माँ ने लालजी के सामने अपनी टाँगे खोली-2

Maa Ne Lalaji Ke Samne Apni Tange Kholi-2

में डरकर बैठ गयी और सोचा कि किसको बुलाऊँ, क्या कहूँ? लेकिन तब तक मुझे मम्मी की एक जोरदार चीख सुनाई दी आईईईईई। तो मैंने सोचा कि शायद लालाजी मम्मी को मार रहे है और में देखने लगी। लालाजी उसी तरह मम्मी के ऊपर लेटे हुए थे और लालाजी की काली गांड मुझे दिख रही थी। उनकी गांड पर बहुत सारे बाल थे और मोटी जांघे बालों से भरी हुई थी और लालाजी अपनी कमर को ऊपर नीचे कर रहे थे। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या कर रहे है?                                             “Apni Tange Kholi”

लेकिन जब थोड़ी देर बाद लालाजी बुरी तरह से अपनी कमर हिलाने लगे तो मैंने देखा कि लालाजी का काला और बहुत मोटा सा लंड मेरी मम्मी की सू-सू निकलने वाली जगह के अंदर बाहर हो रहा था और मुझे बहुत अजीब लग रहा था और मैंने पहली बार यह सब देखा था। तो मम्मी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी। लालाजी मुझे छोड़ दीजिए, मुझे जाने दीजिए। लेकिन लालाजी ने मम्मी की नहीं सुनी और मम्मी के साथ लगे रहे।

मुझे मम्मी की सिसकियाँ सुनाई दे रही थी आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह बास माँ नहीं आईईईईई और कुछ देर तक ऐसा करते रहने के बाद लालाजी की कमर रुक गयी और वो शांत हो गए और मम्मी के ऊपर से हट गये और बेड पर लेट गए। मम्मी ने अपनी साड़ी को नीचे कर लिया और रोने लगी।

तो लालाजी ने मम्मी को अपने से चिपकाया और कहा कि रोने की ज़रूरत नहीं है प्रेमा, तुम्हे भी इसकी ज़रूरत है। तुम्हारा पति भी बाहर रहता है, तुम्हे भी तो अपने जिस्म की आग बुझाने के लिए कोई ना कोई चाहिए और उन्होंने कहा कि देखो तुम्हारा पति यहाँ नहीं और तुम तीनों को देखने वाला कोई होना चाहिए। में तुम तीनो का ख्याल रखूँगा और यह बात कहकर उन्होंने मेरी मम्मी को गले से लगा लिया।       “Apni Tange Kholi”

अब मम्मी ने भी रोना बंद कर दिया था और लालाजी धीरे धीरे मेरी मम्मी की पीठ सहलाने लगे और गालों पर किस करने लगे और कुछ देर बाद लालाजी ने अपनी धोती पहन ली। तो में भी चुपचाप होकर सो गयी क्योंकि अब मुझे डर लगने लगा कि कहीं लालाजी मुझे देख ना ले और सुबह जब में उठी तो मैंने देखा कि मम्मी बिल्कुल ठीक है और वो अपने काम में लगी हुई थी। में मम्मी के पास गयी और मम्मी से पूछा कि मम्मी आप कैसी है?

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तो मम्मी ने हंसकर जवाब दिया कि अच्छी हूँ। लेकिन आज तू मुझसे यह सब क्यों पूछ रही है? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं मम्मी मैंने कल रात को एक डरावना सपना देखा था और में डर गयी। तो मम्मी ने मुझे लगे लगाया और कहा कि डरने की क्या बात है, में हूँ ना।

दोस्तों मैंने मम्मी से कुछ नहीं कहा कि मैंने कल रात को क्या देखा? लेकिन मम्मी और लालाजी के साथ रात का वो हादसा मेरे दिमाग़ में बैठ गया और धीरे धीरे में बड़ी होती गयी और लालाजी और मम्मी के बीच इस नाजायज़ संबंध को देखती रही। लेकिन मैंने मम्मी को कभी भी नहीं रोका, शायद अब मुझे भी यह सब देखने में मज़ा आ रहा था। लालाजी बराबर मेरे घर पर आते थे और मम्मी टाँगे खोल देती थी और कभी कभी तो रात भर वो मेरी मम्मी को चोदते और रात भर में मम्मी की चिल्लाने की आवाज़ सुनती थी।                  “Apni Tange Kholi”

इन आवाजों से मुझे बहुत मज़ा आता था और फिर एक रात की बात है, रोज़ की तरह लालाजी अंदर आए और मम्मी उन्हे लेकर अंदर चली गई और दरवाजा बंद कर लिया और दोनों बैठकर बातें करने लगे। मुझे आज भी याद है, उस दिन मैंने सलवार सूट पहन रखा था। तो लालाजी ने मम्मी के बूब्स को पकड़ रखा था और उसे दबा रहे थे। उन्होंने देखते ही देखते मेरी मम्मी की साड़ी को उतार दिया और अब मम्मी उनके सामने सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज में थी और लालाजी ने भी अपनी धोती को खोल दिया और अपना कुर्ता उतारकर मम्मी के सामने नंगे खड़े हो गये। मुझे लालाजी का शरीर बहुत पसंद था, क्योंकि उनका शरीर बहुत मजबूत, वो लंबे चौड़े और उनका लंड बहुत मोटा, काला और बड़ा था।

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तो मम्मी बेड पर बैठी हुई थी और लालाजी उनके सामने आकर खड़े हो गये, मम्मी ने उनका लंड पकड़ा और धीरे धीरे सहलाने लगे। धीरे धीरे लालाजी का मोटा लंड तनकर खड़ा हो गया। मुझे ऐसा लग रहा था कि में खुद लालाजी का लंड सहला रही हूँ। में हमेशा महसूस करती थी कि जैसे लालाजी मम्मी की टाँगे खोलते है, मेरी भी खोले और मुझे अच्छे से पता है कि में इस दर्द को बर्दाश्त नहीं कर सकती। लेकिन पता नहीं क्यों?                                                                                            “Apni Tange Kholi”

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लालाजी ने मुझे पागल कर दिया था। फिर मैंने अपना हाथ अपनी सलवार के अंदर घुसा दिया और अपनी चूत पर रगड़ने लगी। कुछ देर में मम्मी ने लालाजी का लंड अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी। लालाजी ने मेरी मम्मी के बालों को पकड़ लिया और उनके मुहं में अपना लंड अंदर बाहर करने लगे और अब उन्होंने मेरी मम्मी के ब्लाउज को खोल दिया और उनकी ब्रा को खींचकर निकाल दिया। मम्मी के बूब्स पर ब्रा के निशान दिख रहे थे। तो लालाजी ने मम्मी के बूब्स को पकड़ा और अपने मुहं में ले लिया और अब मम्मी के निप्पल लालाजी के मुहं में थे।

फिर लालाजी कभी मम्मी के निप्पल चूसते, तो कभी उनके बूब्स के आसपास चूमते। लालाजी ने मम्मी को लेटा दिया और मम्मी की साड़ी को उनकी कमर तक उठा दिया। मम्मी ने काली कलर की पेंटी पहन रखी थी। लालाजी अपना मुहं मम्मी की चूत के पास ले गये और थोड़ा सूंघने लगे और मुझे यह सब बहुत अच्छा लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि जैसे मम्मी की जगह, वहां पर में हूँ और अब मेरी योनि थोड़ा थोड़ा पानी निकाल रही थी।                                                                              “Apni Tange Kholi”

लेकिन मुझे ऐसा सुखद एहसास कभी नहीं हुआ था। तो लालाजी ने मम्मी की पेंटी को निकाल दिया। मम्मी की योनि पर बहुत बाल थे। लालाजी ने अपनी दो उंगलियों से मम्मी की योनि को फैला दिया और उसे अपनी जीभ से चाटने लगे। मम्मी ने लालाजी के बाल पकड़ रखे थे और अपने दातों से अपने होंठ दबाकर सिसकियाँ ले रही थी। लालाजी दो उंगलियां अंदर बाहर करते हुए मम्मी की योनि को चाट रहे थे। मुझे अपनी सू-सू वाली जगह पर बहुत अजीब महसूस हो रहा था और में अपने हाथों से अपनी योनि रगड़ रही थी और अब लालाजी बेड पर लेट गये और उन्होंने मम्मी से ऊपर आने को कहा। मम्मी ने वैसा ही किया और वो अपनी दोनों टाँगे खोलकर लालाजी के लंड पर बैठ गई और उनका पूरा लंड मेरी मम्मी की योनि में समा गया।                                                                     “Apni Tange Kholi”

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तो मम्मी ने अपने हाथ लालाजी की छाती पर रखा हुआ था और ऊपर नीचे हो रही थी। लालाजी मम्मी का पूरा सहयोग दे रहे थे। उनके चूतड़ को अपने हाथों से सहारा देकर ऊपर नीचे होने में मदद कर रहे थे। मम्मी अह्ह्ह्ह ओह उईईई कर रही थी और कुछ देर तक ऐसे होने के बाद लालाजी ने मम्मी की कमर को पकड़ते हुए नीचे पटक दिया और खुद उनके ऊपर चड़ गये और एक ही झटके में अपना मोटा लंड मेरी मम्मी की योनि में घुसा दिया।

उन्होंने अपने हाथ पीछे करके मम्मी की गर्दन को ज़ोर से पकड़ लिया और मम्मी के निप्पल अपने मुहं में लेकर मेरी मम्मी को चोदने लगे और फिर मम्मी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी उईईईईईइ माँ आआआहह ना आआहह नहीं आयाईईईईई लालाजी थोड़ा धीरे धीरे कीजिए में मर जाउंगी। तो लालाजी ने मम्मी से कहा कि साली रंडी चिल्ला मत, जैसे मन करेगा में तुझे चोदूंगा, तू रांड है, तेरे इतने गरम जिस्म को में ऐसे ही नहीं छोड़ूँगा और ज़ोर ज़ोर से मम्मी को चोदने लगे।                                         “Apni Tange Kholi”

मुझे लालाजी की बातों का बुरा नहीं लगा, जो भी उन्होंने मम्मी से कहा क्योंकि एक तो लालाजी मर्द थे और उन्हे पूरा हक था मम्मी को जानवरों की तरह चोदने का और दूसरा उन्होंने इतने सालों से हमारे परिवार का ख्याल रखा है। हर समय मम्मी को पैसा देते थे, कभी हमारी स्कूल की फ़ीस, घर का खर्च और हर चीज़ का बहुत अच्छे से ख्याल रखा, या ऐसा कह सकते है कि वो मेरी मम्मी को बीवी की तरह रखते थे।

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