अपनी बड़ी बहन और माँ की चुदाई करता एक भाई एक बेटा

Maa aur Bahan ki Chudai Story : दोस्तों मेरा नाम कौशल है मेरी उम्र 20 साल है यह चुदाई की कहानी मेरी बड़ी बहन सुरुचि और मम्मी के ऊपर है वो बहुत खुबसूरत है। उसकी उम्र 22 साल है मेरी परिवार में हम चार लोग मे मेरे मम्मी पापा और बहन है। में गरीब परिवार से हूँ और मेरे परिवार की स्थिती अच्छी नहीं है। मेरे पापा कुछ काम की वजह से बाहर गये हुये थे। यह बात करीब 15 दिन पहले की है मेरी बहन सुरुचि एक दिन घर के आगन मे चापाकल पर नहा रही थी। उसी टाइम मैं स्कूल से घर आया मम्मी बाजार गयी थी मैं अंदर गया तो मेरे होश उड़ गये मैने देखा की सुरुचि दीदी नंगी होकर नहा रही थी।

उसका चहरा दूसरी तरफ था इसलिये वो मुझे नही देख सकी मैं तुरंत दूसरे कमरे मे चला गया और उस कमरे मे बहुत अँधेरा रहता है मैं वहां से सुरुचि दीदी को नहाते हुये देखने लगा। उसकी गांड देखकर मेरा 9 इंच का लौड़ा खड़ा हो गया मैं अपने लैंड को हौले हौले सहलाने लगा।

मैने पहली बार सुरुचि की गांड देखी मैंने कभी भी नही सोचा था की सुरुचि दीदी इतनी सुंदर होगी मैं अपना लौड़ा बाहर निकाल कर सहलाने लगा। तभी सुरुचि सीधी होकर नहाने लगी उसकी बड़ी बड़ी चूची और बूर देखकर मेरे लौड़ा से पानी निकलने लगा मैने कभी भी सुरुचि दीदी को चोदने का नही सोचा था। लेकिन मैने आज सोच लिया था की मैं सुरुचि दीदी के शरीर का मज़ा ज़रूर लूँगा।

मैने सुरुचि को पूरा नहाते देखा फिर उन्होंने कपड़े पहन लिये और सुरुचि करने के लिये मंदिर वाले रूम मे चली गयी और फिर मैं भी धीरे से बाहर आकर वापस घर मे आया फिर उसी दिन शाम को दीदी बालकनी मे खड़ी थी। मैं भी उसी समय जाकर खड़ा होकर दीदी से बात करने लगा। हमारी बालकनी बहुत छोटी थी। उसमे सिर्फ़ एक लोग ही खड़ा हो सकता था दीदी आगे झुक कर खड़ी थी और मैं उनके पीछे खड़ा होकर बात कर रहा था मेरा पूरा ध्यान उनकी गांड पर ही था।

मेरा लौड़ा खड़ा हो गया अब मेरा लौड़ा उनकी गांड के बीच मे अचानक लग गया मैं डर गया शायद दीदी समझ ना जाये लेकिन सुरुचि दीदी को पता नही चल रहा था। अब मैं अपना लौड़ा उनकी गांड के बीच मे जानबूझ कर दबाने लगा मेरा आधा लौड़ा उनके सलवार मे घुस गया था लेकिन दीदी मुझसे बाते करती जा रही थी।

वो अचानक और झुक कर अपनी टागें और फैला दी और अब मेरा लौड़ा उनकी बूर पर रगड़ने लगा मुझे डर भी लग रहा था और मज़ा भी आ रहा था। अचानक मम्मी ने दीदी को आवाज़ दी और दीदी तुरंत मेरे लौड़ा को धक्का देकर नीचे चली गयी आज मेरा लौड़ा पहली बार किसी बूर के उपर रग़ड रहा था मैंने सोच सोच कर रात में अपना लौड़ा हिलाया फिर दूसरे दिन दीदी फिर शाम को बालकनी मे खड़ी थी।

मैं नीचे से देखकर उपर जाने से पहले अपना अंडरवेयर निकाल कर सिर्फ़ एक टावल लगा कर उपर गया तो मैं सॉक हो गया क्योकी सुरुचि दीदी ने आज अपना बहुत पुराना स्कर्ट पहना हुआ था जो की उनके सिर्फ़ घुटने तक ही आता था और वो बालकनी मे झुक कर खड़ी थी। मैने पीछे से देखा तो उनकी पेंटी भी दिख रही थी मेरा लौड़ा उनकी गोरी गोरी जांघ और ब्लू कलर की पेंटी देखकर एकदम खड़ा हो गया।

दोस्ती उसके बाद मैंने सोचा आज कुछ भी हो जाये मैं आज दीदी की पेंटी मे अपना लौड़ा का पानी ज़रूर लगाऊंगा तभी दीदी ने मेरी तरफ देखा और बोली की इधर आकर देखो लगता है आज बारिश होगी मैं तुरंत उनके पीछे से खड़ा होकर आसमान देखने लगा मेरा लौड़ा एकदम खड़ा था। इसलिये सीधा उनकी गांड मे जाकर घुस गया मैं एक बार तो डर गया की दीदी गुस्सा ना हो जाये पर दीदी हंसी और बोली तुम अब बड़े हो गये हो मैं समझ नही पाया मैने जब दुबारा पूछा तो सिर्फ़ हंसी और कुछ नही बोली और अपनी गांड मेरी तरफ और फैलाकर खड़ी हो गयी अब मेरा लौड़ा उनकी बूर पर लग रहा था मैने सोचा की दीदी को मेरे लौड़ा का पूरा पता चल रहा होगा फिर भी नही बोल रही है।

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मैंने सोचा की शायद दीदी को मज़ा आ रहा होगा मैने सोचा की अब कैसे पता करूँ मै अपना लौड़ा धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा दीदी कुछ नही बोली मैं समझ गया की दीदी को मज़ा आ रहा है मैने अपने टावल मे से अपना लौड़ा बाहर निकाला और दीदी का स्कर्ट थोड़ा उपर करके अपना लौड़ा उनकी पेंटी पर लगा दिया और मेरा लौड़ा दीदी की गांड की दरार मे घुस गया अब दीदी को मेरा लौड़ा पूरा मज़ा दे रहा था।

उनकी गांड इतनी नरम थी की जब मैं अपना लौड़ा उनकी गांड पर दबाता तब उनका चुत्तड फैल जाता और कुछ ही देर मे दीदी की पेंटी बूर के पास मे भीग चुकी थी मेरे लौड़ा और उनकी बूर को एक दूसरे के पानी का मज़ा मिलने लगा सुरुचि दीदी मुझसे 5 साल बड़ी थी मैं बहुत खुश था अचानक मेरे होश उड़ गये दीदी ने अपना हाथ पीछे करके मेरे लौड़ा को पकड़ लिया और पीछे मूड कर बोली तुम क्या कर रहे हो मैं अशुद्ध हो जाउंगी और तुम मेरे छोटे भाई हो और हम भाई बहन मे यह सब नही होता |

वो मेरे लौड़ा को अपनी पेंटी में से बाहर निकाल कर अपना स्कर्ट नीचे करके वहा से चली गयी मैं डर गया की दीदी मम्मी को ना बता दे लेकिन दीदी मम्मी को भी नही बोली मैने रात मे अपना लौड़ा सहलाते हुये सोच रहा था की जब मैं दीदी की गांड पर लौड़ा रगड़ रहा था तब तो दीदी को मज़ा आ रहा तो उन्हे अचानक क्या हो गया अगले दिन दीदी मॉर्निंग मे ही बालकनी मे खड़ी थी मैं नीचे से देख रहा था और दीदी भी मुझे देख रही थी।

लेकिन मैं उपर बालकनी मे नही गया और कुछ देर बाद स्कूल चला गया फिर रात मे दस बजे में और मेरी मम्मी सो चुके थे में सोने का नाटक कर रहा था मैने देखा की मुझे देखकर दीदी कुछ देर मे बालकनी मे आकर खड़ी होकर मुझे बहुत प्यार से देख रही थी मैं समझ गया दीदी को लौड़ा से मज़ा लेने का मन कर रहा है मैं भी अपना अंडरवेयर उतार कर उपर बालकनी में गया मैं दीदी को देख कर हैरान हो गया क्योकि थोड़ी देर पहले दीदी सलवार और कमीज़ पहनी थी लेकिन अब सलवार के बदले नीचे स्कर्ट पहनी हुई थी घर मे सिर्फ़ मम्मी थी वो भी सो रही थी |

हम दोनो अकेले थे मैं पीछे खड़ा था पर उनके पास नही जा रहा था मैं जानता था की दीदी मेरी वजह से ही बालकनी मे स्कर्ट पहन कर खड़ी है लेकिन कल दीदी ने मुझे मना किया था इसलिये मैं वहा नही जा रहा था लेकिन अचानक दीदी पीछे मूडी और बोली की यहा आ और देख बाहर कितना अच्छा मौसम है मैं इसी बात का इंतजार कर रहा था की दीदी मुझे खुद आगे से बुलाये बालकनी मे अन्धेरा था इसलिये मैंने अपना लौड़ा उनके स्कर्ट के उपर से उनकी बूर पर रख दिया वो कुछ नही बोली और मुझसे बाते करने लगी मै जानता था की दीदी को लौड़ा चाहिये मैने बिना देरी किये अपना टावल उतार कर दीदी का स्कर्ट उपर करके अपना लौड़ा घुसा दिया मैं अचानक चौक गया मेरा लौड़ा एकदम सीधा उनकी बूर के होल के उपर आ गया |

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मैने दीदी की गांड पर हाथ डाला और देखा तो दीदी ने पेंटी नही पहनी थी मैं समझ गया दीदी आज चुदना चाहती है मैं अपने लौड़ा को दीदी की बूर पर रगड़ने लगा दीदी झुक कर खड़ी थी मैने अपने लौड़ा पर थोड़ा सा थूक लगाया और दीदी की बूर मे अपना लौड़ा घुसाने लगा मेरा आधा लौड़ा दीदी की बूर मे घुस गया दीदी मेरा लौड़ा पकड़ कर बोली भाई अपनी बड़ी बहन को आराम से चोदना मैं पहली बार चुदा रही हूँ।

मैने सोचा भी नही था की मेरी बूर को मेरा भाई ही चोदेगा और वो मेरे लौड़ा को अपनी बूर में से निकाल कर चूसने लगी मेरे पूरे शरीर मे करंट जैसा लग गया मैने सोचा भी नही था की मेरी दीदी मेरा लौड़ा भी चूसेगी फिर 15 मिनिट के बाद वो बोली मेरे भाई मम्मी सो रही है चलो मैं तुम्हारे कमरे मे चलती हूँ |

आज मैं अपने पूरे शरीर का मजा तुमको देना चाहती हूँ मैं और दीदी दोनो कमरे मे जाकर बेड पर सो गये दीदी नंगी होकर मुझे भी नंगा करने लगी और बोली तुम मुझसे बहुत छोटे हो फिर भी मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ क्योकी तुम मुझे चोदना चाहते हो और मैं तुम्हारी दीदी हूँ कोई और नही जो तुम्हे तड़पता छोड़ दूँ जब तुमने पहली बार बालकनी मे मेरी गांड पर अपना लौड़ा रख दिया था।

हम उसी वक़्त हम दोनो भाई बहन नही रहे है लेकिन तुम किसी से भी हम दोनो के रिश्ते के बारे मे कभी नही बताओगे मैं दीदी के होठ पर किस करते हुये बोला दीदी आप जैसी दीदी सबको मिले उसके बाद मैने दीदी की बूब्स को दबाने लगा और चूसने लगा फिर दीदी लेट गयी और बोली आज मेरी बूर को अपने लौड़ा से पूरी तरह से खोल डालो। मैं चाहती हूँ की मेरी शादी से पहले मेरा भाई मेरी बूर का मज़ा ले ले मैं दीदी की जांघ उठा कर अपना लौड़ा बूर मे डाल कर चोदने लगा दीदी भी मस्ती से धक्के पर धक्के मार रही थी |

मैं दीदी की बूब्स ज़ोर ज़ोर से दबा दबा कर चोदने लगा और वो बोली मेरे भाई अपनी बहन की बूर मे अपना वीर्य भी डाल देना मैं तुम्हारे वीर्य को अपनी बूर मे महसूस करना चाहती हूँ मैने दीदी को एक घंटे तक चोदा और वीर्य बूर मे ही डाल दिया दीदी बोली मेरे भाई मैं प्रेग्नेंट तो नही हो जाउंगी ना मैने कहा नही फिर वो कपड़े पहन कर दूसरे रूम मे जा कर मम्मी के बगल मे जा कर सो गयी। और दो घंटे बाद फिर मेरा लौड़ा फिर दीदी को चोदना चाहता था मैं कंट्रोल नही कर पाया मैं दूसरे रूम मे जाकर दीदी के बगल मे सो कर स्कर्ट उठा कर फिर से दीदी को चोदने लगा दीदी भी उठ गयी और चुदाने लगी उस रात मै दीदी को सुबह तक चोदता रहा दूसरे दिन दीदी ठीक से चल भी नही पा रही थी और हम दोनो रोज ऐसे ही सेक्स करते रहे |

फिर एक दिन जो हुआ मैने कभी नही सोचा था एक दिन मैं दूसरे रूम मे लगभग 12 बजे गया रोज की तरह मैने अपना टावल उतारकर मैं दीदी की चादर मे घुस गया कमरे के अन्दर बहुत अन्धेरा था मैं धीरे धीरे स्कर्ट उपर करने लगा लेकिन स्कर्ट बहुत सॉफ्ट लग रही थी मैने ज्यादा ध्यान नही दिया और उठा कर गांड पर लौड़ा रगड़ने लगा दीदी की गांड बहुत बड़ी लग रही थी मैं गांड दबाने लगा मुझे मज़ा आ रहा था फिर मैने अपना लौड़ा दीदी की बूर मे डाल दिया बूर बहुत टाइट लग रही थी फिर कुछ देर बाद दीदी भी जाग कर धक्का मारने लगी।

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मैं उपर जाकर टांग उपर करके ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा तभी मैं डर गया मेरी जाँघ पर किसी का हाथ आया और मुझे वो बार बार टच हो रहा था तभी पीछे से मेरी दीदी मेरे कान मे बोली भाई ये क्या कर रहे हो मैं तो यहा हूँ तुम मम्मी को चोद रहे हो दीदी ये बोलकर सो गयी।

मेरा लौड़ा मम्मी की बूर मे था और मम्मी अपनी गांड उठा उठा कर बूर चुदवा रही थी अब मैं लौड़ा भी बाहर नही निकाल सकता था फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने मेरी कमर को पकड़ कर अपने उपर खीच लिया और बोली मेरे बेटे तूने तो आज मुझे खुश कर दिया तेरे पापा ने तो मुझे 2 साल से नही चोदा है आज तूने अपनी मम्मी की बूर को खुश कर दिया तुम कब से मुझे चोदना चाहते थे मैं समझ नही पा रहा था की मैं क्या बोलू मैं यह नही बोल सकता था की मैं सुरुचि दीदी को चोदने आया था।

मैं समझ नही पा रहा था मम्मी ने फिर पूछा और अपना ब्लाउज खोलकर बोली बचपन मे मेरी बूब्स पीता था आज भी मेरी चूची को पीकर मस्त कर दे और जिस बूर में से तुम इस दुनिया मे आये हो उसे भी मस्त कर दो तेरा लौड़ा तो तेरे पापा से भी बड़ा है तू रोज मेरे साथ इसी रूम मे सोया कर मैने कहा फिर दीदी। मम्मी बोली वो भी यही सो जायेगी तू मुझे खुश कर दे फिर मैं तुझे तेरी बहन की भी बूर चोदने का मौका बताउंगी।

मैं सुन कर खुश हो गया मैने मम्मी को पूरी तरह से नंगा कर दिया और खुद भी पूरा नंगा हो गया अब मुझे घर मे किसी से भी डर नही था मैं मम्मी को ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और दो घंटे तक चोदता रहा और वीर्य मम्मी की बूर मे ही डाल दिया मम्मी खुश हो गयी और बोली मैं तेंरे वीर्य से प्रेग्नेन्ट होना चाहती हूँ। और तुम्हे भाई और तुम्हारा बेटा देना चाहती हूँ मैने मम्मी से कहा मैं आपकी बूर से अपना बेटा चाहता हूँ मम्मी खुश होकर बोली मेरे बेटे तूने मुझे खुश कर किया अब मैं सो रही हूँ अब से तू हर रोज रात मे इसी रूम मे सोना और तुम्हारा मुझे या तेरी बहन को चोदने का मन करे तो बिना डर के चोदना फिर मैंने एक घंटे बाद दीदी को चोदा और सो गया।

उसके बाद दूसरे दिन दीदी मुझसे नाराज़ थी मैने जब दीदी से पूछा तो बोली तुम रात मे मुझे छोड़कर मम्मी को क्यो चोद रहे थे मैने कहा की तुमने अपनी जगह पर मम्मी को क्यो सोने दिया दीदी बोली मम्मी पहले से ही वहा सो रही थी मैने कहा की मैंने तुमको समझ कर मम्मी को चोदा लेकिन जब मम्मी ने पूछा तब मैं क्या कहता इसलिये मुझे मम्मी को चोदना पड़ा फिर दीदी मान गयी फिर क्या था। मैं हर रोज रात मे मम्मी और दीदी के साथ नंगा होकर सोता और जिसको मन करता उसको चोदता फिर 9 महीने बाद मम्मी को एक बेटी हुई वो मेरी बहन भी थी और मेरी बेटी भी. दोस्तों आपको मेरी ये चुदाई की कहानी बड़ी बहन और माँ की चुदाई कैसी लगी शेयर करें।

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