कुंवारी चूत का गिफ्ट-1

Kunwari choot ka gift-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अनिल है और मेरी गर्लफ्रेंड नेहा और उसका फिगर मस्त है. में नेहा से नये साल की पार्टी में मिला था, जहाँ वो अपनी फ्रेंड्स के साथ आई थी. उससे मेरा परिचय मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड ने करवाया था जिसके लिए मैंने अपने दोस्त से रिक्वेस्ट की थी कि वो अपनी गर्लफ्रेंड से कहकर मेरी भी दोस्ती किसी लड़की से करवा दे, इसके लिए मैंने उनका न्यू ईयर पार्टी का खर्चा भी उठाया था. फिर मेरी दोस्ती हुई, तो हमने आपस में घर का पता वगैराह लिए, तो मुझे पता चला कि वो मेरे मकान की पीछे वाली गली में ही रहती है. तो में बहुत खुश हुआ और उस दिन हम लोगों ने साथ में खूब डांस किया और फिर पार्टी ख़त्म होने पर उसने मुझसे स्पेशली बाय किया और फिर में दूसरे दिन उसके कॉलेज के पास वाले रेस्टोरेंट में मिलने का वादा करके अपने घर आ गया.

फिर दूसरे दिन हम दोनों ने रेस्टोरेंट में काफ़ी वक़्त बिताया और फिर अगले दिन मिलने का वादा करके अपने-अपने घर चले गये. अब उन दिनों मेरी तो हालत ही खराब थी, क्योंकि नेहा काफ़ी सुंदर थी, जिसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है, वो 22 साल की गोरी और अच्छे फिगर 36D-28-35 वाली, 5 फुट 4 इंच की हाईट वाली एकदम सेक्सी लड़की है. अब हमारे बीच ऐसे ही बातचीत होती रहती थी. फिर एक दिन में अपनी छत पर पतंग उड़ा रहा थी कि मेरे मकान के पिछवाड़े की तरफ थोड़ी ऊँची दीवार है करीब 6 फुट की जिसके कारण एक दूसरे की छत वाले नजर नहीं आते थे. फिर तभी किसी की पतंग कटकर आई तो मैंने दीवार पर चढ़कर पतंग को पकड़ लिया. फिर तभी पीछे के मकान की छत पर मेरी नजर गयी तो में अचरज से देखता ही रह गया.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  कुँवारी चूत की महक

अब वहाँ नेहा भी थी तो में जानबूझकर उनकी पतंगे काटने लगा. फिर पहले तो उसके भैया ने कहा कि हमारी पतंगे मत काटो, लेकिन में नहीं माना. तो नेहा ने दीवार से ऊपर देखकर कहा कि हमारी पतंगे मत काटो, हमें उड़ाने दो. फिर वो मुझको देखते ही छुप गयी और फिर वापस आकर अपनी पतंग माँग ली. अब उसने पतंग तो अपने भैया को उड़ाने के लिए दे दी थी और वापस आकर मुझसे बातें करने लगी, तो तब मुझे पता चला कि उसका रूम भी ऊपर ही है. अब मैंने उससे अभी तक गलत बातें नहीं की थी, लेकिन मेरे मन में यह बात थी कि किसी भी तरह से में उसको चोद लूँ, लेकिन में डरता था कि वो बुरा नहीं मान जाए और हमारी दोस्ती ना टूट जाए, जो में नहीं चाहता था. अब तक मैंने बस उसका हाथ ही पकड़ा था और बात आगे बढ़ाने के मौके में था. फिर अगले दिन हम मिले तो मैंने उसको दूसरे रेस्टोरेंट में चलने के लिए कहा तो वो तैयार हो गयी और मेरी बाइक पर बैठ गयी. अब जब हम जा रहे थे तो उसके बूब्स बार-बार मेरी पीठ को छू रहे थे, जिससे मुझको अलग सा मज़ा आने लगा था. अब हम रेस्टोरेंट में जाकर बातें करने लगे थे.

अब में धीरे-धीरे उसके हाथ अपने हाथों में लेकर सहलाने लगा था, उसके हाथ बहुत सॉफ्ट थे. अब में उत्तेजित होने लगा था, लेकिन उसने कोई विरोध नहीं किया, तो में टेबल के नीचे से उसके पैरो को दबाने लगा. अब उसने अपनी आँखे नीचे कर ली थी. फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि कुछ नहीं और मुस्कुराने लगी. फिर मैंने उससे कहा कि मेरी तरफ देखो तो उसके देखते ही मैंने उसको आँख मार दी. तो उसने फिर से अपनी आँखे नीची कर ली और कहा कि ऐसा मत करो, मुझे शर्म आती है. फिर मैंने कहा कि में तुम्हारा फ्रेंड हूँ कोई और नहीं और मेरा ये हक है और फिर मैंने उसको किस कर दिया. अब टेबल के नीचे मेरे दोनों घुटनों के बीच में उसके दोनों घुटने थे. अब में मन ही मन सोच रहा था कि इसने हाँ कर दी है और अब ये मुझसे चुदवा लेगी.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।
हिंदी सेक्स स्टोरी :  तेरी चूत में मेरा लण्ड

फिर उसने चलने के लिए कहा तो मैंने कहा कि आज रात को मिले, तो उसने कहा कि ठीक है रात को 11 बजे के बाद आ जाना और फिर हम घर चले गये. अब मुझसे दिन काटना भारी पड़ गया था और अब में रात का इंतज़ार करने लगा था. फिर रात को 11 बजते ही में छत पर पहुँच गया और उसका इंतज़ार करने लगा, लेकिन वो 11 बजे नहीं आई. फिर जब में निराश होकर 12 बजे नीचे आने ही वाला था कि वो आई और मुझसे से सॉरी बोली. फिर उसने बताया कि डिनर में लेट हो गये थे. फिर हम देर रात तक बातें करते रहे. फिर मैंने उसको एक गिफ्ट दिया जिसमें मैंने उसके लिए ब्लेक कलर की पेंटी और ब्रा पैक कराई थी. फिर मैंने उससे कहा कि मेरा 29 नवम्बर को बर्थ-डे है, क्या गिफ्ट दोगी? तो उसने कहा कि जिस चीज की आपको जरूरत हो बता दो. तो मैंने कहा कि वादा रहा, जिसकी मुझे जरूरत है दोगी? तो उसने कहा कि हाँ वादा. फिर मैंने कहा कि ठीक है में बाद में बताऊंगा और फिर में उसको किस करके आ गया.

अब हम रोज रात को छत पर मिलने लगे थे. अब हम आपस में किस करते-करते में कभी-कभी किसी बहाने से उसके हार्ड बूब्स को दबा देता था. फिर 22 नवम्बर की रात को में नीचे से फ्री होकर ऊपर छत पर गया, तो वो मेरा इंतज़ार कर रही थी. फिर मैंने उसे जबरदस्त किस किया. फिर उसने मुझको लाल गुलाब दिया और साथ में एक शानदार किस भी दी और बोली कि बताओ आपको बर्थ-डे गिफ्ट क्या चाहिए? तो मैंने कहा कि मुझे नेहा चाहिए, तो उसने कहा कि बस वो तो पहले से ही आपकी है. फिर हम दोनों ने थोड़ी देर बातें की, तो उसने बताया कि कल उसके घरवाले गाँव जाएँगे, क्योंकि उसके दादा जी की तबीयत खराब है. तो मैंने कहा कि तो कल में तुम्हारे घर आ जाऊँ. तो उसने कहा कि क्यों नहीं? और बताया कि वो फोन कर देगी. फिर दूसरे दिन उसका करीब 1 बजे फोन आया और मुझे अपने घर पर बुलाया. फिर जब में उसके घर गया, तो उसने जींस और लाल टॉप पहन रखा था. अब में मन ही मन बैचेन हो गया था.

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!