मुसीबत में चूत का सहारा-1

Musibat me chut ka sahara-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संध्या है और मेरी उम्र 24 साल है और में एक शादीशुदा औरत हूँ. मेरे पति ठेकेदार है और में एक बहुत पैसे वाले आमिर घर से हूँ. मेरे पति का नाम राहुल है और में उनके साथ अपनी प्यार भरी जिन्दगी में बहुत खुश हूँ. वैसे मैंने अपनी वर्जिनिटी को तो कॉलेज में ही गवां दिया था और राहुल भी मुझे सेक्स में हमेशा संतुष्ट करते है. उसका लंड करीब 6 इंच का है. में भी उनकी तरह सेक्स की बहुत भूखी हूँ और हम दोनों जहाँ पर जाते है लोग मुझे लगातार घूरते रहते है.

मेरे बूब्स भी बहुत बड़े 34 साईज़ के है और लोगों की निगाहे अक्सर उन पर टिकी रहती है. में भी जींस, टी-शर्ट पहनना ज़्यादा पसंद करती हूँ और राहुल को भी यह सब बहुत पसंद है. दोस्तों यह मेरी शादी के करीब एक साल बाद की बात है तब रोड बनाने के एक सरकारी ठेके की बात हमारे सामने आई. राहुल अब वो ठेका किसी भी किमत पर पाना चाहता था क्योंकि हमने शेयर बाज़ार में पहले से ही बहुत सारा पैसे लगाया हुआ था और उस समय शेयर के भाव बहुत ज्यादा गिर चुके थे इसलिए घर पर भी थोड़ी सी टेंशन चल रही थी. अब जब तक उस शेर के भाव फिर से ना बढ़े तब तक हमारे पैसे वहां पर फंस चुके थे इसलिए इस ठेका का हमे मिलना बहुत आवश्यक था और अब उस ठेके के लिए मुझे किसी सरकारी आदमी का साथ होना ज़रूरी था क्योंकि सब उनके ही हाथ में होता है. राहुल ने बहुत कोशिश की, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ.

तभी मैंने उसे बताया कि मेरे कॉलेज का एक दोस्त है राज और उसकी पहुंच बहुत ऊपर तक थी और अगर उसकी मदद ली जाए तो कैसा रहेगा? तो राहुल ने कहा कि यह बात तो बहुत अच्छी है तुम उसको जल्दी से फोन करो. तो मैंने कहा कि में हमारे एक दोस्त से उसके फोन नंबर ले लेती हूँ और फिर राहुल अपने काम पर चला गया. दोस्तों राज अपने कॉलेज के समय में कई लड़कियो को चोद चुका था क्योंकि उसका स्टाईल ही कुछ ऐसा था कि हर लड़की उस पर मरती थी और वो मेरे कॉलेज के ग्रुप का जो बॉस है उसका खास दोस्त था जिसका मोबाईल नंबर मेरे पास पहले से ही था तो मैंने उसको फोन करके राज का नंबर लेकर राज को कॉल किया.

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में : हैल्लो राज में संध्या बोल रही हूँ.

राज : हाए आज तुमने अचानक से राज को कैसे याद कर लिया?

में : हाँ यार दोस्त ही तो कभी ना कभी काम आते है मुझे तुमसे कुछ काम था.

राज : हाँ कहो ना ऐसा क्या काम है और वैसे भी राज सुंदर लड़कियों के काम के लिए हर वक़्त तैयार रहता है.

में: राज क्या हम कहीं मिल सकते है क्योंकि में तुम्हे वहां पर अपनी पूरी बात विस्तार में थोड़ा आराम से बता सकती हूँ?

राज : चलो ठीक है फिर कल दोपहर को तुम मेरे घर पर आ जाओ, में घर पर बिल्कुल अकेला ही रहता हूँ.

में : हाँ तो फिर एकदम ठीक है, में कल दोपहर को तुम्हारे घर पर आ जाती हूँ हम वहीं पर बैठकर अपनी बात कर सकते है.

फिर अगले दिन दोपहर को मैंने काली कलर की जींस और गुलाबी रंग का टॉप पहना हुआ था उसमे से मेरे बूब्स थोड़े से बाहर दिख रहे थे जिसे देखकर कोई भी मर्द उसे पाने को बैताब हो जाए, मैंने अपने घर से बाहर निकलने से पहले उसे कॉल किया और कहा कि में वहां पर आ रही हूँ और में करीब आधे घंटे में वहां पर पहुंच गई. वो भी मेरा बहुत इंतजार कर रहा था.

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मैंने वहां पर पहुंच कर देखा कि उसका घर बहुत शानदार था उस समय उसकी मम्मी घर पर नहीं थी और पापा बिजनेस के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर गये हुए थे. अब में वहां पर पहुंचकर अंदर सोफे पर जाकर बैठ गई. उसने मुझसे पूछा कि चाय या कॉफी क्या चलेगा? मैंने कहा कि चाय चलेगी और अब हम थोड़ी देर इधर उधर की बातें करते रहे और फिर चाय बनकर आई. हमने वो कुछ ऐसे ही बातें करते करते पी ली. फिर उसने अपने नौकर से कहा कि तुम आज अपने घर पर चले जाओ. हमें कुछ जरूरी काम है और अब में उसकी यह बात सुनकर उसकी तरफ देखने लगी.

फिर उसने नौकर के बाहर जाते ही दरवाजे को अंदर से अच्छी तरह से बंद कर दिया और बिल्कुल मेरे पास सोफे पर आकर बैठ गया और फिर मुझसे बातों ही बातों में हंसी मजाक करते हुए कहने लगा कि तुमने अपना फिगर शादी के बाद भी बहुत अच्छी तरह सम्भालकर रखा है. तुम दिखने में आज भी बहुत हॉट सेक्सी और सुंदर भी हो. तो मैंने उसे मुस्कुराते हुए धन्यवाद कहा और फिर उसने मुझसे मेरे काम के बारे में पूछा.

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मैंने उससे कहा कि मुझे वो रोड बनाने वाला ठेका चाहिए इसके लिए सरकारी आदमी की मदद की ज़रूर पड़ेगी और उसके बदले में हम उसे कुछ पैसों का भी हिस्सेदार बना सकते है, लेकिन वहां तक मेरे पति की पहुंच नहीं है इसलिए मुझे इस काम को करने के लिए तुम्हारी मदद चाहिए. तुम मिस्टर गिरीश सक्सेना जो यहाँ के बहुत अच्छे सरकारी पद पर है उसे जानते हो इसलिए तुम अगर मेरी कुछ मदद कर सको तो मेरे लिए बहुत अच्छा रहेगा. फिर वो मुझे अब पूरी तरह ऊपर से नीचे तक देखने लगा और उसकी नज़रें मेरे बूब्स पर जैसे ठहर सी गई थी और फिर उसने कहा कि हाँ में तुम्हारी मदद जरुर कर सकता हूँ, लेकिन मुझे इसके बदले में क्या मिलेगा? तो मैंने झट से कहा कि तुम चाहो तो इस काम के बदले में मुझसे कुछ पैसे ले सकते हो.

वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगा और फिर कहने लगा कि पैसे किसे चाहिए? और अब वो मेरे बहुत करीब आ गया और उसने अपना हाथ मेरे कंधे पर रख दिया. में उसकी इस अचानक हुई हरकत से थोड़ी सी हिचकिचाई और बहुत धीरे से बोली कि फिर तुम्हे क्या चाहिए? वो अपने एक हाथ को मेरे पीछे मेरी पीठ पर ले जाकर धीरे धीरे सहलाने लगा. अब मैंने उससे एक बार फिर से पूछा कि प्लीज राज बताओ ना तुम्हे क्या चाहिए? तभी उसने कहा कि तुम.

दोस्तों में तो उसके मुहं से यह शब्द सुनकर बिल्कुल स्तब्ध ही रह गई क्योंकि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वो मुझसे ऐसा कुछ कहने वाला है या वो मेरे लिए अपने मन में एसी कोई बात छुपाकर रखे हुआ था. में उसके उस शब्द को बहुत देर तक सोचती रही कि में अब इसकी बात का क्या जवाब दूँ? तभी मैंने कुछ देर सोचकर उससे कहा कि में अब एक शादीशुदा औरत हूँ और यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है में ऐसा कभी नहीं कर सकती. तुम अगर चाहो तो मुझसे कुछ और ले सकते हो.

तभी उसने मेरा यह जवाब सुनकर वो अपना हाथ धीरे धीरे मेरे कंधे से नीचे उतारने लगा तो मैंने उससे कहा कि राज यह सब ठीक नहीं है. फिर वो झट से बोला कि तुम क्या समझती हो कोई शादीशुदा औरत अपनी शादी के बाद भी मज़े नहीं करती? और उस बीच वो मेरे बूब्स के ऊपर से खुले हुए हिस्से पर अपनी एक उंगली को घुमाने लगा और में उससे कहने लगी कि नहीं यह ठीक नहीं है प्लीज अब बंद करो. तभी उसने मुझसे कहा कि अगर कॉलेज में तुम मेरे अच्छे दोस्त की गर्लफ्रेंड ना होती तो में उसी वक़्त तुम्हे चोद सकता था और तुम्हारे कॉलेज का बॉस भी मुझे हमेशा तुम दोनों की सारी बातें बता दिया करता था और उसने तुम्हे किस किस जगह पर ले जाकर चोदा है, वो सब मुझे भी पता है. दोस्तों अब में उसकी यह सारी बातें सुनकर बिल्कुल हैरान रह गई और में सोचने लगी कि यह मेरी पिछली सारी सच्चाई जानता है और अब अगर इसने मेरे पति को इनमे से कुछ भी बता दिया तो में फंस सकती हूँ.

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में उससे बहुत डरने लगी और फिर थोड़ी हिम्मत करके मैंने उससे कहा कि वो बात अलग है क्योंकि राज तब मेरी शादी भी नहीं हुई थी. तभी उसने बहुत प्यार से आग्रह करते हुए मुझसे कहा कि में इतने बड़े ठेके में तुम्हारी मदद भी तो कर रहा हूँ. मैंने उसके बदले में सिर्फ़ तुमसे थोड़ा सा प्यार ही तो माँगा है और तुम भी बहुत अच्छी तरह उस ठेकेदार की पहुंच को जानती हो और अब उसने बातों ही बातों में मौके का फायदा उठाते हुए मेरे टॉप के ऊपर से मेरे सीधे बूब्स को पकड़ लिया और उसे धीरे से दबाने लगा.

में : नहीं प्लीज राज अब छोड़ दो, में यह सब तुम्हारे साथ नहीं कर सकती.

तभी उसने मेरे मुहं को पकड़ा और उसने मुझे होंठो पर एक बहुत हल्का सा किस किया, लेकिन फिर भी मैंने उसका कोई साथ नहीं दिया. में तेज तेज सांसो को लेकर उसे घूरकर देखने लगी. उसने एक बार फिर से एक धीरे से किस किया, लेकिन मैंने फिर भी उसका साथ नहीं दिया. उसने मुझे देखा तो उस समय मेरी दोनों आखें बंद थी और अब में उससे एक और किस की आशा कर रही थी, लेकिन थोड़ी देर बाद किस ना करने पर मैंने आखें खोली तो वो मेरी तरफ मुस्कुरा रहा था.

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