लिंग की आत्मकथा-1

(Ling Ki Aatmkatha-1)

मैं शेखर का लिंग हूँ। मुझे अनेकों उपनामों से जाना जाता है क्योंकि लोग मेरा नाम लेने से शर्माते हैं। शेखर 36 साल का है और मुझ में बहुत दिलचस्पी रखता है। जब शेखर छोटा था तब उसे मेरे में कोई खास रूचि नहीं थी। तब मैं खुद भी छोटा ही था और शेखर सिर्फ मुझे सुसू करने के लिए इस्तेमाल करता था … पर आजकल तो मैं उसकी सोच का केंद्रबिंदु सा बना हुआ हूँ।

जब शेखर का जन्म हुआ था तो मैं करीब एक इंच का था और मेरा आकार एक पतली मूंगफली जैसा था, ऊपर और नीचे से पतला और बीच से थोड़ा मोटा। मेरा मुँह पैना था और उस पर जिल्द की एक-दो परतें थीं, जैसे चूड़ीदार पाजामे का निचला छोर होता है। यह फालतू की खाल मेरे मुँह पर हमेशा रही है … यह क्यों है? मुझे पहले पता नहीं था, पर जब शेखर लड़कपन और जवानी की ओर बढ़ा तब मुझे इसके फ़ायदे और ज़रूरत का पता चला। यह बाद में बताऊँगा.

पहले पाँच साल में मेरे आकार में ज्यादा फर्क नहीं आया। जब शेखर 6-7 साल का हुआ तब मैं करीब 2 इंच का था और मेरी गोलाई भी थोड़ी बढ़ गई थी पर मेरा मुँह अभी भी पैना ही था। मुझ में ज्यादा बदलाव तब आने शुरू हुए जब शेखर 13 साल का हुआ। मेरा आकार करीब 3.5 इंच का हो गया था और मेरे आस-पास बाल उगने लगे थे … हल्के, घुंघराले और मुलायम … शेखर को आश्चर्य हुआ था … शायद वह इसकी उम्मीद नहीं कर रहा था। धीरे-धीरे बाल घने होते गए और मेरे आस-पास के पूरे इलाके को ढक लिया।

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शेखर जब 18 साल का हुआ तब मैं पूरी तरह पनप गया था। मेरी लम्बाई करीब 4.75 इंच और मेरी परिधि करीब 3.5 इंच हो गई थी। मेरे मुँह का पैनापन खत्म हो गया था और उसकी जगह गोल कुकुरमुत्ता-नुमा (mushroom-shaped) सुपारा बन गया था जिसकी परिधि मेरे तने की परिधि से ज्यादा थी और जो करीब एक इंच लंबा था। मेरे मुँह पर अतिरिक्त खाल का घूंघट रहता था।

जब शेखर मुझसे खेलता तो इस खाल को पीछे खींच कर मेरे मुँह को नंगा कर देता जो कि गुलाबी और अत्यंत मार्मिक था। शेखर ने कई बार अपने सुपारे को खाल की परत से बाहर निकालने की कोशिश की थी पर सुपारा बड़ा होने के कारण बाहर नहीं आ पाया था।

एक दिन एक डॉक्टर ने उसकी खाल को एक झटके में पीछे खींच कर उसके सुपारे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया था। शेखर को क्षणिक दर्द हुआ था पर उसके बाद से उसकी खाल सुपारे के ऊपर आसानी से चलने लगी थी। सामान्य तौर पर सुपारा खाल के घूंघट में ढका रहता पर जब कभी शेखर को उत्तेजना होती या वह हस्तमैथुन करता तो सुपारा खाल से बाहर आकर पूरा दिखाई देता है। कुछ धर्म के लोग लिंग के ऊपर की खाल को हमेशा के लिए काट कर निकलवा देते हैं। ऐसे लिंग को खता हुआ लिंग कहते हैं (circumcised)। खते हुए लिंग के दो फायदे माने गए हैं … एक तो लिंग के सुपारे में कोई मैल या गंदगी नहीं छिपी रह सकती जिससे वह स्वच्छ रहता है और दूसरा यह कि सुपारा सदैव उघड़ा रहता है जिस कारण उसकी धीरे धीरे संवेदनशीलता कम हो जाती है और चरमोत्कर्ष तक पहुँचने में थोड़ा अधिक समय लगता है।इसके अलावा खते और अनखते लिंग में कोई फर्क नहीं होता।

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जब उत्तेजना के कारण मैं स्तंभित हो जाता हूँ तो मेरी लम्बाई 5.75 इंच और परिधि लगभग 4 इंच हो जाती है। शेखर की 18 साल की उम्र के बाद से मेरे आकार में कोई विकास नहीं हुआ है। शेखर हमेशा से मेरे बारे में बहुत शर्मीला रहा है। वह किसी से मेरे बारे में बात करने या कुछ पूछने से कतराता है। जब से शेखर अपने आप नहाने योग्य हुआ है तबसे शेखर के अलावा किसी ने मुझे नहीं देखा है। बस शेखर की शादी के बाद उसकी पत्नी अंजलि ने मुझे देखा है।

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मेरा लोगों से छुपे रहना मेरे आकार के प्रति कई भ्रांतियाँ पैदा करने में मदद करता आया है। अक्सर मर्द अपने लिंग के आकार को बढ़ा-चढ़ा कर ही बताते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें इस बात का प्रमाण नहीं देना पड़ेगा। इसका लड़कों पर मानसिक दुष्प्रभाव यह पड़ता है कि उन्हें लगता है केवल उनका लिंग ही छोटा है … और वे इस हीन भावना से सदा के लिए प्रभावित हो जाते हैं। वे यह नहीं सोचते कि जब प्रकृति ने उनके बाकी अंग … जैसे हाथ, पैर, कान, नाक इत्यादि उपयुक्त आकार के बनाये हैं तो केवल उनका लिंग ही छोटा क्यों बनाया होगा?

इस हीन-भावना से त्रस्त पुरुष अपना लिंग बड़ा करने के कई उपाय करते आये हैं … बाज़ार में तरह तरह के लोशन, क्रीम, गोलियाँ, पम्प व क्रियाएँ उपलब्ध हैं जो कि लिंग का आकार बड़ा करने का वादा करती हैं … पर वास्तविकता में ये ढोंगी डॉक्टरों, हकीमों, वैद्यों, साधुओं और व्यापारियों की आसानी से पैसा कमाने की योजना होती है। बहुतों ने आजमाया है पर हर पुरुष को इसमें निराशा ही मिली है क्योंकि लिंग को बड़ा करना संभव है ही नहीं।

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यह सिर्फ सर्जरी से मुमकिन है पर इसके बहुत खतरे और दुष्परिणाम हो सकते हैं। मेरी राय में शेखर को मेरे आकार से संतोष करना चाहिए क्योंकि मैं हर तरह से अपना निर्धारित काम करने में सक्षम हूँ और अंजलि कभी मेरे आकार को लेकर असंतुष्ट नहीं हुई है।

विभिन्न देशों में लिंग का औसत आकार
( 1 इंच = 2.54 cm)

देश लिंग का औसत आकार
कोंगो गणतंत्र, अफ्रीका 18.0 cm
एकुआडोर, दक्षिण अमरीका 17.7 cm
घाना, अफ्रीका 17.2 cm
कोलोम्बिया, दक्षिण अमरीका 17.0 cm
आइसलैंड, यूरोप 16.5 cm
इटली, यूरोप 15.7 cm
दक्षिण अफ्रीका गणराज्य, अफ्रीका 15.2 cm
स्वीडन, यूरोप 14.9 cm
ग्रीस, यूरोप 14.7 cm
जर्मनी, यूरोप 14.4 cm
न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया 13.9 cm
ब्रिटेन, यूरोप 13.9 cm
कनाडा, अमरीका 13.9 cm
स्पेन, यूरोप 13.9 cm
फ़्रांस, यूरोप 13.4 cm
ऑस्ट्रेलिया 13.2 cm
रूस, यूरोप 13.2 cm
अमरीका 12.9 cm
आयरलैंड, यूरोप 12.7 cm
रोमानिया, यूरोप 12.7 cm
चीन, एशिया 10.9 cm
भारत, एशिया 10.0 cm
थाईलैंड, एशिया 10.0 cm
दक्षिण कोरिया, एशिया 9.6 cm
उत्तरी कोरिया, एशिया 9.6 cm

 

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