नौकरानी और उसकी जेठानी की चोदाई-1

Naukrani aur uski Jethani ki chodai-1

हेलो फ्रेंड्स
मै रामस्वरूप ३४ साल की उम्र का एक नौजवान मर्द हूं ।मेरी हाईट लगभग ५ फीट ९” है ।और शरीर भी गठीला है।में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कार्य करता हूं।यह कहानी मेरे साथ घटित हुआ है सिर्फ पात्र और जगह परिवर्तित किया गया है। मेरी बीबी  मंजू करीब ३० साल की है।और वह भी सुंदर है।मुझे एक लड़का भी है जो ३ साल का है।यह कहानी आज से करीब एक साल पहले घटित हुआ है। दिसम्बर का महीना था।मेरी बीबी अपने मायके चली गई थी।वह हमारी नौकरानी को बोल के गई की साहब का नाश्ता खाना वगेरह पर ध्यान देना।
अब मैं आपको अपनी नौकरानी के बारे में भी कुछ बताता हूं।उसका नाम मालती है वह करीब ४० साल की गदराये बदन की थी  नाक नक्शा कोई खास नहीं था।उसकी हाइट करीब पांच फीट  की होगी । लेकिन उसकी गांड़ बड़ी मस्त थी। हमलोग बिलासपुर के छोटे से कसबे में रहते थे। दिसंबर का महीना था जाड़ा का मौसम था। मेरी बीबी को मायके से बुलाहट आ गई की मेरे साले की सादी है इसलिए उसे पहले जाना पड़ा। मेरी जाड़े की रजाई चली गई थी अब मुझे अपने हाथ पर ही भरोसा था और कभी कभी बाहर भी मुंह मार लेता था।

मेरी ड्यूटी १० बजे दिन से होता था। सनीबार और रबीबार बंद रहता था।उस दिन मैं ज्यादा देर तक रजाई में सोता रहता था। मालती सुबह करीब ७ बजे आ जाती थी और नाश्ता खाना बनाकर ९ बजे चली जाती थी फिर साम ६ बजे आती और रात का खाना बनाकर चली जाती थी। यही डेली का रूटीन था।मालती ज्यादा तर सारी ही पहनती थी और रेडिमेड ब्लाउज जिसका आगे और पीछे का ज्यादा हिस्सा खुला रहता था।ब्लाउज भी छोटी रहती थी जिससे सिर्फ उसका बूब्स ही ढंकता था और पेट का काफी हिस्सा खुला रहता था। जब वह पोछा करती थी तो उसका चूची थोड़ा बाहर निकल जाता था यह देखकर मेरा मन गड़बड़ हो जाता था और लन्ड महाराज कसमसाने लगता था।और मेरा हाथ लन्ड पर चला जाता था। रजाई के अंदर ही हाथ चलाता रहता था और अपने लोअर मे  पानी  गिरा देता था।

एक सेटरडे के सुबह हम सो रहे थे ।वह मेरे कमरे में पोछा कर रही थी। मै बेड से ही उसके चूची को देख रहा था और हाथ भी चला रहा था ।वह बोली की साहब आप मालकिन के जाने के बाद काफी देर तक क्यों सोते रहते हैं। मैं बोला की मालकिन नही है इसलिए ज्यादा देर तक सोता हूं।तो वह बोली कि तब जाड़ा कैसे  कटेगा। मै बोला की वही तो बात है की एक महीना तक कैसे चलेगा।वह बोली कि मालकिन को बुला लो। मै बोला की अभी एक महीना तक नहीं आयेगी।वह मुस्कुरा कर बोली तब तो हाथ से ही काम चलाना पड़ेगा।इस बीच मै जानबूझकर लैपटॉप  पर ब्लू फिल्म देखता रहता था और वॉल्यूम थोड़ा बड़ा कर रखता था जिसमे चोदा ई की सिसकियां सुनाई पड़े।

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बीच बीच में मै अपने कमरे से निकल जाया करता और कहता की मालती बढ़िया से पोछा करना।वह कमरे में जाती और सफाई करती थी ।एक दिन मैं परदे की ओट से देखा की मालती क्या कर रही है।वह मेरे लैपटॉप को बड़े ध्यान से देख रही थी।उसका एक हाथ  अपने choot पर था यह देखकर मेरे लन्ड मे हलचल पैदा होने लगा । मै अपने लन्ड को हाथ से पकड़ लिया। मै झट से कमरे में घुस गया वह मुझे देखकर हड़बड़ा गई। मै पूछा की मालती क्या देख रही थी ।वह कहने लगी कुछ नही कुछ नही। मै उसको पीछे से पकड़ लिया।वह मुझ से छुटने की कोशिश करने लगी मैं उसे पकड़े रखा ।मेरा लन्ड उसकी गांड़ पर लगा हुआ था।वह कहने लगी कि मालिक छोड़ दो ।यह अच्छा नहीं है। मैं कहा कि मुझे भी आग लगी है और तुम्हे भी  ।वह  कहने लगी कि मालिक गड़बड़ हो जायेगा मालकिन जानेगी तो मुझको नौकरी से निकाल देगी। मै कहा मालती अभी  मंजू एक महीना तक नहीं आने वाली है।तुम मेरी गर्मी शांत कर दो मुझसे जो चाहोगी वह मिलेगा । मैं अपने हाथ से उसके बूब्स को पकड़ लिया।वह कसमसाने लगी । मै उसकी चूची को  पकड़ कर दबाने लगा।वह आह ओह ओह ओह करने लगी।वह बोली कि मालिक बाहर का दरवाजा बंद कर दीजिए। कोई आ जाएगा तो बहुत गड़बड़ हो जायेगा।

मै तुरत जाकर बाहर का दरवाजा बंद कर दिया।और मै फिर से उसको आगे से पकड़ लिया और उसकी चूची को ब्लाउज के उपर से ही दबाने लगा। मेरे उपर चोदा ई ।का भूत सवार था। मै उसकी चूची को कस कर दबाने लगा।वह आह आह ओह करने लगी वह कहने लगी कि मालिक।थोड़ा धीरे दबाओ दर्द करता है। मैं कान्हा मानने वाला था मुझको तो चोदा ई का भूत सवार था। मैं जरा भी उसकी चूची को दबाने  मे कंजूशी नही कर रहा था देखते ही देखते मैं उसका ब्लाउज खोल दिया अब वह काली रंग की ब्रा मे थी मै उसकी चूची को ब्रा के उपर से ही चूसने लगा चूसते चूसते मै उसको बिछावन पर गिरा दिया और उसकी साड़ी उतार दिया वह अब सिर्फ पेटीकोट और ब्रा में थी । मैं उसकी चूची को ब्रा के उपर ही चूसे जा रहा था ।वह आह आह ओह ओह ओह किए जा रही थी।वह मेरे लन्ड को टटोलने लगी  और मेरी लोअर के अंदर हाथ डाल दी और लोअर नीचे खिसकाने लगी।हाथ लन्ड पर पड़ते ही बोली मालिक यह तो बहुत गर्म है। मैं कुछ नही बोला। मै अब उसकी ब्रा को खोलने लगा लेकिन खुल नही रहा था वह थोड़ा मुड़कर ब्रा की हुक को खोल दी।

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उसकी चूची को देखकर मैं पागल हो उठा और मुंह में भरकर चूसने लगा।उसकी चूची अभी भी ज्यादा ढीला नही हुआ था। मैं तो उसे चूसे जा रहा था। मै बोला मालती तुम्हारा चूची  ज्यादा ढीली नही हुई है। वह बोली कि मेरा आदमी आपके जैसा ज्यादा नहीं चूसता है। मैं चूसते चूसते उसका पेटीकोट भी उतार दिया।वह अब पूरी नंगी थी। उसके chut पर थोड़ा झांट भी था। मैं बोला की तुम अपनी choot क्यो नहीं साफ़ करती हो।वह बोली की साफ करने बाला क्रीम बड़ा मंहगा मिलता है। मै बोला कि ठीक है मेमसहब की क्रीम है उसी से साफ  कर लेना।वह मेरे लन्ड को पकड़ ली थी और कहने लगी की यह तो बहुत मोटा और लम्बा भी है। मालकिन आपका लन्ड कैसे ले लेती है। मै कहा की बड़े आराम से अपने अंदर ले लेती है। सादी के बाद कुछ दिन दीकत हुआ था लेकिन अब आराम से लेती है। अब मैं उसकी choot पर जीभ चलाने  लगा ।वह आह आह आह ओह ओह ओह कर रही थी साथ में चूतड भी उछालने लगी।वह कहने लगी कि मालिक यह क्या कर दिए।मेरे शरीर में आग लग गई है। मै उसकी choot को चाट रहा था। थोड़ा choot का गंध अलग था।क्योंकि बहुत साफ सफाई तो था नहीं। लेकिन यहां तो चोदा ई का भूत था। उसकी choot से पानी निकल रहा था और मै उसको चाटे जा रहा था।

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वह बोलने लगी कि मालिक मेरी boor मे अब लौड़ा डाल दीजिए। मैं बोला अभी तो शुरुआत है अभी हड़बड़ी  कैसी है आज तो शनिवार है दिन भर अपना है । मै बोला की मेरा लौड़ा चूस।इसपर वह कहने लगी कि नही मालिक ghin लगता है।।हैं कहा कुछ नहीं देखो मैं भी तो तुम्हारी choot को चूसा हूं।फिर मैं अपना लन्ड उसके मुंह के पास ले गया पहले तो वह अपनी मुंह इधर उधर घुमा रही थी लेकिन फिर उसकी बाल पकड़ कर उसकी मुंह को अपने लन्ड के पास लाया तो वह अपनी जीभ से मेरे लन्ड को चाटने लगी देखते ही देखते मैं उसकी बाल को एका एक खींच लिया तो उसका मुंह खुल गया और मैं उसके मुंह में लन्ड डाल दिया और माथा पकड़ कर आगे पीछे करने लगा।थोड़ी देर में वह अब आराम से मेरे लन्ड को चूसने लगी। मुझे लगा की अगर इसके मुंह में गिर गया तो फिर मजा नही आएगा। ।हैं उसके मुंह से लन्ड निकाल लिया और उसकी choot पर लन्ड का टोपा घिसने लगा वह आह आह आह आह आह आह ओह माय ओह ओह माई करने लगी थी।अपनी चूतड को बार बार  उछाल रही थी। मै भी चोद कड़ खिलाड़ी था । मै उसकी choot पर लन्ड घिसता जा रहा था।

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और वह ओह ओह ओह उफ्फ उफ्फ कर रही थी इसी बीच मै एक धक्का  लगा दिया मेरा आधा लन्ड अन्दर घुस गया और वह जोर से चिल्ला पड़ी  ओह माई मर गई री।ओह मालिक इसको निकल लो। मै कहा की मालती तुम तो अपने आदमी से तो चुदवती हो तो फिर क्यों चिल्ला रही हो वह बोली की मालिक।आपका बहुत मोटा है यह अंदर नहीं जायेगा। मै बोला कि जब यह अंदर जायेगा तो बहुत मजा आयेगा।वह कसमसा रही थी जितना वह लन्ड को निकालने की कोशिश करती लन्ड धीरे से अंदर और घुस जाता था। थोड़ी देर मे उसको आराम मिलने लगा और वह लन्ड को और अंदर लेना चाह रही थी।यह समझते मुझे देर नहीं लगी और मैं लन्ड को थोड़ा खींचकर कस कर धक्का लगा दिया।मेर पुरा लन्ड उसकी choot मे घुस गया और फिर से चिलाने लगी और बकने लगी कि साला मार दिया।आह री माई मर गई गदहव। वाला लन्ड घुसा दिया। मालिक लन्ड निकाल लीजिए नही तो मर जाउंगी। मैं बोला साली  रण्डी चुपकर कुछ नही होगा। मै लन्ड डालकर पड़ा रहा और उसकी चूची की घुंडी को चाटने लगा।थोड़ी देर मे उसको आराम मिलने लगा और वह अपनी चूतड उठने की कोशिश कर रही थी।

में भी अब गाड़ी का शंटिंग करने लगा और वाह आह आह आह आह आह ओह ओह ओह ओह माई आह आह आह ओह ओह ओह कर रही थी करीब १५ मिनिट की चोदा ई मे वह अपनी  छूट से पानी छोड़ने लगी।और अपने दोनो पैरों को मेरे कमर पर कैंची बनाकर जकड़ ली ।लेकिन मेरा तो पानी निकला नही था मै दनादन उसको चोदे जा रहा था।

वह कहने लगी की मालिक अब छोड़ दीजिए मेरी choot जल रही है । मै कहा की अभी कहा हुआ है में उसको चोदे जा रहा था। मै पूछा की तेरा मरद कितनी देर चोदता है वह कहने लगी की वह  तो दो चार धक्का मारता है  और अपना पानी साला गिरा देता है।करीब २५ मिनिट की चोद आई के बाद मेरा लन्ड उसके कुंए में पानी डाल दिया।वह वान्ही पर लेट गई। 10 ,१५ मिनट बाद वह उठी और बाथरूम में गई मै भी पीछे से घुस गया।

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