मम्मी की चूत का भोसड़ा बनवाया-2

Mummy ki choot ka bhosda banwaya-2

और वो कभी कभी माँ की निप्पल को अपने दांत से खींचता भी, लेकिन माँ बस यही कह रही थी, उफफ्फ्फ्फ़ हाँ फाड़ दो, मेरी चूत चीर दो और बाबा माँ के दोनों बूब्स को बारी बारी से अपने हाथों से मसल भी रहा था और वो माँ के बूब्स के निप्पल को ज़ोर ज़ोर से मसल भी रहा था और इधर जीतू माँ की चूत को चाट रहा था, वो माँ की चूत की पंखुड़ियों को अपने दांतों से खींचता और मम्मी की चूत को चूस रहा था.

कुछ देर बाद उसने माँ की चूत में दो उँगलियों को डाल दिया और अब वो ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा और अब उसने सही मौका देखकर मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया, जिसकी वजह से माँ की एक जोरदार चीख निकल गई. अब वो अपना लंड माँ की चूत में अंदर बाहर करने लगा और माँ मोन करने लगी उफफ्फ्फ्फ़ हाँ और डालो और ज़ोर से, मुझे चुदना बहुत अच्छा लगता है और अंदर जाने दो उूह्ह्हह्ह्ह् प्लीज सससस्स धीरे में मर गई और धीरे आईईईई मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है. फिर जीतू ने अपनी चुदाई की रफ़्तार को बढ़ा दिया.

फिर माँ उससे बोली ऊऊहह आहहहह अब मज़ा आ रहा है और चोद ज़ोर से चोद, फाड़ दे इस हसीन चूत को ऊऊुउउइईई तुमने मुझे जन्नत पहुंचा दिया, में झड़ गई रे. फिर थोड़ी देर बाद बाबा बोला कि आंटी चलिए ना एक बार दोबारा हो जाए. फिर माँ बोली कि चल तू भी चोद ले तो बाबा बोला कि आंटी आपने क्या सुंदर चूत के दर्शन कराए है? में खुश होकर बोली कि फ्रिज में कुछ रबड़ी रखी है, जीतू रबड़ी ले आ और वो तुरंत ले आया और फिर बाबा ने रबड़ी में अपना लंड डुबोकर माँ के बूब्स पर रबड़ी लगाई और नाभि को भी रबड़ी से भर दिया और उसने माँ की चूत पर भी रबड़ी को लगा दिया. उसके बाद बाबा माँ की मीठी चूत को चूसने लगा और जीतू माँ के बूब्स पर लगी रबड़ी को चूस रहा था और फिर बाबा ने माँ की नाभि में भरी रबड़ी में अपनी एक उंगली को डाल दिया और माँ की नाभि में अपनी उंगली से भरने लगा और फिर उसने माँ की नाभि को चूस लिया.

फिर चिकनी चूत को एक बार फिर से चाटा और उसके बहाने उसने दाँत भी गड़ा दिया और वो ज़ोर से मचल उठी. उसके बाद वो बोला कि सारी रबड़ी अब खत्म हो गयी, चलो अब में जैसे बोलती हूँ तुम ठीक वैसा ही करो. अब तुम मेरी चूत को शांत करो और मुझे मस्ती दो. फिर बाबा उठा और माँ को फिर से चाटने लगा और उनकी चूत में अपनी उंगली को डालने लगा, आह्ह्ह्हह्ह वाह कितनी टाईट है ऊउूउउ अरे अब बाबा ने माँ के पैर अपने कंधो पर रखे और उसने अपना उठा हुआ लंड बाहर निकालकर माँ की चूत पर फेरने लगा.

फिर मेरी माँ उससे बोली कि जल्दी से अंदर कर दे, इसको बाबा ने अपने लंड को माँ की चूत पर लगाया और ज़ोर से माँ को एक झटका दे दिया और बाबा का लंड गप से फिसलकर अंदर तक चला गया और माँ बोली कि ऊऊईईईई माँ उईईई में उूउउ तेरा बहुत बड़ा है, इसके ज़ोर से झटके मार, मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है.

फिर बाबा अपने झटके और बढ़ाने लगा, जिसकी वजह से माँ और ज़ोर से चिल्ला रही थी, वाह क्या बात है आह्ह्ह्ह ऊऊईईईईइ मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है, वो भी अब नीचे से अपनी कमर को हिलाकर बाबा का साथ दे रही थी तो बाबा बोला आज रबड़ी की चूत है ना इसलिए चुदाई में मज़ा आ रहा है.

तभी बाबा ने ज़ोर से झटका मारा तो मुहं से आवाज़ निकल रही थी उूउउंम आईईईईईईई और बाबा भी झटके मारने लगा आअहह मेरे राजा मर गई रे चोद रे चोद उईईईईईई माँ फट गई रे वो भी पूरा पूरा मज़ा ले रही थी, आह्ह्ह्हह्ह क्या बात है आाशश ओह्ह्ह्ह और ज़ोर ज़ोर से लगाओ बहुत मज़ा आ रहा है.

फिर बाबा भी पूरी ताक़त से लंड को भीतर ठोकने लगा और वो ज़ोर से चिल्लाई फट गयी रे मेरी चूत. अब बाबा का वीर्य अब निकलने वाला था, तो मम्मी ने बोला कि वीर्य को अंदर ही टपका दो कुछ नहीं होगा, उसने कसकर पकड़ लिया और एकदम से स्पीड को तेज कर दिया और वीर्य को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन फिर 5 मिनट में एकदम से बहुत सारा वीर्य मम्मी की चूत के अंदर निकल गया और फिर पूरी रात उन दोनों ने मेरी माँ की चुदाई की और 2 बजे वो सो गया.

बाबा और जीतू के कुछ जानने वाले मुंबई में ही रहते थे, अगली सुबह बाबा और जीतू ने प्लान बनाया कि वो आंटी को अपने जान-पहचान वालों से भी चुदवाएँगे.

अब जीतू बोला कि आंटी मेरे एक अंकल यहाँ अंधेरी में रहते है, तो माँ बोली कि उनका परिवार कहाँ है? तो जीतू बोला कि वो तो आगरा में है. फिर माँ बोली तो क्या वो अकेले रहते है तो जीतू बोला नहीं उनके तीन दोस्त भी है और बाबा बोला कि मेरा भी एक चचेरा भाई यहाँ पर अपने दोस्तों के साथ कांदीवली में रहता है, वो यहाँ से पड़ाई कर रहा है और फिर वो दोनों बोले कि आंटी क्या आप हमे वहां पर मिलवा लाएँगी.

फिर माँ बोली कि चलो आज कहीं एक जगह चलते है तो बाबा और जीतू में बहस होने लगी कि मम्मी किसके साथ जाएँगी और तब माँ बोली टॉस कर लो, जो भी जीता उसके साथ चलेंगे और टॉस जीतू ने जीत लिया. अब मम्मी ने गुलाबी रंग की जालीदार साड़ी पहनी और जीतू के साथ वो चल दी. फिर बाबा बोला वाह क्या मस्त माल लग रही हो आंटी? क्योंकि माँ ने हमेशा की तरह अपनी साड़ी को नाभि से नीचे बांधी थी और माँ की नाभि में एक गुलाबी कलर का मोती घुसा था.

फिर बाबा ने मम्मी के होंठो पर एक जोरदार चुंबन लिया और बोला आंटी जल्दी आना मम्मी के जाते ही बाबा ने अपने चचेरे भाई को कॉल किया कि कल तेरे रूम पर में एक माल को लाऊंगा, तेरे जितने भी दोस्तों को चूत चाहिए तू उनको बता देना.

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फिर कुछ देर बाद बाबा के भाई ने बताया कि कुल 4 लोग है तो बाबा बोला कि ठीक है. उधर वो दोनों जीतू के अंकल के यहाँ शाम के 7 बजे पहुंच गये, जीतू ने भी अंकल को पहले ही बता दिया था कि एक सेक्सी आंटी की चूत की चुदाई में आपसे करवाऊंगा.

जीतू ने माँ को सबसे मिलवाया तो जीतू बोला कि यह मेरे अंकल कमल है और यह उनके दोस्त अनिल, अभी और मोहित है. फिर शाम को 7.30 बजे कुछ कोल्ड ड्रिंक के समय जीतू ने मम्मी की कोल्ड ड्रिंक में हल्के नशे की गोली मिला रखी थी और कुछ देर बाद माँ को मदहोशी छाने लगी तो उन्हें कुछ शक होने लगा तो वो वहां से उठकर बालकनी में आ गई और पीछे पीछे जीतू भी आ गया. फिर माँ बोली कि जीतू तुमने मेरी कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिलाया था और तुम मुझे यहाँ पर चुदवाने लाए हो क्या?

फिर जीतू हंसने लगा और माँ भी उसके बाद बोली मेरे राजा तुमको मेरी चूत का बहुत ख्याल है और माँ हंसती हुई जीतू के संग अंदर आ गई और अंदर वो चारो माँ के जिस्म को घूर रहे थे, लगता था महीनों से चूत नहीं मिली और फिर माँ ड्रॉयिंग रूम में ज़मीन पर पड़े बिस्तर पर लेट गई और वो भी वहां पर आ गए और माँ के चारो तरफ बैठ गये, उनमें से एक ने माँ की साड़ी पेटीकोट और ब्लाउज उतार दिया. अब मम्मी के जिस्म पर केवल ब्रा और पेंटी थी.

तभी जीतू बोला अंकल मैंने कहा था ना बहुत मस्त माल है और उसके बाद उन्होंने माँ की ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया और वो माँ के बूब्स और चूत से खेलने लगे. उनमें से दो तो मम्मी के बूब्स को मसल रहे थे और एक माँ की चूत को मसल रहा था. अब जीतू बोला कि कमल अंकल आंटी की नाभि से यह मोती निकाल दो, इनकी नाभि बहुत मस्त है और बहुत गहरी भी है, इसको चूसने में बहुत मज़ा आता है.

फिर कमल अंकल ने आंटी की नाभि से वो मोती बाहर निकाल दिया. उसके बाद वो माँ की नाभि को चूसने लगे, जीतू ने मम्मी की नाभि को शरबत से भर दिया और बोला कि अब चूसो आंटी की नाभि.

फिर उन्होंने माँ की चूत को चूसना शुरू किया और माँ की चूत पर अपना लंड सटा दिया और इस बीच माँ ऊऊुउइईई अहह्ह्हह करने लगी, उन्होंने चूत में अपना लंड डाल दिया और धक्के मारने शुरू किए, उनका पूरा लंड माँ की चूत में घुस गया था और वो माँ की चूत के नीचे जाकर धक्के मार रहा था, जिसकी वजह से माँ के मुहं से ऊओउउइईई की आवाज़े निकल रही थी और उसने अपनी आखें बंद कर ली थी. तभी अचानक से वो बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगे और थोड़ी देर में उसने अपना पूरा गरम वीर्य माँ की चूत में छोड़ दिया और अब बारी मोहित की थी.

मोहित ने मम्मी की चूत को कपड़े से साफ किया और फिर उसने माँ की चूत में अपनी जीभ को डाल दिया और वो चूत को चूसने लगा और 3-4 मिनट तक चूत को चूसता रहा. फिर माँ बोली अह्ह्ह्ह यह कैसा नशा है? में मर गई अरे अरे ओह्ह्ह्हह हाँ और अंदर और अंदर हाँ में मर जाऊंगी रे माँ बोली कि तू अब जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दे.

फिर मोहित ने माँ के दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाया और नीचे एक तकिया लगाया और लंड को चूत में धीरे से डाल दिया, चूत बहुत मुलायम और खुली हुई थी और आधा लंड डालकर मोहित ने पूछा क्यों अब ठीक है? मम्मी ने कहा कि दर्द हो रहा है. फिर मोहित ने थोड़ा सा लंड बाहर निकालकर अंदर बाहर करना शुरू किया, जिसकी वजह से मम्मी को मज़ा आने लगा और वो अपने कूल्हे उठाने लगी.