मरीज का मोटा लंड पकड़ कर खुद मरीज बन गई-2

(Mareej Ka Mota Lund Pakad Kar Khud Mareej Ban Gai-2)

फिर शाम को अस्पताल जाकर पता लगा कि उसको डीलक्स वॉर्ड में शिफ्ट कर दिया है। फिर में लोगों की नजर बचाकर शाम आठ बजे के आसपास उसके वॉर्ड में पहुँच गई। अब मैंने वहाँ पर मौजूद नर्स को मैंने बाहर भेज दिया और उसको बोली कि तुम खाना खाकर आओ, तब तक में यहीं हूँ। फिर वो खुशी-खुशी चली गयी, मैंने देखा कि मुझे अपने सामने देखकर इशान मुस्कुरा रहा था और फिर में भी उसकी तरफ मुस्कुराते हुए उसके पास पहुँच गई। फिर मैंने उसको पूछा कि कैसे हो? तब उसने कहा कि तुम्हें देख लिया बस मेरी तबीयत अच्छी हो गयी।

अब उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरा चेहरा शरम से लाल हो गया और फिर उसने मेरा एक हाथ पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खीच लिया।अब में भी जान बूझ कर उसकी छाती से जा लगी, तभी उसने मेरे होंठो को अपने होंठो सेछू लिया था। अब मेरा पूरा बदन थर थर काँप रहा था, मैंने भी अपने होंठ उसके होंठो से सटा दिए और में उसके होंठो को अपने होंठो में दबाकर चूसने लगी थी। अब उसके हाथ मेरेबूब्स पर आ गये और तब मुझे ऐसा लगा जैसे इन्हीं हाथों का मुझे अब तक इंतज़ार था।                     “Mareej Ka Mota Lund”

फिर मैंने उसके हाथों पर अपने हाथ रखकर अपने बूब्स को दबा दिया और अब वो भी मेरे बूब्स को दबाने लगा था। अब मेरे हाथ चादर के अंदर उसकी पेंट की चैन से उलझे हुए थे और फिर मैंने उसकी चैन को खोलकर अपने एक हाथ को अंदर डाल दिया। अब उसका लंड मेरे हाथ के स्पर्श से फनफना उठा था, में उसको बाहर निकालकर सहलाने लगी थी और फिर अपने हाथों से मैंने सहला सहलाकर उसका रस निकाल दियाथा। अब मेरे हाथ दोबारा से गीले हो गये थे, वो मेरे बूब्स से खेल रहा था और में अपना हाथ बाहर निकालकर उसके सामने ही अपनी जीभ से चाटने लगी थी और मेरे हाथ में लगे उसके सारे वीर्य को अपनी जीभ से चाटकर साफ कर दिया था।              “Mareej Ka Mota Lund”

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अब पूरा आधा घंटा हो चुका था, मैंने जल्दी से अपने कपड़े सही किए और फिर में नर्स के आते ही वहाँ से घर भाग आई। फिर अगले दिन नर्स को खाने पर भेजकर मैंने अंदर से कुण्डी बंद कर ली और जैसे ही में इशान के पास आई, तब उसने मेरे चेहरे को चूम चूमकर लाल कर दिया। अब में उसका लंड पेंट से बाहर निकाल चुकी थी, इस बार उसने मेरे सर को पकड़कर अपने लंड पर झुका दिया। फिर मैंने शरारत से अपने होंठ भीच लिए, वो अपने लंड को मेरे होंठो पर रगड़ने लगा था।

अब मेरे होंठ उसके वीर्य से गीले हो चुके थे, मैंने अपने होंठ खोलकर उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और फिर पहले धीरे-धीरे और बाद में ज़ोर-ज़ोर से उसके लंड को में चूसने लगी थी। फिर बहुत देर तक मुख मैथुन करने के बाद उसने मेरे सर को पकड़कर अपने लंड पर दबा दिया। अब उसका लंडमेरे मुँह से होता हुआ मेरे गले के अंदर प्रवेश कर गया था, उसका लंड मेरे मुहंमें जाकर अंदर की गरमी को पाकर अपना आकार बदलने लगा था। अब में साँस लेने के लिए छटपटा रही थी, तभी कुछ देर बाद मुझे ऐसा लगा जैसे कि उसके लंड से गरम-गरम लावा निकलकर मेरे गले से होता हुआ मेरे पेट में प्रवेश कर रहा है।                             “Mareej Ka Mota Lund”

फिर मैंने अपने सर को थोड़ा बाहर की तरफ खीचा और मेरा पूरा मुँह उसके वीर्य से भर गया था और मेरे होंठो के कोनो से उसका वीर्य बाहर निकल रहा था। फिर मैंने प्यार से उसकी तरफ देखते हुए उसका सारा वीर्य अंदर गटक लिया, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी, इसलिए मैंने दौड़कर बाथरूम में जाकर अपना मुँह धोया और बाल और अपने कपड़े सही करके लौटी। फिर मैंने उसको कहा कि मुझे तो लगता है तुम मुझे मार ही दोगे और उसको यह बात कहकर मैंने उसको अपने से चिपका कर उसके होंठो को चूम लिया। फिर थोड़ी देर के बाद नर्स भी आ गयी और अब इस तरह हर दिन जब भी मौका मिलता तब में लोगों की नजरों से बचकर अपने महबूब से मिलती रही। अब हमदोनों एक दूसरे को चूमते, सहलाने लगे थे और वो मेरे बूब्स को मसलता था, मेरे निप्पल से खेलता। अब में हर दिन मुख मैथुन से उसका रस लंड से बाहर निकाल दिया करती थी और अबमुझे उसका वीर्य बहुत अच्छा लगने लगा था, लेकिन उससे ज़्यादा हम वहाँ कुछ करनहीं सकते थे, क्योंकि हमारे पकड़े जाने और बदनामी का डर भी था। फिर एक सप्ताह के बाद एक दिन में वहाँ पहुँची, तब मैंने देखा कि वो कमरा खाली था और तब पूछने पर मुझे पता लगा कि उसको डिसचार्ज कर दिया गया है।                                 “Mareej Ka Mota Lund”

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फिर मैंने कमरे में उसकी हिस्ट्री शीट में सब जगह उसका पता जानने की कोशिश कि, लेकिन कुछ पता नहीं लगा। अब मेरी हालत पागलों जैसी हो गयी थी, जिससे मन लगाया वही आज मेरी बेवकूफी की वजह से मुझसे दूर हो गया था। फिर मैंने उसको हर जगह ढूँढा, लेकिन वो तो ऐसे गायब हुआ जैसे सुबह धुंध गायब हो जाती है। दोस्तों में अपने जीवन में पहली बार किसी लड़के के लिए रोई थी और मेरी सहेली मानसी जो मेरे साथ उस एक ही क्वॉर्टर में रहती थी, उसने भी मुझसे बहुत बार पूछने की कोशिश कि, लेकिन मैंने किसी को भी कुछ नहीं बताया था। दोस्तों मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी से प्यार किया था, वो लड़का ग़रीब था, लेकिन उसमे कुछ बात थी, जो उसको सबसे अलग करती थी।

दोस्तों कुछ हो ना हो में तो अब उसको अंदर ही अंदर प्यार करने लगी थी और मेरे घरवाले भी मुझे अब शादी के लिए परेशान कर रहे थे, लेकिन मेरे घरवाले बड़े आज़ाद विचारों के थे और इसलिए उन्होंने मुझसे कह दिया था कि में जिसको चाहूँ अपनी पसंद से में उसके साथ शादी कर लूँ। अबमें कभी-कभी सोचती थी कि क्या वो भी मुझे चाहता होगा? अगर हाँ तो फिर वो कभी मुझसे मिला क्यों नहीं? फिर धीरे-धीरे उस मुलाकात को 6 महीने गुजर गये और फिर अचानक से ही वोएक बार दोबारा मुझे मिला और दिन मुझे दीये तले अंधेरा वाली बात याद आई।           “Mareej Ka Mota Lund”

एक दिन में अस्पताल के लिए निकली तो अचानक से मुझे एक जाना पहचान चेहरा अस्पताल के सामने के बगीचे में काम करता हुआ नजर आया। तब मैंने उसको कहा कि सुनो माली और अब उसके घूमते ही में एकदम चकित रह गयी थी, क्योंकि अब मेरे सामने इशान खड़ा था, मेरा पहला सच्चा प्यार, मेरा चैन। अब में एकटक बस उसको देख रही थी और तब उसने कहा कि मेडम और फिर इशान ने मुझे सोते से जगाया और बोला कि में यहाँ माली का काम करता हूँ, आप अपने आपको संभालो, नहीं तो कोई भी आदमी इसका गलत मतलब निकाल सकता है। अब मुझे अपनी गलती का अहसास हुआ और फिर मैंने उसको कहा कि तुम मुझे आज शाम को 6 बजे मेरे घर पर मिलना, मुझे तुमसे एक बहुत ज़रूरी काम है, क्यों आओगे ना?                “Mareej Ka Mota Lund”

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तुम्हें मेरी कसम है जरुर आना और फिर यह बात उसको कहकर में अपने आपको संभालती हुई तेज़ी से अस्पताल में चली गयी। अब मुझे पता था कि अगर मैंने पीछे मुड़कर देख लिया तो में अपनी रुलाई को नहीं रोक सकूँगी। फिर मेरा अस्पताल में मन नहीं लगा और में तबीयत खराब का बहाना बनाकर वहाँ से भाग निकली। अब आज मेरा किसी काम में मन नहीं लग रहा था, क्योंकि मुझसे मिलने शाम को इशान आने वाला था और मुझे उसकी तैयारी भी पूरी करनी थी, वापसी में मुझे इशान वहाँ नजर नहीं आया।

फिर में बाज़ार जाकर कुछ सामान खरीद करले आई सामान में एक पतला सा रेशमी गाउन और खाने पीने का सामान और एक बोतल बियर कीथी। दोस्तों एक लड़की के लिए बियर खरीदना कितना मुश्किल काम है आज मुझे पहली बार पता लगा था।

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