माँ को कोठे की रण्डी बनाया-1

(Ma Ko Kothe Ki Randi Banaya-1)

मेरी माँ की चुदाई में मुझे मजा नहीं आता था. क्योंकि उसका जिस्म भरा हुआ नहीं था. तो मैंने अपनी माँ की फिगर सुधारने के लिए क्या किया? पढ़ें इस गंदी कहानी में!

यह गंदी कहानी पूरी तरह से सच्ची है

मेरा नाम आशीष है. मेरी माँ का नाम अपर्णा है, वो टीचर है. माँ सेक्स में मुझे संतुष्टि नहीं दे पा रही थी. उन्हें सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी तो थी लेकिन उनके फिगर से मुझे उन्हें चोदना कम अच्छा लगता है. मुझे उनसे और कोई दिक्कत नहीं थी, वो बाकी कामों में वो एकदम परफेक्ट थी. मैं कुछ भी करके उनका साइज बढ़ाना चाहता था. एक बात और कि वो पैसे की बड़ी लालची थी.

मैंने उनके साथ बहुत सेक्स किया, पर उनका साइज बढ़ ही नहीं रहा था.

एक दिन किसी काम से मैं पुणे गया हुआ था. मन तो गंदी अन्तर्वासना से लिप्त था ही, सो लगे हाथ में उस दिन बुधवार कोठे पर भी चला गया. उधर एक कांटा माल छांट कर उसके साथ सेक्स भी किया. उस रंडी का साइज देख कर मुझे बड़ा मज़ा आया था. उसके उभरे हुए दूध मटकती हुई गांड देख कर ही लंड से पानी निकल जाए. ऐसा साइज था उसका.

फिर मैंने जानबूझकर एक दो रंडियों से पूछा- तुम्हारा ये साइज कैसे बढ़ता है?
उन्होंने बताया कि हमारी दिन रात चुदाई होती है … तो किसी भी लड़की का साइज चुदाई से बढ़ ही जाता है.

मैं उसके दूध देखने लगा.

उसने पूछा- तुझे किसका साइज़ बढ़ाना है?
मैं बेहिचक बोला- अपनी माँ का.
तो वो हंस कर बोली- लेकर आ यहां पर, एक महीने में उसका सब कुछ बढ़ जाएगा … यहां पर उसकी चुदाई की चुदाई … पैसे की भी कमाई होगी, दोनों फायदे हैं.

वो मुझ पर तंज करते हुए हंस रही थी … लेकिन मुझे उसकी बात में दम लग रहा था.

मैंने उससे पूछा- यहां पर धंधा कैसे चलता है … मतलब रहना वगैरह कैसे करती हो?
रंडी बोली- अरे तू तो सच में सीरियस हो गया यार … चल अपनी माँ की फ़ोटो दिखा … चुदाई की कमाई लायक लगी, तो आगे का बात दूंगी.

मैंने उसे मेरी माँ की तस्वीर दिखाई. वो बोली- अरे वाह क्या माल है … दिखने में तो बड़ी मस्त है रे..! इसकी सिर्फ गांड और मम्मे बड़े हो जाएं, तो बहुत कमाल दिखेगी.
उसकी बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ.

उसने बताया- यहां पर सब कोठे हैं, हर कोठे की एक मालकिन है. वही सबको चुदवाती है और कमीशन भी लेती है.
मैंने पूछा- मालकिन किधर मिलेगी?
तो वो बोली- चल मेरे साथ … तेरे को उससे मिलवाती हूँ … पर मेरी दलाली पक्की रखना.

वो मुझे एक कोठे पर ले गई. वहां पर जो औरत बैठी थी, उसको उस रंडी ने सब बताया. उस मालकिन ने भी मुझसे मेरी माँ का फोटो मांगा, मैंने दिखा दिया.

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वह बोली- कमाल है भड़वे … मस्त माँ है तेरी … इसे क्यों रंडी बनाना चाहता है?
मैं बोला- मैं कम समय में उसकी चूची और गांड की साइज़ को बढ़ाना चाहता हूँ. चुदाई ही एक ऐसा तरीका है, जिससे उसकी साइज़ बढ़ेगी और वो हॉट लगने लगेगी.

उस मालकिन का नाम उषा था.

उषा- ये बात तो तूने सही कही … इसकी गांड और चूत चुदेगी, तो ये एक नंबर की माल बनेगी, ये कमाई भी बहुत करेगी. बोल … तू अपनी माँ का 3 महीने का कितना लेगा. वो मेरी गुलाम बन के रहेगी, मैं उसे किसी से भी चुदवाऊंगी, कितने भी कस्टमर चढ़वाऊंगी … तेरे को उससे कोई मतलब नहीं रहेगा.
मैं बोला- पर मैं उसे सिर्फ एक महीना रखना चाहता हूँ. ज्यादा दिन नहीं रखूँगा.
वो बोली- टाइम खोटी मत कर … रखना है तो 3 महीना रखना पड़ेगा. तीन महीने का 3 लाख दूंगी तुझे … बोल मंजूर है क्या और मेरा प्रोफेसशनल कोठा है, यहां कोई दिक्कत नहीं होगी. जब चाहे मिलने आ जाना. तीन महीने के बाद उसे ले जाना. तीन महीने के बाद अगर उसको आगे भी करना होगा, तो वो उसकी मर्ज़ी से कमीशन पर रहेगा.

तभी वहां मौसी के गुंडे थे. वो बोले- मौसी पैसे ज्यादा बोल दिए.
वो बोली- अरे फिक्र मत कर … ये लड़की 15 लाख कमाई करके देगी … तुझे तो पता है मौसी घाटे का सौदा नहीं करती … साली की चूत से जम कर पैसे कमाऊंगी … और तुम्हारे लिए भी गिफ्ट है. पहले ही दिन इसका रस तुम पांचों पी लेना.

वो सब खुश हो गए.

मौसी ने मुझसे पूछा- बता रे … क्या करना है?
मैंने कहा- मुझे मंजूर है, लेकिन उसे इसके लिए उसे बिना बताए तैयार करना होगा.
मौसी बोली- कैसे करना वो तू मेरे पर छोड़ दे, मैं तेरे को जैसा बोलूं, तू उस टाइम वैसा ही करना.
मैंने हामी भर दी.

ऊषा मौसी ने कहा- ठीक है.

फिर मेरे साथ आई हुई रंडी को मौसी ने 1000 रुपये दे दिए और बोली- तू मस्त माल माल लाई है … ले मजा कर.

उषा ने मुझे भी टोकन के रूप में 10000 दे दिए. उसने कहा कि लाने वाले दिन दो लाख दे देंगे.

इसके बाद उसने मेरा नंबर लिया. मैंने भी मौसी का नम्बर ले लिया. उसने मेरी माँ की तस्वीर ले ली और उन 5 लोगों को देते हुए उनसे बोली- इसके लिए अगले हफ्ते के लिए ग्राहक बुक करो.

मैंने मौसी से पूछा- तीन महीने में साइज पक्का बढ़ेगा ना?
तो मौसी हंसते हुए बोली- सिमेरी माँ की चुदाई में मुझे मजा नहीं आता था. क्योंकि उसका जिस्म भरा हुआ नहीं था. तो मैंने अपनी माँ की फिगर सुधारने के लिए क्या किया? पढ़ें इस गंदी कहानी में!

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यह गंदी कहानी पूरी तरह से सच्ची है

मेरा नाम आशीष है. मेरी माँ का नाम अपर्णा है, वो टीचर है. माँ सेक्स में मुझे संतुष्टि नहीं दे पा रही थी. उन्हें सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी तो थी लेकिन उनके फिगर से मुझे उन्हें चोदना कम अच्छा लगता है. मुझे उनसे और कोई दिक्कत नहीं थी, वो बाकी कामों में वो एकदम परफेक्ट थी. मैं कुछ भी करके उनका साइज बढ़ाना चाहता था. एक बात और कि वो पैसे की बड़ी लालची थी.

मैंने उनके साथ बहुत सेक्स किया, पर उनका साइज बढ़ ही नहीं रहा था.

एक दिन किसी काम से मैं पुणे गया हुआ था. मन तो गंदी अन्तर्वासना से लिप्त था ही, सो लगे हाथ में उस दिन बुधवार कोठे पर भी चला गया. उधर एक कांटा माल छांट कर उसके साथ सेक्स भी किया. उस रंडी का साइज देख कर मुझे बड़ा मज़ा आया था. उसके उभरे हुए दूध मटकती हुई गांड देख कर ही लंड से पानी निकल जाए. ऐसा साइज था उसका.

फिर मैंने जानबूझकर एक दो रंडियों से पूछा- तुम्हारा ये साइज कैसे बढ़ता है?
उन्होंने बताया कि हमारी दिन रात चुदाई होती है … तो किसी भी लड़की का साइज चुदाई से बढ़ ही जाता है.

मैं उसके दूध देखने लगा.

उसने पूछा- तुझे किसका साइज़ बढ़ाना है?
मैं बेहिचक बोला- अपनी माँ का.
तो वो हंस कर बोली- लेकर आ यहां पर, एक महीने में उसका सब कुछ बढ़ जाएगा … यहां पर उसकी चुदाई की चुदाई … पैसे की भी कमाई होगी, दोनों फायदे हैं.

वो मुझ पर तंज करते हुए हंस रही थी … लेकिन मुझे उसकी बात में दम लग रहा था.

मैंने उससे पूछा- यहां पर धंधा कैसे चलता है … मतलब रहना वगैरह कैसे करती हो?
रंडी बोली- अरे तू तो सच में सीरियस हो गया यार … चल अपनी माँ की फ़ोटो दिखा … चुदाई की कमाई लायक लगी, तो आगे का बात दूंगी.

मैंने उसे मेरी माँ की तस्वीर दिखाई. वो बोली- अरे वाह क्या माल है … दिखने में तो बड़ी मस्त है रे..! इसकी सिर्फ गांड और मम्मे बड़े हो जाएं, तो बहुत कमाल दिखेगी.
उसकी बात सुनकर मैं बहुत खुश हुआ.

उसने बताया- यहां पर सब कोठे हैं, हर कोठे की एक मालकिन है. वही सबको चुदवाती है और कमीशन भी लेती है.
मैंने पूछा- मालकिन किधर मिलेगी?
तो वो बोली- चल मेरे साथ … तेरे को उससे मिलवाती हूँ … पर मेरी दलाली पक्की रखना.

वो मुझे एक कोठे पर ले गई. वहां पर जो औरत बैठी थी, उसको उस रंडी ने सब बताया. उस मालकिन ने भी मुझसे मेरी माँ का फोटो मांगा, मैंने दिखा दिया.

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वह बोली- कमाल है भड़वे … मस्त माँ है तेरी … इसे क्यों रंडी बनाना चाहता है?
मैं बोला- मैं कम समय में उसकी चूची और गांड की साइज़ को बढ़ाना चाहता हूँ. चुदाई ही एक ऐसा तरीका है, जिससे उसकी साइज़ बढ़ेगी और वो हॉट लगने लगेगी.

उस मालकिन का नाम उषा था.

उषा- ये बात तो तूने सही कही … इसकी गांड और चूत चुदेगी, तो ये एक नंबर की माल बनेगी, ये कमाई भी बहुत करेगी. बोल … तू अपनी माँ का 3 महीने का कितना लेगा. वो मेरी गुलाम बन के रहेगी, मैं उसे किसी से भी चुदवाऊंगी, कितने भी कस्टमर चढ़वाऊंगी … तेरे को उससे कोई मतलब नहीं रहेगा.
मैं बोला- पर मैं उसे सिर्फ एक महीना रखना चाहता हूँ. ज्यादा दिन नहीं रखूँगा.
वो बोली- टाइम खोटी मत कर … रखना है तो 3 महीना रखना पड़ेगा. तीन महीने का 3 लाख दूंगी तुझे … बोल मंजूर है क्या और मेरा प्रोफेसशनल कोठा है, यहां कोई दिक्कत नहीं होगी. जब चाहे मिलने आ जाना. तीन महीने के बाद उसे ले जाना. तीन महीने के बाद अगर उसको आगे भी करना होगा, तो वो उसकी मर्ज़ी से कमीशन पर रहेगा.

तभी वहां मौसी के गुंडे थे. वो बोले- मौसी पैसे ज्यादा बोल दिए.
वो बोली- अरे फिक्र मत कर … ये लड़की 15 लाख कमाई करके देगी … तुझे तो पता है मौसी घाटे का सौदा नहीं करती … साली की चूत से जम कर पैसे कमाऊंगी … और तुम्हारे लिए भी गिफ्ट है. पहले ही दिन इसका रस तुम पांचों पी लेना.

वो सब खुश हो गए.

मौसी ने मुझसे पूछा- बता रे … क्या करना है?
मैंने कहा- मुझे मंजूर है, लेकिन उसे इसके लिए उसे बिना बताए तैयार करना होगा.
मौसी बोली- कैसे करना वो तू मेरे पर छोड़ दे, मैं तेरे को जैसा बोलूं, तू उस टाइम वैसा ही करना.
मैंने हामी भर दी.

ऊषा मौसी ने कहा- ठीक है.

फिर मेरे साथ आई हुई रंडी को मौसी ने 1000 रुपये दे दिए और बोली- तू मस्त माल माल लाई है … ले मजा कर.

उषा ने मुझे भी टोकन के रूप में 10000 दे दिए. उसने कहा कि लाने वाले दिन दो लाख दे देंगे.

इसके बाद उसने मेरा नंबर लिया. मैंने भी मौसी का नम्बर ले लिया. उसने मेरी माँ की तस्वीर ले ली और उन 5 लोगों को देते हुए उनसे बोली- इसके लिए अगले हफ्ते के लिए ग्राहक बुक करो.
आगे का दुसरे भाग मे

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