लंड का चूत से पहला मिलन-1

Lund ka chut se pahla milan-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हिमांशु है और में छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर का रहने वाला हूँ.  दोस्तों आज में आप सभी को अपने जीवन की सबसे अनोखी चुदाई की घटना बताने जा रहा हूँ जिसमें मैंने अपने साथ पढने वाली लड़की को उसी के घर पर बहुत जमकर मज़े लेकर चोदा.

में उम्मीद करूंगा कि मेरी यह सच्ची कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी.  दोस्तों यह बात तब की है जब में 12th में पढ़ रहा था तब मेरी क्लास में एक बहुत सुंदर लड़की थी, जिससे में उस समय बहुत प्यार करता था उस लड़की का नाम सीमा था, लेकिन वो हमेशा मुझे और मेरे प्यार को देखकर समझकर भी अनदेखा कर देती थी, क्योंकि उसकी किसी दूसरे लड़के से दोस्ती थी, लेकिन यह बात मुझे भी बहुत अच्छी तरह से पता था कि उसकी लाइफ में कोई नहीं था और उसकी उस लड़के से बस बातें हंसी मजाक ही होता था, लेकिन फिर भी मुझे उस लड़के से सीमा का हंस हंसकर बातें करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था और मुझे उस लड़के पर बहुत गुस्सा आता था.

एक दिन मैंने अपने मन ही मन में निश्चय करके सीमा को स्कूल से जाते वक़्त बीच रास्ते में रोककर मैंने सीमा से बोला कि में उसको बहुत प्यार करता हूँ, लेकिन तभी उसने मेरी वो बात को सुनकर मुझे धीरे से धक्का मारा और अपने रास्ते से हटाकर वो वहां से भाग गई.

फिर मैंने उसके चले जाने के बाद मन ही मन में एक विचार किया और बनाया.  मेरे उस प्लान के हिसाब से में अब अपनी क्लास में चला जाता और अपनी जगह पर जाकर में चुपचाप बैठ जाता और में अपनी पढ़ाई दूसरे सभी दोस्तों से बातें हंसी मजाक करता, लेकिन में अब उसकी तरफ बिल्कुल भी नहीं देखता था और ऐसा कई दिनों तक चलता रहा.

फिर वो मेरी इस हरकत को बहुत ध्यान से देखने लगी और एक दिन उसने थोड़ी हिम्मत करके मुझसे पूछा कि तुम आज कल मुझसे बात क्यों नहीं करते, क्या तुम उस दिन का जवाब नहीं जानना चाहते? और तब उसने मुझसे पहली बार अपने मन की सच्ची बात में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ कहा में तो जैसे उसके मुहं से वो बात सुनकर बिल्कुल पागल हो गया और फिर क्या रोज हम किसी ना किसी बहाने से मिला करते, लेकिन यह सब हमारे घरवालों को पता नहीं था और हम हमेशा चुप चुपकर मिलने लगे.

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एक दिन उसके भाई ने हम दोनों को एक दूसरे की बाहों में देख लिया, जिसको देखकर वो बहुत गुस्से में हो गया और फिर वो हमारी तरफ आया और मुझे बहुत ज्यादा घूर घूरकर देख रहा था, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोला और बस उसने अपनी बहन सीमा का हाथ पकड़ा और सीमा को वो अपने साथ में ले गया और फिर कुछ दिनों तक हम दोनों एक दूसरे से नहीं मिले, लेकिन एक दिन सीमा ने मौका पाकर मुझे फोन किया और तब वो मुझसे कहने लगी कि मेरे सभी घर वाले दो तीन दिन के लिए शादी में जा रहे है, लेकिन में अपनी पढ़ाई का बहान बनाकर उनके साथ वहां पर उस शादी में नहीं जा रही हूँ.

दोस्तों में उसकी उस बात का मतलब अच्छी तरह से समझ गया था, जिसकी वजह से में मन ही मन बहुत खुश था और मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था.  फिर उस दिन में उसी रात को उसके कमरे की खिड़की के नीचे जाकर खड़ा हो गया था और मैंने उसको फोन किया तो उसने अपनी खिड़की से नीचे देखकर मुझसे कहा कि में पाइप को पकड़कर उससे चड़कर ऊपर आ जाऊँ.

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फिर उसके कहने पर वैसे ही चड़कर ऊपर चला गया और उसके कमरे में पहुंचते ही वो तुरंत मेरे पास आकर मेरी बाहों में आकर लिपट गई और मैंने भी ज़ोर से उसको कसकर पकड़ लिया.  अब हम दोनों एक दूसरे को लगातार पागलों की तरह चूमने लगे.

कुछ देर बाद उसने मुझसे कहा कि आज घर पर कोई नहीं है और हम दोनों ने एक दूसरे को मन से अपना मान लिया है, क्यों ना आज हम तन से भी एक हो जाए? तब मैंने भी उसकी उस बात को सुनकर बहुत खुश होकर उसको तुरंत हाँ कर दिया, क्योंकि में भी अब यही सब चाहता था और फिर उसने मेरी धीरे धीरे मेरी शर्ट का बटन खोल दिया और वो मेरे निप्पल को काटने लगी.  फिर क्या था? मुझे अब जोश आने लगा और मेरी हिम्मत बढ़ने लगी, मैंने भी उसके ऊपर का टॉप उतार दिया और मैंने देखा कि उसने उसके अंदर काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी.

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फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाया और उसके निप्पल को दबाने के साथ साथ पूरी तरह जोश में आकर ज़ोर से चूसने भी लगा.  मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और मैंने ध्यान से देखा कि उसके निप्पल बिल्कुल ब्लूफिल्म की हिरोइन की तरह थे एकदम हल्के गुलाबी रंग के और ठीक वैसे ही उसने बूब्स का आकार था और वो बहुत गोलमटोल और बड़े आकार के बड़े ही मुलायम बूब्स थे.  फिर करीब बीस मिनट तक लगातार मैंने उसके निप्पल चूसे और बूब्स को दबाकर उनके मज़े लिए.  मेरे साथ साथ वो भी उस समय जोश में होने के साथ साथ बहुत खुश थी और उसके विचार मुझे उसके चेहरे से साफ साफ पता चल रहे थे.

फिर उसने कुछ देर बाद मज़े करते हुए मेरे लंड पर अपना एक हाथ रख दिया और जैसे ही उसने अपना हाथ रखा वैसे ही मेरा लंड उसके स्पर्श से एकदम तनकर खड़ा हो गया और उसी समय उसने पहली बार मेरे लंड को देखकर एकदम पागल होकर तुरंत अपने मुहं में ले लिया.  फिर मैंने तो उसके ऐसा करने से जैसे अब जन्नत में पहुंच गया और वो किसी अनुभवी रंडी की तरह बहुत मज़े से मेरा लंड अंदर बाहर करके उस पर अपनी जीभ को घुमाकर चाट रही थी और फिर कुछ देर उसके चूसते चूसते मैंने उसके मुहं में अपना वीर्य निकाल दिया.

फिर उसने उूउह्ह्ह्हह एम्म्ममम किया और लंड को अपने मुहं से बाहर निकालकर मुझसे कहा कि वाह इतना गरम गाड़ा वीर्य पाकर में बिल्कुल पागल हो गई और फिर उसने मुझसे कहा कि हमारी शादी होने तक तुम मुझे हर रोज अपना यह वीर्य जरुर पिलाओगे ना प्लीज, तुम आज मुझसे यह वादा करो? अब मैंने उसको उस काम के लिए हाँ कर दिया और वो मेरा जवाब सुनकर बहुत खुश हो गई.  फिर उसी समय मैंने सही मौका देखकर तुरंत उसकी जींस को उतार दिया और तब मैंने देखा कि उसकी पेंटी चूत वाले हिस्से से एकदम फूली हुई थी मैंने उससे पूछा कि यह सब क्या है? तब उसने मुझसे कहा कि इस समय मेरा पीरियड चल रहा है.

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दोस्तों में अगर सच कहूँ तो मैंने आज तक किसी भी लड़की को विस्पर पहने हुए नहीं देखा, इसलिए में उसकी उस उभरी हुई चूत को पेंटी के अंदर से देखकर बहुत चकित था.  मेरे मन में उसको देखने की बहुत उत्सुकता थी और वैसे मैंने किसी भी लड़की की चूत से खून भी नहीं निकलते हुए देखा था, क्योंकि मैंने ऐसी बहुत सारी चुदाई को ब्लूफिल्म में देखा था, लेकिन वो सब कभी नहीं देखा जो उस दिन पहली बार देखा.

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