नौकरी की मजबूरी का फायदा

Naukri ki majburi ka fayda

हैल्लो दोस्तों, में दीनू एक सरकारी दफ़्तर में ऑडिट ऑफिसर हूँ और अक्सर मेरा तबादला ऑडिट के लिए दूसरे शहर के कार्यालय में होता रहता है, ऑडिट के कारण मुझे कई-कई महीनों तक दूसरे शहर में रहना होता है.

फिर एक बार ऑडिटिंग के लिए मेरा तबादला कुछ महीनों के लिए पूना के एक छोटे से गाँव में हुआ था, तो वहाँ मुझे मेरे दफ़्तर के एक कर्मचारी के सहयोग से एक मकान किराए पर मिल गया. मेरे दफ्तर में एक महिला कर्मचारी थी और वो मुझे ऑडिट में सहयोग दे रही थी, वो एक खूबसूरत 40 वर्षीय विधवा महिला थी, उसका नाम रोहिणी था, उसका एक लड़का नेवी में नया-नया जॉब पर लगा था.

एक दिन जब में ऑडिट कर रहा था तो मुझे काफ़ी घपला दिखाई दिया और जब रोहिणी को पता चला कि मेरी नज़र में घपला आ चुका है, तो उसने मुझसे कहा कि मुझे आपसे अकेले में कुछ बात करनी है तो मैंने उसकी बात मानकर उससे कहा कि आपके घर चलते है, वहाँ बातें करेंगे.

फिर हम दोनों उसके घर गये तो उसने कहा कि में जानती हूँ कि दफ़्तर में घपला हुआ है, लेकिन यह घपला मुझे पता नहीं किसने किया है? लेकिन तुम चाहो तो मेरी नौकरी बचा सकते हो, प्लीज़ आप मेरी मदद करो.

फिर मैंने कहा कि देखो इस मामले में में आपकी मदद तो नहीं कर सकता, तो वो बोली कि आप प्लीज़ जल्दबाज़ी में कोई फ़ैसला ना ले, देखिएं आप जो कहेगे में करने को तैयार हूँ, लेकिन प्लीज़ मुझे बचा लीजिए. फिर मैंने अपनी एक नज़र से उसको ऊपर से लेकर नीचे तक देखा तो मेरे मन में उसको चोदने की ख्वाइश जाग उठी.

फिर मैंने उसको कहा कि ठीक है, में आपकी मदद करूँगा, लेकिन मेरी एक शर्त है वो यह कि में आपके साथ एक रात सोना चाहता हूँ और एक बार आपको चोदना चाहता हूँ, अगर शर्त मंजूर है तो ठीक है, तो वो यह सुनकर दंग रह गयी और उसने कहा कि नहीं ऐसा नहीं हो सकता. फिर मैंने कहा कि ओके तो में चलता हूँ, लेकिन एक बात बता देता हूँ कि आपकी नौकरी पर दाग लग जाएगा और बदनामी भी होगी इसलिए बेहतर है कि आप मेरी शर्त मान जाओ तो कोई भी तक़लीफ़ नहीं होगी.

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फिर उसने अपनी नज़रें नीचे करते हुए कहा कि ठीक है तो में तुरंत उसके होंठो को अपने होंठो में लेकर किसिंग करने लगा और उसकी बड़ी-बड़ी चूचीयों को दबाना शुरू कर दिया. वो क्या हसीन मंज़र था? यह में आपको शब्दों में बयान नहीं कर सकता हूँ.

फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता उसके पूरे कपड़े उतार दिए. अब वो क्या खूबसूरत लग रही थी? फिर मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरे भी कपड़े उतार दो, तो उसने मेरे कपड़े भी उतार दिए. अब हम दोनों बिल्कुल नंगे और एक दूसरे को बाहों में किसिंग कर रहे थे. फिर मैंने उसकी एक चूची को चूसना शुरू किया, तो अब वो मज़े में पागल होती जा रही थी.

फिर मैंने उससे कहा कि इससे से भी ज्यादा मज़ा लेना है तो वो बोली कि हाँ. फिर मैंने कहा कि लेकिन मेरी एक शर्त है, तो उसने पूछा कि क्या? तो मैंने अपना लंड उसके हाथ में थमा दिया, तो वो मेरा मोटा और लम्बा लंड देखकर थोड़ी सी घबराई और फिर बोली कि मैंने आज तक ऐसा मोटा और लंबा लंड कभी नहीं देखा है.

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फिर मैंने उससे कहा कि मेरे लंड को अपने मुँह में ले लो, तो वो इनकार करने लगी, लेकिन मैंने ज़बरदस्ती उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया, तो उसने 4-5 बार मेरे लंड को चूसा और फिर बोली कि दीनू बस और नहीं. फिर मैंने 69 की पोजिशन ली और उसकी चूत को चाटने लगा. अभी 1 मिनट भी नहीं हुआ था कि वो जोश से पागल होने लगी और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी. फिर क़रीबन 7 से 10 मिनट तक यही सिलसिला चला.

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फिर वो मुझसे बोली कि दीनू अब जल्दी से डाल दो, अब बर्दाश्त नहीं होता है. फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक जोरदार धक्का मारा तो मेरे लंड का सुपाड़ा फिसलकर उसकी चूत में समा गया और वो दर्द से करहाने लगी तो मैंने उसकी चूचीयों को दबाना शुरू कर दिया और फिर आहिस्ता-आहिस्ता उसकी चूत में अपना लंड डालने लगा. अब 5 मिनट की मेहनत के बाद मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया था.

फिर में उसके ऊपर ही लेट गया और उसके होंठ अपने होंठो में लेकर चूसने लगा और वो भी मेरे होंठो को चूसने लगी. फिर 5 मिनट के बाद मैंने उसकी चूत में आहिस्ता-आहिस्ता धक्के मारने शुरू कर दिए तो मैंने देखा कि अब उसको दर्द नहीं हो रहा था. फिर मैंने उसको तेजी से चोदना शुरू किया. अब में जैसे ही धक्का मारता तो उसकी की आँखें बाहर आ जाती और वो उछलकर मेरे साथ चिपक जाती.

अब में अपने एक हाथ से उसकी एक चूची को दबा रहा था और कस-कसकर धक्के मार रहा था. अब वो दर्द और मजे के साथ फुल सेक्स के नशे में डूबी हुई थी और उसके मुँह से सिसकारियां निकल रही थी उफफफफफफफफफ्फ़ फफफफफ्फ़ दीनू, आह आह आह मार डाला, हाहहहहहाहा और तेज अहहहह और अब पूरे कमरे में पच-पच की आवाज गूँज रही थी.

अब वो खुद भी उछल-उछलकर मेरे लंड को अपनी चूत में लेने लगी थी. अब 3-4 मिनट ही हुए थे कि उसकी चूत झड़ गयी, मगर में नहीं झड़ा था और ज़ोर-ज़ोर से उसको चोद रहा था. अब उसके झड़ने की वजह से मेरा लंड पच-पच की आवाज के साथ उसकी चूत में अंदर बाहर हो रहा था. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और काफ़ी सारा टिश्यू पेपर लेकर उसकी चूत को साफ किया और दुबारा से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब मेरा लंड थोड़ा हार्ड उसकी चूत के अंदर जा रहा था और अब उसकी आँखों से पानी बह रहा था.

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फिर में उसको चोदते-चोदते थोड़ा झुका और उसके होंठो को अपने होंठों में लेकर किसिंग करने लगा और अपनी चुदाई जारी रखी. फिर करीब 15-20 मिनट के बाद मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और कुछ ही पलों में मैंने उसकी चूत में ढेर सारा अपना पानी निकाल दिया.

फिर में 10 मिनट तक उसके ऊपर ऐसे ही लेटा रहा और फिर हम उठे और अपने-अपने कपड़े पहने और में जब जाने लगा तो वो बोली कि कितने सालों के बाद आज बहुत मज़ा आया में पहली बार इतने मज़े से चुदी हूँ और 2 बार झड़ी हूँ. तो में वापस मुड़ा और उसको अपने सीने से लगाकर किसिंग करने लगा तो वो भी मेरी किसिंग का जवाब दे रही थी. इस तरह से मैंने उसकी नौकरी बचाई और फिर में जितने दिन वहाँ रहा, उसको चोदता रहा और उसके खूब मजे लिए.

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