मेरी बीवी का डबल चुदाई-2

Meri biwi ki double chudai-2

मेरी बीवी ने अंकित के गाल पर अपना गाल रगड़ते हुए कहा कि भाई साहब आप अब बिल्कुल भी संकोच ना करो और अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों बूब्स को आराम से अपना समझकर दबाइए और फिर वो दोबारा से उसके होंठो को चूमने लगी. अब अंकित उसके दोनों बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा और उदित शायद उसकी चूत को चोदने की कोशिश कर रहा था और अब राजश्री ने अपने दोनों पैरों को थोड़ा सा फैला दिया जिसकी वजह से उदित उसकी चूत तक बहुत आसानी से पहुँच गया और वो अब उसकी चूत को हल्के हल्के हाथ से सहला रहा था.

दोस्तों जैसा वो सब कुछ चाहती थी अब शायद वो सब उसके साथ हो रहा था क्योंकि उसके चेहरे की शरारती हंसी यह बात मुझे बता रही थी कि वो उन दोनों के काम से बहुत खुश थी.

तभी उदित के ऐसा करने के थोड़ी ही देर में मेरी बीवी अपना पूरा धैर्य अब खो बैठी और अब उसने एक ही झटके में अपनी मेक्सी को उतारकर मेरे ऊपर फेंक दिया और वो अब बिल्कुल नंगी हो गई. उसने थोड़ा आगे की तरफ आकर अंकित के मुहं में अपना एक निप्पल घुसाकर बोली कि चलिए ना भाई साहब बेडरूम में चलते है. अब मुझसे ज्यादा देर रुका नहीं जाता. फिर अंकित उसके बूब्स को चूसते हुए उसके चूतड़ को सहलाने लगा, मेरी बीवी ने एक अच्छा मौका देखकर उसकी पेंट की ज़िप को खींचकर खोल दिया और फिर अपने हाथ को अंदर घुसाने की कोशिश करने लगी, लेकिन बैठे हुए यह सब करना बहुत मुश्किल था और आख़िर में वो उसके सामने ज़मीन पर बैठ गयी और उसने उसके दोनों पैरों को फैलाया.

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फिर ज़िप में हाथ घुसाकर लंड को बाहर निकाल लिया और अब लंड के बाहर आते ही वो उसे चूसने लगी. अंकित यह सब देखकर एकदम भोचक्का सा मुझे देख रहा था क्योंकि मेरी बीवी मेरे सामने बिल्कुल नंगी होकर उसका लंड चूस रही थी. मैंने मुस्कुराकर उसे आँख मारी और अब उदित भी धीरे धीरे मुस्कुरा रहा था. मैंने कहा कि यार अंदर बेडरूम में आ जाओ. फिर तुम बहुत आराम से सब कुछ कर सकते हो और फिर हम चारों बेडरूम में आ गए और उदित ने जल्दी से अपने सारे कपड़े उतारकर दूर फेंके और बेड पर आ गया, लेकिन अंकित को अभी तक अपने कपड़े उतारने का मौका नहीं मिला था. क्योंकि यहाँ आकर बेड पर उसे बैठाकर मेरी बीवी फिर उसका लंड चूसने लगी थी.

फिर उदित ने उसके दोनों पैरों को फैलाया और फिर चूत को चाटने लगा और अब अंकित को ठीक मौका लगा और उसने भी फटाफट अपने सारे कपड़े उतार फेंके और मेरी बीवी से चिपककर उसे चूमने लगा. मेरी बीवी ने उदित से कहा कि भाई साहब अब आप इधर आइए और अंकित भाई साहब को भी ज़रा मेरा स्वाद चखने दीजिए.

फिर उदित ने अपना लंड राजश्री के मुहं पर रख दिया जिसे वो फ़ौरन चाटने लगी. उधर अंकित अब उसकी चूत चाट रहा था और मेरी बीवी चुदवाने के लिए बिल्कुल तैयार हो चुकी थी और आख़िर में मुझे ही कहना पड़ा कि अंकित भाई अब बहुत हुआ, अब आगे के काम की शुरूवात भी करिए. अंकित तुरंत उठा और अपना लंड उसने मेरी बीवी की चूत पर रखा और लंड का चूत पर दबाव बनाते हुए उसे चूत के अंदर घुसाने लगा और अब वो पूरा ज़ोर लगाकर बहुत मज़े लेकर मेरी बीवी को चोद रहा था और मेरी बीवी भी बहुत मस्त होकर चुदवा रही थी और साथ ही उदित का लंड चूस रही थी. मेरी बीवी ने फिर से कहा कि भाई साहब आप बिल्कुल भी हिचकिचाईएगा नहीं और अगर आप चाहें तो उसके नीचे दूसरा छेद है आप उसका भी इस्तेमाल कर सकते है.

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अब अंकित ज़ोर ज़ोर से हँसने लगा और चूत से अपने लंड को बाहर निकालकर उसने अब गांड में अपने लंड को डाल दिया और फिर मुझे देखकर बोला कि यार तेरी बीवी तो बहुत मस्त है. तभी उदित ने उसके मुहं से लंड को बाहर निकाला और नीचे आकर कहा कि यार अब थोड़ा मुझे भी चोदने दो. में कब तक इसके मुहं में अपना लंड हिलाता रहूँगा. मुझे भी तो इसकी चूत को अपने लंड का मज़ा देने दो. अब अंकित अपनी जगह से हटा गया और उदित ने मेरी बीवी की चूत में अपना लंड घुसेड़ दिया. अंकित ने मेरी बीवी के मुहं पर अपना लंड रख दिया, वो अब उसे चूसने लगी और थोड़ी देर में अंकित ने कहा कि डियर थोड़ा सम्भल जाओ क्योंकि अब मेरा वीर्य निकलने वाला है और अब उसने मेरी बीवी के मुहं में ज़ोर ज़ोर से धक्के देने शुरू किए.

मेरी बीवी ने फ़ौरन कहा कि आप बिल्कुल मत हिचकिचाईए भाई साहब जहाँ आपका मन करे आप वहाँ पर अपना वीर्य निकाल दीजिए क्योंकि मेरे लिए तो यह माल अमृत समान है. फिर दो मिनिट बाद अंकित उसके मुहं में ताबड़तोड़ धक्कों के साथ झड़ने लगा और मेरी बीवी बहुत मज़े लेकर उसका गरम गरम वीर्य चूसकर चाटकर साफ करने लगी. अब उदित ने भी जल्दी से अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकालकर गांड में डाल दिया और अब उसने अपने धक्कों की स्पीड को बड़ा दिया था. शायद वो भी अब झड़ रहा था और कुछ देर झड़ने के बाद वो दोनों एकदम शांत होकर मेरी बीवी के आस पास में लेट गये, लेकिन अब भी उन दोनों के हाथ मेरी बीवी के जिस्म पर इधर उधर घूम रहे थे और मेरी बीवी के दोनों हाथ उनके लंड को मसलने में लगे हुए थे.

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मैंने अपने बीवी से पूछा कि क्यों मज़ा आया? तो उसने कहा कि हाँ बहुत लेकिन अभी में इन्हे छोड़ने वाली नहीं हूँ. यह दोनों यहाँ से अपना एक बूँद माल भी वापस लेकर नहीं जा सकते. फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है डार्लिंग, तुम आज रात भर इन दोनों से जी भरकर चुदवाना और फिर रात भर वो दोनों बारी बारी से और बार बार उसे चोदते रहे. वो कभी गांड मारते रहे तो कभी चूत और बारी बारी से अपना लंड भी उससे चुसवाते रहे और में सोफे पर लेटा लेटा उसको चुदवाते हुए देखता रहा और मुझे पता ही नहीं चला कि में कब सो गया और कब सुबह हुई.

तो दोस्तों यह थी मेरी बीवी की चुदाई की कहानी जिसमे वो पूरी रात चुदती रही और में उसकी चुदाई को देखता रहा.

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