मेरी गरम जवानी पर भाई का कब्ज़ा-1

Meri Garam Jawani Par Bhai Ka Kabja-1

मेरी गरम जवानी पर भाई का कब्ज़ा – Meri Garam Jawani Par Bhai Ka Kabja , बहन भाई की चुदाई , भैया ने दीदी की चूत गांड को चोदा , भाई से चुद गई , सगा भाई बना चूत का दीवाना , भाई के लंड की दीवानी बहना.

हेल्लो फ्रेंड्स, मेरा नाम नेहा (बदला हुआ) है. मैं बहुत खूबसूरत हूँ और उतनी ही घुल-मिल कर रहने वाली हूँ. मेरी गांड बहुत बड़ी और सेक्सी है. मैं दिखने में भी बहुत सेक्सी हूँ. मैं अपने आपको बहुत अच्छे से बन संवार कर रखती हूँ और फैशन में रहती हूँ. मैं हमेशा सलवार सूट पहनती हूँ और जब ऑफिस जाती हूँ तो मॉडर्न कपड़े पहन कर जाती हूँ.

मैं आपको मेरे पड़ोसी भाई और मेरी चुदाई की कहानी बता रही हूँ. यह कहानी कुछ दिन पहले की है.

मेरे पड़ोस में एक भैया है उनके घर मैं जाती हूँ. वो भी बहुत मुझसे बहुत अच्छे से बात करते हैं. मैं जब भी उनके घर जाती हूँ तो वो पीछे से मेरी गांड को देखते हैं क्योंकि मैं जब भी चलती हूँ तो मेरी गांड का उभार वो देखते हैं.मैं जब भी भैया के घर जाती हूँ तो उनकी पत्नी से बात करती हूँ और उनकी पत्नी भी बहुत अच्छी है और वो भी मेरे घर आती है.
हम दोनों पड़ोसियों में बहुत प्यार है. मैं और भैया, हम लोग कभी-कभी साथ में टीवी भी देखते हैं. मैं कभी-कभी रात को भी भैया के घर जाती हूँ घूमने के लिए, तो उनकी पत्नी मुझे खाना खिलाये बगैर मुझे घर से आने नहीं देती है. हम दोनों लोग पड़ोसी हैं लेकिन हम दोनों के बीच में एक परिवार की तरह प्यार है.

जब मैं उनके घर जाती थी तो भैया मुझे हवस भरी नजरों से देखते थे. मैं भी सलवार सूट पहन कर एकदम सेक्स बम बन कर जाती थी. मुझे इस तरह से अच्छा लगता था जब लोग मेरी तरफ ध्यान देते थे. ऐसा लगता था कि सब मेरे जिस्म के भूखे हैं. मुझे उनको तड़पाने में बहुत मजा आता था इसलिए मैं जान-बूझ कर इस तरह से अपने आप तैयार करती थी कि सबकी नजर मुझ पर जाये बिना रह ही न पाये.

वैसे तो मेरा मकसद पड़ोसी भैया के घर ही जाना होता था क्योंकि मैं स्पेशल उनके लिये तैयार होकर जाती थी. मगर इसी के साथ मेरे मन की इच्छा भी पूरी हो जाती थी कि मुझे पड़ोस के और लोग भी देखें. घर से निकलती थी तो मुझे बाकी के पड़ोसी लोग भी देखते थे.
भैया मुझसे हमेशा अकेले में बात करते थे और जब उनकी पत्नी मेरे साथ होती थी तो वो बहुत कम मुझसे बात करते थे. मैं कभी-कभी मॉडर्न सलवार सूट पहन कर भैया के घर जाती थी जिसमें से मेरी ब्रा और पेंटी का रंग बिलकुल साफ़ दिखाई देता था.

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एक दिन मैं भैया के घर गयी थी तो उनकी पत्नी किसी पड़ोस की औरत के साथ बाजार चली गयी थी और भैया घर में अकेले थे.

मुझे नहीं पता था कि उनकी पत्नी पड़ोस की किसी औरत के साथ बाजार गयी है. भैया घर में अकेले थे तो मैं वापस अपने घर आने लगी तो भैया मुझसे बोले कि तुम अकेले में मुझसे बात नहीं करोगी क्या?
उनकी यह बात सुनकर मैं भैया के घर रुक गयी और हम दोनों बात करने लगे. मुझे नहीं पता था कि उनकी पत्नी कब आएँगी और इधर भैया मुझसे बात कर रहे थे और मैं भी हंस-हंस कर उनसे बात कर रही थी. हम दोनों लोग पहले भी अकेले में एक दूसरे से बात करते थे तो हमें अकेले में एक दूसरे से बात करने में कोई परेशानी नहीं थी.

भैया बात करते-करते मुझे हवस भरी नजरों से देख रहे थे. हम दोनों लोग एक दूसरे से बात करते-करते घुल मिल गए थे. अचानक से भैया ने मुझे पकड़ लिया और मैं भैया से बोली- आप ये क्या कर रहे हैं?
वो बोले- मैं तुम्हे बहुत पसंद करता हूँ!
और जब तक मैं कुछ और कह पाती वो मुझे किस करने लगे. हम दोनों लोग घर में अकेले थे तो किसी के आने का भी डर नहीं था.

किस करने के बाद मैंने खुद को पीछे हटाया और कहने लगी- ये सब मत करिए.
वो बोले- मैं तुमको बहुत चाहता हूँ.
और वो मुझे पकड़ कर फिर से किस करने लगे.

मैं भी गर्म होने लगी और वो मुझे किस करते-करते मेरी सलवार के ऊपर से मेरी चूत को सहलाने लगे. भैया मुझे अपनी बाँहों में उठा कर बेडरूम में ले गए. वो मुझे बेड पर गिरा कर किस करने लगे. मेरी चूचियों को दबाने लगे और मैं भी ज्यादा गर्म होने लगी. उन्होंने मुझे किस करते करते मेरी सलवार और सूट को निकाल दिया और मैं ब्रा और पेंटी में रह गयी. वो मुझे ब्रा और पेंटी में देख रहे थे.

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उनकी नजरों से हवस टपक रही थी. ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई भूखा भेड़िया अपने शिकार को देख रहा है.

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उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींच लिया. मेरे जिस्म को चाटने लगे और उसके बाद वो मेरी ब्रा निकाल कर मेरी चूचियों को अपने हाथों से दबाने लगे और मेरी एक चूची को पकड़े हुए दूसरी चूची को मुंह में लेकर चूसने लगे.
मेरी चूची को चूसने के बाद वो मेरे निप्पल को मसलने लगे और फिर मेरे निप्पल को चूसने लगे. मेरी चूचियों को पीने के बाद वो मेरी चूची को बहुत जोर से दबा रहे थे. मेरी चूची बहुत बड़ी हैं तो उनको मेरी चूची को दबाने में मजा आ रहा था. वो मेरी चूची को दबाने के बाद वह उठ गये.

फिर भैया किचन से चॉकलेट लेकर आये और मेरी चूची पर चॉकलेट लगा कर मेरी चूची को चूसने लगे.
मेरी चूची पर से चॉकलेट को चूसने के बाद वो मेरी पेंटी को निकालने लगे. उन्होंने मेरी पेंटी को खींच कर मेरी टांगों से अलग कर दिया और फिर चूत को गौर से देखने लगे. कुछ देर तक देखने के बाद उन्होंने मेरी चूत पर चॉकलेट लगा दी.

मेरी चूत पर चॉकलेट लगाने के बाद वो मेरी चूत को चाटने लगे. मैं भी उनका साथ दे रही थी और वो मेरी चिकनी चूत पर चॉकलेट लगा कर मेरी चूत को चाट रहे थे.

मुझे लगा कि भाभी आ सकती हैं, मैं उनको मना करने लगी- अब रहने दीजिए, कोई आ जायेगा.
वो बोले कि उनकी पत्नी अभी नहीं आएगी. वो मेरी चूत को जोर से चाटते रहे.

मेरी चूत को खूब चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ने लगे. भैया अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ रहे थे तो मैं बहुत ही गर्म हो गई और वो अपना लंड मेरी चूत में डालने लगे. मेरी चूत में वो अपना लंड डाल कर मुझको चोदने लगे. मेरी चूत में उनका लंड अन्दर बाहर हो रहा था. वो मेरी टांगों को फैला कर मेरी चूत को चोद रहे थे. हम दोनों लोग सेक्स कर रहे थे और वो मुझे अपने बेडरूम में नंगी करके मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को चोद रहे थे.

उनका लंड मेरी चिकनी चूत को चोद रहा था. हम दोनों लोग सेक्स करते करते गर्म हो गए थे. वो मेरी चूत में झटका मार रहे थे और मैं सिसकारियाँ ले रही थी. मेरी चूत गीली हो गयी थी और हम दोनों लोग सेक्स करते-करते एक दूसरे को किस भी कर रहे थे.

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हम दोनों सेक्स करते हुए पूरा मजा ले रहे थे. बहुत दिनों के बाद मेरी चूत की चुदाई हुई थी. मैं तो पहले से ही चाहती थी कि भैया मेरी चूत को चोद दें मगर अभी तक मौका नहीं मिल पा रहा था.
हमें चुदाई करते हुए बीस मिनट हो गये थे. फिर एकदम से दोनों का माल निकलने को हो गया. भैया ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लिया और वो अपना माल मेरे चूची पर छोड़ने लगे. मेरी चूची पर उनका सफेद माल आकर गिरने लगा और यहाँ-वहाँ बहने लगा. मुझे बहुत मजा आया उनका माल अपनी मोटी चूचियों पर लगवा कर. मैंने उनके माल को अपनी चूचियों पर पूरी तरह से मल दिया. मेरी चूची पूरी तरह से भैया के माल से सन गई थी.

मेरी चूची पर अपना माल छोड़ने के बाद वो मेरी चूत को चाटने लगे और मैं उनके माल को साफ़ करने लगी. मैंने एक कपड़े से अपनी चूचियों को साफ़ किया और उसके बाद वो मेरी चूत को बहुत अच्छे से चाटने लगे. बीच-बीच में वो दो उंगली डाल कर मेरी चूत को चोद रहे थे.

कुछ देर तक ऐसा करने के बाद वो मेरी चूत में अपनी जीभ डालने लगे. मुझे फिर से मजा आने लगा. मैं अपनी चूत को उनके मुंह में फेंकने लगी. गांड उठाकर अपनी चूत को उनकी जीभ की तरफ धकेल रही थी.
भैया जीभ पूरी अंदर डाल कर मेरी चूत को चोद रहे थे. मैं भी उनका साथ दे रही थी. फिर भैया ने अपना लंड मेरे मुंह की तरफ कर दिया. वो मेरी चूत चाट रहे थे और मैंने उनका लंड मुंह में ले लिया. मुंह में लेकर उनके खड़े हुए लंड को चूसने लगी. मैं बहुत ही मजे से उनके लंड को चूस रही थी.

आगे कि कहानी अगले भाग में

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