मैडम की गांड मारकर लंड की आग शांत की– 3

Madam ki gaand markar lund ko shant ki- 3

कहानी के दूसरे भाग में आपने जाना कि किस तरह से मैंने मैडम की चूत मारी।फिर अलग अलग तरीकों से मैडम के हॉट सेक्सी जिस्म का मज़ा लिया। अब मेरा लन्ड मेडम की गांड मारने के लिए तैयार था। अब आगे………….

अब मैंने कल्पना मैडम से गांड़ मरवाने के लिए कहा।
मैडम– नहीं रोहित प्लीज उसमे मत डालना।बहुत ज्यादा दर्द होता है।
मैं–क्यो इतना दर्द क्यो होता है?
मैडम– पता नहीं लेकिन एक बार तुम्हारे सर ने मेरी गान्ड मार दी थी तो बहुत ज्यादा दर्द हुआ था तब से मैंने गांड़ मरवाना ही बंद कर दिया।
मैं– लेकिन मैडम मै तो गांड़ मारे बिना आपको जाने नहीं दूंगा।
मैडम– नहीं रोहित,मै नहीं मरवाऊं।तेरा लंड तो वैसे भी बहुत बड़ा है,ये तो मेरी हालत ही खराब कर देगा।पहले से ही मै इतना चुद चुकी हूं।
मैं– थोड़ी देर पहले तो आप कह रही थी कि जहां तुम चाहो उस छेद में लंड डाल लेना। अब क्या हुआ?
मैडम– वो तो मै ऐसे ही कह रही थी।

मैं– ऐसे कैसे मैडम, अब तो मेरा लन्ड आपकी गांड़ मारे बिना नहीं मानेगा।
मैडम–सब मान जाएगा। लाओ मैं तुम्हारे लंड को ठंडा कर देती हूं
मैं– मैडम ठंडा तो अब ये आपकी गांड़ में ही होगा।
मैडम– देख रोहित,कुछ देर बाद प्रिंसिपल मैडम आने वाली है, तू जल्दी से एक बार और मेरी चूत में डाल ले। बस।
मैं– नहीं मैडम जाएगा तो आपकी गांड़ में ही।
मेडम– मै गांड़ नहीं देने वाली। लेना हो तो चूत लेे लेे नहीं तो मै कपड़े पहन लूंगी।

मेडम– जल्दी बोल क्या करना है।
मैं– सिर्फ अब तो आपकी गांड ही चाहिए।
मुझे नहीं देनी गांड़ वांड। अब मैडम गुस्सा होकर बेंच के नीचे पड़ी पैंटी उठाने लगी। तभी मैंने मैडम को पिछे से पकड़ लिया और मैडम की शानदार सेक्सी गांड़ में लंड सटाने लगा।मैडम झटपटाने लगी।
मैडम– रोहित ये तू क्या कर रहा है।
मैं– वहीं कर रहा हूं जो मुझे करना चाहिए।

मैडम– देख रोहित मुझे छोड़ दें,मुझे गांड़ नहीं मरवानी। जो चीज मै मेरे पति को नहीं मारने देती तो फिर तुझे क्यो मारने दू।
मैं– मैडम वो आपकी प्रॉबलम है।लेकिन मै इतना जानता हूं जितना मज़ा मैंने आपको दिया है अब आप भी मुझे उतना मज़ा दो। और वैसे भी मैडम गांड़ मरवाने में बहुत ज्यादा मज़ा आता है।ऐसा मैंने सुना है। आप प्लीज एक बार गांड़ मरवा कर तो देखो।अगर ज्यादा दर्द हुआ तो मैं आपकी गांड नहीं मारूगा।
अब मेडम चुप हो गई। अब मै समझ गया कि मेरी बातों का असर मैडम पर हो रहा है।
मैं– चलिए जल्दी से घोड़ी बन जाइए।नहीं तो फिर हम लेट हो जाएंगे।

मैडम– अरे यार तू नहीं मानेगा।
अब मेडम नखरो को ताक पर रखकर बेंच को पकड़कर हॉल की गेलरी में घोड़ी बन गई।
मैडम– ऊंह,लेे बन गई घोड़ी। अब मार लेे तेरी मैडम की गांड। क्या दिन आया है मै अपने ही स्टूडेंट से गांड़ मरवा रही हूं।
मैं– मै तो अपने आप को बहुत भागयशाली समझ रहा हूं जो मुझे मेरी मैडम की गांड मारने को मिल रही है।
मैडम– हां तुझे तो जवानी की शुरुआत में ही मस्त माल मिल गया।
मैं – ओह मैडम तो आप आपने आप को माल समझती हूं।
मैडम– इसमें समझने वाली क्या बात है,मै माल हूं ही सही,तभी तो पूरे स्कूल के लड़के और जेंट्स टीचर मुझे ताड़ते रहते हैं।
मैं– हां ये तो सच बात कहीं आपने।

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अब मैंने मैडम की गांड के सुराख में लंड का सुपाड़ा टिकाया और मैडम की कमर को अच्छी तरह से पकड़ लिया।तभी मैंने लंड को पीछे सरका कर ज़ोर से धक्का लगाया। लेकिन ये क्या मेरा लंड मैडम की गांड के सुराख में घुसा ही नहीं।वो तो छेद के इधर उधर ही लग पाया।
मैडम– अच्छे से पहले छेद में रख।
मैं– ठीक है मैडम।
अब मैंने अच्छी तरह से मैडम की गांड के छेद में लंड रख लिया और फिर ज़ोर से मेरी गांड़ का पूरा ज़ोर लगाकर धक्का लगाया तो मेरा लन्ड मैडम की गांड में आधा घुस गया।लंड अंदर घुसते ही मैडम दर्द से बिलबिला उठी।
मैडम– आईईईई, मम्मी मर गई।प्लीज बाहर निकाल ले रोहित,नहीं तो मेरी गांड फट जायेगी।
मैं– मैडम अब झेलो मेरे लन्ड को।

तभी मैंने फटाफट तीन चार धक्के मैडम की गांड में लगा दिए। अब मेडम ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी।मैंने मैडम की चीखे निकाल दी।
मैडम– आआईईईई,,,, म्म्मीरेरेर मर गई। आईईईई आईईईई ,आह आह ओह,आईईईई ओह आह ऊंह आह ऊंह ओह आह आईईईई। नहीं झेला जा है रोहित।
मैं– झेलने की कोशिश करो मैडम।
आपकी गांड़ बहुत ज्यादा मोटी है,आह आह ओह मैडम ,,आज तो मेरे लंड की मुराद पूरी हो गई।आह आह ओह, बहुत मज़ा आ रहा है। आज तो मैं आपकी गांड फाड़ डालूंगा।
अब मैं धकाधक मैडम की गांड मारने लगा।कुछ देर में ही मेरा लंड मैडम की गांड की आंतरिक कंदराओं को चीरता हुआ पूरा का पूरा गांड़ के अंदर सामने लगा। अब मेडम दर्द से छटपटाने लगी।मेरे लन्ड से मैडम की गांड फट चुकी थी। मैं बिना सांस लिए लगातार मैडम की गांड में लंड पेल रहा था। मैं पसीने में पूरा लथपथ हो चुका था।
मैडम– आईईईई आईईईई ओह ओह आह ओह आह ओह।

मैं– ओह मैडम आपकी गांड बहुत ज्यादा मस्त है।आह आह ओह बहुत मज़ा आ रहा है।आह आह।
कुछ देर की खतरनाक धक्कमपेल से मैडम की गांड का सुराख ढीला पड़ने लगा। अब कल्पना मैडम का हॉट सेक्सी फिगर थर थर कांपने लगा।उनकी मज़बूत गांड़ हिचकोले खाने लगी।तभी फर्श पर टप टप रस गिरने लगा। मैं समझ गया कि मैडम की सेक्सी बॉडी मेरे लन्ड का कहर ज्यादा देर तक नहीं झेल पाई और मैडम ने चूत रस बहा दिया।
अजब गजब नज़ारा था यारो जिस कल्पना मैडम को चोदने के लिए कभी मै आहे भरता था आज उसी कल्पना मैडम की हमारी क्लास में ही गांड मार रहा था।मैडम बेंच को पकड़े हुए दर्द से तड़प रही थी और मैं ताबड़तोड़ मैडम की गांड़ मारे जा रहा था।मैडम की चूत में से टप टप टप रस फर्श पर टपक रहा था।
चूत रस निकलने और गांड़ की बहुत देर तक चुदाई होने की वजह से धीरे धीरे मेडम का दर्द कम होने लगा। अब वो आह आह ओह आह आह आह ऊंह करती हुई गांड़ मरवाने का रस लेने लगी।

मैं– ओह मैडम आह आह ओह आह ओह आह दिल करता है कि रोज आपकी गांड मारू? मुझे आपकी गांड़ बहुत अच्छी लगती है।
मैडम– आह आह ओह आह ओह ऊंह रोहित। अब बस कर यार।छोड़ दें अब तो।
मैं– मैडम अभी मेरे लन्ड की आग शांत नहीं हुई है।
मैडम– ओह रोहित, ये तेरा लंड आज मुझे तो मार ही डालेगा।
मैं गांड हिला हिलाकर मैडम की गांड़ मारे जा रहा था।मेरा लंड बुरी तरह से घिस चुका था लेकिन मैडम की। गांड़ मारने का जुनून कम नहीं हो रहा था।

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अब मेरा निकलने वाला था। अब मैंने मैडम की गांड़ को कसकर पकड़ा और पूरा का पूरा माल मैडम की गांड में भर दिया। अब बेहाल होकर मैडम के हॉट सेक्सी जिस्म का ऊपर ही पड़ा रहा।
मैडम– रोहित ,अब तो उठ जा।तेरी मुराद पूरी हो गई है।
मैं– मैडम अभी तो लंड की आग बाकी है।
मैडम– ओह रोहित,क्या तेरा लंड घोड़े का है क्या जो थक ही नहीं रहा है?
मैं– हां मैडम ऐसा ही कुछ समझ लो।

मैडम मेडम ने आगे सरककर पूरी बॉडी बेंच पर टीका दी। अब मैं मैडम की गांड़ से चिपककर मैडम की हॉट चिकनी पीठ पर किस करने लगा।मैडम आह ओह ऊंह आह ओह करती हुई मादक सिसकारियां भरने लगी।धीरे धीरे मेरा लन्ड फिर से मचलने लगा। अब तक मैंने मैडम की पीठ पर चुम्बनों की बारिश कर डाली। अब मैं नीचे बैठकर मैडम के चूतड़ों को सहलाने लगा।फिर मै मैडम के चूतड़ों को किस करने लगा। एक मैडम की चूत बुरी तरह से कुलबुलाने लगी।इधर मेरा लन्ड भी अब लोहे की छड़ बनकर फिर से खड़ा हो चुका था।

अब मैंने मैडम को बेंच पर से उठाया और उन्हें चेयर पर बैठा दिया। अब तक मैडम चुद चुदकर बेहाल हो चुकी थी।उनकी चिकनी चूत का भोसड़ा बन चुका था और गांड़ का गोदाम बन चुका था। अब मेडम की हालत ऐसी हो चुकी थी कि उन्हें किसी भी तरह से चोदो तो वो आनाकानी भी नहीं कर सकती थी। वो बुरी तरह से थककर चूर चूर हो चुकी थी।
तभी मैंने मैडम को चेयर पर पेट के बल लेटा दिया जिससे मैडम ने आगे हाथ टिका लिए और पीछे पैर टिका लिए। अब मेडम के बाल आगे की ओर से उनके चेहरे को ढक रहे थे। अब मैंने मैडम की गांड़ के सुराख में लंड टिकाया और मैडम की कमर को पकड़ कर उनकी लाल गांड़ में लंड पेलने लगा।

मैडम– आह आह ऊंह ओह आह रोहित प्लीज अब तो रहने दो ना।
मैं– बस मैडम थोड़ी देर और।आह ओह आह आह आह मैडम। बड़ा मज़ा आ रहा है।
मैडम– ओह रोहित तूने तो मेरी गांड़ फाड़ दी।ओह आह ओह आह आह।
मैं अब आराम से मैडम की गांड़ मार रहा था और मैडम भी बड़ी आराम से गांड़ में मेरा लन्ड लेे रही थी।वो मदहोश होकर बड़बड़ाती हुई जा रही थी। मैं भी चुदाई के नशे में चूर होकर मैडम की गांड़ पेले जा रहा था। तभी फिर से मैडम की बॉडी कांपने लगी और मुझे मैडम की जांघो पर चूत रस झरता हुआ मज़ा आया।मैडम फिर से पानी पानी हो चुकी थी।
मैडम– ओह रोहित, आह आह ओह बस करो यार।

मैडम बुरी तरह से नतर चुकी थी।लेकिन मेरा हब्सी लंड अभी भी मैडम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हो रहा था।
अब मैंने मैडम को चेयर पर से उठाया  और एक बेंच को चेयर के पास खिसका लिया। अब खुद मै चेयर पर बैठ गया और मैडम को मेरी गोद में बैठा लिया। अब मेडम ने दोनों हाथ आगे बेंच पर टिका दिए। अब मैंने लंड पकड़कर मैडम की गांड़ के सुराख में फंसाया और फिर मैडम को गांड़ ऊपर नीचे करने के लिए कहा।
अब मेडम गांड़ ऊपर नीचे करके मेरा लन्ड गांड़ में लेने लगी।

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मैं– आह आह ओह। मैडम और हिलाओ गांड़ को।आह आह ओह  बहुत मज़ा आ रहा है।आह आह ओह।
मैडम– ओह रोहित आज तू पता नहीं क्या क्या करवा रहा है।
मैं,– बस ऐसे ही करती रहो मैडम।बहुत अच्छा लग रहा है।आह आह ओह आह।
मैडम– अब मैं तो थक गई। अब और नहीं होता मुझसे।
मैं– ओह मैडम आप,इतनी जल्दी हार गई। अभी तो दम लगाओ।
मैडम– अब दम नहीं बची है।

खैर अब सच में मैडम बहुत ज्यादा थक चुकी थी।उनकी हालत पतली हो चुकी थी। अब मैंने मैडम को नीचे उतारा और उन्हें हॉल के बीचोबीच गेलेरी में लेटा दिया और फिर मैडम की टांगो को फोल्ड करके ताबड़तोड़ मैडम को चोदने लगा। अब मेडम धीरे धीरे आह आह ऊंह आह ऊंह ओह करने लगी।बहुत ज्यादा थक जाने के कारण अब मैडम की सिसकारियां भी नहीं निकल रही थी।खैर थोड़ी देर की चूत चुदाई के बाद मै लंड का पानी मैडम की चूत में भरकर ढेर हो गया।
बहुत देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे।

अजब गजब नज़ारा था यारो हम दोनों पसीने से लथपथ होकर क्लास के हॉल के बीचोबीच में पड़े हुए थे।हमारे चारों तरफ बेंच ही बेंच थी।हमारे कपड़े चारो तरफ बेंच के नीचे इधर उधर बिखेरे पड़े थे।कुछ कुछ जगह पर गाढ़ा लावा जमा हुआ था।
फिर कुछ देर बाद मैं उठा और सारे कपड़े इक्कठे किए। फिर डस्टर से लावे के धब्बों को साफ किया। अब मैंने कल्पना मैडम को पैंटी और ब्रा पहनाई।फिर ब्लाउज पहनाकर पेटीकोट का नाडा बांध दिया। अब मेडम ने एकबार मेरे लन्ड को प्यार से देखा और मैडम लंड चूसने लग गई।फिर थोड़ी देर बाद मैडम ने मुझे अंडरवेयर पहना दी। अब मेडम ने साड़ी पहन ली और अपने चेहरे ,बालो को ठीक किया। अब मैंने भी मेरी यूनिफॉर्म पहन ली। अब मैंने मेरा बेग उठा लिया और मैडम ने भी बेग हाथ में ले लिया।

मैडम– थैंक्स रोहित, आज जिंदगी में पहली बार लंड का इतना मज़ा मिला है ।
मैं– थैंक्स टू यू मैडम,आपने मेरे लन्ड की आग शांत कर दी। उम्मीद करता हूं आगे भी आप ऐसे ही चूत देती रहेगी।
मैडम– जब जब भी मौका मिलेगा मै तुझे मेरी चूत दे दूंगी।
अब कल्पना मैडम ने स्कूल का मेन गेट बंद किया और फिर मैंने मैडम को उनके घर पर छोड़ दिया। अगले दिन जब कल्पना मैडम हमारी क्लास में आई तो उनके चेहरे पर बहुत ज्यादा मुस्कान थी। फिर वो उसी चेयर पर बैठी जिस पर बैठाकर मैंने उन्हें चोदा था।मैडम एकदम से मुस्कुरा दी ।

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