मेरी प्यासी सास अपनी चूत में तेल लगा रही थी

(Meri Pyasi Saas Apni Chut Mein Tel Laga Rahi Thi)

Hindi Sex Story मैं आज आप सभी को जो कहानी बताने जा रहा हूँ वो तब की है जब मुझे रेलवे में नई जॉब लगी थी मुझे सिर्फ 6 महीने ही हुए थे मेरी बहन का एक दिन मुझे फोन आया और वह कहने लगी महेश क्या तुम घर पर ही हो मैंने अपनी बहन से कहा हां मैं घर पर ही था उस दिन मेरी छुट्टी थी तो मेरी बहन मुझे कहने लगी तुम आज मुझसे मिलने के लिए आ जाओ मुझे तुमसे मिलना था। मेरी बहन प्रेग्नेंट थी इसलिए वह नहीं आ सकती थी तो मैं ही उससे मिलने के लिए चला गया. Meri Pyasi Sas Apni Chut Mein Tel Laga Rahi Thi.

मैं जब अपनी बहन कविता से मिलने के लिए उसके घर पर गया तो उस दिन मेरे जीजा और उनके माता-पिता घर पर ही थे। वह लोग कविता से बहुत प्यार करते हैं और हमें इस बात की खुशी है कि कविता को एक अच्छा घर मिला वह लोग उसकी बहुत देखभाल करते हैं। मेरी उम्र 24 वर्ष है और मैं जब अपनी बहन से मिला तो उनके पड़ोस में रहने वाली ही एक ऑन्टी आई हुई थी उन्होंने मेरी बहन से मेरे बारे में पूछा तो कविता ने उन्हें जवाब दिया और कहा यह मेरा छोटा भाई है और यह रेलवे में जॉब करता है।

वह ऑन्टी मुझसे बहुत सवाल कर रही थी मुझे कुछ समझ नहीं आया कि वह मुझसे इतनी पूछताछ किस लिए कर रही हैं लेकिन मैं भी उनकी बात का जवाब देता रहा और जब उन्होंने मुझे कहा कि चलो बेटा हमारे घर पर। मैंने कहा नहीं आंटी मैं आज घर चला जाऊंगा वह कहने लगी आज तुम यही रुक जाओ मैंने उन्हें कहा मैं देखता हूं तब तक कविता ने मुझे कहा तुम आज यहीं रुकोगे कल सुबह तुम चले जाना। कविता की बात को मैं टाल ना सका और उस दिन मैं उसके ससुराल में ही रुक गया मैंने कविता से कहा तुमने मुझे आज घर पर जबरदस्ती रोक लिया मुझे कल सुबह काम पर जल्दी जाना है लेकिन कविता ने मुझे उस दिन रुकने के लिए कहा तो मैं रुक गया।

अगली सुबह मैं अपने काम पर निकल गया क्योंकि मैं गोरखपुर का रहने वाला हूं और मेरी नौकरी भी गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर ही थी इसलिए मैं सुबह ही घर से निकल गया। मैं जब सुबह अपने काम पर पहुंच गया तो मेरी बहन कविता का मुझे फोन आया वह कहने लगी जो घर पर तुमसे मिली थी वह तुम्हारी तारीफ कर रही थी। मैंने अपनी बहन से कहा की वह आंटी मेरी तारीफ क्यो कर रही थी लेकिन वह ऑन्टी बहुत अच्छे हैं उनका व्यवहार भी बहुत अच्छा है।

कुछ समय बाद मुझे पता चला कि वह आंटी अपनी लड़की के लिए मेरा रिश्ता देख रही थी और उन्होंने मेरी बहन कविता से भी इस बारे में बात की। कविता ने मुझे कहा तुम एक बार ज्योति से मिल लो मैंने कविता से कहा दीदी मैं अभी शादी नहीं करना चाहता मुझे अभी थोड़ा वक्त चाहिए मेरी उम्र भी अभी कितनी है। मेरी बहन मुझे कहने लगी तुम एक बार ज्योति से मिल लो यदि तुम्हें लगेगा तो ही तुम उससे शादी करना और यदि तुम्हें लगे की तुम्हें अभी शादी नही करनी है तो तुम उसे बता देना लेकिन तुम एक बार ज्योति से मिल लो। मैं भी अपनी बहन कविता की बात को मान गया और जब मैं ज्योति से पहली बार मिला तो मुझे वह बहुत अच्छी लगी उसने मुझे बताया कि उसके पिताजी का देहांत पहले ही हो चुका है।

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ज्योति और उसकी एक छोटी बहन है उनकी सारी जिम्मेदारी उनकी मम्मी के ऊपर हैं इसलिए वह लोग चाहते थे कि मेरी शादी ज्योति से हो जाए। उस दिन मैंने ज्योति से जितनी देर बाद कि उससे मुझे लगा कि वह एक अच्छी लड़की है और वह मेरे मम्मी पापा को खुश रखेगी लेकिन इस बात का पता ना तो मेरी मम्मी को था और ना ही पापा को। मैंने अपनी बहन से कहा तुम्हें पहले मम्मी पापा को तो इस बारे में बताना चाहिए था मेरी दीदी कविता कहने लगी कि मैंने सोचा पहले तुम ज्योति से मिल लो यदि तुमने रिश्ते के लिए मना कर दिया तो इसलिए मैंने यह सोचकर पापा मम्मी को नहीं बताया।

मेरी दीदी ने मुझसे पूछा तुम्हें ज्योति कैसी लगी मैंने अपनी दीदी से कहा मुझे तो ज्योति बहुत अच्छी लगी लेकिन अभी मैं उससे शादी नहीं करना चाहता मुझे एक साल का वक्त और चाहिए। मेरी दीदी कहने लगी कि तुम चाहे एक साल का वक्त ले लो लेकिन ज्योति जैसी सुंदर और सुशील लड़की तुम्हें नहीं मिल पाएगी मैं भी अपनी बहन की बात को ना टाल सका और मैंने इस रिश्ते के लिए हामी भर दी। ज्योति और मेरी सगाई हो चुकी थी मेरे माता-पिता को भी ज्योति बहुत पसंद आई हम दोनों की मुलाकात कम ही हो पाती थी लेकिन मैं ज्योति से हर रोज फोन पर बात किया करता था।

मैं जब भी ज्योति को फोन करता था मुझे उससे बात करना बहुत अच्छा लगता। मैं जैसे ही अपने काम से घर लौटता तो मैं फ्रेश होने के बाद ज्योति से बात किया करता रात भर हम दोनों की बात चलती रहती थी। मुझे समय का पता ही नहीं चला कि कब एक साल हो गया एक साल होने के बाद ज्योति की मम्मी ने मेरे पापा से बात की और कहा भाई साहब अब तो दोनों बच्चों की शादी करवा देनी चाहिए। मेरे पापा ने भी मुझ से पूछा बेटा क्या तुम शादी करने के लिए तैयार हो मैंने पापा से कहा हां पापा मैं शादी करने के लिए तैयार हूं,

अब शादी की तैयारियां बहुत ही अच्छे से हो चुकी थी और पापा ने बहुत अच्छे से हर इवेंट करवाया था। ज्योति और मेरी शादी भी हो गई हम लोग शादी करने के कुछ समय बाद हनीमून के लिए केरल चले गए थे केरल में हम लोगों ने काफी एंजॉय किया और उसके बाद ज्योति और मैं वहां से वापस लौट आये। ज्योति से शादी कर के मैं खुश था क्योंकि उसके जैसी लड़की मुझे मिल पाना शायद मुश्किल था और मुझे तो मालूम नहीं था कि यह सब इतनी जल्दी हो जाएगा।

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ज्योति के साथ समय बिताना मुझे बहुत अच्छा लगता है और उसके चेहरे पर जब मैं खुशी देखता तो मुझे लगता कभी भी ज्योति को मैं कोई तकलीफ या परेशानी ना होने दूं इसलिए उसे मैं हमेशा खुश रखने की कोशिश किया करता हूं। एक दिन ज्योति की मम्मी का फोन आया तो उस वक्त मैं घर पहुंचा ही था वह अपनी मम्मी से फोन पर बात कर रही थी मैंने सोचा पहले मैं कपड़े चेंज कर लेता हूं फिर मैंने कपड़े चेंज कर लिये। जब ज्योति ने फोन रखा तो ज्योति मुझसे कहने लगी मम्मी कह रही थी कि तुम कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ तो क्या आप कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले सकते हैं।

मैंने ज्योति से कहा इस महीने तो शायद छुट्टी ना ले सकूं लेकिन अगले महीने मैं कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लूंगा लेकिन ज्योति मुझे कहने लगी मम्मी ने कहा है कि तुम दोनों काफी समय से घर नहीं आए हो तो मम्मी हम दोनों को बुला रही थी। मैंने ज्योति से कहा ठीक है मैं कोशिश करता हूं की मैं एक दिन की छुट्टी ले सकूं और फिर हम लोग तुम्हारे घर चल पड़ेंगे। ज्योति कहने लगी ठीक है आप देख लीजिएगा यदि आपको छुट्टी मिले तो आप मुझे बता देना मैं मम्मी को फोन कर दूंगी मैंने ज्योति से कहा ठीक है मैं तुम्हें बता दूंगा।

मेरी अपनी बहन कविता से बात होती रहती थी और इसी बीच उसने एक लड़के को जन्म दिया मुझे अब उसके घर तो जाना ही था मैंने सोचा कि क्यों ना मैं छुट्टी ले ही लूं अब मैंने छुट्टी ले ली और मैं कविता से मिलने के लिए चला गया जब मैंने कविता के बच्चे को देखा तो मुझे बड़ी खुशी

मैंने अपनी बहन कविता और अपने जीजा जी को उनके बच्चे होने की खुशी में उन दोनों को बधाइयां दी मैं करीब वहां दो घंटे तक रहा और उसके बाद मैं ज्योति के घर चला गया। ज्योति और मैं जब उसके घर गए तो मेरी सासू मां हमे देखकर खुश हो गए क्योंकि काफी समय बाद हम लोग वहां गए थे। उसी रात मैंने ज्योति के साथ जमकर सेक्स किया ज्योति का जब मै चोदता तो उसके मुंह से बहुत तेज आवाज आती। जब ज्योति की सिसकियो को उसकी मां ने सुना तो वह भी अपनी चूत पर तेल लगाने लगी और अपने कमरे में अपनी चूत में उंगली डालने लगी।

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ज्योति सो चुकी थी क्योंकि उसे बहुत थकान हो गई थी और उसकी चूत का मैंने भोसडा बना दिया था जब मैं अपनी सांसू के कमरे में गया तो वह अपनी चूत में तेल लगा रही थी और उंगली को अंदर-बाहर करती। मैं यह सब देखकर उनकी तरफ देखने लगा और वह मेरी तरफ देखने लगी मैंने उनकी तेल लगी चूत को सहलाना शुरू किया तो व मेरे आगोश में आ गई। मैंने अपने लंड को उनकी योनि में डाल दिया उनकी योनि में मेरा लंड जाता ही मुझे मज़ा आने लगा और मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो चुका था मैं बड़ी तेजी से उनको धक्के देता जाता काफी देर तक तो यह सब चलता रहा।

वह मुझे कहने लगी आप ज्योति का बहुत ध्यान रखते हैं मुझे यह सब पता चल चुका है और इसीलिए मैंने अपनी चूत पर तेल लगाया था। उनकी यह बात सुनकर मैं खुश हो गया और मैं उन्हें तेजी से धक्के देने लगा लेकिन मेरा मन नहीं भर रहा था इसलिए मैंने उनकी गांड के अंदर अपने लंड को तेल लगाकर डाला तो वह उछल पड़ी। वह कहने लगी मेरी गांड में आपने दर्द कर दिया लेकिन मैं उनको धक्के देता जाता। “Meri Pyasi Sas Apni”

वह मेरा पूरा साथ दे रही थी मैंने उनकी गांड को छिल कर रख दिया था। मैं बड़ी तेजी से उनकी गांड मारता रहा उनकी गांड से इतनी ज्यादा गर्मी बाहर निकल रही थी कि उनकी गांड से भी खून निकलने लगा मुझे उनकी गांड को अपने हाथ में पकड़ने में बड़ा मजा आता। मैंने काफी देर तक उनकी गांड के मजे लिए जब उनकी गांड से कुछ ज्यादा ही गर्मी बाहर निकलने लगी तो मेरा वीर्य गिरने वाला था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और अपनी सांसू के मुंह में अपने वीर्य को गिरा दिया मेरा वीर्य जैसे ही उनके मुंह में गया तो उन्होंने वह अंदर लिया।

उसके बाद वह सो गई लेकिन हम दोनों के बीच रात मे जो हुआ उसे मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही थी लेकिन मैं अपने आप पर काबू ना कर सका और वह भी अपने आप को ना रोक सकी। ज्योति और मै वहां से अपने घर चले आए लेकिन उनका फोन मुझे अब भी आता है और वह कहती हैं दामाजी आप कब आ रहे हैं। मैं उनके पास नहीं जाता हूं परंतु एक दिन उन्होंने मुझे अपने पास आने के लिए मजबूर कर दिया और उस दिन भी मैंने उनकी गांड के मजे लिए। “Meri Pyasi Sas Apni”

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