नाना ने माँ को रंडी बनाया-1

Nana ne maa ko randi banaya- 1

हैल्लो दोस्तों, में अपनी एक कहानी लेकर आया हूँ, जिसमें में आज आप सभी चाहने वालों को बताने वाला हूँ कि कैसे मेरे नाना ने मेरी माँ की सील तोड़कर अनुभवी रंडी बनाया. अब में अपनी आज की कहानी को शुरू करता हूँ.

दोस्तों यह बात तब की है, जब सर्दियों के दिनों में हमारी वो मौसी हमारे घर पर आई हुई थी और उनकी उम्र 55 साल की थी, लेकिन उनके गदराए हुए बदन को देखकर लगता ही नहीं था कि वो 55 साल की है, वो मेरी माँ से चार साल बड़ी है, मेरी मौसी जब घर आई तो हम सब उनको देखकर बहुत खुश हुए, मौसी हमारे लिए बहुत से तोफे भी लेकर आई थी और उनके साथ ऐसे ही बातें करते करते पूरी रात गुजर गयी और हम सब खाना खाकर सब सोने चले गये, मेरी दोनों बहने एक कमरे में और मेरी माँ और मौसी एक कमरे में हाँल में सो रही थी.

दोस्तों मुझे एक आदत थी कि जब तक में माँ को दो तीन बार चोद ना लूँ तब तक मुझे नींद नहीं आती थी और अब में उस वजह से रात को बाथरूम में जाने लगा. तभी मुझे मेरी माँ के कमरे से कुछ आवाज़े सुनाई देने लगी और मैंने जब उनके कमरे की खिड़की से अंदर की तरफ देखा तो मेरी माँ और मौसी एक दूसरे से बातें कर रही थी.

मैंने सुना कि मौसी मेरी माँ से बोली कि तेरे पति को तो मरे हुए पूरे दस साल हो गए है तो तू अब तक कैसे गुज़ारा करती है? माँ उससे बोली कि बस मेरा ऐसे ही गुज़रा हो रहा है, मुझे किसी भी बात की कोई भी परेशानी नहीं है, में अपने इस जीवन से बहुत खुश हूँ और अब माँ भी उनसे पूछने लगी कि दीदी तेरे पति को भी तो मरे हुए पूरे बाराह साल हो गये, तुम कैसे अपना गुज़रा करती हो? तब मौसी बोली कि में तेरी तरह पागल नहीं हूँ. मैंने से शादी कर ली है.

अब माँ चकित होकर पूछने लगी कि किससे? तब मौसी बोली कि एक नीग्रो से, माँ बोली कि क्या वो काले से लोगों से? मौसी बोली हाँ वो बहुत मज़ा देते है और तेरे जीजाजी का लंड चार इंच का था और तेरे नये जीजा जी का लंड करीब 7 इंच का है. अब माँ कहने लगी कि तो तेरी चूत का फालूदा बन गया होगा? तभी मौसी बोली कि नहीं वो बड़े ही प्यार से करता है, सप्ताह में तीन बार ही चूत की चुदाई होती है, बाकी टाईम गांड मारते है और वो अपना पूरा लंड मेरी गांड में डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारते है.

माँ बोली तो तुम्हें बड़े मज़े आते होगे, मौसी बोली कि हाँ बस सब ठीकठाक मज़े से चल रहा है और मौसी बोली क्यों मेरी कहानी को सुनकर तेरी चूत में भी खुजली होने लगी है ना? और साथ में मौसी ने माँ के बूब्स को सहलाना, दबाना भी शुरू कर दिया था और तभी में बोली कि प्लीज दीदी अब आप रहने दो, वरना मुझे उंगली से काम चलाना पड़ेगा. अब मौसी बोली कि हाँ तभी तो में तेरे लिए अपने साथ में सामान लेकर आई हूँ, क्योंकि मुझे पता था कि तू उंगली से ही अपना काम चलाती है और उसी समय मौसी ने माँ को एक डब्बा दिया और माँ ने उसको जैसे ही खोला तो उसके बीच में से रबर वाला लंड बाहर निकला और वो भी पूरा पेंटी जैसा कमर से बंधने वाला था.

अब माँ उसको देखकर बहुत चकित होकर बोली कि यह क्या है? मौसी बोली कि चल में तुझे इसका कमाल बताती हूँ और इतना कहकर मौसी ने माँ के कपड़े उतरवा दिए, जिसकी वजह से माँ पूरी नंगी हो गई. उसके बाद मौसी ने एक गिफ्ट निकाला और माँ को दे दिया और वो बोली की पहन ले. अब माँ ने डब्बा खोला तो उसमें से ब्रा और पेंटी निकली और एक मेक्सी इतनी सेक्सी थी कि में क्या बताऊं? माँ ने उस ब्रा और पेंटी को पहन लिया और मेक्सी को भी पहन लिया, माँ उसमें इतनी सेक्सी लग रही थी.

तभी मौसी माँ को किस करने लगी और माँ भी उनका साथ देने लगी थी, मौसी ने माँ की मेक्सी को उतार दिया और माँ के बूब्स ब्रा के ऊपर से मसलने लगी और मौसी कहने लगी कि तेरे बूब्स तो बड़े बड़े है. अब माँ बोली कि तेरे कौन से छोटे है? तभी मौसी ने माँ के सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी. मौसी ने उस लंड को अपनी कमर से बाँध लिया और वो माँ को किस करने लगी.

उसके बाद मौसी ने माँ की चूत को चाटना शुरू किया, जिसकी वजह से माँ के मुँह से अब उफ्फ्फफ्फ्फ़ स्सीईईईई की आवाज़े आने लगी थी और माँ एकदम पागलों की तरह मचलने लगी थी. अब माँ मौसी से बोली कि दीदी बस करो अब और ना तड़पा, फाड़ दे मेरी चूत को, चोद दे मुझे आज जमकर रंडी कुतिया और माँ जोश में आकर मौसी को गाली देने लगी थी, जिसकी वजह से मौसी भी एकदम जोश में आ गई और माँ की चूत पर उसने अपना लंड रखा और एक ही झटके में पूरा लंड उनकी चूत के अंदर डाल दिया और माँ उस दर्द से तड़प उठी और वो बोली कि साली कुतिया रंडी की औलाद थोड़ा आराम से चोद मुझे, ऐसे बहुत दर्द होता है, तू तो पिताजी से भी ज्यादा बुरी तरह चोदती है.

मौसी बोली कि पापा से चुदवाने में बड़ा मज़ा आता था, हाँ वो साला चुदाई बहुत अच्छी करता था, में बाहर खड़ा होकर उनकी वो बातें सुनकर एकदम हैरान हो गया कि मेरी चुदक्कड़ माँ अपने बाप के साथ भी अपनी चुदाई करवा चुकी थी. तभी मौसी ने अपने धक्को की स्पीड को भी बढ़ा दिया और माँ बोल रही थी चोद और ज़ोर से चोद रंडी की औलाद चोद, अपनी छोटी बहन की चूत का आज तू भोसड़ा बना दे. मौसी ने पूछा क्यों मज़ा आ रहा है? माँ बोली कि इतना मज़ा तो अपनी रंडी माँ के बूब्स चूसने का भी नहीं आया. तभी मौसी ने एक जोरदार धक्का मार दिया और माँ की चूत का पानी निकल गया.

मौसी ने माँ की चूत से लंड को बाहर निकाला और माँ की चूत से निकल रहे पानी को वो अपनी जीभ से कुतिया की तरह चाटने लगी. थोड़ी देर बाद माँ बोली दीदी तुम्हारे इस नकली लंड ने तो असली लंड को भी आज मज़े देने में पीछे छोड़ दिया है. अब मौसी कहने लगी कि देख तो सही अभी तो हमारे पास पूरी रात बाकी है, तुझे में कैसे कैसे मज़े देती हूँ. तभी माँ बोली दीदी मुझे याद है कि पापा कैसे चोदते थे? तभी मौसी बोली कि वो भला में कैसे भूल सकती हूँ, पापा ने ही तो हमारी चूत की सील पहली बार तोड़ी थी और माँ ने भी हमारी उस काम में बहुत मदद की थी. माँ की उस मदद की वजह से हमें इतना सब कुछ सीखने को मिला और हम इतने आगे बढ़े. माँ बोली कि दीदी आप बताओ आपको पापा ने पहली बार कब चोदा था.

मौसी बोली तब में 18 साल की थी, उस समय में हर कभी रात को माँ और पापा की चुदाई देखती थी और उसके बाद में गरम होकर अपनी चूत में उंगली किया करती थी, तो एक रात को मैंने पापा और माँ को देखा कि वो दोनों चुदाई के मज़े ले रहे थे और उसी समय वो कहने लगे कि में कल सुबह चार दिनों के लिए बाहर जा रहा हूँ, माँ उनसे पूछने लगी कि क्यों? तब पापा बोले कि मुझे मेरे एक काम की वजह में जाना पड़ेगा और मेरे कल जाना बहुत जरूरी है. अब माँ बोली कि आपके चले जाने के बाद मेरा क्या होगा? मेरी चूत कौन चोदेगा, मेरी प्यास को कौन बुझाएगा तो पापा बोले कि तुम अपने भाई को यहाँ पर बुला लेना.

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माँ बोली कि नहीं उसका लंड आपके लंड से छोटा है, इसलिए मुझे उसके साथ चुदाई करने में वो मज़ा नहीं आता और तभी पापा बोले कि अपनी बहन को बुला ले, उसके साथ ऊँगली से चुदाई कर ले. माँ बोली कि उसको बुलाना है तो अपनी बेटी कैसे रहेगी, वो भी तो अब जवान हो गयी है, उसके बूब्स भी अब पहले से ज्यादा बड़े होते जा रहे है और पांच महीनो में उसकी ब्रा के आकार बदल गये है, अब उसको 34 साईज़ की ब्रा आती है. पापा बोले कि हाँ मैंने भी देखा है कि नीतू के बूब्स पहले से ज्यादा बड़े हो गए है, उसको देखकर मेरा दिल करता है कि में अभी उसको पकड़कर मसल दूँ. माँ बोली कि अभी थोड़ा सा सब्र करो, अभी वो कच्चा फूल है, उसको थोड़ा सा और जवान होने दो, तब ज्यादा मज़ा आएगा.

पापा बोले कि मेरी जान कच्चा फूल ही मसलने में सबसे ज्यादा मज़ा आता है. माँ बोली कि अपनी दोनों बेटियों को तुम चोद लोगे, लेकिन मुझे तो नया लंड नहीं मिलेगा और मैंने तुमसे कहा था कि एक और बच्चा पैदा कर लो, ताकि मेरी चूत को भी चोदने वाला कोई हो. तभी पापा माँ को एक बार से चोदने लगे और दूसरे दिन सुबह सवेरे ही पापा चले गये. उस दिन माँ ने मुझे स्कूल नहीं जाने दिया. मैंने और माँ ने घर का सारा काम निपटाकर हम दोनों टी.वी. देखने लगे. कुछ देर बाद माँ मुझसे बोली कि नीतू ज़रा अंदर आ, में अच्छी तरह से समझ गई कि माँ अब मेरे साथ क्या करेगी, में और माँ पास वाले कमरे के अंदर चले गए.

उसके बाद माँ ने तुरंत अपनी साड़ी को उतार दिया और उसके बाद उन्होंने एक लिफ़ाफ़ा निकाला और मुझे देते हुए वो बोली कि इसमें कुछ कपड़े है. मैंने उसको खोलकर देखा, उसमें माँ की 5-6 ब्रा थी. मैंने उनके पूछा माँ यह सब क्या है? वो मुझसे बोली कि क्या बात है, तेरे बूब्स का आकार दिनों दिन बदलता ही जा रहा है, में उनसे बोली कि नहीं मुझे नहीं पता.

तब माँ मुझसे बोली कि तुम मुझसे झूठ मत बोल, तू मुझे सच सच बता कि तू क्या करती है? अब में उनकी वो बातें सुनकर डर गई, में उनसे बोली कि मुझे सच में नहीं पता, तब माँ मेरे पास आई और वो मेरे कपड़ो के ऊपर से ही मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगी, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और उसी समय वो मुझसे कहने लगी, वाह तेरे बूब्स तो बड़े ही मुलायम और आकार में बड़े भी है. अब में उनसे बोली कि माँ तुमसे बड़े और मुलायम तो नहीं है ना? माँ बोली क्या सच इतना कहकर उन्होंने मेरी कमीज़ को उसी समय तुरंत उतार दिया और अब वो मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स को मसलने लगी थी, लेकिन कुछ देर दबाने मसलने के बाद उन्होंने मेरी ब्रा को भी उतार दिया और वो मेरे बूब्स की हल्के गुलाबी रंग की निप्पल को भी ज़ोर ज़ोर से मसलने लगी थी, में उनसे बोली कि माँ प्लीज छोड़ दो ना, अब मुझे कुछ कुछ होता है.

तभी माँ मुझसे पूछने लगी कि क्या होता है? में बोली कि पता नहीं, लेकिन हाँ मुझे कुछ होता है. माँ मुझसे बोली कि तू मुझसे कहती है ना कि मेरे बूब्स भी बहुत मुलायम है तो तू मेरे भी बूब्स छूकर दबाकर देख ले, यह कितने मुलायम है? अब में माँ के ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बूब्स को मसलने लगी थी. तभी माँ पूछने लगी कि तुझे ऐसे कैसे पता लगेगा कि मेरे बूब्स कितने मुलायम है? तब में उनसे पूछने लगी कि आप ही मुझे बताए कि में क्या करूं? माँ बोली कि तू सबसे पहले मेरा यह ब्लाउज पूरा उतार दे और मैंने जैसे ही माँ का ब्लाउज उतारा तो माँ की 46 साईज़ के बूब्स नंगे हो गये. में माँ से बोली कि तुम्हारे तो बूब्स बहुत बड़े है.

माँ बोली कि तू अब इनको छूकर देख कि यह कितने मुलायम है? और में जैसे ही माँ के बूब्स को पकड़कर ज़ोर से मसलने लगी, तब माँ के मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी और में उनके बूब्स को निचोड़ने लगी. अब माँ कहने लगी हाँ और ज़ोर से मसल पूरा दम लगा और में माँ से बोली कि तुम्हारे तो बूब्स मेरे बूब्स से भी ज्यादा मुलायम है. अब माँ बोली कि तेरे पापा भी मुझसे हमेशा यही बात कहते है और वो मुझसे बोली कि तू ऐसा कर तेल लेकर मेरी आज मालिश कर दे.

में जाकर तेल लेकर आई और मैंने माँ एकदम सीधा लेटा दिया. में उनसे पूछने लगी कि माँ अब आप मुझे बताओ कि में कहाँ मालिश करूं? वो बोली कि सबसे पहले तू मेरे बूब्स पर ही मालिश कर दे, तेरे पापा ने कल रात को बहुत ज़ोर से मसले थे. में उनसे पूछने लगी कि माँ क्या पापा भी आपके बूब्स मसलते है? तब वो बोली कि हाँ तभी तो चुदाई का असली मज़ा आता है, चल अब तू मेरा पेटीकोट भी उतार दे.