नाना ने माँ को रंडी बनाया-2

Nana ne maa ko randi banaya- 2

मैंने माँ का पेटीकोट भी अब उनके कहने पर तुरंत नीचे उतार दिया. तब मैंने देखा कि माँ की चूत एकदम साफ और चिकनी थी. माँ की चूत पर एक भी बाल नहीं था. मैंने कहा कि माँ क्या बात है आपकी चूत पर एक भी बाल नहीं और मेरी चूत पर देखो कितने बाल है. माँ बोली कि दिखा तो मैंने भी अपनी सलवार को उतार दिया और पेंटी को भी उतार दिया.

माँ मुझसे बोली कि तू क्या कभी भी अपनी चूत के बाल साफ नहीं करती? में उनसे पूछने लगी कि वो कैसे करते है? अब माँ मुझसे कहने लगी कि बाथरूम में जाकर पापा के शेव करने का समान लेकर आ और में जाकर वो सब सामान ले आई. अब माँ ने मुझे बेड पर एकदम चिट लेटाकर वो मुझसे बोली कि तू अपने दोनों पैरों को खोलकर चुपचाप लेट जा और में लेट गई. माँ ने मेरी चूत पर बहुत सारी क्रीम लगाई और वो ब्लेड से मेरी चूत के बाल साफ करने लगी थी, जिसकी वजह से अब मेरी भी चूत माँ की चूत की तरह एकदम साफ चिकनी नजर आ रही थी. माँ मुझे बाथरूम में ले गयी और हम दोनों नंगे तो पहले से ही थे.

माँ ने पानी को चालू किया और वो मुझे नहलाने लगी, मेरे जिस्म के एक एक अंग को उन्होंने साफ किया. मैंने उसके बाद माँ को नहलाया. उसके बाद हम दोनों बेडरूम में आ गए और माँ मेरे बूब्स को मसलने लगी, उन्होंने मुझे बेड पर एकदम चित लेटा दिया और वो मेरे ऊपर चड़ गयी और कभी वो मेरे बूब्स को मसलती. तभी कभी मेरे होंठो को चूसती और वो मेरी चूत को चाटने लगी, जिसकी वजह से मेरे मुँह से अजीब अजीब सी आवाजे निकलने लगी, लेकिन माँ मेरी चूत को और ज़ोर से चाटने लगी और मेरे मुँह से आईईई आहह्ह् की आवाजे निकल रही थी.

माँ और में 69 के पोज़ में हो गये. में भी माँ की चूत को अपनी जीभ से चाटने लगी थी. थोड़ी देर बाद हम दोनों एक के बाद एक झड़ गये, ऐसा हमारे बीच तीन दिनों तक चलता रहा. तब तक पापा भी आ गए तो पापा ने आते ही मुझे अपने गले से लगा लिया और वो मेरे बूब्स को मसलने लगे. मैंने माँ की तरफ देखा तो माँ मुझे देखकर हंसने लगी.

में तुरंत समझ गयी कि माँ ने पापा को सब कुछ बता दिया है, पापा उसी समय मुझे अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गये, माँ भी हमारे साथ आ गई. अब माँ मुझसे कहने लगी कि आज तेरी सील जरुर टूटेगी, क्योंकि आज तेरे पापा तेरी चुदाई करेंगे और पापा ने मुझे बेड पर लेटा दिया और अब वो मेरे बूब्स को मसलने लगे थे, पापा ने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और माँ ने पापा और अपने कपड़े भी उतार दिए. अब उस वजह से हम तीनो पूरे नंगे थे और माँ ने पापा का लंड जो कि 6 इंच का था और उसको पाने मुँह में लेकर वो चूसने लगी और पापा मेरी चूत को चाटने लगे. थोड़ी देर के बाद में पापा के मुँह में और पापा माँ के मुँह में झड़ गये.

माँ ऊपर आई और पापा के लंड को वो एक बार से अपने मुहं में लेकर चूसने लगी. थोड़ी देर में पापा का लंड दोबारा से तनकर खड़ा हो गया में और माँ 69 की पोजीशन में आ गये.

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पापा मेरे मुँह के पास आए और माँ की गांड पर लंड रखकर उन्होंने एक ज़ोर का धक्का दे दिया और पापा का लंड एक ही झटके में फिसलता हुआ माँ की गांड में घुस गया. माँ दर्द की वजह से बड़ी ज़ोर से चीख पड़ी और पापा ने अपने लंड को बाहर निकालकर अब मम्मी की गांड पर सटा दिया और एक हल्के से झटके के साथ अपनी कमर को उन्होंने हिलाया. मम्मी के मुहं से एक हल्की सी आह निकल गई, पापा ने मम्मी की कमर को पकड़ लिया और वो अपनी कमर को लगातार ज़ोर ज़ोर से आगे पीछे करके हिलाने लगे थे, लेकिन मम्मी भी उनके हर झटके का जबाब सिसकियाँ लेते हुए दे रही थी.

थोड़ी देर गांड मारने के बाद पापा ने अपने लंड को जब मम्मी की गांड से बाहर निकालकर उनकी चूत से सटाया, तो मम्मी ने अपनी चूत को थोड़ा सा फैला लिया और वो अब पापा के लंड को अपनी चूत में जाने का सही और सीधा रास्ता दिखा रही थी. पापा ने अपनी कमर को धीरे धीरे आगे धक्का दिया. तब मम्मी के मुहं से आआहहहह उफफ्फ्फ्फ़ मर गई की आवाज़ बाहर आई.

तभी में समझ गई थी कि अब मम्मी की चूत में पापा का लंड चला गया है, अब जब पापा ने अपनी कमर को झटके के साथ हिलाना शुरू किया, तब मम्मी दर्द से करहाते हुए बोली कि थोड़ा धीरे धीरे आआआआहह ओउुउउहह ऊऊऊऊओह्ह्ह करो. अब मैंने देखा कि पापा ने मम्मी के दोनों बूब्स को दो तीन बार ज़ोर से दबाया और वो बोले कि वाह कितने टाईट है मज़ा आ गया और यह बात कहते हुए उन्होंने एक ज़ोर का झटका मारा तो मम्मी के मुहं से चीखते हुए वो शब्द निकलने लगे, प्लीज थोड़ा धीरे आईईइईईई रे में मरी आहहह्ह्ह ऊऊऊऊओह प्लीज. अब पापा ने मम्मी की कमर को कसकर पकड़ लिया और मम्मी के एक बूब्स को अपने मुहं में लेकर वो मम्मी के दूध को पीने लगे थे, जिसकी वजह से मम्मी धीरे धीरे जोश में आने लगी थी.

कुछ देर तक अपनी तरफ से हल्के झटके लगाने के बाद जब पापा ने ज़ोर ज़ोर से दो, तीन झटके मारे तो मम्मी एक बार ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी थी, अब मम्मी चीखने चिल्लाने के साथ साथ अपनी कमर को भी पीछे की तरफ खींचने लगी थी. पापा ने उनकी कमर को मजबूती से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया.

अब मम्मी उनसे कहने लगी कि प्लीज अब आप इसको बाहर निकाल दीजिए अब और नहीं आह्ह्ह्हहह ऊऊओह्ह्ह्ह आअहह्ह्ह और इतना सुनकर जैसे पापा का जोश अब पहले से ज्यादा बढ़ गया और वो मम्मी को जबरदस्ती नीचे पटककर उनके ऊपर चढ़ गये और वो मम्मी को किसी रंडी की तरह अपने ज़ोर ज़ोर से धक्को के साथ चोदने लगे थे. उनको मम्मी का दर्द उसका चीखना या चिल्लाना नजर नहीं आ रहा था और उस वजह से मम्मी ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी और पापा के लंड को वो बाहर निकालने की कोशिश करने लगी थी. अब पापा ने मम्मी के दोनों हाथों को पकड़ लिया और अब वो उन्होंने मम्मी के होंठो को चूसना शुरू कर दिया, इसके साथ ही ज़ोर ज़ोर से दो तीन झटके मारे, जिसकी वजह से मम्मी दर्द से छटपटा उठी.

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अब मम्मी अपने पैरों को पटकने लगी थी, मम्मी को ऐसा करते देख पापा बोले कि बस अब पूरा चला गया है, अब दो तीन मिनट और लगेंगे और इस तरह मम्मी कुछ देर तक दर्द से करहाती रही, लेकिन मैंने देखा कि अब कुछ देर के बाद मम्मी को भी मज़ा आने लगा था और अब वो भी मस्ती भरी आहों के साथ सिसकियाँ मारने लगी थी और कुछ देर तक ऐसे ही मम्मी की चुदाई होती रही.

उसके बाद वो दोनों एक साथ झड़ गये. तब मम्मी ने पापा का लंड अपने मुँह में लेकर वो उसको चूसने लगी थी और पापा मेरी चूत को चाटने लगे थे. अब जब पापा ने मुझसे मेरी चूत को फैलाने के लिए कहा तो फ़ौरन मैंने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत की दरार को पकड़कर खोल दिया और पापा अपने घुटनों के बल नीचे बैठ गये और वो मेरी रोएदार चूत पर अपने होंठ रखकर उसको चूमने लगे और पापा के चूमने पर में कांप गयी और चार बार चूमने के बाद पापा ने अपनी जीभ को मेरी चूत के चारों तरफ चलाते हुए चाटना शुरू किया और उस वजह से मुझे ग़ज़ब का मज़ा आ रहा था, क्योंकि पापा मेरी चूत को चाटते हुए चूत के दाने को भी चाट रहे थे, जिसकी वजह से में बड़ी मस्त थी.

पापा ने मेरी चूत के बाहर चाट चाटकर पूरा गीला कर दिया था और अब पापा मेरी चूत की दरार में भी अपनी जीभ को चला रहे थे और कुछ देर तक इस तरह करने के बाद पापा ने अपनी जीभ को मेरी गुलाबी रसभरी कामुक, लेकिन अब तक कुंवारी चूत के छेद में पूरा अंदर डाल दिया और उनकी जीभ मेरी चूत के छेद में गई तो मेरी हालत उस वजह से बिल्कुल खराब हो गयी और में जोश, मस्ती से तड़प उठी, क्योंकि उस दिन पहली बार मेरी चूत को कोई मर्द अपनी जीभ से चाट रहा था और मुझे उसमें इतना मज़ा आया कि में नीचे से अपने कूल्हों को उछालने लगी थी.

कुछ देर बाद पापा मेरी चूत को चाटकर अलग हुए और अब उन्होंने अपने खड़े लंड को मम्मी के मुँह से बाहर निकालकर मेरी चूत पर लगा दिया था और वो अपने लंड से मेरी चूत को रगड़ने लगे थे. दोस्तों मेरी चूत की चटाई के बाद अब लंड की रगड़ाई ने मुझे एकदम पागल बना दिया था और में उतावलेपन से पापा से बोली कि पापा अब डाल भी दो आप इसको मेरी चूत में आअह्ह्ह्हहह ऊऊहहह्ह्ह्ह. मम्मी उनसे कहने लगी, देखा तुम्हारी बेटी कैसे जल्दबाज़ी कर रही है? तब पापा ने मेरे बूब्स को पकड़कर अपनी कमर को थोड़ा सा ऊपर उठाकर धक्का मारा, तो वो करारा धक्का लगने पर पापा का आधा लंड मेरी चूत में चला गया और पापा का मोटा और लंबा लंड मेरी छोटी सी चूत को ककड़ी की तरह चीरकर घुस गया.

आधा लंड अंदर जाते ही में दर्द से तड़पकर उनसे बोली आआअहह ऊऊीीईईई माँ में मर गयी, पापा प्लीज धीरे धीरे यह आपका बहुत मोटा है, पापा चूत फट गयी. पापा का मोटा, लंबा लंड मेरी चूत में कसा हुआ था, जिसकी वजह से में करहाने लगी थी. तभी पापा ने अपनी तरफ से धक्के मारना बंद कर दिए और मम्मी ने मेरे बूब्स को मसलना शुरू किया, जिसकी वजह से अब मुझे मज़ा आने लगा था. करीब 6-7 मिनट के बाद मेरा दर्द थोड़ा सा कम हो गया.

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अब पापा मेरी हालत को देखकर बिना रुके धक्के लगा रहे थे और धीरे धीरे पापा का पूरा लंड मेरी चूत की झिल्ली को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया और में दर्द से छटपटाने लगी, मुझे अब ऐसा लगा जैसे मेरी चूत में किसी ने चाकू घुसा है और में कमर झटकते हुए बोली हाए उफ्फ्फ्फ़ पापा मेरी फट गयी है.

अब आप अपने लंड को बाहर निकालो मुझे, अब आपसे नहीं चुदवाना, पापा अपना लंड डालते रहे और मम्मी मेरे गाल चाट रही थी, मम्मी मेरे गाल को चाटकर बोली कि बेटी रो मत अब तो पूरा चला गया और वैसे भी हर एक लड़की को अपनी पहली बार चुदाई के समय दर्द होता है और उसके बाद उसको मज़ा भी बहुत आता है.

कुछ देर के बाद मेरा दर्द कम होने के साथ साथ मेरा करहाना भी बंद हुआ तो पापा मुझे अब धीरे धीरे धक्के देकर चोदने लगे. पापा का लंड अब कस कसकर आ जा रहा था और सच में मुझे भी मज़ा आ रहा था. अब जब पापा ऊपर से धक्का लगाते तो में नीचे से गांड उछालती. पापा ने लंड पूरा अंदर तक डाल दिया था और पापा का लंड दमदार होने के साथ साथ बहुत मज़ेदार भी थे और जब पापा धक्के लगाते तो उनके लंड का टोपा सीधा मेरी बच्चेदानी तक पहुंच जाता और मुझे उसके छूने पर जन्नत के मज़े से भी अधिक मज़ा मिल रहा था और में अपने पापा के लंड से अपनी चूत की चुदाई करवाने के बाद अब पूरी तरह से संतुष्ट हो चुकी थी और दोस्तों में वो सब जो में उस समय महसूस कर रही थी, किसी भी शब्दों में लिखकर किसी को नहीं बता सकती कि मेरे मन में तब क्या चल रहा था.

तभी पापा ने पूछा बेटी अब दर्द तो नहीं हो रहा है? उफ्फ्फ्फ़ हाए पापा अब तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा है आअहह पापा और ज़ोर ज़ोर से अब आप मुझे धक्के देकर चोदीये, पापा उसी तरह करीब बीस मिनट तक मुझे चोदते रहे और बीस मिनट बाद पापा के लंड से गरम गरम मलाईदार पानी मेरी चूत में टपकने लगा था और जब पापा का पानी मेरी चूत में गिरा, तो में पापा से चिपक गयी और मेरी चूत भी झड़ने लगी और हम दोनों एक साथ ही झड़ रहे थे तो पापा ने मुझे जी भरकर चोदा.

उसके बाद हम दूसरे दिन सुबह 12 बजे सोकर उठे. मैंने पापा से कहा कि पापा क्या आप आज से मुझे चुदाई के मज़े देंगे? तब वो मुझसे कहने लगे अरे मेरी जान अब तो में कल रात को तेरी चुदाई करके पूरी तरह से बेटीचोद बन गया हूँ, इसलिए अब तो में तुझे हर रोज़ ही चुदाई के मस्त मज़े दूंगा, क्योंकि अब तू मेरी दूसरी बीवी बन गई है और में तुम दोनों की चूत को एक साथ चुदाई के बारी बारी से मज़े दूंगा, जिसको तुम पूरी जिन्दगी याद रखोगी.

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