नीरू चाची पूरी नंगी-2

Neeru chachi puri nangi-2

फिर मैंने उनके पास जाकर उनसे कहा कि मुझे कुछ आवाज़ सी आई थी और जब मैंने देखा तो आप बाथरूम में गिरी हुई थी इसलिए ना चाहते हुए भी मुझे उस दीवार से कूदकर आपको अपनी गोद में उठाकर यहाँ तक लाना पड़ा. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि हाँ में फिसलकर नीचे गिर गई थी और अब में इस हालत में तेरे सामने यहाँ हूँ.

मैंने कहा कि कोई बात नहीं है, सब ठीक है और कोई बात नहीं, कभी कभी ऐसा हो जाता है, लेकिन अब आप मुझे यह बात बताओ कि आपको सर के अलावा कहीं और चोट तो नहीं लगी? तो चाची ने अपना सर हिलाते हुए कहा कि नहीं और फिर चाची ने दोबारा शरम से अपने मुँह पर दोनों हाथ रख लिए और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तू यह बात किसी को बताएगा तो नहीं कि कुछ देर पहले घर में क्या हुआ था? तो मैंने उनसे कहा कि अगर आप मुझसे कह रही हो तो में किसी को कुछ भी नहीं बताऊंगा, फिर चाची ने मुझसे कहा कि मुझे बहुत शरम आ रही है.

फिर मैंने पूछा कि ऐसा क्यों? चाची ने कहा कि वो सब कुछ तुझे पहले से ही पता है, तो मैंने कहा कि क्यों क्या मैंने आपको देख लिया इसलिए? अब वो मुझसे कुछ नहीं बोली और फिर मैंने कहा तो आप भी मुझे देख लो. अब में नीरू चाची के पास गया और मैंने उनके सर पर किस कर दिया, वो मुझे देखने लगी, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली और मैंने अब चाची के गालों पर अपना हाथ सहलाया और सहलाते सहलाते उनकी छाती पर मेरा हाथ छूने लगा और फिर में चाची के कंधे पर और छाती पर और गर्दन वगेरा पर किस करने लगा और करते करते मैंने चाची के होंठो पर भी हल्के से किस किया मुझे मज़ा आ गया.

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फिर मैंने चाची के बदन के ऊपर से वो बेडशीट हटाई और अब में किस करते करते उनके बूब्स के बीच तक पहुंच गया. फिर में उन्हे धीरे धीरे दबा भी रहा था और फिर में चाची की निप्पल पर अपनी जीभ को फेरने लगा, जिसकी वजह से निप्पल धीरे धीरे खड़ी होने लगी थी और साथ साथ में बूब्स को सहलाता भी रहा और दबाता भी रहा.

फिर मैंने चाची को किस किया और स्मूच करने लगा. फिर मैंने महसूस किया कि चाची की दिल की धड़कन अब बहुत तेज़ हो चुकी थी और वो हल्की हल्की सिसकियाँ लेने लगी थी. दोस्तों चाची की आँखें नशीली और मदहोशी में आधी बंद सी होने लगी थी, वो सब देखकर में तुरंत समझ गया था कि चाची अब पूरी तरह जोश में आ चुकी है.

फिर मैंने चाची के बूब्स को दबाते हुए उनके लम्बे लम्बे दो तीन स्मूच लिए, जिसकी वजह से अब मेरी जीभ और चाची की जीभ आपस में मिलने लगी थी. मुझे भी अब बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था और में तुरंत उठकर बाहर गया और मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया. उसके बाद मैंने अपनी शर्ट को उतार दिया और मैंने चाची के ऊपर से बेड शीट को उतारकर उन्हे एक बार फिर से पूरी नंगी कर दिया था और में तुरंत अपनी पूरी नंगी चाची से बिना टी-शर्ट के चिपक गया और में उनकी नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगा और में कसकर उनसे चिपक गया और जोश में आकर में उन्हें लगातार स्मूच लेता रहा.

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तभी चाची ने मुझसे कहा कि यह सब बहुत ग़लत है, वो मुझसे दूर हटने की कोशिश करने लगी और चाची मुझसे बोली कि प्लीज दूर हट जाओ, कोई आ जाएगा और हमें देख लेगा, लेकिन दोस्तों में अब कहाँ दूर हटने वाला था. मैंने उनकी एक ना सुनी और में बस उन्हें लगातार स्मूच करता रहा और अब चाची मेरे ऊपर पूरी नंगी लेटी हुई थी और अब मेरे दोनों हाथ चाची के बूब्स के ऊपर थे मैंने मन ही मन सोचा कि अब क्या में चाची बोलूं?

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मैंने उनसे उनका नाम लेते हुए कहा कि नीरू मेरा लोवर भी उतार दे और अंडरवियर भी. फिर नीरू ने मेरी तरफ मुस्कुरा दिया और मैंने फिर उससे चिपककर उसका स्मूच लिया तो नीरू ने मेरा लोवर उतारा और अंडरवियर भी. अब में अपनी जान नीरू चाची के साथ बिना कपड़ो के था और हमारे नंगे जिस्म बहुत कसकर एक दूसरे से लिपटे हुए थे. फिर मैंने उसे बेड पर सीधा किया और उसके हर अंग को में छूने लगा और चूमने लगा. मैंने अपनी नीरू चाची के बूब्स बहुत सक किए और उन्हें पूरे लाल कर दिए, नीचे आते आते मैंने अपनी चाची के पेट जांघो को भी चूमा, जिसकी वजह से नीरू चाची की साँसें पूरी तरह से अटकी हुई थी.

दोस्तों अब नीरू चाची मेरे हथियार को अपने हाथ में लेने लगी थी और वो उसे धीरे धीरे सहलाते हुए ऊपर नीचे करने लगी थी. फिर वो मुझसे बोली कि तुम्हारा यह तो बहुत बड़ा है. फिर मैंने पूछा कि क्यों आपको पसंद आ गया क्या? जहाँ तक मेरा ख्याल है मेरा यह लंड खड़ा होकर करीब 7 इंच तो हो ही जाता है. फिर मैंने नीरू चाची को सीधा लेटा दिया और फिर लंड को चूत के अंदर डालने के हिसाब से में थोड़ा सा आगे बढ़ने लगा, लेकिन तभी वो मुझसे बोली कि बिना कंडोम के कुछ भी मत कर.

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फिर मैंने उनसे कहा कि आप इस बात की बिल्कुल भी चिंता मत करो. ऐसा कुछ नहीं होगा और हम दोनों को सेक्स का असली मज़ा ऐसे ही आएगा और फिर मैंने उनसे इतना कहकर नीरू चाची के पैरों को थोड़ा सा खोल लिया, जिसकी वजह से अब चाची की प्यारी मासूम चूत मेरे सामने पूरी खुली हुई थी, जिस पर थोड़े बाल भी थे. फिर मैंने मन ही मन सोचा कि यह बहुत मज़ा बढ़ाएँगी. फिर मैंने अपना तना हुआ लंड नीरू चाची की गीली योनि में डाला दिया और उसने मुझे पकड़कर अपनी तरफ खींचकर लंड को अपनी चूत में पूरा अंदर कर लिया. दोस्तों नीरू और में अब पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे और गीले होकर पूरी नंगी चाची से चिपकने में क्या मज़ा आ रहा था?

फिर में चाची की योनि में घुसे हुए अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और में उसके ऊपर लेटे हुए ही उसको स्मूच करने लगा, लेकिन करीब एक मिनट ही हुआ होगा और ज्यादा जोश में आने और उत्तेजित होने की वजह से मेरा वीर्य निकल गया और फिर में पूरा वीर्य अंदर डालकर लंड को बाहर निकालकर दूर हट गया और उन्हें किस करने लगा.

अगले भाग में कहानी समाप्त-

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