लंड दे के खुश किया

(Lund De Ke Khus Kiya)

मै जब भी बाहर जाता था तो हमेशा लडकियो की तरफ देखता था.. सुंदर सेक्सी लडकियो को देख के लाईन मारने मे मुझे बहुत मजा आता था. कभी कभी सेक्सी लडकियो के मोटे मोटे नितंब देखके मेरा लंड खडा हो जाता था, फिर घर मे आके मुठ मारनी पडती थी ! किसी सुंदर सेक्सी लडकी के साथ समागम करने के लिए तरस गया था कब ऐसी लडकी मिलेगी और मेरी लंड की इच्छा पुरी होगी ऐसा लग रहा था ! एक दिन बाजार मे खुबसुरत सेक्सी लडकीया देखते देखते खरीदी पुरी हुई और मै घर के लिए निकल पडा… ! घर मे आते ही मुझे पता चला की मेरा पर्स गुम हो गया है. वैसे तो अच्छी बात ये है की मै सारे पैसे कभी पर्स मे नही रखता. पर्स मे पैसे ज्यादा नही थे पर ड्रायविंग लायसन्स, प्यान कार्ड और कूछ रिसीट थी. अगले दिन मुझे एक लडकी का फोन आया… “हेलो मै नीलम बोल रही हुं, कल बाजार मे मुझे आपका पर्स मिला.” यह बात सुनकर मुझे बहोत ख़ुशी हुई. “बहोत बहोत धन्यवाद आपका.” मैने कहा. उसने अपना पता दिया और मुझे अपना पर्स लेने के लिए बुलाया.

दुसरे दिन मै वो पता ढूंढते ढूंढते उसके यहां पहोंच गया ! वो एक किराये के घर मे रहती थी. मैने दरवाजे की बेल बजा दी दरवाजा खोलते ही मै अपना होश खो बैठा.. क्युंकी नजारा ही कूछ ऐसा था… मेरे सामने साडी पहनी हुई नाजूक सुंदर गोरी लडकी मुस्कुराती हुई खडी थी. मैने उसे मेरा नाम बताया और कहा की मे अपना पर्स लेने के लिए आया हुं ! उसने मुझे अंदर बुलाया और बैठने को कहा वो मेरे सामने ही बैठी.. थोडी देर हमने जान पहचान बढा ली और धीरे धीरे हमारी अच्छी सी बातचीत भी हुई. उसने मेरे लिए चाय बनाई. नीलम कॉलेज मे पढती थी और अकेली ही इस किराये के घर मे रहती थी.. ! कॉलेज करते करते वो पार्ट टाईम जॉब भी करती थी. मै तो पहली ही नजर मे उसका दिवाना बन गया था.. क्युंकी नीलम इतनी सुंदर थी की स्वर्ग से उतरी किसी अप्सरा से भी ज्यादा खुबसुरत दिखती थी. गोरा रंग, फिगर तो किसी अभिनेत्री से भी ज्यादा अच्छी.. साडी पर इतनी सुंदर और सेक्सी दिखती थी… मैने सोचा की नीलम अंदर से कितींनी खुबसुरत होगी.. इस खयाल से ही मेरा लंड चड्डी मे हलचल करने लगा ! उसके गोल बडे बडे स्तन.. उसकी नाजूक कमर देखके तो मै पगला सा गया था. मुझे पर्स मिलने की ख़ुशी नही थी मुझे तो नीलम से मुलाकात होने ख़ुशी थी. इस वजह से मै उसके नजदीक जा सकता था इस बात से मै बहोत खुश था. और हुआ भी ऐसा ही.. हम दोनो मे बहुत अच्छी दोस्ती हो गई.. मैने उसे इनाम के तौर पर कुछ गिफ्ट देने की सोची थी !

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मैने उसे पूछा की गिफ्ट की तौर पे तुम्हे क्या चाहिए..? पर उसने गिफ्ट लेने से मना कर दिया.. मैने भी आखीर मे गिफ्ट लेने के लिए उसे राजी कर ही लिया. अंत मे नीलम ने कहा अगर देना ही चाहते हो तो मुझे साडी गिफ्ट मे देदो. नीलम की इस हां से तो मै बहोत खुश हो गया.. मैने उसके लिए एक सुंदर साडी खरीद ली और नीलम को शाम को मिलने के लिए आने को फोन किया. नीलम को होटल मे खाना खिलाकर उसे घर तक छोड के उसे साडी गिफ्ट देने का प्लान मैने बना लिया. नीलम का वो खुबसुरत सेक्सी बदन याद करके मेरा लंड खूब मचल उठता था.. बहुत बार नीलम के नाम की मुठ मारी थी, अब नीलम को सचमुच मे पाना चाहता था ! नीलम ठीक सात बजे मुझे मिलने के लिए आ गई थोडी देर हमने एक बगीचे मे बैठ के बाते की और फिर ठीक आठ बजे एक अच्छे से होटल मे खाना खाया. फिर नौ सव्वा नौ बजे मै उसे घर छोडने को गया. घरमे आते ही मैने उसे साडी दिखा दी. साडी को देखते ही नीलम बहोत खुश हो गई उसे साडी बहोत पसंद आयी थी. उसके चेहरे पे मुस्कान देखकर मुझे भी बहोत अच्छा लगा. मैने उसे साडी पहनने को कहा. नीलम साडी लेके अंदर के कमरे मे चली गई .. थोडी देर बाद जब वो साडी पहन के बाहर आयी तो मै उसे देखता ही रह गया रेड कलर की साडी उसके गोरे बदन को बहोत ही सुंदर दिखाई दे रही थी. वो मेरे इस गिफ्ट से बहोत खुश थी… उसने मुझे ठैरने को कहा. उसकी माधकता को निहारते निहारते मै अपने आप पे काबू नही रख पाया. मेरा अंग अंग सेक्स की वासना से कांपने लगा, चड्डी मे खडा हुआ लंड मुझे बैचेन कर रहा था ! न रहकर मै नीलम के पास जा बैठा.. नीलम का हाथ पकडकर मै बोला “नीलम आय लव यु !” मैने उसके हाथो को चुमा.. नीलम मेरे इस हरकत से मुस्कुराई, उसके मुस्कुराने से मुझे और उत्तेजना मिली… फिर मैने उसे अपनी बाहो मे लिया.!!

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उसके बदन की खुशबू मेरे अंग अंग मे समाने लगी.. हलकेसे मैने उसके गाल का चुंबन ले लिया.. फिर धीरेसे उसके नाजूक होठो पर अपने होंठ लगा दिये.. उसके मुलायम होंठ अपने दातो से चबाने लगा.. नीलम ने अपनी आंखे बंद कर ली. मै तो मदहोश होके नीलम के मुलायम शरीर का आनंद उठा रहा था.. नीलम भी शांत रहकर मेरा स्पर्श महसूस करके मुझे साथ दे रही थी. मैने उसका पल्लू नीचे गिरा दिया अब उसके मोटे गोरे स्तन ब्लाउज मे से बहोत ही सेक्सी दिखने लगे.. उनको देख के तो मेरा लंड ख़ुशी के मारे चड्डी मे ही उछलने लगा. जैसे मेरे से ज्यादा वोही उतावला हो गया हो. मेरे जीवन मे इससे ख़ुशी का दिन और कोई नही रहा होगा.. मै इस मौके का पुरा आनंद लेना चाहता था मुझे लगता था की ये वक्त यही थम जाये.. फिर मैने ब्लाउज के उपर उभरे हुए स्तन चांटना शुरू किया ! चाटते चाटते ब्लाउज के बटन खोल दिये और नीलम के गोरे गोल मटोल स्तन बाहर आए.. वो बडे बडे स्तन हाथो मे लेके दबाने मे बहोत मजा आ रहा था. नीलम को बेड पर लीटाया और उसकी साडी और परकर निकाल फैंका, नीलम अब सिर्फ नीकर मे थी.. उसका गोरा गोरा अंग मेरे सामने नंगा पडा था… उसके इस सुंदर अंग का कैसे मजा लू मेरी तो समझ मे नही आ रहा था. मै तो बहोत ही बेहाल हुए जा रहा था. नीलम की नीकर मे हाथ डालके मैने उसकी चूत के उपर के बाल सहलाना शुरू किया.

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फीर मैने नीलम की चूत मे उन्गलीया डालनी शुरू कर दी. जैसे जैसे मेरी उंगली उसकी चूत मे अंदर बाहर करने लगी नीलम उह…आह्ह की सिस्कीया भरने लगी. इससे मेरी उत्तेजना और बढने लगी मैने जोर जोर से उंगली अंदर बाहर करनी शुरू की.. उसकी नीकर मैने निकाल फेकी और नीचे जाकर उसकी चूत चांटने लगा. नीलम की सिस्कीया बढने लगी उसे चूत चटवाने मे मजा आ रहा था.. मेरे सिर को पकड के अपनी चूत की ओर ढकेलनी लगी ! उसकी लाल लाल चूत चाटने मे मुझे भी बहोत मजा आ रहा था. थोडी देर बाद मैने उसकी टांगे फैला दी और अपना मोटा खडा हुआ लंड उसकी चूत के उपर रखा और धीरे धीरे अंदर डालने लगा.. नीलम ने मेरे हाथो को जोर से जकड लिया !

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धीरे धीरे मेरी चुदाई की रफ्तार बढने लगी. उसकी लाल लाल चूत मे मेरा सांवला लंड बहोत ही मस्त दिखाई दे रहा था. उसकी चूत देखके चोदने मे मुझे बहोत मजा आ रहा था. धक्के देते देते मै नीलम के पैरो की उन्गलीया चांटने लगा.! बीच बीच मे उसके मोटे स्तन हाथो से दबाने लगा.. उनको चुसने लगा. अब मेरा लंड वीर्य छोडने की स्थिती मे आ गया था.. मैने नीलम को बाहो मे जकडा और जोर से अंदर लंड घुसाया सारा वीर्य नीलम की चूत मे समा गया. उसे चोदकर बहोत ही तृप्ती मिली ! वैसे ही नीलम के बदन पर पडा रहा और उसकी चुन्चीया मसलने लगा धीरे धीरे फीर मेरा लंड उठ खडा हुआ. जोर जोर से नीलम की चुन्चीया मसलनी शुरू की नीलम भी बहोत उत्तेजित हो गई. नीलम को कुतीया की तरह लेटने को कहा, जैसेही नीलम कुतीया बन गई मै कुत्ते की तरह उसकी चूत पीछे से चांटने लगा. फीर अपना लंड उसकी चूत मे डाल के चोदना शुरू किया. अंदर बाहर करता लंड पच पच आवाज करने लगा ! मेरे धक्को से नीलम के स्तन एक दुसरे से टक्कर मारने लगे. मेरा छे इंच का लंड पुरी तरह से उसकी चूत मे जा रहा था. नीलम तो मेरे लंड से बहोत ही प्रभावित हो रही थी ! मै नीलम की कमर पकड के जोरो के धक्के दे रहा था ! दुसरी बार शॉट निकाल रहा था इसलिये वीर्य निकलने मे थोडी देरी हो गई ! तब तक नीलम को चोद के बेहाल कर दिया.  अंत मे एक जोर का झटका दिया और पुरा का पुरा वीर्य नीलम की चूत मे भर दिया. इस तरह के दो शॉट से नीलम खुश हो गई. मेरी लंड की भी अप्सरा जैसी लडकी को चोदने की ख्वाईश पुरी हो गई. हम दोनो का यह लफडा लगभग दो साल चला और आगे जाके मेरी और नीलम की शादी हो गई ! अब हमे दो बच्चे है. मै अपने आप को खुशनसीब समझता हुं की मुझे नीलम जैसी पत्नी मिली !

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