लिली एक पहेली-1

Lili ek paheli-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोनू है और में कटक का रहने वाला हूँ, मेरी इस साईट पर यह पहली कहानी है. में एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ और में दिखने में ज़्यादा सुंदर नहीं हूँ, लेकिन मेरी जिंदगी में ऐसे कई किस्से है जो में आप लोगों के साथ शेयर करना चाहता हूँ. इससे पहले में बता दूँ कि में इस साईट का बहुत बड़ा फैन हूँ और यह हसीन किस्सा कुछ इस तरह शुरू हुआ कि मेरे एक्सिडेंट की वजह से में अपना 12वीं का एग्ज़ॉम नहीं दे सका. अब मेरे घर में यह चिंता हो गयी तो में पढ़ाई पूरी करने अपनी बुआ के घर में शिफ्ट हुआ और वहाँ मेरा सरकारी कॉलेज में एड्मिशन कर दिया.

मेरी बुआ का घर मेरे घर से 350 किलोमीटर की दूरी पर था और उस जगह का नाम कूचिन्डा था. अब में बस में पूरी नाईट सफ़र करके सुबह 6 बजे वहाँ पहुँच गया. वहां अंकल मुझे लेने आए थे और हम चलते-चलते घर पहुँच गये. अंकल वन विभाग में बाबू थे और बुआ का एक बेटा (साहिल) और एक बेटी (सिमरन) थी. साहिल 5वीं क्लास में था और सिमरन 12वीं क्लास में थी, वो दोनों पढ़ाई में बहुत अच्छे थे. सिमरन तो अपने डांस के लिए बहुत फेमस थी. अब में फ्रेश होकर नाश्ता कर रहा था, तो किसी ने बेल बजाई तो अंकल ने गेट खोला और उसे आने को कहा. फिर अंकल ने मुझे मुस्कुराते हुए बोला कि तुम्हारी दोस्त आई हुई है, तो अब में हैरान हो गया, क्योंकि मेरा कोई दोस्त वहाँ नहीं रहता था.

फिर मैंने जब उसे देखा तो देखता ही रह गया. फिर उसने मुझे हाय बोला और में उसे देखता ही रहा. फिर उसने मुझे देखकर शरारत से अपनी आँखें छोटी कर ली, तो में घबरा गया और अचानक होश में आ गया और उसे हैल्लो बोला, तो वो मुस्कुराते हुए सिमरन के रूम में चली गयी, वो चूड़ीदार पजामे में क्या लग रही थी? उसकी हाइट 5 फुट 6 इंच की थी जो मुझे बाद में पता चला. वो ज़्यादा मोटी तो नहीं लेकिन पतली भी नहीं थी, वो फिट चूड़ीदार पजामा पहने हुई थी. रंग ज़्यादा गोरा नहीं था, लेकिन गोरी थी, उसके सिल्की-सिल्की बाल पीठ तक आते थे और आँखें तो मानो क्या ग़ज़ब थी? ब्राउन-ब्राउन आँखें जिसमें डूब जाने का दिल करेगा.

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अब जब भी वो बात कर रही थी तो मेरा मन होता था कि अभी उसे चूम लूँ, क्या फिगर था उसका? जैसे मानो भगवान ने उसके सारे शरीर के अंग सही जगह पर दिए है. वो सिर से पैर तक सुपर हॉट थी. अब में तो उसकी सोच में डूब गया था, तभी बुआ ने मुझे बताया कि उसका नाम लिली है और वो मेरे साथ एक ही कॉलेज में पढ़ेगी, वो सिमरन के साथ डांस भी करती है और वो साथ में ऑल इंडिया डांस में जाते है, उसकी फेमिली के हमारे साथ भी बहुत ही अच्छा रिश्ता है.

फिर बुआ मुझे बोली कि में उसके साथ सारी कोचिंग जॉइन कर लूँ, फिर मैंने भगवान का शुक्रिया करते हुए हाँ कहा. इसी बीच वो अपने घर जा रही थी, तो अब वो जाते-जाते अपना पल्लू झाड़कर मुस्कुरा रही थी और बुआ को बोल रही थी कि में शाम को आऊंगी. अब में दिनभर उसके बारे में सोचता रहा और पता नहीं कब सो गया. फिर अचानक से मुझे किसी की आवाज़ सुनाई दी और मेरी आँखें खुली तो मैंने देखा कि लिली मेरे पास खड़ी थी.

लिली : सपने देख रहे थे क्या? डिस्टर्ब तो नहीं किया?

में : हाँ, नहीं तो.

लिली : (हँसते हुए) तो फिर घबरा क्यों गये?

में : तुम अचानक मेरे रूम में कैसे?

लिली : क्यों नहीं आना था क्या? में जा रही हूँ.

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में : अरे नहीं, गुस्सा क्यों हो रही हो?

लिली : ख़ैर छोड़ो, में यह बताने आई थी कि कल सुबह 7 बजे गणित कोचिंग है, तुम तैयार रहना में 6:30 बजे तक आउंगी.

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में : ठीक है.

लिली : सिमरन और आंटी कहाँ है?

फिर वो बुआ के पास चली गयी, फिर में उठकर फ्रेश हुआ. अब हम लोग साथ में चाय पी रहे थे, अब में बार-बार उसे देख रहा था, अब वो भी शायद मुझे नोटिस कर रही थी.

अब वो कभी-कभी मुझे देखकर हल्की सी स्माइल दे रही थी और वो हल्के से कप को अपने होंठ पर लगा रही थी और चाय पी रही थी. अब जब भी वो कप पर होंठ लगाती तो वो मेरी और देख रही थी, अब में समझ गया था कि जैसी यह देखती है उससे कई ज़्यादा हॉट है, फिर कुछ देर के बाद वो चली गयी. अब रातभर में उसके बारे में सोचते हुए सो गया कि कब सुबह होगी? अब में सुबह 6:30 बजे तक तैयार हो गया, तो उसने आकर बेल बजाई. फिर मैंने गेट खोला और बुआ को बाय बोलते हुए उसके साथ कोचिंग के लिए निकल गया. अब हम दोनों साईकिल पर जा रहे थे, अब हमने पूरे रास्ते इधर उधर की बातें की, फिर कोचिंग में परिचय हुआ उसने मुझे सबसे “सोनू भैया” करके परिचय दिया. फिर कोचिंग ख़त्म करके जब हम लौट रहे थे, तो मैंने उससे पूछा कि उसने मुझे भैया क्यों बोला? तो वो हँसने लगी और बोली कि सिमरन मुझे दीदी बुलाती है तो आप मेरे भी भैया हुए ना.

अब में कुछ नहीं बोला और चुप हो गया, फिर उसने बोला ठीक है आप मेरे दोस्त हो, अब ठीक है. फिर बातों-बातों में पता चला कि उसके कोई बॉयफ्रेंड भी नहीं है. फिर हम लोग अपने-अपने घर पहुँच गये, इस तरह रोज़ हम लोग कॉलेज और कोचिंग साथ में जाते थे और रोज़ एक दूसरे के साथ बहुत वक़्त बिताते थे. में हमेशा उसको स्पेशल महसूस करवाने की कोशिश करता था, अब वो भी बहुत खुश हो जाती थी. अब हम दोनों की दोस्ती कम दिनों में काफ़ी बढ़ गयी थी, इसी बीच उसे केरला में डांस प्रोग्राम का ऑफर आया, फिर पता चला कि एक हफ्ते बाद वहाँ जाना है तो हम सब खुश हो गये. फिर हमारी जाने की तैयारी शुरू हो गयी. ये मेरे डांस का पहला टूर था और अब हम लोगों की दोस्ती अब रंग ला रही थी. अब हम कोचिंग में बहुत करीब बैठते थे और अब में उसके ज़्यादा करीब जाने की कोशिश करता था और जानबूझ कर अपने घुटनों को उसके घुटनों पर लगा देता था और अंजान बना रहता था.

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अब पहले-पहले तो वो थोड़ा इग्नोर कर रही थी और अब बाद में वो भी मेरे साथ में बैठने लगी, अभी तक किसी ने किसी को प्रपोज़ नहीं किया था, लेकिन हम एक दूसरे का प्यार महसूस कर रहे थे. फिर वो दिन आया जब हमें केरला के लिए निकलना था. फिर हम तीनों फेमिली 3 कार में कटक के लिए निकले, क्योंकि कूचिन्डा से ट्रेन नहीं थी. अब सारे अंकल, आंटी 2 कार में थे और बचे हुए सब एक कार में थे, तीनों कार आगे पीछे चल रही थी. में, सिमरन, लिली और एक लड़की नेहा पीछे की सीट पर बैठे हुए थे और नेहा का भाई सामने की सीट पर बैठा हुआ था. जब दोपहर का टाईम था और हम लोग अंताक्षरी खेल रहे थे.

आगे की कहानी अगले भाग में-

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