लेडीस टेलर को चोदा-1

Ladies tailor ki chudai ki-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज शर्मा है और में असम का रहने वाला हूँ. में आज आप सभी के सामने अपने जीवन की एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ. जिसमे मैंने एक लेडिस टेलर को चोदा और अपने लंड को शांत किया.

यह मेरी पहली कहानी है तो अगर मुझे कोई गलती हो तो प्लीज मुझे माफ़ करें. तो अब में सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ. दोस्तों यह बात कुछ महीने पहले की है, मेरे घर के कुछ दूरी पर में एक नेपाली औरत रहती है और उसका अपना लेडीस टेलरिंग सेंटर है. वो वहां पर काम करने के साथ साथ सभी को कपड़े सिलना भी सिखाती है. में जब भी उसको देखता हूँ तो मेरे लंड और बदन में एकदम आग सी लग जाती है क्योंकि वो ऐसी ही है. एकदम हॉट सेक्सी उसकी हाईट करीब 5 होगी और उसके बूब्स का साईज करीब 36 होगा जो दिखने में बहुत सुंदर है. लेकिन उसके जिस्म पर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है उसकी गांड, एकदम गोल और उसे देखकर लगता है कि दो बड़े साईज़ के तरबूज़ एक साथ चल रहे है और फिर में हमेशा उससे बात करने का मौका खोज़ता हूँ. लेकिन ऐसा मौका मुझे कभी हाथ नहीं लगा.

तो एक दिन में बजार से आ रहा था, तभी मैंने देखा कि वो भी अपनी स्कूटी लेकर आ रही थी. तब मैंने सोचा कि यही एकदम सही मौका है और फिर में अपनी बाइक उसके पास ले गया और उससे कहा कि हैल्लो मेडम आपका एक लेडिस टेलरिंग सेंटर है ना? तो उसने कहा कि हाँ है. लेकिन आपको कैसे पता? फिर उसने अपनी स्कूटी को एक साईड में रोक दिया और फिर मैंने भी अपनी बाईक को रोक दिया और मैंने कहा कि मुझसे किसी ने कहा था. तो उसने मुझसे पूछा कि क्यों आपको भी कोई कपड़े डिजानिंग कटवाना छटवाना है क्या? तो मैंने कहा कि हाँ मुझे अपनी भाभी के कुछ कपड़े डिजानिंग में करवाने है. तो उसने कहा कि ठीक है आप मेरा मोबाईल नंबर ले लीजिए और मुझसे फोन पर बात करके मेरे घर आ जाना. तो मैंने कहा कि ठीक है और मैंने उसका मोबाईल नंबर ले लिया और फिर हम वहां से चले आए.

तो उसके अगले दिन मैंने उसको उसके मोबाईल नंबर पर फोन किया और कहा कि मेडम मैंने कल आपसे आपका मोबाईल नंबर लिया था. लेकिन सॉरी मेडम मैंने तो आपसे आपका नाम ही नहीं पूछा, वैसे आपका नाम क्या है? तो उसने अपना नाम सुनीता बताया और फिर कुछ देर तक इधर उधर की बातें करने बाद उसने मुझसे मेरा भी नाम पूछा और मैंने उसे बता दिया तो मैंने उससे कहा कि क्या आप आज मिल सकती हो? तो उसने कहा कि ठीक है आप आ जाइए, फिर मैंने उससे उसके घर का पता लिया. वैसे में उसके घर को पहले से ही जानता था और में उसके घर पर चला गया. उसका घर एक बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर था और मैंने वहां पर पहुंच कर दरवाजे पर लगी हुई घंटी बजाई. तो उसने दरवाजा खोल दिया, वो ठीक मेरे सामने खड़ी हुई थी और वो क्या मस्त सेक्सी लग रही थी, उसने एकदम टाईट टी-शर्ट और केफ्री पहनी हुई थी, जिसमें से उसके बूब्स बाहर की तरफ झांक रहे थे और वो बहुत सुंदर दिख रहे थे. बिल्कुल टाईट कपड़े होने की वजह से उसके शरीर का हर एक अंग बाहर से साफ साफ एकदम ठीक आकार का दिख रहा था. उसकी बड़ी सी गांड और झूलते हुए बूब्स मुझे बिल्कुल पागल बना रहे थे, मेरी आंखे उसके ऊपर से हटने को तैयार नहीं थी.

कुछ सेकिंड बाद उसने मुझे घर के अंदर बुलाया और अंदर बैठने को कहा और अब में होश में आकर सोफे पर जाकर बैठ गया और फिर वो किचन की तरफ चली गई और कुछ देर बाद मेरे लिए पानी लेकर आई और जैसे ही उसने झुककर मुझे पीने के लिए पानी दिया तो उसकी उस टी-शर्ट में से उसके बूब्स आधे से ज्यादा बाहर की तरफ झूलते हुए दिखाई देने लगे, जिन्हें देखकर में फिर से होश खो बैठा. उसने अंदर की तरफ एक गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी और अब उसने भी मेरी इस बात पर ध्यान दिया कि में उसके बूब्स देख रहा हूँ.

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लेकिन फिर भी उसने मुझसे कुछ भी नहीं कहा बस थोड़ा सा मुस्कुराकर चली गई और फिर वो अंदर दूसरे कमरे में जाकर एक एलबम लेकर आई और मुझे कपड़ो की डिज़ाइन दिखाने लगी. लेकिन मेरा तो बहुत बुरा हाल था क्योंकि वो ठीक मेरे पास बैठी हुई थी. मुझे उसका पूरा जिस्म एकदम नंगा नजर आ रहा था और अब मेरा लंड एकदम मेरी पेंट में तनकर खड़ा हुआ था और मेरी पेंट को फाड़ रहा था.

तो मैंने अपने पैरों से उसकी मोटी मोटी जांघो को और भी करीब लाकर एकदम सटाया हुआ था और जब वो मुझे कपड़ो के डिजाईनिंग फोटो दिखा रही थी तब में जानबूझ कर एक साइड से उसके बूब्स को छूने की कोशिश रहा था. में तो यह सब करते हुए एकदम पागल सा हुआ जा रहा था, लेकिन वो मेरा किसी भी तरह विरोध नहीं कर रही थी, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी. फिर हमने कुछ देर इधर उधर की बातें की लेकिन मेरा ध्यान उसकी बातों से ज्यादा उसके जिस्म पर था और फिर कुछ देर के बाद उसने मुझसे मुस्कुराते हुए कहा कि आप बैठिए, में आपके लिए चाय बनाकर लाती हूँ.

फिर वो एकदम से खड़ी हुई और वो मेरे सामने से अपनी गांड को मटकाकर चली गयी और में उसकी गांड को घूरकर देखता रहा. तो कुछ देर बाद उसने मुझे किचन से आवाज़ लगाई और में उठकर उसकी किचन में गया तो पता चला कि उसकी चाय पत्ती ख़त्म हो गई थी. उसने मुझे ऊपर से उतारने को कहा और में जब उसकी सेल्फ़ पर चड़ा तो वो नीचे से स्टूल पकड़कर खड़ी हुई थी और मैंने जब नीचे की तरफ देखा तो मुझे उसके बूब्स साफ साफ दिखाई दे रहे थे और शायद यह बात उसको भी पता चल गई थी कि में उसके बूब्स पर नजरे डाल रहा हूँ और फिर उसने मुझे एक शरारती सी स्माइल दी.

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