिया।भाभी भी मेरा पूरा साथ देते हुए मेरे होंठो को खाने लगी।फिर मैंने भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से चूस चूसकर निचोड़ डाला।
अब मैंने भाभी की चूत को फिर से चाटना और सहलाना चालू कर दिया।भाभी के जिस्म में फिर से सिहरन फूटने लगी।धीरे धीरे भाभी फिर से गर्म हो चुकी थी। मैं भाभी की मलाईदार चूत को अच्छी तरह से चाट रहा था।कुछ देर बाद मेरा लन्ड फिर से लोहे की रॉड बनकर तैयार था।
अब मैंने लंड पर फिर से केक लगा लिया। अब मैंने भाभी की टांगो को फैलाया और चूत में लंड घुसाकर भाभी की फिर से ताबड़तोड़ चुदाई करनी शुरू कर दी।मेरा लन्ड फिर से भाभी की चूत में भूचाल मचा रहा था।भाभी भी इस बार गांड़ उछाल उछाल कर चूत में लंड लेे रही थी।

भाभी– आईईईई आईईईई आह आह आऊ आह आह ओह।
मैं– आह आह ओह मज़ा आ रहा है भाभी।
फिर मैंने भाभी को थोड़ी देर तक इसी तरह से चोदा।
अब मैंने भाभी को थोड़ा आगे की ओर खींचा और लंड को लेक में लपेटकर भाभी के मुंह पर लंड सेट कर दिया। अब मैं आगे की ओर झुककर भाभी के मुंह में लंड पेलने लगा।मेरा पूरा मोटा तगड़ा लंड भाभी के मुंह में अन्दर बाहर हो रहा था।मुंह चुदाई की वजह से भाभी को सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था लेकिन फिर भी भाभी बिना कुछ कहे मुझे उनका मुंह चोदने दे रही थी।
मैं घपाघप भाभी के मुंह में लंड पेले जा रहा था।मुझे भाभी के मुंह को चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था।फिर मैंने कुछ देर लंड को भाभी के मुंह में फंसाए रखा तो भाभी की जान हलक में आ गई।थोड़ी देर बाद मैंने फिर से भाभी के मुंह को चोदना शुरू कर दिया।फिर कुछ देर तक मैंने भाभी के मुंह को अच्छी तरह से चोदा। अब मैंने मेरी पोजिशन बदल ली।
अब मैं 69 पोजिशन में आते हुए मैने लंड भाभी के मुंह में डाला और खुद भाभी की नमकीन चूत चाटने लग गया। अब भाभी आराम से मेरा लन्ड चूस रही थी और मै भाभी की चूत के मज़े ले रहा था। भाभी बड़ी शिद्दत से मेरा लन्ड चूस रही थी।उन्हें लंड चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।इधर मै भाभी की चूत को कभी सहलाता तो कभी उनकी चूत के गुलाबी दाने को बुरी तरह से रगड़ देता।फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ने ऐसे ही मज़े लिए।
अब मैं भाभी के जिस्म पर से उठा और भाभी को बेड पर ही घोड़ी बनने के लिए कहा तो भाभी बिना कोई नखरे किए चुपचाप घोड़ी बन गई क्योंकि भाभी आज अच्छी तरह से चूदना चाहती थी इसलिए भाभी आज मना तो कर ही नहीं सकती थी।

भाभी के घोड़ी बनते ही उनकी चूत मेरे लन्ड के सामने खड़ी थी। अब मैंने फटाफट लंड को फिर से केक में लपेटा और बहुत सारा केक भाभी की गांड़ पर लगा दिया। अब मैंने भाभी की चूत में लंड सेट किया और भाभी की गांड को पकड़कर पीछे से भाभी की चूत पेलने लगा। अब भाभी चुपचाप नीचे गर्दन करके चूत चुदवा रही थी।
मैं– आह आह आह ओह भाभी क्या चूत है आपकी।आह आह आह बहुत मज़ा आ रहा है पीछे से डालने में।
भाभी– ऊंह आह आह ओह ऊंह ओह मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है रोहित।आज पहली बार मै इतनी अच्छी तरह से चुद रही हूं। ये मेरे लिए बहुत मज़ेदार है।आह आह आह ऊंह।
मैं– आह्हहह भाभी, आज तो आपको पूरे दिन भर चोदूंगा।
भाभी– आह आह आह ओह तो चोद लेे मेरे राजा। मैं तुझे नहीं रोकूंगी।
मेरा लन्ड भाभी की चूत के परखच्चे उड़ा रहा था।भाभी भी बड़ी मस्त होकर चूत में लंड लेे रही थी।हम दोनों को चुदाई में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।बहुत देर तक चूत ठुकाई के बाद भाभी ने चूत में से पानी उड़ेल दिया। अब भाभी झड़ चुकी थी लेकिन मेरे लन्ड ने फिर भी भाभी को बजाना जारी रखा।आज तो भाभी की चूत बुरी तरह से लाल सुर्ख हो चुकी थी।

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

कुछ देर बाद मैंने भाभी को छोड़ा और उन्हें बेड से उठाकर फिर से नीचे फर्श पर ले गया। अब मैंने भाभी को दीवार से सटाकर खड़ा कर दिया।भाभी दीवार की तरफ मुंह करके खड़ी थी। अब मैं नीचे बैठ गया और भाभी की भारी भरकम गुद्देदार मजबूत गांड़ को मसलने लगा।भाभी की गांड़ के दोनो चूतड़ बहुत शानदार थे।भाभी के गौरे चिकने गुद्देदार चूतड़ों को मसलने में मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
मैं– हाय क्या मस्त गांड़ है भाभी आपकी।आज तो मैं आपकी गांड़ ही फाड़ दूंगा।ओह भाभी।
मैं भाभी के चूतड़ों को अच्छी तरह से सहलाते हुए उन्हें किस भी कर रहा था।फिर मैं भाभी के चूतड़ों को बजाने लगा।
भाभी– आईईईई आईईईई ओह आह आह आह रोहित प्लीज बजाओ मत ना।
मैं– अरे भाभी बजाने दो ना।आपके चूतड़ बहुत शानदार है।
भाभी– नहीं मुझे दर्द हो रहा है।प्लीज मत बजाओ यार।
मैं– नहीं भाभी,मै तो चूतड़ों को बजाऊंगा।

अब बैचारि भाभी क्या कहती।वो चुप हो गई।फिर मैंने भाभी के मस्त चूतड़ों को अच्छी तरह से बजा डाला। अब मैंने भाभी के चूतड़ों पर केक लगाया और फिर अच्छी तरह से चूतड़ों को चाटने लगा।भाभी चुपचाप सिसकारियां लेते हुए दीवार से चिपकी हुई थी।तभी मैंने भाभी की गांड़ के सुराख में उंगली घुसा डाली।गांड़ के सुराख में उंगली घुसते ही भाभी उछल पड़ी।
भाभी– आईईईई आईईईई ओह आह।
भाभी की गांड़ का छेद बहुत ज्यादा टाइट था।इसका मतलब भाभी ने अभी तक गांड़ में लंड नहीं लिया था।
भाभी– रोहित प्लीज उंगली मत डालो ना।
मैं– भाभी अभी तो मेरी उंगली घुसी है इसमें।थोड़ी देर बाद मेरा लन्ड भी घुसेगा।इसलिए अभी उंगली करने तो दो।

अब मेरी बात सुनकर भाभी चुप हो गई।फिर मैंने भाभी की गांड़ में अच्छी तरह से उंगली की। अब मैं खड़ा हो गया और पीछे से भाभी को दबोचकर उनकी गौरी चिकनी पीठ को किस करने लगा।मुझे भाभी की नंगी पीठ पर किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।इधर मेरा लन्ड भाभी की गांड़ में घुसने की सोच रहा था।फिर मैंने थोड़ी सी देर में ही भाभी की पीठ को अच्छी तरह से किस कर डाला। अब मैंने भाभी की चूत में उंगलियां घुसा दी और ताबड़तोड़ तरीके से भाभी की चूत को खोदने लगा।भाभी फिर से दर्द से बुरी तरह से तड़पने लगी।
भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आह आह आह आईईईई।
मै– ओह भाभी बहुत मज़ा आ रहा है।आह आह आह आह आह।
भाभी– ओह आईईईई ओह रोहित मत करो ना उंगली।मेरी जान निकल रही है।
मैं– ओह मेरी जान, जान निकालने में ही तो मज़ा आता है।
भाभी– आईईईई आईईईई ओह आईईईई मेरी हालत खराब हो रही है यार।प्लीज मत करो ना।

लेकिन आज मै कहां रुकने वाला था।भाभी कहती रही और मै अच्छी तरह से भाभी की चूत को सहलाता रहा।फिर मैंने बहुत देर तक भाभी की चूत को अच्छी तरह से सहलाया। अब मैंने भाभी को पलटकर मेरी तरफ कर लिया।
भाभी की शक्ल देखने लायक थी।भाभी बुरी तरह दर्द से झल्लाई थी। अब मैंने फिर से भाभी को ऊपर से लेकर नीचे तक केक में लपेट दिया। अब भाभी का पूरा किस्म केक में लपट चुका था। अब मैं फिर से भाभी के होंठो को चूसने लगा।फिर मैंने तुरंत ही भाभी के बड़े बड़े मस्त बूब्स पर धावा बोल दिया और उनको अच्छी तरह से चूसने लगा। मुझे केक के साथ में भाभी के बूब्स को चूसने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।भाभी भी मुझे खुद से चिपकाते हुए बूब्स चुसवा रही थी।
भाभी– आह आह ओह और चूसो मेरे सैंया। आज बूब्स चुसवाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह।
मैं सबड़ सबड कर भाभी के बूब्स को चूस रहा था।थोड़ी देर में ही मैंने भाभी के बूब्स को अच्छी तरह से निचोड़ डाला।

अब मैंने फिर से भाभी की चूत पकड़ ली और खचाखच भाभी की चूत को उंगलियों से खोदना शुरु कर दिया।भाभी फिर से चिल्ला पड़ी।
भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई रोहित प्लीज़ छोड़ दें ना।
मैं– नहीं ,भाभी आज आपको छोड़ने का मन नहीं है।लंबे इंतजार के बाद आज आपको रगड़ने का मौका मिला है।

भाभी– आईईईई आईईईई मर गई। आईईईई ओह आह।
मैं जल्दी जल्दी भाभी की चूत को सहला रहा था। अब दर्द से भाभी की गांड़ फटने लगी।वो बुरी तरह झल्ला उठी। मै फुल स्पीड में भाभी की चूत को सहला रहा था।
इतने खतरनाक हमले की वजह से भाभी की चूत में तूफान आ चुका था।जिसके कारण भाभी ने चूत में से गरमा गर्म लावा बाहर फेंक दिया।भाभी पसीने पसीने हो चुकी थी। मैं फिर भी भाभी की चूत में उंगली करता रहा।फिर बहुत देर बाद मैंने भाभी को छोड़ा।
आज भाभी बुरी तरह से थक चुकी थी।उनके जिस्म की कली कली बिखर चुकी थी। अब मैंने भाभी से लंड चूसने के लिए कहा। अब मैं खड़ा हो गया और भाभी नीचे बैठकर मेरा लन्ड चूसने लगी।वो एक हाथ से लंड पकड़कर मेरा लन्ड चूस रही थी।प्रमिला भाभी बहुत अच्छे तरीके से लंड चूस रही थी।
कहानी जारी है……………… [email protected]

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!