माँ ने लालजी के सामने अपनी टाँगे खोली-3

Maa Ne Lalaji Ke Samne Apni Tange Kholi-3

अब मम्मी के दोनों पैर हवा में थे और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी। लालाजी मम्मी को पागलों की तरह चूम रहे थे और चोद रहे थे। तो कुछ देर चोदने के बाद उन्होंने अपना वीर्य मेरी मम्मी की बच्चेदानी में गिरा दिया और उनके ऊपर लेटे रहे और मम्मी को किस करते रहे। उसके बाद वो मेरी मम्मी के ऊपर से हट गये और बेड पर लेट गये। उनके काले से लंड पर अभी भी उनका वीर्य लगा हुआ था।          “Apni Tange Kholi”

मम्मी ने उसे अपनी जीभ से चाटकर साफ किया, शायद लालाजी का वीर्य उन्हे अच्छा लगता था और उसके बाद मम्मी लेट गई। उन्होंने अपनी साड़ी को सीधा कर लिया और अब में भी शांत हो गयी थी। लेकिन अब मेरी योनि ने पानी छोड़ना बंद कर दिया था। में अपने बेड पर चली गयी और लेट गयी। लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी, क्योंकि लालाजी का काला, मोटा लंड, चौड़ी छाती और मोटी जांघो ने मुझे पागल कर दिया था।

मुझे ऐसा लगता था कि जैसे में अब बड़ी हो गयी हूँ और लालाजी मुझे भी चोद दे। दोस्तों, मेरी बहन मेरे पास में सो रही थी, लेकिन उसकी भी परवाह ना करते हुए मैंने अपनी सलवार जांघ तक सरका ली और अपनी पेंटी भी। मेरी पेंटी गीली हो चुकी थी और फिर मैंने अपनी योनि पे हाथ रखा और सोचने लगी कि लालाजी मेरी योनि सूंघ रहे है और चाट रहे है और में रगड़ने लगी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।  मैंने कुछ देर तक ऐसा ही किया। उसके बाद मुझे सू-सू आ गयी और में बाथरूम में चली गयी।                                     “Apni Tange Kholi”

तो मैंने देखा कि मम्मी के कमरे कि लाईट अभी तक जाली हुई थी। मैंने पेशाब किया और फिर से वो सब देखने लगी। लालाजी मम्मी को किस कर रहे थे और दोनों धीरे धीरे बातें कर रहे थे। तो मम्मी ने कहा कि आप हमेशा मेरे पास रहते है, आपकी बीवी आपसे कुछ नहीं कहती क्या? लालाजी हंसने लगे और कहा कि उसे पता है कि तू मेरी रानी है और उसे क्या सारे गावं को पता है कि तू मेरी रखैल है। तो मम्मी चुपचाप सुनती रही।

हिंदी सेक्स स्टोरी :  टेलर ने मम्मी की चूत की गर्मी शांत की

लालाजी ने कहा कि देख प्रेमा तू सबके बारे में ज्यादा मत सोच। तुझे भी पता है कि अगर में तेरे साथ नहीं होता तो आज तू कितनो का बिस्तर गरम कर चुकी होती और उन्होंने कहा कि में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ, अगर तू मुझे पहले मिली होती तो में तुझसे शादी कर लेता और यह बात कहकर मम्मी को गले लगा लिया और मम्मी ने भी लालाजी को दोनों हाथ पीछे करते हुए गले लगा लिया। वो दोनों एक दूसरे को किस करने लगे।                                                 “Apni Tange Kholi”

तो लालाजी ने मम्मी से कहा कि तुझे किसी चीज़ के बारे में सोचने की ज़रूरत नहीं है। में हमेशा तेरे साथ हूँ और तेरा ख्याल रखूँगा, बस तू मेरी बनकर रह। तो मम्मी ने भी लालाजी से कहा कि में भी आपसे बहुत प्यार करती हूँ। जब आपने पहली बार मेरे साथ ज़बरदस्ती की थी तो मुझे बहुत रोना आया था, लेकिन अब में आपके बिना नहीं रह सकती। आपको जब भी मेरी ज़रूरत पड़ेगी, में आपके साथ रहूंगी।

लालाजी को मम्मी की यह बात बहुत अच्छी लगी और उन्होंने मम्मी के गालों को पकड़कर उनके होंठो पर किस किया। फिर सर पर और उसके बाद उन्होंने मेरी मम्मी के बूब्स पकड़ लिए और मम्मी की एक निप्पल को अपने मुहं में ले लिया। मम्मी ने अपने हाथ को पीछे करते हुए पलंग को पकड़ लिया, जिसकी वजह से उनके बूब्स आगे की तरफ तन गये थे। उन्होंने मेरी मम्मी की साड़ी को कमर तक कर दिया और मम्मी की टाँगे खोलकर उनके ऊपर लेट गये और मम्मी के बूब्स को चूसने लगे। उन्होंने मम्मी के बूब्स पर एक थप्पड़ मारा, मम्मी के बूब्स हिल गये और उनकी चीख निकली।                                                  “Apni Tange Kholi”

तो लालाजी ने कहा कि चिल्ला मत वरना तेरी बेटियाँ उठ जाएगी और उन्होंने मम्मी के बूब्स पर एक और थप्पड़ मार दिया। लालाजी ने पूछा कि बोल तेरा राजा कौन है? तो मम्मी ने दर्द भरी आवाज़ में कहा कि आप है। उन्होंने मम्मी को बैठा दिया और अपना लंड उनके मुहं में लंड दे दिया और मम्मी उसे अंदर बाहर करने लगी और कुछ देर में उनका लंड खड़ा हो गया तो में समझ गयी थी कि अब मम्मी फिर से चुदने वाली है। लालाजी ने मम्मी को उल्टा लेटा दिया और मम्मी के चूतड़ को सहलाने लगे। उन्होंने मम्मी की गांड के छेद को चौड़ा किया और उसे नाक डालकर सूंघने लगे।                                                                   “Apni Tange Kholi”

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।
हिंदी सेक्स स्टोरी :  माँ की चुदाई देख मज़ा आ गया: भाग 3

दोस्तों मैंने ऐसा करते हुए उन्हे पहले कभी नहीं देखा था इसलिए में और मज़े से देखने लगी। फिर कुछ देर उसे चाटा और थूक से गीला कर दिया और अब उन्होंने मम्मी को खड़ा किया और उन्हे दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। मम्मी लालाजी के सामने पूरी नंगी हो चुकी थी। फिर लालाजी इधर उधर कुछ ढूँडने लगे तो मम्मी ने पूछा कि क्या चाहिए? उन्होंने कहा कि तेल की शीशी कहाँ है और मम्मी ने उन्हे तेल लेकर दिया। उन्होंने अपने लंड पर सरसों का तेल लगाया और मम्मी के पीछे आकर खड़े हो गये। तो मम्मी थोड़ी सी झुक गयी और उन्होंने अपने हाथ पीछे करके अपनी गांड के छेद को फैला लिया।

तो लालाजी ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया और उन्होंने अपना लंड उनकी गांड की छेद पर रख दिया और एक जोरदार झटका दिया मम्मी की चीख निकल गई और लालाजी के लंड का ऊपर का हिस्सा मम्मी की गांड के छेद के अंदर था। तो लालाजी ने एक और झटका देते हुए अपना पूरा लंड मेरी मम्मी की गांड के अंदर डाल दिया और अपनी कमर हिलाने लगे और मम्मी अह्ह्ह्हह ओफफफफफफ आईईईईईईईईईई और अब मम्मी को दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था।                                   “Apni Tange Kholi”

तो लालाजी ने मम्मी को सीधा किया और हाथ आगे की तरफ करके मम्मी के बूब्स को पकड़ लिए और लंड अंदर बाहर करने लगे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि मैंने उन्हे आज तक मम्मी की गांड मारते हुए नहीं देखा था। मम्मी की आँखे बंद थी और वो सिसकियाँ लेकर लालाजी से चुद रही थी और मम्मी चुदते चुदते लालाजी को राजा राजा कह कर पुकार रही थी, जैसे कि राजा धीरे कीजिए दर्द हो रहा है या राजा बस कीजिए, कितना करोगे?

हिंदी सेक्स स्टोरी :  दोस्त ने माँ को चूतिया बनाकर चोदा-3

लेकिन मुझे बिल्कुल भी ध्यान नहीं रहा कि शायद उनकी नज़र भी मुझ पर पड़ सकती है और अचानक लालाजी ने मुझे देख लिया। में जल्दी से झुक गयी और घुटनों के बल चलते हुए अपने रूम में जाकर लेट गयी और अब मुझे बहुत डर लगने लगा क्योंकि अगर उन्होंने मम्मी से कह दिया तो क्या होगा क्योंकि मम्मी लालाजी के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकती थी।                            “Apni Tange Kholi”

दोस्तों में चुपचाप सो गई। उसके बाद मैंने कुछ नहीं देखा, हो सकता है लालाजी ने रात भर मम्मी को चोदा हो या बीच रात में चले गये हो। लेकिन जब में सुबह उठी तो मम्मी सो रही थी और लालाजी कमरे में नहीं थे। मेरी बहन स्कूल जा चुकी थी। इन सबकी वजह से मेरी पढ़ाई भी खराब हो रही थी। में पढ़ने में बहुत तेज़ थी।

लेकिन इन सब बातों से में रात भर सो नहीं सकती थी और मुझे हमेशा यही सब नज़र आने लगा। शायद में भी उस उम्र में आ चुकी थी कि किसी के सामने टाँगे खोल दूँ। लेकिन मुझे लालाजी से डर लगने लगा। वो जब भी घर आते मुझे घूरकर देखते और में डरकर अंदर चली जाती। तो उसके बाद भी कई बार लालाजी ने मम्मी को घर में नंगा किया और उनकी टाँगे खोली। लेकिन अब में नहीं देखती थी,               “Apni Tange Kholi”

में चुपचाप सी रहने लगी, सिर्फ़ कभी कभी रात में मम्मी की सिसकियों को सुनती थी और अपनी योनि सहलाकर काम चलाती। दोस्तों लालाजी यह बात बहुत अच्छी तरह से जानते थे कि में यह सब देखती हूँ, लेकिन उसके बावजूद वो आज भी मम्मी को चोदने आते है ।

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!