चालबाज मामी का चूत पूजन-2

Mami ka choot pujan-2

दोस्तों मुझे तो मामी के कहे उन शब्दों को सुनकर अपने कानों पर बिल्कुल भी विश्वास ही नहीं हो रहा था और में उनकी उस बात की वजह से बहुत चकित था. अब मामी ने मेरी तरफ हंसते हुए मुझसे कहा कि में भी तुझे कभी भी छक्का बनता हुआ नहीं देख सकती, इसलिए में तुझे अपनी योनी देकर तेरे लंड के उस भयंकर प्रकोप को हमेशा के लिए दूर कर दूंगी, लेकिन तुझे अपना यह वादा हमेशा याद रखना होगा और बोली कि ठहर में पूजा की सारी सामग्री तैयारी करती हूँ, लेकिन तुझे पूजा करने के बाद तुरंत देवी योनी को रिझाना होगा, अगर वो मान गई तो समझ ले कि लंड देव भी खुश हो जाएँगे और वो तुझे अपना आशीर्वाद भी देंगे और अब मामी मुझसे यह सभी बातें कहकर तुरंत उठकर खड़ी हो गई और वो मुझसे कहने लगी कि तू यहीं बैठ में अभी आई. फिर कुछ देर के बाद मामी अपने हाथ में एक थाली, अगरबत्ती, दिया और एक सीडी की केसेट लेकर ड्रॉयिंग रूम में आ गई और उन्होंने मुझे भी अपने साथ नीचे ज़मीन पर बैठने को कहा.

फिर मैंने भी ठीक वैसा ही किया जैसा जैसा उन्होंने मुझसे कहा, क्योंकि में मामी की बातों से इतना तो प्रभावित हुआ था कि में अब मन ही मन सोचने लगा कि कहीं में सच में छक्का ना बन जाऊं? फिर मामी ने पूजा की थाली को नीचे रख दिया और मुझसे कहा कि तू ध्यान से देख इस सीडी में योनी को कैसे रिझाते है, यह सब दिखाया है तू यह सब देखकर सीख ले, क्योंकि पूजा खत्म होते ही तुझे भी यह सब करना होगा और अब उन्होंने उस सीडी को सीडी प्लेयर में लगा दिया और टी.वी. को चालू कर दिया और फिर मैंने उसके बाद जो भी देखा, में आज भी वो सब नहीं भूल सका, मेरी वो पहली ब्लूफिल्म थी और उसमें एक लड़की सिर्फ़ अपनी पेंटी में पलंग पर लेटी हुई थी और फिर कुछ देर बाद एक आदमी ने उसके पास आकर उसकी पेंटी को उतार दिया और फिर उसके तुरंत बाद वो लड़की के दोनों पैरों को पूरा फैलाकर अपने मुहं से उसकी योनी को बहुत मज़े लेकर चाटने लगा. अब यह सब देखकर मेरा लंड भी अब धीरे धीरे खड़ा होकर अपना आकार बदलने लगा था, मामी ने यह देखा तो वो मुझसे बोली कि देख तेरे उस अंग में अब लंड देव प्रवेश कर रहे है और उन्होंने मेरा टावल एक झटका देकर हटा दिया और उन्होंने नीचे झुककर प्रणाम किया.

फिर मैंने टी.वी. में देखा कि किस तरह वो आदमी उस लड़की की योनी को अपनी जीभ से चाट चाटकर उसकी चूत का रस पी रहा था और कुछ देर बाद में वो लड़की भी उस लड़के का लंड अपने मुहं में लेकर उसको लोलीपोप की तरह चूसने लगी और फिर आखिरकार में वो आदमी अपना लंड उस लड़की की योनी में अपने लंड को डाल देता है और फिर वो आगे पीछे करके झटके मारने लगता है और फिर कुछ देर बाद वो फिल्म पूरी हो गयी.

फिर मामी ने मुझसे पूछा कि तू अब सब कुछ ठीक तरह से समझ गया ना कि कैसे तुझे योनी देवी को रिझाना और लुभाना है? तो मैंने उनसे हाँ कहा और तब मामी ने मुझसे कहा कि चलो अब हम पूजा शुरू करते है. तब मैंने अपनी मामी से पूछा कि पूजा में मुझे क्या करना होगा? इस पर मामी मुझसे कहने लगी कि जैसे में कहूँ तू वैसे ही करते जाना, यह बात कहकर मामी खड़ी हो गई और उन्होंने अपने पूरे कपड़े उतार दिए.

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दोस्तों में अपने मन की सच्ची बात बताऊं तो वो वाहह क्या मस्त मनमोहक द्रश्य था? जिसमें मेरी मामी मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी और में अपनी चकित आखें फाड़ फाड़कर उनको देखता रहा और में आज भी उस सेक्सी द्रश्य को नहीं भुला सका, क्योंकि में देख रहा था कि मेरे सामने मेरी मामी उनके बड़े बड़े आकार के स्तन, उनकी बिना बालों वाली एकदम गोरी चिकनी चूत आज भी जब मुझे वो याद आती है तो मेरा लंड बस उसको सोचकर ही तनकर लंड खड़ा हो जाता है. फिर मामी मेरे सामने नीचे बैठ गई और वो मुझसे कहने लगी कि रोनक अब देख जैसा में तुझसे कहती हूँ तू ठीक वैसा ही करते जाना और फिर मैंने उनको अपना सर हिलाकर बहुत धीमी आवाज में कहा कि हाँ और वो मेरा जवाब सुनकर खुद ज़मीन पर अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर लेट गई.

दोस्तों उस दिन में पहली बार किसी की चूत को पूरा नंगा अपने इतना पास से देख रहा था, इसलिए मेरी हालत बहुत खराब थी, मुझे उस कामुक चूत को देखकर अब कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे इसके साथ क्या और कैसे करना था और में एकदम पागल हो चुका था. फिर इतने में मामी मुझसे बोली कि ऐसे घूर घूरकर क्या देखते ही रहोगे, चलो अब जल्दी से काम शुरू करो वरना हमारा यह शुभ मुहूर्त निकल जाएगा और वो मुझसे कहने लगी कि पहले तुम मेरी योनी पर एक कुमकुम का टीका लगा दो.

फिर मैंने उनकी गोरी प्यासी चूत के ऊपर एक टीका लगा दिया और जैसे ही मैंने चूत को छुआ तो फिर से मेरे पूरे शरीर में बिजली का करंट दौड़ गया. फिर वो बोली कि अब तुम वो दीया भी जला दो और माचिस लेकर मैंने ठीक वैसा ही किया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि अब जो शहद इस कटोरी में है, वो तुम मेरी इस योनी के अंदर डाल दो और इतना कहकर उन्होंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत के होंठो को खोल दिया. फिर मैंने उस पूरी कटोरी के शहद को उनकी खुली हुई चूत के अंदर डाल दिया, लेकिन वो शहद उसमें पूरा नहीं समाया और वो बाहर निकल आया. अब वो मुझसे बोली कि हमारी यह पूजा तो समाप्त हो गयी है और अब तू थोड़ा सा जल्दी कर, क्योंकि मेरे अंदर देवी योनी आ रही है, इसलिए तू अब जल्दी से उन्हें रिझाना चालू कर दे वरना वो तुझसे नाराज होकर चली जाएगी.

अब मैंने जैसा कि उस फिल्म में देखा था ठीक वैसा ही किया. मैंने जल्दी से नीचे झुककर अपनी मामी की खुली चूत पर अपना मुहं लगा दिया और में उनकी चूत को चाटने लगा, वाह क्या मस्त स्वाद था? क्योंकि उनकी चूत का रस शहद के साथ मिलकर क्या मस्त स्वादिष्ट लग रहा था, जिसकी वजह से मेरे पूरे शरीर के अंदर भी ग़ज़ब का जोश आ रहा था, लेकिन मुझे उसके साथ साथ बहुत मज़ा भी आ रहा था और अब मामी के मुहं से भी अजीब अजीब सी आवाजें आ रही थी, वो मुझसे कह रही थी, हाँ और चाटो और ज़ोर से चाटो उफ्फ्फ्फ आईईईइ हाँ ऐसे ही चाटते रहो वरना देवी योनी तुम्हारे लंड देव से खुश नहीं होगी और वो मुझसे इतना कहकर वो जोश में आकर मेरे सर को अपनी चूत पर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी.

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दोस्तों मैंने भी पूरी तरह से जोश में आकर करीब बीस मिनट तक मामी की चूत को बड़े मज़े लेकर चाटी.

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तभी मामी मुझसे कहने लगी कि अब बस करो और उन्होंने खुद खड़ी होकर मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो मेरे लंड को अपने मुहं से आगे पीछे झटके मारने लगी, मानो जैसे में सातवें आसमान में पहुंच गया था, उस वजह से मेरा खुद पर कंट्रोल ही नहीं रहा, लेकिन मामी ने सिर्फ़ थोड़ी ही देर मेरा लंड चूसा और फिर वो बोली कि आाह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मेरे लंड देव आपकी योनी तुम्हें बुला रही है, उनकी आवाज़ सुनकर मुझे ऐसा लगा कि मानो वो मेरी मामी ना हो और खुद उनके शरीर में देवी योनी हो, उन्होंने अपने दोनों पैर पूरे फैला लिए और उन्होंने मुझे अपने पैरों के बीच में ले लिया और मेरा लंड पकड़कर उन्होंने अपनी चूत के मुहं पर रख दिया और फिर मुझसे कहा कि धक्का लगाओ.

अब मैंने भी ठीक वैसा ही किया और मैंने एक ज़ोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया और उन्होंने अपने दोनों पैर मेरी कमर पर लपेट लिए और उन्होंने मुझे आगे पीछे धक्के लगाने को कहा. फिर मैंने भी जोश में आकर ठीक वैसा ही किया और में उनकी चूत में अपने लंड को धक्के लगाता गया, मुझे ऐसा आनंद पहले किसी भी काम में नहीं आया था, जैसा कि मैंने आज उस चुदाई को करके प्राप्त किया था और फिर मामी मुझसे कहने लगी उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और ज़ोर से आह्ह्हह्ह हाँ और ज़ोर से मेरे देवता मेरे स्वामी लगाते रहो धक्के और ज़ोर से ऊउईईईईईइ हाँ पूरा अंदर डालकर बाहर करो और दोबारा ज़ोर से धक्का देकर अंदर डाल दो. अब मैंने भी उनकी जोश भरी बातें सुनकर उसी समय अपने धक्कों की स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया और कुछ देर धक्के देने के बाद एक बार फिर से मेरे शरीर में वही सनसनी हुई जैसा कि पिछले कुछ दिनों से हो रही थी और मेरे लंड ने अपने पूरे ज़ोर से अपना सारा दूध मामी की चूत की गहराईयों में डाल दिया.

अब मैंने देखा कि मामी धीरे धीरे ठंडी होती जा रही थी और उनका पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था और वैसे मेरी भी ठीक वैसी ही हालत थी, में भी लगातार धक्के देने की वजह से थककर मामी के ऊपर ही लेट गया. अब मामी बोली कि यह ले मेरे निप्पल तू उनको ज़ोर लगाकर पूरे दम से इसे सक कर और फिर मैंने अपनी मामी के पपीते के आकार के बूब्स के हल्के भूरे रंग के निप्पल को चूसना शुरू किया, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, उनके बूब्स बहुत मुलायम बड़े आकार के थे, जिनको दबाकर में अंदर ही अंदर एक अजीब सा जोश महसूस करने लगा था और जिसकी वजह से मामी भी अब सिसकियाँ लेने लगी और कुछ देर बाद मामी मुझे अपनी छाती से दबाने लगी और मैंने बारी बारी से मामी के दोनों निप्पल को चूसा. फिर कुछ देर बाद मामी खड़ी हुई और फिर से उन्होंने मेरा लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो चूसने लगी.

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फिर थोड़ी ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया, लेकिन इस बार उन्होंने मेरा लंड कुछ देर के लिए भी अपने मुहं से बाहर ही नहीं निकाला और वो बस लगातार पागलों की तरह झूमती रही और लंड को चूसती रही और बस चूसती रही. में भी तीन बार वीर्य निकल जाने की वजह इस बार थोड़ी देर और ज्यादा मज़ा ले पाया और फिर धीरे धीरे में अपना कंट्रोल दोबारा खोने लगा था, में मामी से बोला कि मामी मेरा दूध निकलने वाला है.

अब मेरे मुहं से यह बात सुनकर उन्होंने अपनी चूसने की स्पीड को पहले से ज्यादा कर दिया और फिर मेरा सारा का सारा वीर्य मैंने उनके मुहं में ही निकाल दिया, जो वो सारा पी गयी. फिर हम दोनों ने उस दिन करीब सात बार मस्त मज़े से सेक्स किया, जिसमें उन्होंने मेरा पूरा पूरा साथ दिया और मेरे साथ बड़े मज़े किए. मेरी हर एक चुदाई से मामी पूरी तरह से खुश संतुष्ट हुई.

दोस्तों उसके बाद में मामी ने मुझे सब बातें सच सच बताई, जिसको सुनकर में एकदम चकित रह गया और उन्होंने मुझसे कहा कि रोनक तू बिल्कुल भी बुरा मत मानना, लेकिन तुझे कोई बीमारी नहीं है, यह तो जब परसों रात को तू बाथरूम में गया था तो में भी बाथरूम में जाने के लिए उसी समय उठी थी और जब मैंने तेरी अंडरवियर को देखी और उस पर वो अनमोल सफेद दूध देखा, जिसकी मुझे पिछले आठ सालों से पाने की इच्छा थी और तब मेरे मन में यह विचार आया और मैंने तेरे साथ सेक्स करने के लिए यह सब नाटक किया और दोस्तों उन्होंने तब मुझे यह भी बताया कि योनी को चूत और सेक्स को चुदाई करना भी कहते है और अब में उनका भांजा सिर्फ़ बाहर वालों के लिए हो गया हूँ, लेकिन में अकेले में ही उनका पति और जब भी वो अकेली रहेगी तो हम दोनों हमेशा सेक्स किया करेंगे, वो मुझसे इतना कहकर तुरंत लिपट गयी और हम एक दूसरे को होंठो से होंठो पर किस करने लगे और फिर हमने चुदाई का अपना दूसरा भाग शुरू किया.

उसके बाद हम जब भी मेरे मामा जी कहीं बाहर जाते है तो मामी और में लंड और चूत का खेल खेला करते है और एक बात दोस्तों मेरे और मामी के उस खेल की वजह से मेरी मामी को एक इनाम भी मिला, क्योंकि मेरी मामी के यहाँ पूरे 9 साल बाद एक स्वस्थ, सुंदर लड़के ने जन्म लिया, मामा तो आज भी यही समझते है कि वो उनकी निशानी है, लेकिन मामी को यह पता है कि यह किसके बीज का फल है? आज मेरा और मामी का बेटे पूरे चार साल का हो गया है.

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