मेरा लंड भाभी की चूत में

Mera lund bhabhi ki chut me

हेलो दोस्तो।

ये मेरी पहली कहानी है।

मेरा नाम लकी है और में सूरत में रहता हूँ।

ये कहानी तब की है जब मैंने अपनी १२ की पढ़ाई की थी और इंजिनियरिंग की पढ़ाई के लिए जयपुर चला गया था।

वहां मेरे भैया और भाभी रहते थे पर पढ़ाई लंबी थी तो मैंने हॉस्टल में रहना पसंद किया और फिर जब भी छुट्टी होती मैं भैया के यहां चला जाता।

मेरे पेपर आने वाले थे तो उसकी छुट्टी मिली थी तो मैं २-३ दिन के लिए भैया के घर चला गया।

अरे हाँ मैं आपको मेरी भाभी के बारे में तो बताना ही भूल गया।

वो गजब की गोरी थी, बड़े-बड़े बूब्स थे उनके और क्या मोटी-मोटी गान्ड थी।

मैं तो उन पर फिदा हो चुका था।

उनको देख-देख कर रोज बाथरूम में जाकर मुठ मारता पर मैंने कभी नही सोचा था कि उनकी चुदाई करने का मौका मुझे इतनी जल्दी मिल जाएगा।

तो अब जब मैं उनके घर गया तो पता चला कि भैया कल दिल्ली जाने वाले हैं।

फिर क्या था? अब तो बस मेरे मन में भाभी को चोदने के सपने आने लगे।

दूसरे दिन भैया दिल्ली चले गये और मैं दिन भर बस उन्हें चोदने के बारे में सोचता रहा पर कुछ फ़ायदा नहीं हुआ।

आख़िर रात हो गयी, खाना खा कर मैं और भाभी टीवी देखने लगे, भाभी के ही बेडरूम में।

उस वक़्त मैं भाभी से ज़्यादा बात नहीं करता था इसलिए जब सोने की बारी आई तो मैं अपने रूम में जाने के लिए उठा।

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भाभी ने बोला – यहीं सो जाओ, बहुत बड़ा बेड है।

फिर क्या था मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे पर मुझे अभी अपना पूरा रास्ता साफ करना था।

मैंने बोला – नहीं भाभी, रात को मेरे हाथ-पैर चलते हैं और मुझे कुछ ध्यान नहीं रहता।

उन्होंने बोला – कोई बात नहीं, अच्छा हुआ तुमने बता दिया पर यहीं सो जाओ।

अब मैं वहीं लेट गया।

भाभी ने नाइटी पह्न रखी थी और मैं सोच में लगा था कि कब भाभी को नींद आ जाए।

उन्हें सोए हुए १ घंटे से ज़्यादा हो चुका था और मुझे लगा कि अब भाभी को नींद आ गयी होगी।

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अब नींद में होने का नाटक करते हुए मैंने अपना १ हाथ भाभी क ऊपर रख दिया।

जैसे ही मैंने अपना हाथ ऊपर रखा वो तुरंत जाग गयीं पर फिर शायद उन्हें मेरी कही बात याद आई तो वो फिर करवट लेकर सो गयीं।

अब उनकी गान्ड मेरी तरफ थी।

मैंने हिम्मत करके अपना हाथ भाभी के ऊपर ही रहने दिया और उनके बूब्स पर हाथ घूमने लगा पर इस बार उन्होंने कोई भी हलचल नहीं की।

मेरी हिम्मत और बढ़ गयी।

अब में भी करवट बदल कर उनके पीछे आ गया और अपना लंड उनकी गान्ड पर रगड़ने लगा।

मुझे बेहद मज़ा आ रहा था।

कोई प्रितक्रिया ना होते देख मैंने अपना पाजामा भी खोल दिया और लंड बाहर निकाल कर नंगा लंड उनकी गान्ड पर रगड़ने लगा।

अब मैंने धीरे से उनकी नाइटी को ऊपर करने की कोशिश की।

मुझे ऐसा लग रहा था कि भाभी मेरा साथ दे रही हैं। चाहता तो मैं भी यही था।

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अब वो नाइटी खोलने में मेरी मदद कर रहीं थीं और कुछ ही पल में वो सिर्फ़ अंडरगार्मेंट्स में थीं।

धीरे-धीरे मैंने वो भी निकाल दिए।

अब मैंने भाभी के पीछे से अपना लंड उनकी चूत में डालने की कोशिश की पर उनकी जांघें मोटी होने की वजह से जा नहीं रहा था।

आख़िरकार उन्होंने खुद ही अपना १ पैर ऊपर उठा लिया और मैं धीरे-धीरे डालने लगा अपना लंड उनकी चूत में।

मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था आख़िर पहली बार जो चुदाई कर रहा था।

भाभी अब बस ज़ोर-ज़ोर से साँस ले रही थीं जैसे की वो बोल रही हो – और चोदो मुझे।

बस कुछ देर तक चोदने के बाद ही मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने जल्दी से अपना लंड निकल लिया और बेड पर अपना वीर्य निकाल दिया।

अब मैं नंगा ही भाभी से चिपक कर सो गया।

इसके बाद हमने कई बार चुदाई की वो मैं आपको आगे की कहानियों में बताऊंगा।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी।

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