मौसी के साथ वेलेंटाइन डे मनाया-1

Mausi ne apni chut marwai valentine day par-1

हैल्लो दोस्तों, सभी पाठको को मेरा सलाम, मेरा नाम रोहन है, मेरी उम्र 27 और में मुंबई का रहने वाला हूँ. मेरी हाईट 5.8 इंच है, बॉडी नॉर्मल और रंग सांवला है और मेरा लंड 6 इंच लंबा है. दोस्तों आज में जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो मेरे सपनों को साकार करने का प्रतीत है. यह आज से कुछ दिन पहले की बात है जिस दिन वेलेंटाइन था.

में घर पर बिल्कुल अकेला ही था और मेरी बड़ी बहन उसके हॉस्पिटल में गई हुई थी और छोटा भाई भी किसी काम से बाहर गया हुआ था और मम्मी, पापा किसी रिश्तेदार की शादी में हफ्ते भर से बाहर थे और में यह बात जानता था कि में आज घर में रात के 8-9 बजे तक अकेला ही हूँ. तो में कंप्यूटर पर बैठे सर्फिंग कर रहा था कि तभी दोपहर के 12 बजे के करीब मेरे मोबाइल की घंटी बजी और मैंने कॉल उठाया तो वो मेरी सबसे छोटी मौसी का कॉल था. दोस्तों फोन की आगे की बातें बताने से पहले में मेरी मौसी का परिचय करना चाहूँगा, वो एक 40 साल की एक विधवा औरत है और उनकी एक बेटी है, लेकिन वो भी मुंबई में ही रहती है. उनका रंग गोरा है और हाईट 5.2 इंच है और उनका फिगर एकदम कमाल का सेक्सी है उसका साईज 34-28-36 है.

में उनके साथ भी हमेशा फ्लर्ट करता रहता हूँ और वो भी मेरी बातों का बराबर जवाब देती है. फिर मैंने उनका कॉल उठाया और हमेशा की तरह मैंने उनसे बात शुरू कर दी. हैल्लो सेक्सी, कैसी हो? और इतने सुबह कैसे याद किया? मौसी थोड़ी हंस पड़ी और बोली कि शायद तू कहीं बाहर है इसलिए ऐसा कह रहा है? तो मैंने बोला कि नहीं में तो बस आपके ही कॉल का इंतजार कर रहा था और में घर पर बिल्कुल अकेला हूँ. वो बोली कि ऐसा क्यों? मैंने बताया कि आज वेलेंटाइन है और आपसे ज़्यादा दूसरी खूबसूरत लड़की याद ही नहीं आ रही, वो हंस पड़ी और बोली कि में यहाँ तुम्हारे घर के पास वाले सुनार के यहाँ पर आई हूँ और में घर का फोन ट्राई कर रही थी, लेकिन कॉल ही नहीं जा रहा था, इसलिए तुम्हे याद किया.

मैंने कहा कि चलो मुझे काम से ही सही, लेकिन याद तो किया, कहो क्या खिदमत करूं में आपकी? तो मौसी बोली कि क्या तुम यहाँ पर आ सकते हो मुझे थोड़ा और सामान भी लेना है. मैंने थोड़ा सोचा और फिर हाँ कर दी और मैंने तुरंत तैयार होकर घर लॉक किया और मौसी से मिलने बाहर निकाला. में जब सुनार के यहाँ पर पहुँचा तो में बस उन्हे देखता ही रह गया, क्योंकि मौसी ने एक मस्त सी काली कलर की जालीदार साड़ी पहनी हुई थी और काले कलर का ब्लाउज जो कि पीछे से खुला हुआ था और बस पतली सी डोरी से अटका हुआ था और सामने की तरफ से मौसी की थोड़ी छाती दिख रही थी और वो ग़ज़ब की सेक्सी दिख रही थी. तो मैंने कुछ देर इंतज़ार किया और फिर मौसी सामान लेकर बाहर आ गयी, मैंने उनसे सामान लिया और फिर बोलने लगा कि

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में : अरे क्या बात है आज शायद वेलेंटाइन बनाने का इरादा है?

मौसी : लेकिन तुम्हे ऐसा क्यों लगा?

में : इतनी सेक्सी दिख रही हो कि थोड़े टाइम के लिए में खुद को कोस रहा था.

मौसी : क्यों कोस रहे थे?

में : क्योंकि आप मेरी मौसी है और दिल कर रहा था कि अभी आपको प्रपोज़ कर दूँ.

तो मौसी हंस पड़ी और बोली कि तू पागल ही है और तू मेरे साथ हमेशा ऐसी ही बातें करता रहता है.

में : अगर आप कहो तो में बात करना बंद कर दूँ?

मौसी : मैंने ऐसा कब कहा कि मुझे तुम्हारी बातों से ऐतराज़ है?

में : तो में क्या एक और बात कहूँ?

मौसी : हाँ बोलो?

में : क्या में जब तक आपके साथ बाहर हूँ, तब तक क्या में आपको नाम से बुला सकता हूँ?

मौसी : वो क्यों? और वो मेरी तरफ देख रही थी.

में : बस ऐसे ही और में सर झुकाकर खड़ा हुआ था.

मौसी : लेकिन ऐसे ही क्यों इसकी कोई ख़ास वजह?

तब मैंने मेरा चेहरा उठाया तो उन्हे हल्का मुस्कुराता हुआ पाया.

में : वो बात यह है कि आज वेलेंटाइन डे है और आज के दिन हर कोई अपने पार्ट्नर के साथ रहता है और मेरी तो फिलहाल कोई पार्ट्नर नहीं है. तो मैंने सोचा जब तक आपके साथ हूँ तब तक थोड़ा एंजाय करूं, आपको अपनी गर्लफ्रेंड की तरफ घुमाऊँ, लेकिन आपको कोई ऐतराज़ ना हो तो और में मौसी को देखता ही रह गया. वो ज़ोर से हंस पड़ी और बोली कि तुम सच में पागल ही हो, चलो अब कोई बात नहीं, हम जब तक बाहर है तब तक में तुम्हारी गर्लफ्रेंड हूँ और तुम मेरा नाम ले सकते हो.

में : धन्यवाद मौसी.

मौसी : क्या तुम अपनी गर्लफ्रेंड को मौसी बुलाते हो? तो में हंस दिया और बोला कि ओह सॉरी निशा.

मौसी : हाँ अब ठीक लगा सुनकर.

फिर हम एक मॉल में चले गये. मौसी को वहां पर उनकी बेटी के लिए शॉपिंग करना था क्योंकि वो कुछ दिनों बाद अपने कॉलेज की तरफ से पिकनिक पर गोवा जा रही थी. तो मौसी जीन्स और कुछ टॉप्स खरीद रही थी तभी में उनके पास में आया और उनके पीछे से कमर पर हाथ रखते हुए अपनी तरफ खींचा, मौसी थोड़ी चौंक गयी और बोली कि रोहन यह क्या कर रहे हो?

में : निशा में बस तुम्हारी कमर का नाप ले रहा हूँ कहीं तुम्हे कोई ऐतराज़ तो नहीं है ना?

तभी वो शांत हुई और फिर से मुस्कुराती हुई बोली कि मुझसे पूछ लेते तो में क्या तुमसे छुपाती थोड़े?

में : अगर में तुमसे पूछ लेता तो तुम्हारी कमर को छूने का मौका नहीं मिलता और में मुस्कुराकर देख रहा था.

मौसी : ठीक मेरी कमर 28 है क्या और कुछ पूछना है?

में : बस कुछ छूना बाकी है और यह कहते हुए मैंने कमर से हाथ निकालते टाइम उनकी गांड को सहला दिया और उनके चेहरे की तरफ देखता रहा, लेकिन उन्होंने एसी कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई, बस हल्की सी मुस्कुराई.

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तो मैंने फिर उनसे पूछा कि आपका साइज़ क्या है?

मौसी : तुझे वो क्यों जानना है?

में : बस एक गिफ्ट देना है इसलिए.

तो वो शायद समझ गयी कि गिफ्ट क्या होगा और मुस्कुराकर देख रही थी और फिर वो बोली कि 34, और मैंने खुश होकर उनके बूब्स की तरफ देखा और कहा कि वाह बहुत मस्त है.

मौसी : अब मुझे शॉपिंग करने दे.

फिर मैंने कुछ देर बाद उन्हे वहीं पर छोड़ दिया, वो अपनी खरीददारी में व्यस्त थी और में कुछ समय बाद घूमने के बहाने मॉल के दूसरी तरफ गया और मैंने वहां से मौसी के लिए डोरी वाली ब्रा और एक काली कलर की पेंटी और एक काली कलर की टी-शर्ट ली और एक शर्ट और फिर में लेकर मौसी के पास पहुंचा. उनकी शॉपिंग भी लगभग ख़त्म ही हो गई थी, मुझे देखकर वो पूछने लगी कि कहाँ चला गया था?

में : आप तो मुझे भाव ही नहीं दे रही थी तो में किसी और को ढूंढने चला गया था.

मौसी : क्या कोई मिली?

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में : निशा तुम्हे देखने के बाद कोई और अच्छी नहीं लगी तो में तुम्हारे लिए ही कुछ शॉपिंग करके ले आया.

मौसी : लेकिन इसकी क्या ज़रूरत थी? और मैंने तो नहीं कहा था.

में : निशा आज वेलेंटाइन डे है और में मेरी गर्लफ्रेंड को बिना गिफ्ट दिए कैसे छोड़ सकता हूँ? और में मुस्कुराकर उनकी तरफ देखने लगा.

मौसी : क्यों क्या लाए हो? अब वो तो बताओ.

में : नहीं, वो तो में घर पर चलकर ही बताऊंगा.

मौसी : चलो फिर ठीक है.

फिर शॉपिंग ख़त्म हुई और हम वहीं पर एक रेस्टोरेंट में लंच के लिए गये और सामान पकड़कर मौसी के साथ घर पर चला आया और जब में लॉक खोल रहा था तो मौसी पूछने लगी कि क्या घर पर कोई नहीं है?

में : तुम आने वाली थी तो मैंने सभी को घर से भगा दिया, आख़िर तुम्हारे साथ थोड़ा टाईम अकेले में भी बिताने का मौका मिलेगा और दरवाज़ा खोलकर हम अंदर चले गये. तो मैंने दरवाज़ा लॉक किया और फिर हम एक ही सोफे पर बैठ गये और थोड़ी देर साँस लेने के बाद मैंने बोला कि निशा, प्रिया ( मौसी की बेटी ) कितने दिनों के लिए गोवा जा रही है?

मौसी : अब हम घर आ गये है और अब तुम मुझे नाम से मत बुलाओ.

में : जब तक हम अकेले है तब तक तो मुझे मेरी गर्लफ्रेंड का नाम लेने दो.

मौसी : अरे हाँ मुझे गर्लफ्रेंड से याद आया क्यों तुमने अपनी गर्लफ्रेंड के लिए क्या गिफ्ट खरीदा?

में : वो में आपको क्यों बताऊ? मेरी गर्लफ्रेंड के लिए है मौसी, में उन्हे जानबूझ कर चिढ़ा रहा था.

मौसी : ठीक है बाबा जब तक कोई नहीं आता तो तुम मुझे गर्लफ्रेंड ही समझो, क्यों अब खुश हो ना?

तो में झटसे उनके गले लग गया और फिर बोला कि हाँ डबल खुश और में सोफे से उठकर खड़ा हुआ और मेरा बेग लेने लगा.

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मौसी : प्रिया 5 दिन के लिए गोवा जा रही है.

में : क्या तुम भी कभी मेरे साथ गोवा चलोगी?

मौसी : में अब वहां पर जाकर क्या करूंगी? मेरी तो उम्र हो गयी है.

तो मैंने गिफ्ट का बॉक्स निकाला और उन्हे देते हुए कहा कि में तो आपको आज भी दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की मानता हूँ और में कुछ देर तक उन्हे देखता ही रह गया. मौसी को थोड़ा अजीब सा महससू हुआ और फिर वो बोली कि मेरे लिए क्या है, बताओ?

तो मैंने सबसे पहले उनका टी-शर्ट का बॉक्स खोला और उन्हे दिखाया, वो हंस पढ़ी और बोली कि वो टी-शर्ट का क्या करेगी?

में : प्लीज निशा एक बार मेरे लिए पहनोगी.

तो मौसी थोड़ा हिचकिचाई और फिर कहने लगी कि लेकिन इसके नीचे पहनने के लिए जीन्स नहीं है और ना ही कोई पेंट फिर इसका क्या फायदा? तो में मुस्कुराया और मैंने उनके लिए खरीदकर लाया हुआ शॉर्ट्स का बॉक्स खोला और उनको वो शॉर्ट्स दिखाया.

मौसी : इतना छोटा में नहीं पहन सकती क्या तुम पागल तो नहीं हो गये हो? में यह कैसे पहन सकती हूँ?

में : प्लीज निशा तुम्हे में और भी बोल्ड और सेक्सी देखना चाहता हूँ. प्लीज एक बार मेरे लिए पहनोगी और आज घर में कोई भी नहीं है सभी लोग रात को देर से आएँगे तो तुम यह सब बे झिझक पहन सकती हो.

मौसी : लेकिन?

तो में उनकी बात को काटते हुए बोला कि लेकिन वेकिन कुछ नहीं, तुम्हे बस आज यह पहनना है, मौसी मुस्कुराकर बोली कि और तू क्या क्या शैतानी सोच रहा है और यह दूसरा डिब्बा किस के लिए है? तो में बोला कि निशा तुम्हारे लिए ही है.

मौसी : इसमें क्या है?

में : तुम खुद ही देख लो और मैंने वो डिब्बा आगे कर दिया. उन्होंने जैसे ही डिब्बा खोला तो वो चौंककर सिर्फ़ देखती ही रह गई.

मौसी : यह क्या है? में तो यह सब बिल्कुल भी नहीं पहन सकती हूँ.

में : प्लीज निशा सिर्फ एक बार मेरे लिए.

मौसी : नहीं मतलब कि नहीं.

में : यह तुम पहनोगी तो उसके ऊपर से यह टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहन लेना कुछ नहीं होगा प्लीज.

मौसी : नहीं रोहन, यह सब मुझसे नहीं होगा.

में : प्लीज निशा, वरना मेरा दिल टूट जाएगा.

मौसी : मैंने एक बार नहीं कहा ना और वो एकदम उठकर अंदर के रूम में चली गई.

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तो में बाहर ही हॉल में बैठा हुआ दुखी हो रहा था और जब में अंदर गया तो देखा कि दरवाज़ा बंद था मैंने दरवाज़ा खटखटाया तो मौसी अंदर से बोली कि रोहन अभी कुछ मत कहो. मैंने कभी ऐसा नहीं सोचा था और तुम मेरे साथ ऐसा सोचते हो तुम्हे तो शरम आनी चाहिए. तो में वहीं दरवाज़े पर बैठ गया और रोने लगा, में रोते हुए उससे बात भी करने लगा.

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