लड़के ने बस में मेरी चूत गी ली की और घर आके चोदा-4

Ladke Ne Bus Mein Meri Chut Gili Ki 4

वोह: ‘थैंक्स, मेरी इच्छा पूरी करने के लिए’.

मैं: ‘ हाँ, मैं बच्चो को निराश नहीं करती’.

यह कह कर हॅसने लगी और वह भी हॅसने लगा.

वोह: ‘हम कब मिल सकते है?’

मैं चुप हो गयी. मिलने की इच्छा मुझे भी होने लगी थी और मन मानने लगा था की उससे मिलने में कोई बुराई और खतरा नहीं है. लेकिन परेशानी थी की मैं उससे कहाँ मिल सकती हूँ?

मैं: ‘मुझको नहीं पता. कोई ऐसी जगह नहीं समझ में आती जहाँ मैं तुमसे मिल सकू’.

वोह: ‘मैं आपको अपने घर नहीं ले जा सकता, मेरी माँ हमेशा घर रहती है. आपका घर कैसा रहेगा?’

मैं: ‘मेरा घर?’

उसने जब मेरे घर की बात की तब मैं सोचने लगी की बात सो सही है, मेरी नौकरानी १२ बजे चली जाती थी और ४ बजे मैं अपनी बेटी को लेने स्कूल के लिए निकलती थी. १२ से ४ के बीच मैं घर पर बिलकुल ही अकेली रहती थी. मैंने बिना हिचके उसको १२:३० बजे का समय दे दिया और अपने मकान का पता बता दिया.                                                     “Meri Chut Gili Ki”

अगले दिन वह बस स्टॉप पर नहीं दिखा , मैं घर ऑटो रिक्शॉ पकड़ कर जल्दी आगयी. नौकरानी को भी मैंने जल्दी कम ख़तम करने को कहा और १२ से पहले ही उसे भी घर के बाहर कर के दरवाज़ा बंद कर दिया. उसके जेन के बाद मैं बिलकुल एक कामातुर प्रेमिका की तरह कपडे निकलने लगी. मैंने अब स्लीवलेस काले रंग का ब्लाउज पहन लिया जिसकी बैक खुली थी और उसके साथ सफ़ेद रंग की साडी जिस पर काले पोल्का डॉट पड़े थे पहन ली. बड़ी अजीब बात थी, यह साडी मेरे पति की पसंदीदा साडी थी , जो उन्होंने मुझे शादी की १५ वीं वर्ष गांठ पर दी थी. जब मैंने पहली बार इस साडी को पहना तो उन्होंने मुझसे कहा था, की मैं बहुत सेक्सी लग रही हूँ और उन्होने वही साडी उठा कर मुझे जल्दी से चोदा और उसके बाद ही हम लोग बाहर खाने पर गए थे. मैंने साडी पहन कर अपने आप को शीशे में निहारा और अपने पर रश्क कर बैठी, मैं आज भी इस साडी में बहुत सुन्दर और सेक्सी लग रही थी.मैं अपने को निहार ही रही थी कि तभी बाहर दरवाज़े पर घंटी बजी. मैं एक बार ठिठकी , एक बार और अपने को देखा और फिर दरवाजा खोलने चली गई .                       “Meri Chut Gili Ki”

हिंदी सेक्स स्टोरी :  डॉक्टर मेरी गुरुआनी-1

मैंने दरवाज़ा खोला, वोह सामने खड़ा हुआ था, मै बाहर निकली , इधर उधर देखा कि कोई देख तो नहीं रहा है और इत्मीनान होने के बाद उसको अंदर आने का इशारा किया. वह तेजी से अंदर आगया और मैंने तुरंत दरवाज़ा बंद कर के डबल लॉक कर दिया, मै अब उस वक्त बेहद घबड़ायी होयी थी और साथ मै अंजाने पल के लिए उतावली भी हो रही थी.मै जब दरवाज़ा बंद कर के मुड़ी तो मुझे मंत्रमुग्ध देख रहा था और वह मेरे पास आया और मेरे कंधो को पकड़ के अपने पास खीच लिया और कहा, ‘बहुत खूबसूरत लग रही है’.          “Meri Chut Gili Ki”

जब उसने मुझे अपने से चिपकाया , तब उसका कड़ा लंड मेरी जांघो से टकरा गया. उसके लंड का मेरे जांघो को छूने से मेरे बदन में सनसनी सी दौड़ गयी. मैंने अपने आप को उससे अलग किया और उसको अंदर ड्राइंग रूम में सोफे पर बढ़ने को कहा और खुद किचन में उसके लिए पानी लेने को चली गयी. लेकिन वोह मेरे पीछे किचन में आ गया और मुझे पीछे से अपनी बाँहों में जकड लिया. उसक लंड हमेशा कि तरह मेरे चूतरो से रगड़ खा रहा था. उसने मेरी गर्दन पर अपने ओठ रख दिए और मुझे वह चुम्बन देने लगा, उसके हाथ मेरे नीचे कि तरफ चलने अलगे और उसने मेरी दोनों चूंचियो को अपने दोनों हाथो में लेकर दबाने लगा. उसकी इस हरकत से मेरे मुँह से,’उम्म्म्म’. निकल गयी. मैंने कापती हुई आवाज में कहा, ‘थोडा इंतज़ार करो’.

उसने फुसफुसाते हुए मेरे कान में कहा,’बहुत इंतज़ार किया है मैंने’.                                 “Meri Chut Gili Ki”

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

और मेरे कान को चूमने और चूसने लगा. उसकी गर्म साँसे मेरे कान में जारही थी और उस मादकता मै हिलोरे लेने लगी. मुझसे अब रहा नहीं गया और मै घूम गयी और उसकी गर्दन को अपनी बाँहों मै ले लिया और अपने ओठ उसके ओठों पर रख दिए. हमारे ओठ जैसे ही मिले हम दोनों एक दुसरे के ओठ पागलो कि तरह चूमने लगे. मुझे उसके चूमने के तरीके से साफ लग गया कि यह पहली बार किसी को चूम रहा है , तब मैंने एकाधिकार से अपने ओठो से उसके ऊपर के ओठ को दबा लिया और उसको चूसने लगी. मैंने अपनी जीभ उसके मुँह मै डाल दी और उसको देर तक चूमती रही.थोड़ी देर बाद उसके हाथ मेरे चूतरो पर रेंगने लगे और उसने उन्हें अपनी तरफ दबाते हुए मुझे अपने से चिपका लिया, उसका लंड मेरी झांघों पर रगड़ रहा था और मुझे अपनी चूत गीली होती हुयी महसूस होने लगी.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  एयर होस्टेस की गांड और चुच्ची देख कर लंड खड़ा

मैंने अपने आपको उसकी बाँहों से आज़ाद किया और उसे अपने पीछे बेडरूम आने को इशारा किया, वोह मेरे पीछे चल दिया और बेडरूम के अंदर जाने से पहले ही उसने अपनी टी शर्ट उतार दी. मै बिस्तर पर जाकर गिर गयी और उसकी तरफ देखने लगी, वो २० साल का बांका छोरा अपनी नंगी छाती लिए मेरे बेड के पास आरहा था. उसकी शारीर कसा हुआ और कसरती लग रहा था. जब वोह मेरे पास आया तब मैंने उसके कैसे बदन को अपनी बाँहों मै ले लिया और हम दोनों एक दुसरे को चूमने लगे. उसने मेरी साडी का पल्लू मेरे सीने से हटा दिया और मेरी क्लीवेज को चूमने लगा. वोह बौरा रहा था,                                              “Meri Chut Gili Ki”
वह कभी मेरी क्लीवेज को चूमता कभी मेरी नंगी बाँहों को चूमता और मै उसकी छाती और उसके निपल्स को चूमने लगी.

जब वह मेरे ब्लाउस को खोलने कि कोशिश करने लगा तब मै उससे अलग हुई और मैंने ब्लाउस और ब्रा उतार कर किनारे रख दी. अब मै बिलकुल ऊपर से नंगी थी. मेरी नंगी चूचियों को देखते ही उसने उनको अपने हाथो मे ले लिया और अपना मुँह उनपर लगा दिया.वोह मेरी चूंचियों को कसके चूसने लगा और मेरे मुँह से सिर्फ ‘उह! ओह!’ कि आवाज़ निकल रही थी. वह मेरी चूंचियां चूस रहा था और मै अपने हाथ से उसके चेहरे को सेहला रही थी. वोह मेरे पति से बिलकुल अलग तरह से उनको चूस रहा था. मेरे पति मेरी चूंचियों को खूब सहलाते थे और फिर आइस क्रीम कोन कि तरह उसे चूसते थे , लेकिन यह जवान बांका लड़का उनको आइस क्रीम कि तरह खा रहा था. उसके अंदाज़ मे उतवलापन के साथ वहशीपन भी था जो मुझे और रोमांचित और उतेजित कर रहा था.                             “Meri Chut Gili Ki”

उसके बाद वोह मेरी चूचियों से हट गया और अपनी पैंट और अंडरवियर उतारने लगा. जैसे ही उसने अपने सहरी से कपडे हत्ये और नंगा खड़ा हुआ मेरी तो सांस रुक गयी! क्या मंजर था! मुझे बिलकुल ग्रीक गॉड लग रहा था. मेरे सामने एक छर छरे बदन का मालिक वह लड़का नंगा खड़ा था, उसका फ़ुफ़कारते हुआ टेढ़ा सा लंड उतेजना से अपने आप हिल रहा था. उसके शारीर मे बिलकुल ही बल नहीं थे बिलकुल मेरे पति के विपरीत जिनके शारीर पर काफी बाल थे. मैंने गौर किया उसके लंड का सुपाड़ा खुला हुआ था, बिलकुल चिकना सा लाल सा. मैं ेउसको नंगा देख अपनी साडी और पेटीकोट उतार दी और बिस्तर पर नंगी लेट गयी और उसको अपने बगल मे लेटने को कहा.उसके लेटते ही मै उसकी तरफ घूम गयी और उसके जवान टनटनाएँ लंड को अपने हाथ मे ले लिया और उसको अपने हाथो से सहलाने लगी. उफ्फ्फ उसके लंड को अपनी हथेली मे पाकर बिलकुल ही बेसुध हो गयी. जिसका लंड मै अपने हाथो मे खिला रही थी मै उसका नाम भी अभी तक नहीं जानती थी. मैंने उसको चूमा और पुछा,

हिंदी सेक्स स्टोरी :  चुदाई का सीजन बना शादियों का सीजन

‘तुम्हारा नाम क्या है?

‘उसने मेरे हाथो मे अपने लंड को धक्का मरते हुए कहा, ‘शिखर. आपका?’

मैंने कहा, मै सुनीता हूँ’.

उसने मुझे सहलाते हुए कहा, ‘ अच्छा नाम है सुनीता आँटी!’ और खिलखिला कर हॅसने लगा.

.मैंने उसकी छाती पर एक चपत लगायी और बोली, ‘ तुम मुझे आँटी क्यों कह रहे हो?’                     “Meri Chut Gili Ki”

यह सुन कर उसने मुझे कस के जकड लिया और कहा, ‘ मुझे औंटी कहना अच्छा लगता है, मेरी सेक्सी आंटी! मुझे आपको चोदना है!’

उसकी बात सुनकर मै शर्मा गयी. अब मैंने उसको बिस्तर पर गिरा दिया और उस पर चढ़ गयी. उसके थरथराते हुये लंड को पकड़ा और अपनी चूत पर लगा दिया. उसके दमकते हुये सुपाड़े ने मेरी चूत को छुआ और मुझे उस लंड का एहसास अपने पति के लंड से बिलकुल जुदा और प्यारा लगा. मै लंड पर चढ़ गयी और वोह सटाक से मेरी गीली चूत में घुस गया. मै धक्का माँरने लगी और खुद ही उसको चोदने लगी.

कहानी आगे जारी रहेगी पूरी कहानी के लिए अगला भाग पढ़े……………………..

आपने HotSexStory.xyz में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!