मेरी बहन को दोस्त ने बजाया-2

Meri behan ko dost ne bajaya-2

फिर आलम ने बोला कि नहीं एक पत्नी की नज़र से सोचकर देखो, फिर दीदी बोली कि तू सच में बेशर्म हो गया है और फिर दीदी बोली कि रात की जरूरतें अगर दिन में ही मिल जाए तो रात को ज़रूरत नहीं पड़ती.

फिर आलम बोला कि नहीं दीदी में अपनी जानकारी के लिए पूछ रहा था, अगर मेरी भी शादी के बाद रात को शिफ्ट हो तो में क्या करूँगा? फिर हम लोगों ने खाना खाया और सो गये. फिर अगले दिन शाम को आलम ने किचन में दीदी से पूछा कि दीदी एक बात पूछनी है, तो दीदी ने कहा कि पूछो.

फिर आलम बोला कि मैंने सुना है कि कुछ औरतें शादी के बाद शारीरिक रूप से खुश नहीं हो पाती और वो तलाक दे देती है, यह सही है क्या? फिर दीदी ने कहा कि सब की अलग- अलग सोच होती है, मुझे नहीं पता है. फिर आलम ने पूछा कि दीदी आप जीजू से शारीरिक रूप संतुष्ट हो क्या? तब दीदी बोली कि आलम तू अब थप्पड़ खाएगा. यह सुनकर आलम कुछ देर तक खामोश रहा और दीदी भी खामोश रही.

फिर 5 मिनट के बाद आलम बाहर आया, जहाँ में टी.वी देख रहा था और मेरे कान में बोला कि इट्स एक्शन टाईम. अब यह सुनकर तो मेरी हालत खराब हो गयी थी और अब मुझे डर के मारे पसीना आ गया था. फिर आलम किचन में घुसा और अब वो दीदी को घूर रहा था, जब दीदी रोटी बेल रही थी और में किचन के बाहर छुपकर सब देख रहा था.

अचानक से आलम ने दीदी को पीछे से पकड़ लिया और फिर दीदी कि आवाज आई औच्च, फिर दबी हुई आवाज़ में बोली कि ये क्या बदतमीज़ी है? छोड़ो मुझे. फिर आलम ने उनको सीधा घुमाया और उनको अपने सीने मे जकड़ लिया. अब आलम उनकी गर्दन और गले को चूम रहा था. फिर दीदी ने छुड़ाने की कोशिश कर रही थी और फिर उसने दीदी के गाल और कान पर भी किस किया और फिर लिप लॉक कर दिया. फिर दीदी ने अपने पूरे ज़ोर से उसको धक्का मारकर हटा दिया और कस कर एक थप्पड़ मारा.

अब आलम कुछ देर तक वहीं खड़ा रहा और अब दीदी वहाँ से निकलने ही वाली थी कि आलम ने दुबारा हमला किया. इस बार उसने सीधे लिप लॉक करके एक हाथ से दीदी को जकड़ कर रखा और वो अपने दूसरे हाथ से उनकी चूचीयों को दबा रहा था. उसने इस बार बहुत देर तक दीदी को किस किया. फिर दीदी ने फिर से उसको धक्का मारा और अब आलम के चेहरे पर मुस्कुराहट थी.

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फिर दीदी ने उसके सीने पर एक मुक्का मारा और फिर खुद ने ही उसके सीने से लिपटकर अपने लिप लॉक कर दिए. अब ये देखकर मेरा लंड तनतना उठा और फिर कुछ देर के बाद दीदी ने कहा कि ये सब ग़लत है जो हुआ सब भूल जाओ. फिर आलम वापस उनकी चूचीयों को मसलने लगा और उनकी नाइटी को निकालने की कोशिश कर रहा था.

दीदी बोली कि कोई देख लेगा और वो वहाँ से भाग गयी. फिर रात को सबने खाना खाया और अब घर में सन्नाटा छाया हुआ था और अब सब चुपचाप रोज़ की तरह सोने चले गये.

फिर मैंने आलम से कहा कि भाई तुझ में बहुत हिम्मत है कमाल कर दिया यार तूने, लेकिन हाथ आया मौका फिसल गया. अब शायद दीदी दुबारा ऐसा मौखा तुम्हे दे, क्योंकि दीदी तुझसे बहुत नाराज है. फिर आलम बोला कि देख भाई लास्ट में दीदी बोली थी कि कोई देख लेगा, इसका मतलब वो रात को अकेले में इज़ाज़त देगी. अब तू चुपचाप लेटा रह और अब में दीदी के रूम में जाता हूँ, लेकिन गेट लॉक नहीं करूँगा तुझे अगर देखना है तो तू छुपकर देख सकता है. फिर वो दीदी के कमरे में गया और उसने जाते वक्त टी.वी. को चालू किया.

उसने दीदी के कमरे में जाकर दीदी को बाहों मे जकड़ लिया. फिर दीदी ने कहा कि पहले दरवाजा बंद करो नहीं तो राहुल भी आ सकता है. फिर आलम बोला कि राहुल सो गया है और में उसके कमरे को लॉक करके आया हूँ और टी.वी. भी चालू करके आया हूँ. अगर वो जाग भी जाए तो कह दूंगा कि में टी.वी. देख रहा था.

दीदी बोली कि मुझे नींद आ रही है, में सोने जा रही हूँ. फिर आलम ने दीदी को खींचकर अपनी बाहों में समा लिया और अब वो उनकी गर्दन पर किस कर रहा था.

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अब दीदी अपने बड़े-बड़े नाख़ून से उसकी पीठ को खरोंच रही थी. फिर उन दोनों ने अपने होंठ को आपस में चिपका लिया. फिर उसने दीदी की नाइटी का स्ट्रीप पकड़कर नीचे गिरा दिया. अब दीदी बस ब्लू कलर की ब्रा में थी और अब दीदी शर्म से लाल हो रही थी. फिर वो दीदी को पीछे की तरफ घुमाकर उनकी पीठ को चूमने लगा.

फिर दीदी लेट गयी और उसने दीदी की ब्रा को भी खोल दिया, क्या कमाल का फिगर है? मस्त टाईट चूचीयाँ, निपल ब्राउनिश था. अब आलम दीदी की चूचीयों पर किस कर रहा था.

फिर उसने निपल के चारों तरफ चाटा और फिर निपल को पूरा खींचकर चूसा और वो अपने एक हाथ से दूसरी चूची को दबाकर आलम उनके दोनों निपल को दोनों हाथों की उंगलियों से दबाने लगा और खींचने लगा और उनकी चूचीयों को काफ़ी मसल रहा था. अब ऐसा करीब आधे घंटे तक चला.

फिर उसने दीदी के मस्त गोरे-गोरे पेट को अपने होंठो से सहलाया, किस किया और फिर उनकी नाभि में अपनी जीभ से भी चूम लिया. फिर उसने धीरे-धीरे उनकी पेंटी उतारी उफफफफ्फ़ क्या चूत थी उनकी? बिल्कुल साफ और उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. उनकी चूत बहुत सुंदर थी. फिर आलम ने उनकी जांघो को अपने होंठो से सहलाया और फिर वो चूत के नज़दीक आया और उसने चूत के ऊपर किस किया. फिर उनकी चूत का चना जो बाहर की तरफ निकला रहता है, उसको अपनी जीभ से चाटता रहा.

अब दीदी बोली कि उम्म्म्म आलम प्लीज चाटो, इसको खूब चाटो, में बहुत तन्हा हूँ ऊम्‍म्म्मम उहह लव यू आलम. फिर आलम उनकी चूत के अंदर अपनी जीभ घुसाकर उससे खेल रहा था. फिर 15 मिनट के बाद दीदी बोली कि आलम में झड़ने वाली हूँ और दीदी झड़ गयी. फिर आलम ने अपना नेकर उतारा और आलम भी अपनी झाटों को बहुत साफ रखता है. आलम का लंड करीब 7 इंच लंबा और काफ़ी मोटा था. फिर जब दीदी ने उसका लंड देखा तो बोली कि आलम इसलिए तुम्हारी गर्लफ्रेंड भागती थी.

फिर दीदी ने आलम के अंडो को अपने मुँह में ले लिया, फिर धीरे-धीरे उसके लंड को किस किया और अपने मुँह में ले लिया. अब तो आलम के मुँह से निकला आआहह दीदी, धीरे-धीरे कीजिए और फिर दीदी ने ब्लोजॉब की रफ़्तार पकड़ ली. फिर कुछ देर के बाद आलम ने उनके मुँह के अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया और दीदी ने उसको पी लिया.

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आलम ने उनकी चूचीयों से खेलना शुरु किया और अब वो उनकी निप्पल को खींच रहा था मानो जैसे की गाय का दूध निकाल रहा हो. अब इतने में उसका लंड फिर से तैयार हो गया था. इसलिए उसने कुछ देर तक दीदी की चूत के ऊपर अपना लंड रगड़ा. फिर दीदी ने अपने हाथ से उसके लंड को पकड़कर अपनी चूत के अंदर डाल दिया और फिर करीब 10 मिनट के बाद दीदी फिर से झड़ गयी और 20 मिनट के बाद आलम ने भी दीदी की चूत के अंदर ही अपना माल गिरा दिया.

अब ऐसा लगातार 3 रात तक वो दोनों सेक्स करते रहे और में चुपचाप देखता रहा और अपना लंड हिलाता रहा. फिर एक दिन मैंने आलम से बोला कि तू तो मेरा नाजायज जीजा बन ही गया. अब मुझको भी कुछ दिला और फिर आलम बोला कि ठीक है, आज रात को तुझे भी मौका मिलेगा. फिर उसने रात को दीदी से कहा कि चलो आज अपनी आँखें बंद करके करते है.

पहले तो दीदी ने मना कर दिया, लेकिन बाद में दीदी भी मान गयी और आलम ने एक कपड़े से दीदी की आँखें पर पट्टी बांध दी और मुझसे कहा कि अपनी पेंट मत उतारना नहीं तो लंड की साईज की वजह से पकड़ा जाएगा. फिर में दीदी के पास गया और उनको चूमने लगा.

फिर मैंने उनकी चूचीयों को दबाया, चूसा और उनकी चूत में उंगली घुसाई, उनकी चूत चाटी और उनकी मलाई पी. अब ऐसा हर रोज़ रात को चलता रहा. अब आलम से मेरी दीदी अच्छी तरह से संतुष्ट है और जब भी दीदी बुलाती है तब आलम भागा चला जाता है.

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