माँ ने लालजी के सामने अपनी टाँगे खोली-1

Maa Ne Lalaji Ke Samne Apni Tange Kholi-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम काजल है और यह Hot Sex Story पर मेरी पहली कहानी है। लेकिन मैंने इस पर बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है, पता नहीं यह सारी स्टोरी सच है या नहीं। लेकिन हाँ इस कहानी से मुझे प्रेरणा जरुर मिली है कि में भी अपने जीवन की एक सच्चाई आप सभी को बता सकूं। दोस्तों मेरी उम्र अभी 21 साल है और में बिहार के एक छोटे से गावं की रहने वाली हूँ और आपके सामने अपने जीवन की एक सच्चाई रखने जा रही हूँ। Maa Ne Lalaji Ke Samne Apni Tange Kholi.

मेरे परिवार में 4 लोग है। में, मेरे पापा, मम्मी और मेरी छोटी बहन। हम लोग बहुत गरीब परिवार से है और यह कहानी कुछ समय पहले की है। मेरी मम्मी का नाम प्रेमा है और वो दिखने में बहुत सुंदर है। दोस्तों मेरे गावं के सभी गैर मर्द मेरी मम्मी को घूर घूरकर देखते है और उनके पूरे बदन को गंदी गंदी नजरों से निहारते है, तो कुछ समय पहले की बात है जब में और मेरी बहन छोटी थी, तभी पापा की शहर में नौकरी लग गई और वो चले गये।

लेकिन कभी कभी ही आते थे और उस समय गावं में मेरी मम्मी, में और मेरी छोटी बहन ही रह गये और पापा के जाने का फ़ायदा बहुत लोगो ने उठना चाहा। वो हमेशा मेरी मम्मी को गंदी नज़र से देखते थे। उन्हे लगता था कि अब उनका रास्ता खुल गया है और शायद मम्मी उनके सामने अपने पैर खोल दे और वो मेरी मम्मी पर बहुत ताने मारते थे। वो कहते थे कि अब तो तेरा पति नहीं है, तू अपनी आग कैसे शांत करती होगी? मेरे पास आ जा, में तेरी आग बुझा दूँगा। लेकिन फिर मम्मी कुछ भी नहीं कह पाती थी।

दोस्तों, हमारे गावं में ही एक लालाजी है, उनका नाम सुरेन्द्र सिंह है। लेकिन गावं के सब लोग उन्हे लालाजी कह कर पुकारते है और वो गावं के बहुत अमीर आदमी है और उनका काम ही लोगो को ब्याज पर पैसे देना है। लालाजी बहुत अच्छे स्वभाव के थे। वो हमेशा हमारे परिवार का साथ दिया करते थे, क्योंकि वो पापा के बहुत अच्छे दोस्त थे। उनकी उम्र मम्मी से लगभग दस साल बड़ी थी और इसलिए मम्मी उनकी बड़ी इज़्ज़त किया करती थी और वो हमारे घर पर बराबर आया जाया करते थे, क्योंकि पापा ने उनसे कुछ पैसे ब्याज़ पर लिए हुए थे इसलिए वो घर पर आते थे और मम्मी से पूछते कि पापा घर कब आएँगे। अब में आप सभी का ज्यादा टाईम ना लेते हुए सीधे कहानी पर आती हूँ।

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एक दिन की बात है, उस समय हमारे स्कूल में गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी। तो में और मेरी छोटी बहन उस समय घर में ही थी और दिन के 12 बज रहे होंगे। मेरी मम्मी नहा रही थी कि अचानक दरवाजे पर कोई आया। तो मम्मी ने मुझे दरवाजा खोलकर बाहर देखने के लिए आवाज़ दी कि कौन आया है? तो में उठकर गई और मैंने दरवाजा खोला तो देखा कि बाहर लालाजी आए है। उन्होंने मुझसे पूछा कि बेटी मम्मी कहाँ है? तो मैंने कहा कि वो तो नहा रही है।

तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं में थोड़ा इंतज़ार कर लेता हूँ और फिर मैंने उनको घर में अंदर बुलाया और अपने रूम में ले गई, जहाँ पर हम लोग पढ़ रहे थे। तो मैंने उनसे पूछा कि काका क्या में आपके लिए चाय लेकर आ जाऊँ? तो उन्होंने कहा कि नहीं बेटा, अभी मत लाओ, बहुत गर्मी है, तुम बस एक ग्लास पानी पिला दो और में उनके लिए पानी लेकर आई और फिर बेड पर बैठ गई। तो उन्होंने हमसे पूछा कि क्या पढ़ाई हो रही है?

और हम दोनों ने उन्हे अपना किया हुआ काम दिखाया और उनसे बातें करने लग गए और मैंने मम्मी को नहीं बताया था कि लालाजी घर में ही है। तो कुछ देर बाद मम्मी नहाकर बाहर आई और अचानक से कमरे में घुसी। मम्मी सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज में थी, उन्होंने साड़ी नहीं पहन रखी थी क्योंकि मम्मी साड़ी हमेशा रूम में रखती है और नहाने के बाद रूम में आकर साड़ी पहनती है।

तो लालाजी को सामने देखकर मम्मी एकदम घबरा सी गई और उन्होंने अपने बूब्स को अपने दोनों हाथों से छिपा लिया और फिर उन्होंने मुझसे साड़ी लाने को कहा और साड़ी लेकर दूसरे रूम में चली गयी। तो लालाजी पता नहीं क्यों कुछ चुप से हो गये। लेकिन अब ना तो उन्हे हमारी नोटबुक में कुछ दिख रहा था, और ना ही हमारी बातों में और फिर मम्मी जब चाय लेकर आई तो वो भी घबराई हुई सी दिख रही थी और कुछ देर बाद लालाजी चले गये और कुछ दिनों तक वो नहीं आए। तो मैंने एक दिन मम्मी से पूछा कि लालाजी आज कल क्यों नहीं आते? तो मम्मी ने उस बात को टाल दिया और कहने लगी कि पता नहीं, हो सकता है कहीं बाहर चले गये होंगे।

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तो यह एक रात की बात है, में और मेरी बहन सो रही थी और मम्मी दूसरे रूम में सो रही थी कि अचानक दरवाजे पर दस्तक हुई और फिर मम्मी उठकर गेट खोलने गयी और में भी डर से उठ गई कि कौन आया? तो मैंने देखा कि लालाजी है और फिर वो अंदर आए और मम्मी ने दरवाजा बंद कर दिया। दोस्तों, उस समय मेरे रूम की लाईट बंद थी, इसलिए शायद उन्हे पता नहीं चला कि में भी उठी हुई हूँ।

तो मम्मी ने पूछा कि आप इस समय यहाँ? तो उन्होंने कहा कि हाँ, तुमसे कुछ काम है और फिर मम्मी और लालाजी मम्मी के रूम में चले गये। उनके कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। लालाजी मम्मी के बेड पर बैठ गये। मम्मी ने पूछा कि इतनी रात को आप क्यों आए हो और क्या बात है? तो लालाजी चुपचाप मम्मी को घूर रहे थे, शायद उन्होंने शराब पी रखी थी। उन्होंने मम्मी के जिस्म को ऊपर से नीचे तक देखा और कहा कि प्रेमा तुम बहुत सुंदर हो।

तो मम्मी ने कहा कि लालाजी आप यह क्या कह रहे हो? लालाजी ने पूछा कि प्रेमा क्या तुम्हे अपने पति की याद नहीं आती? तो मम्मी एकदम चुपचाप उनकी बातें सुन रही थी और उन्होंने कहा कि प्रेमा अगर तुम चाहो तो में तुम्हारे सारे पैसे माफ़ कर दूंगा और में उसके आलावा भी तुम्हे जो चाहिए सब दूँगा।                                                                      “Apni Tange Kholi”

तो मम्मी ने कहा कि यह सब कैसे हो सकता है? उन्होंने कहा कि हाँ, हो सकता है अगर तू अपनी टाँगे मेरे सामने खोल दे तो, मम्मी ने कहा कि नहीं लालाजी ऐसा मत कहिये, में आपकी बहुत इज़्ज़त करती हूँ और आपके मुहं से यह बातें अच्छी नहीं लगती। तो लालाजी ने कहा कि मुझे तुम बहुत पसंद हो, में बहुत दिनों से तुम्हे चोदना चाहता हूँ और आज में अपनी हवस शांत करके रहूँगा और यह कहकर उन्होंने मम्मी को खींचकर अपने से चिपका लिया। तो मम्मी छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।

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लेकिन कुछ ना कर सकी और देखते ही देखते लालाजी ने मम्मी के गालों को चूम लिया। उन्होंने मम्मी को जकड़ रखा था, मम्मी रो रही थी और अब मुझे बहुत डर लगने लगा कि यह क्या हो रहा था? क्योंकि आज तक मैंने यह सब नहीं देखा था। लेकिन में फिर भी चुपचाप यह सब देखती रही। फिर लालाजी ने मम्मी को बेड पर उल्टा लेटा दिया। मम्मी रो रही थी और उनसे छोड़ने को कह रही थी, प्लीज़ लालाजी मेरे साथ ऐसा मत कीजिए।                                                                        “Apni Tange Kholi”

लेकिन लालाजी ने मेरी मम्मी की एक ना सुनी और मेरी मम्मी की साड़ी को उठा दिया। उन्होंने मेरी मम्मी के दोनों हाथों को पकड़ रखा था इसलिए मम्मी कुछ नहीं कर सकती थी। फिर लालाजी ने मम्मी के चूतड़ को देखा, मम्मी ने पेंटी नहीं पहन रखी थी। उनकी गोल गोल चूतड़ देखकर लालाजी पागल हो गये और उनकी गांड पर हाथ घुमाने लगे। उसके बाद लालाजी एक हाथ से अपनी धोती को खोल दिया और मम्मी के ऊपर लेट गये। उन्होंने पीछे से मम्मी की दोनों टाँगे फैला दी थी। मम्मी चिल्ला रही थी और में बहुत डर गयी थी और अब मुझे लालाजी से डर लगने लगा था इसलिए में अपने मुहं को बंद किए यह सब देखती रही।                       “Apni Tange Kholi”

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