माँ ने बहन को बीवी बनाया-2

Maa ne behan ko biwi banaya-2

अब मेरे चूमने से उसके गाल गुलाबी हो गये थे, तो तभी माँ किचन से आई और बोली कि बेटा सफर से थका हुआ आया होगा, चल फ्रेश हो जा और चाय का कप मुझको दिया और मेरे हालचाल पूछने लगी, तो मैंने अपने बारे में सब कुछ विस्तार से बताया.

अब में एक मुकाम पर पहुँच गया था, अब में 5 स्टार होटल का जी.एम हो गया था, तो ये सुनकर माँ बहुत खुश हुई. फिर जब मैंने अपना पैकेज बताया कि 24 लाख हर साल है. तो माँ और पूजा दोनों चौंक गयी और बोली कि आपने तो 3 साल में इतनी तरक्की कर ली और हम.

फिर मैंने कहा कि चलो अब हम सब साथ रहेंगे, मुझको मुंबई में 3 बेडरूम फ्लेट मिला हुआ है, अब हम सब साथ रहेंगे. फिर तभी माँ बोली कि हाँ बेटा मुझको भी तेरे से कुछ जरूरी बातें करनी है, तू नहा धोकर तैयार हो जा और पूजा तू भी नहा ले, में समोसे लेने जा रही हूँ दरवाज़ा बंद कर लेना. अब माँ के जाते ही मैंने पूजा को फिर से पकड़ लिया और बोला कि आई लव यू पूजा, यू आर ओन्ली माई ड्रीम गर्ल. तो वो बोली कि आई लव यू टू भैया.

फिर में बोला कि पूजा में तेरे लिए शॉपिंग करके लाया हूँ, चल देख क्या-क्या लाया हूँ और फिर मैंने ढेर सारी ड्रेस उसके सामने डाल दी. तो वो बोली कि भैया इतने सारे, अब वो तो खुशी से पागल हो गयी थी.

फिर उसने मुझको किस किया और थैंक्स बोली. फिर मैंने एक पैकेट उठाया, उसमें केवल अंडर गारमेंट्स थे तो मैंने पिंक कलर वाली पेंटी ब्रा निकाली और उससे कहा कि पूजा चैक करना नंबर ठीक है या नहीं. तो वो शर्मा गयी और लाल हो गयी.

फिर में बोला कि प्लीज चैक करके एक बार देख ले, कही चेंज नहीं करनी पड़े. तो वो शरमाती हुई बाथरूम में चली गयी और फिर थोड़ी देर के बाद बोली कि भैया बिल्कुल फिट है. तो मैंने कहा कि एक बार मुझको भी तो दिखा दे. तो वो बोली कि नहीं भैया मुझे शर्म आ रही है.

मैंने कहा कि यार हम दोस्त भी है और तूने फोन पर वादा किया था, पूजा में सचमुच कभी ना आने के लिए चला जाऊंगा. अब मेरे इतना कहते ही उसने दरवाज़ा खोल दिया और मेरे मुहँ पर अपना एक हाथ रख लिया और बोली कि अब कभी जाने की बात नहीं करना.

अब पिंक पेंटी और ब्रा में पूजा क्या लग रही थी? उसका गोरा संगमरमर का बदन ऐसा लग रहा था जैसे किसी फिल्म की हिरोइन बीच में से निकलकर आ रही हो. फिर तभी मैंने उसका हाथ चूम लिया, तो वो मुस्करा दी, तो मैंने उसे उसकी पीठ से अपने से सटा लिया.

अब उसकी चूचीयाँ जो ब्रा से फट रही थी धीरे से उन पर अपना एक हाथ फैरा आह, आह, हाईईईई भैया, अब उसकी आह निकल गयी थी. अब वो सिहर गयी थी, वो नयी थी और कुँवारी भी थी. अब में उसे बेहताशा चूमने लगा था, अब मेरा लंड उसकी गांड में ठोकर दे रहा था. अब में उसे चूमता रहा और उसके गले को, कान के आस पास, उसके गुलाबी गालों को.

तभी मैंने कहा कि मेरा अंदाजा सही निकला इसलिए ब्रा-पेंटी सही साईज की लाया था, लेकिन मुझे लग रहा है कि तुम्हें तो ये भी छोटी पड़ जाएगी. अब मेरे हाथ लगाने से इन चूचीयों का साईज और बढ़ जाएगा. फिर तभी वो बोली कि चलो हटो, बहुत शरारती हो गये हो. अब में उसे बिल्कुल भी छोड़ना नहीं चाहता था.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

तभी वो बोली कि भैया प्लीज छोड़ दो ना, मुझे कुछ-कुछ हो रहा है, में बेहोश हो जाउंगी, इतनी खुशी मुझसे बर्दाश्त नहीं होगी. फिर तभी डोरबेल बज़ी तो वो बोली कि माँ आ गयी, आप जल्दी से दरवाज़ा खोलो और फिर वो बाथरूम में चली गयी और फिर मैंने जाकर दरवाज़ा खोला.

अब मेरी जीन्स में मेरा लंड खड़ा हुआ था, तो माँ उसे देखकर हल्की सी मुस्कुराई और किचन में चली गयी. फिर तभी पूजा भी नहाकर आ गयी तो माँ बोली कि तू भी नहाकर आ जा और फिर हम साथ में ब्रेकफास्ट करेंगे.

फिर में जल्दी से नहाकर टेबल पर आ गया, तो तभी माँ बोली कि आज कुछ बात करनी है. तो मैंने कहा कि क्या बोलो? तो माँ बोली कि नहीं बस तुम दोनों की शादी के बारे में. अब हम दोनों चौंक गये थे और फिर हम दोनों बोले कि नहीं माँ अभी हम शादी नहीं करेंगे. तो माँ ने पूछा कि क्यों? तो तभी पूजा बोली कि नहीं माँ, अभी में छोटी हूँ और अभी मुझे पढ़ना है? तो तभी माँ बोली कि कैसे छोटी है, तेरी चूची तो बड़ी-बड़ी है.

अब हम दोनों चौंक गये थे. फिर तभी माँ बोली कि बच्चों में तुम्हारी माँ हूँ और मुझे सब पता है, तुम अब कभी भी घर छोड़कर नहीं जाओ इसका ही इंतज़ाम कर रही हूँ, बेटा तुम दोनों की आखों का प्यार मैंने पढ़ लिया है, बस उसको एक रिश्ते का नाम दे रही हूँ, ना तो तुमसे अच्छा लड़का पूजा को मिल सकता है और ना ही पूजा जैसी जवान, खूबसूरत, सुशील लड़की तुम्हें, तो क्यों ना बेटा आपस में ही? और फिर तुम दोनों भी तो यही चाहते हो.

तभी हम दोनों माँ के पैरों पर गिर पड़े, तो माँ हमें आशीर्वाद देने लगी. अब हमारी आखों में आसूं आ गये थे. अब मैंने पूजा के कंधे पर अपना हाथ रख दिया था, तो तभी माँ बोली कि कितनी शानदार जोड़ी है? और तभी माँ बोली कि चलो मंदिर चलना है. फिर माँ ने पूजा को नई साड़ी दी और कहा कि ये पहन ले. फिर मैंने गाड़ी निकाली, हमारे गाँव से कोई 60 किलोमीटर दूर एक मंदिर है, हम वहाँ गये.

फिर वही हमने रिंग बदली और माला पहनी और फिर मंदिर के पुजारी ने सभी रस्मों से हमारी शादी करवा दी. तब मंदिर में एक और शादी हो रही थी और उस पर धुन बज रही थी, मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनिया.