मामी जान को लंड चटा कर सुहागरात मनाई हमने

(Mami Jan Ko Lund Chata Kar Suhagrat Manai Humne)

एक दिन मेरे मामू और मामीजान हमारे घर मिलने आये क्योंकि मामू की नई नई शादी हुई थी। असल में तो वो सुहागरात मनाने के हिसाब से आये थे… Mami Jan Ko Lund Chata Kar Suhagrat Manai Humne.

मैं किसी कारण से उनकी शादी में नहीं जा पाया था इसलिए मैंने मामीजान को देखा भी नहीं था, पर जब मैंने मामीजान को देखा तो मेरे होश उड़ गए ! मामीजान मानो आसमान की परी के समान थी, एकदम गोरा रंग बड़े बड़े उरोज, लम्बे बाल ! और क्या चाहिए ! मामू की तो मानो निकल पड़ी थी !

उनके छोटे से शहर में एक छोटा सा मकान था जहाँ नाना नानी भी उसी घर में रहते थे और इसी वजह से शायद मामू और मामीजान के बीच अब तक वो नहीं हुआ था जो सुहागरात को होना चाहिए ! और मामीजान की खूबसूरती देखकर मामू को रहा नहीं जा रहा था ! इसीलिए मामू शायद मामीजान लेकर हमारे घर आये थे क्योंकि हमारा घर काफी बड़ा था ! और इन सब काम के लिए मामू को कोई परेशानी नहीं होने वाली थी ! पर कुछ ही घंटे के बाद नाना का फ़ोन आ गया कि नानी की तबियत अचानक ख़राब हो गई है और वो सीरियस है ! यह सुनकर अम्मी घबरा गई, उन्होंने कहा- मामीजान को यहीं रहने दो ! हम दोनों गाड़ी से चलते हैं !                     Mami Jan Ko Lund Chata

उन्हें मेरे खाने-पीने की चिंता थी !

मामू और अम्मी दोनों नानी को देखने के लिए चले गए !

उसी शाम को अम्मी का फ़ोन आया की नानी की हालत नाजुक है इसीलिए उन्हें कुछ दिन वहीं रुकना होगा ! इत्तेफाक से अब्बू टूअर पर चले गए थे, अब घर मैं सिर्फ मैं और मामीजान ही थे !

मामीजान नई नई थी इसलिए कुछ भी कहने में शरमा रही थी पर मैं समझ रहा था कि वो कुछ भी बोल नहीं पा रही हैं, मैंने ही पहल की, मैंने कहा- मामीजान, आपको कुछ भी चाहिए तो मुझे बताना और मुझे अपना दोस्त ही समझो !

फिर कुछ देर तक मैं और मामीजान बात करते रहे ! मामी ने कहा- हमें गुसल जाना है ! अम्मा की खबर सुनकर तो हम घबरा ही गए थे !

मैंने उनको कहा- आप मेरे ही कमरे के गुसलखाने में चली जाइये !

उन्होंने भी तौलिया लिया और मैं उनको अपने कमरे तक छोड़ने चला गया, इतने में मेरे दोस्त का फ़ोन आया तो मैं अपने कमरे में बैठ कर बात करने लगा !                                                                 Mami Jan Ko Lund Chata

थोड़ी देर बाद मैं क्या देखता हूँ कि मामीजान गुसलखाने का दरवाजा लगाना भूल गई हैं और मेरे बिस्तर से अंदर का आईना साफ़ साफ़ दीखता है ! मैंने देखा कि मामीजान नहा रही थी और उन्होंने मुँह पर साबुन लगा रखा है इसलिए शायद वो मुझे नहीं देख पा रही थी। मैंने देखा कि मामीजान का बदन ऊपर से पूरा नंगा है और नीचे सिर्फ साया है !

मेरे सामने वो औरत थी जिसका निकाह होने के बावजूद अभी तक सुहागरात भी नहीं मनी थी और उसके जिस्म को उसके शौहर ने छुआ भी नहीं था ! मेरा लंड खडा होने लगा था, मैंने उस आइने में से मामीजान को नहाते हुए देखना चालू रखा। फिर मेरे दिमाग में एक ख्याल आया, मैंने सोचा क्यों ना फ़व्वारे का पानी बंद कर दिया जाये ताकि साबुन से मामीजान की आँख ना खुले, नहीं तो मैं खेल ज्यादा देर तक नहीं देख पाऊँगा, और फिर मैंने जल्दी से मेनवाल्व बंद कर दिया जिससे गुसलखाने में पानी आना बंद हो गया !

फिर थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि मामीजान ने अपना साया भी उतार दिया और वो सिर्फ पैंटी मैं बैठी थी ! यह देखकर मेरा मन मुठ मारने का हो रहा था पर मैंने मुठ मारने से ज्यादा मजा यह नजारा देखने में समझा !

मुझे यह सब देख कर खूब मजा आ रहा था और फिर मैंने देखा की मामीजान शावर को चालू कर रही है और उसमें से पानी नहीं आ रहा है ! वो अपने कपड़ों से आँख साफ़ करने लगी ! मैं अपने बिस्तर पर ऐसे बैठ गया जैसे मैंने कुछ देखा ना हो !

मामीजान ने आँख पर से साबुन साफ़ किया और मुझे आवाज लगाई !                            Mami Jan Ko Lund Chata

मैंने भी बाहर से कहा- क्या हुआ?

मेरी आवाज सुनकर जैसे ही मामीजान ने आईने में देखा, उनके होश उड़ गए, उन्होंने देखा कि आइने में से वो मुझे और मैं उन्हें देख रहा हूँ, उन्होंने जल्दी से अपना साया उठाया और अपने शरीर को छुपाने की कोशिश करने लगी !

मैंने भी उनको देखना बंद नहीं किया और फिर बोला- क्या हुआ? क्यों मुझे आवाज लगाई?

वो बोली- शावर में पानी नहीं आ रहा है।

मैंने कहा- उसको तो अंदर से ही ठीक करना पड़ेगा !

वो बोली- आप हमें बता दो हम कर लेंगे !

मैंने कहा- नहीं होगा आप से !

मामीजान समझ गई थी कि जितना सीधा वो मुझे समझ रही थी उतना सीधा मैं था नहीं !

मुझे पता था कि मामीजान भी वासना में पागल हो रही होगी शादी होने के बाद भी अगर प्यासी चूत को लंड ना मिले तो उसकी हालत क्या होगी यह सिर्फ मामीजान ही बता सकती थीं !

मामीजान ने कहा- नाटक मत करो, जल्दी से पानी चालू करो, नहीं तो हम अंदर ही रहेंगे !

मैंने कहा- ठीक है।                                   Mami Jan Ko Lund Chata

और मैंने वाल्व खोल दिया जिससे शावर में पानी आने लगा ! मामीजान समझ गई थी कि यह मेरी चाल थी !

फिर मामीजान ने कहा- अब हमें ताकना बंद करो और वहाँ से हटो तो हम बाहर आ सकें !

जब मैंने देखा कि मैं मामीजान को ऐसे देख रहा हूँ और वो मुझे कुछ नहीं बोल रही तो मेरी भी हिम्मत बढ़ गई, मैंने कहा- आप आ जाओ ऐसे ही !

वो बोली- पागल हो क्या? हम तुम्हारे सामने ऐसे कैसे आ सकते हैं? तुम मेरे शौहर थोड़े ना हो।

तो मैंने कहा- आप तो अभी तक अपने शौहर के सामने भी ऐसे नहीं आई !

यह सुनकर मामीजान चुप हो गई और फिर बोलीं- हटो जल्दी से ! हमें बाहर आना है।

मैंने हिम्मत करके कहा- आप बाहर आती हो या मैं अंदर आ जाऊँ !

मामीजान ने कहा- अच्छा हिम्मत है?

मैंने कहा- हिम्मत !

और मैं उठा और सीधा गुसलखाने घुस गया। मामीजान बोली- अरे अरे ! यह क्या कर रहे हो? तुम तो सही में अंदर आ गए?

जब मैंने देखा कि मामीजान मेरे अंदर जाने से नाराज होने के बजाये मुझे ऐसे ही बनावटी डांट रही है तो मैं समझ गया कि अब मेरा काम हो गया !                                               Mami Jan Ko Lund Chata

फिर मैंने कहा- मामीजान, आप बहुत सुंदर हो !

वो बोली- हमें पता है ! अब बाहर निकलो जल्दी से !

मैंने कहा- नहीं, ऐसा मत करो !

मामीजान बोली- अच्छा तो क्या मर्जी है जनाब की?

मैंने कहा– मुझे आपका एक बोसा लेना है !

मामीजान– तो ले लो और सीधे बाहर का रास्ता देखो !

मैंने सीधा मामीजान को पकड़ लिया और चूमना शुरु कर दिया !!!!

मामीजान– अरे यह क्या? तुमने तो कहा था कि एक बोसा लोगे, तुम तो इतने सारे !

मैंने कहा– मामीजान मुझे पता है कि तुम भी यह सब करना चाहती हो पर मेरे सामने बन रही हो !

ऐसा कहते ही मैंने मामीजान के ऊपर का तौलिया हटा दिया जिससे मामीजान पूरी मादरजात नंगी मेरे सामने खड़ी थी ! उनका पूरा नंगा बदन देख कर मेरा लंड फनफना रहा था !                           Mami Jan Ko Lund Chata

मामीजान– यह क्या कर दिया, हमें पूरी नंगी कर दिया !

मैं– क्यों आपको बुरा लगा क्या !

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मामीजान– नहीं, हमें बुरा यह लगा कि हम तुम्हारे सामने पूरी नंगी खड़ी हैं और तुम कपड़ों में हो !

ऐसा कहते ही मामीजान मुझे पागल की तरह चूमने लगी और चूमते चूमते वो मेरा कमीज खोल चुकी थी फिर उन्होंने मेरी पैंट भी खोल दी और अब मैं उनके सामने सिर्फ चड्डी में खड़ा था !

जैसे ही मैंने उनके चूचों को चूसना शुरु किया उनके मुंह से आवाज निकलने लगी, वो चिल्ला रही थी– आआह्ह्हा ऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह उम्मा चूसते रहो ! बहोत मजा आ रहा है !

कुछ देर बोबे चूसने के बाद मैंने उनकी चूत में उंगली डाल दी वो जोर से उछल गई !

मैं– क्या हुआ?

मामीजान– ये क्या किया? धीरे करो ! हमने अभी तक अपनी चूत को बचा के रखा है, तुम पहले मर्द हो जो हमारी इस चूत का मजा लोगे!

मैं– ठीक है, अब आराम से करूँगा मेरी जान !

मामीजान ने कहा- जाओ तेल लेकर आओ !

ये तमाम हरकतें हम मेरे कमरे के गुसलखाने में कर रहे थे ! मैं नंगा ही तेल लेने चला गया और जब मैं तेल लेकर आया तो मैंने देखा की मामीजान अपने ही हाथों से अपने बोबे दबा रही हैं !                          Mami Jan Ko Lund Chata

और मैंने जाते ही मामीजान की चूत को चाटना शुरु किया !

मामीजान– आआहा ऊह्हूआ ऊऊऊऊऊऊउ अआआहा

मैं– मामीजान, मेरा लंड नहीं लोगी क्या?

मामीजान– ठीक है !

और फिर हम 69 की हालत में आ गए ! मामीजान और मैं दोनों वासना की ऊपरी हद पे थे जिसमें पाप और पुण्य कोई मायने नहीं रखता ! मेरा लंड लोहे के डण्डे की तरह कड़क हो गया था और पूरी तरह मामीजान की चूत में जाने के लिए तैयार था !

मामीजान– अब और मत तड़पाओ हमारी इस प्यासी चूत को ! जल्दी से अपने लोहे के लंड का मजा चखा दो !

मैं– ठीक है, अब मैं आपको जन्नत की सैर करवाता हूँ !

मैंने तेल लिया और सीधे मामीजान की चूत पर डाल दिया, मामीजान के पैर चौड़े किए ताकि चूत का छेद बड़ा हो जाये पर मुझे पता था कि इतने से छेद में मेरा 8 इंच का लंड नहीं जायेगा, मैंने फिर से अपनी उंगली मामी की चूत में घुसाई, तेल लगे होने की वजह से और मेरे चूत को इतना चूसने से एक उंगली आराम से मामीजान की चूत में चली गई। फिर मैंने दूसरी उंगली भी मामीजान की चूत में डाली। अब उनको थोड़ा दर्द हो रहा था !                                    Mami Jan Ko Lund Chata

मैंने सोचा कि जब मामीजान की चूत में दो उंगलियाँ नहीं जा रही हैं, तो मेरा लंड कैसे जायेगा !

फिर मेरे दिमाग में गन्दा सा ख्याल आया, मैंने सोच लिया कि आज तो मामीजान की चूत को फाड़ डालना है, मैंने सीधा अपना लंड टाइट किया और मामीजान की टांगें चौड़ी की और फिर धीरे से अपना लंड मामीजान की चूत के ऊपर रगड़ने लगा !

मामीजान को मस्ती छाने लगी और वो बोली- फाड़ दो हमारी चूत को !

मैंने सीधा अपना लंड मामीजान के छेद पर रखा और एक ही झटके मैं अपना आधा लंड मामीजान की चूत में डाल दिया, मामीजान जोर से चिल्लाई, उन्हें अंदाजा भी नहीं होगा कि उनको इतना दर्द होगा !

उनके मुँह से आवाज निकली– आआआआआआआह्हाआआ……….. मर गईईईई….

मैं अपना आधा लंड मामी की चूत में डाल कर रुका हुआ था, फिर मैंने एक और झटके से अपना पूरा लंड चूत में घुसा डाला।

मामीजान- आआआआह्ह्ह्हीईईईइईईई हम तो मर गए !!!!!! निकालो इसे, नहीं तो हम मर जाएँगी…               Mami Jan Ko Lund Chata

मैं– अब तो यह तुम्हारी चूत को फाड़ कर ही बाहर निकलेगा !

ऐसा कहते ही मैंने जोर जोर से झटके देना चालू कर दिया ! मामीजान दर्द के मारे कराह रही थी, उनकी आवाज सुनकर मुझे और जोश आ रहा था !

मामीजान– अपने मामू के लिए कुछ छोड़ दो ! बस करो ! अब कभी तुमसे नहीं चुदवाएँगी हम ! तुम बहोत जालिम हो ! आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्हीईईईईई..

मुझे जैसे मामीजान की चीख सुनकर मजा आ रहा था, फिर मैंने जोर जोर से झटके देना चालू रखा, इस बीच में शायद मामीजान ने अपना पानी छोड़ दिया था और अब मैं भी झड़ने वाला था ! मैंने झटके देते देते ही मामीजान की चूत को अपने वीर्य से भर दिया !

उस दिन मैंने मामीजान को अलग जगह पर अलग अलग पोजीशन में चोदा !

फिर 3 दिन तक मैंने और मामीजान ने सुहागरात मनाई और फिर मामू मेरी अम्मी को लेकर आये, उन्होंने बताया कि नानी अब ठीक है।

मैंने देखा कि मामीजान के चेहरे पर मेरे साथ मनी उन सुहागरात की ख़ुशी अलग दिख रही थी !

फिर जब जब मौका मिलता है मैं अपनी मामीजान के साथ सुहागरात मनाता हूँ !                       Mami Jan Ko Lund Chata