मामी की चूत का जलता मुहाना 1

Mami ki chut ka jalta muhana-1

दोस्तो, मैं “एम एस एस” का नियमित पाठक हूँ!!

मैं बताना चाहूँगा कि मैंने इस पोस्ट की सभी रचनाएँ पढ़ी हैं… …

ये बात तब कि है जब मेरी उम्र कुल 18 साल की थी और मैं अपने मामा की शादी में गया हुआ था!!

शाम को बारात नियत समय पर घर से निकल गई और कुशल पूर्वक विवाह सम्पन्न होने के पश्चात, हम मामी की विदाई करा कर दूसरे दिन घर वापस आ गए…

दिन भर सभी लोग शादी के कार्यक्रम में बीजी रहे, मेहमानों के विदाई का सिससिला भी लगा रहा। यह सब होते-होते कब रात हो गई पता ही नहीं चला।

इधर, मेरे मामा ने शाम को अपने दोस्तों को पार्टी पर निमंत्रित किया था। उसकी भी तैयारी चल रही थी!!

और फिर वही हुआ जिस का डर था, रात को मेरे मामा को उनके दोस्तो ने इतनी शराब पीला दी कि वो अपना होश खो बैठे!!

उनको लोगों ने उठा कर बेड पर लिटा दिया…

इधर मामी अपने कमरे में ही थी!!

उन्होंने जब ये देखा, तो उन्हें बड़ा दुख हुआ। उसी समय मैं भी उनसे ये पूछने के लिए उनके कमरे में पहुँच गया कि उन्होंने रात का खाना खाया कि नहीं…

मैं क्या देखता हूँ कि वो अपने बिस्तर पर बैठी रो रही थीं। मुझे भी थोड़ा अच्छा नहीं लगा।

मैं उन्हें मनाने के लिए उनके बगल में बैठा और उनके कंधे पर हाथ रखा, वो लगभग तुरंत ही मुड़ीं और मुझसे लिपट कर और जोर से रोने लगीं!!

मित्रो, किसी औरत या लड़की का ये मेरा “पहला स्पर्श” था!!

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उनके लिपटने से मेरे पूरे शरीर में एक बिजली सी दौड़ गई…

दुनिया वहीं रुक गई और मुझे ये ख्याल नहीं रहा कि मैं वहाँ किस लिए आया था!! !!!

उनकी दोनों चुचियाँ मेरे शरीर को छू रही थीं, मेरे तन-बदन में आग लग गई थी और मेरे दिमाग पर वासना का भूत सवार हो गया!!

मैं अब उनको किसी भी तरह से पेलने और चोदने के बारे में सोचने लगा… …

तुरंत ही मैंने एक तरकीब लगायी और वो काम भी कर गई!!

मैंने उनको ले जा कर खाना खिलाया और उन्हें ढेर सारी सांत्वना दी, ताकी वो केवल मेरे बारे में ही सोचें और किसी के बारे में नहीं।

खाना खाने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि मैं उन्हीं के कमरे में सो जाऊँ… मुझे तो जैसे मन माँगी मुराद मिल गई!! मैंने सोच लिया कि आज मैं ही मामी के साथ “सुहागरात” मनाऊंगा…

रात भर इनकी वैसी चुदाई करूँगा कि वो ये भूल जाए कि उनकी शादी किसके साथ हुई है!!

मैं जल्दी जल्दी अपना काम खतम कर के मामी के कमरे में आ गया। मामा बेड पर फूल टाइट सोये हुए थे, तो मामी ने नीचे ही चटायी बिछा कर उस पर मोटा वाला गद्दा डाल दिया था और मामी उसी पर लेटी हुई थीं।

मेरे कमरे में घुसते ही उन्होंने मुझसे कहा – मुझे तुम्हारे मामा से डर लग रहा है, तुम मेरे ही पास सो जाओ…

मित्रो, मुझे तो तब ऐसा लगा कि जैसे भगवान खुद ही मेरा रास्ता साफ करते चले जा रहें हैं। मैं बिना कुछ बोले, उनके बगल में लेट गया!! !!!

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फिर हम लोगों में इधर उधर की बातें होने लगी।

कुछ देर बाद मामी को नींद आ गई!!

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वो मेरी तरफ ही मुँह कर के सोई थीं। सोते सोते उनकी चुचियाँ मेरे मुँह के पास आ गईं, मेरा लण्ड अब तक तन कर खड़ा हो चुका था और अब मैं मामी को छोड़ने के मूड में नहीं था!!

बिल्कुल धीरे से मैंने उनके ब्लाउज के ऊपर हाथ रखा… मुझे डर था कि वो जाग जाएँगी, लेकिन वो मस्त सोती रहीं… !!

मेरी हिम्मत अब बढ़ चुकी थी और मैं धीरे-धीरे उनकी चुचियाँ दबाने लगा!! !!!

कुछ देर बाद मैंने उनके ब्लाउज को नीचे सरकाकर उनकी चुचियों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन ब्लाउज टाईट होने की वजह से वो अंदर ही कैद रहीं।

अब मैंने धीरे-धीरे उसके हुक खोलने शुरू किये…

जैसे तैसे वो खुले तो ब्रा की दिवार सामने आ गई और फिर इतने में ही मामी की नींद खुल गई और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया… …

मैं तो बिलकुल डर गया कि अब क्या होगा… ??

अब मैंने धीरे-धीरे उसके हुक खोलने शुरू किये…

जैसे तैसे वो खुले तो ब्रा की दिवार सामने आ गई और फिर इतने में ही मामी की नींद खुल गई और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया… …

मैं तो बिलकुल डर गया कि अब क्या होगा… ??

लेकिन वो कहते हैं ना कि जब “अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान”

दोस्तो, आप माने या ना माने मामी ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चुचियों को सहलाना शुरू कर दिया!! !!!

अब क्या था, तुरंत ही मैंने उनकी चुचियों को मुँह में भर लिया और जी भर के चूसा!!…

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उन्होंने खुद ही मेरा चेहरा ऊपर उठाया और अपने गरम होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और होंठों की चुसाई चालू थी।

अब मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में डाल दी… …

अब तक हम दोनों में वासना का तूफ़ान अपने चरम पर आ चुका था… !!

मामी ने धीरे से मुझसे कहा – बेटा, मामा ना सही; भांजा ही सही!! पेल मुझे और मेरी चूत को फाड़ कर भोसड़ा बना दे…

मुझे समझते देर ना लगी मेरी मामी भी आजकल की लड़कियों की तरह ही रंडी की पैदाइश हैं और मैंने तुरंत मामी से कहा – मामी, मैं तुम्हारा ये एहसान, जिंदगी भर नहीं भूलूंगा…

लेकिन मामी तो एक नंबर की चुदक्कड़ छिनाल निकलीं!! !!!

उन्होंने आव देखा ना ताव तुरंत मेरे सारे कपड़े उतार दिए और पूरी बेशर्मी से खुद ही अपनी साडी खोल दी…

अब वो केवल पेटीकोट पहनी हुई थीं और बाकी का पूरा जिस्म दूधिया रोशनी में संगमरमर की तरह दिखाई दे रहा था!!

हम दोनों गुथाम्गुत्था हो रहे थे… एक दूसरे में समां जाने के लिए, बेताब!!

मामा ऊपर नशे में धुत थे और नीचे मामी ने मेरा लण्ड पकड़ा हुआ था!! !!!

सुहागरात मामा की थी और मामी ने अपने मुँह में भानजे का लण्ड भर लिया था…

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