नीरू चाची पूरी नंगी-3

Neeru chachi puri nangi-3

अब चाची भी अपनी जगह से उठने लगी, तो मैंने कहा कि अभी थोड़ी देर तो रुको, उसने मुझसे कहा कि यह सब मुझे साफ करना पड़ेगा, कपड़े भी पहनने है अगर कोई आ गया तो देख लेगा. फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा और वैसे भी एकदम से अंदर तो कोई आ भी नहीं सकता, क्योंकि दरवाजा अंदर से बंद है और इतना कहकर मैंने नीरू को दोबारा अपने ऊपर लेटा लिया और उसकी स्मूच लेता ही रहा.

में करीब 10-15 मिनट तक चाची के गुलाबी होठों को चूसता रहा और उनकी जीभ को भी चूसता रहा. अब मुझे थोड़ी प्यास लगी थी जो पानी बोतल में बचा हुआ था वो थोड़ा मैंने खुद पी लिया और बैठाकर नीरू को भी दे दिया. फिर स्मूच लेते हुए मेरे हाथ उसकी हर एक जगह पर गये और मैंने महसूस किया कि उसके कूल्हे बहुत मुलायम थे और पसीने से बिल्कुल गीले भी थे और उसकी साँसें भी गरम थी. अब में उसकी आँखों में ही देखे जा रहा था और फिर में पानी पीकर दोबारा चाची के हर एक अंग को चूमने लगा और चूसने लगा.

फिर मैंने दोबारा चाची के बूब्स चूसे और उन्हें बिल्कुल लाल कर दिए, जिसकी वजह से वो जोश में आकर मोन करने लगी और सिसकियाँ लेने लगी थी. फिर मैंने सही मौका देखकर चाची के दोनों पैर फैलाए और दोबारा चाची की योनि के मुहं पर में अपना लंड रखकर एक ज़ोर से धक्का देकर लंड को चूत में डाल दिया और मेरा पूरा लंड फिसलता हुआ अंदर जा पहुंचा और अब में पांच मिनट तक लंड को लगातार आगे पीछे करता ही रहा. चाची के गीले बूब्स अब मेरी छाती से रगड़े रहे थे और में उनके बूब्स पर हाथ फेरता रहा. फिर कुछ देर बाद मैंने चाची को अब उल्टा कर दिया और चाची के बूब्स पर हाथ रखे और पीछे से योनि में लंड डाल दिया फिर में ऊपर नीचे होता रहा और तेज़ तेज़ उनकी चुदाई करने लगा जिसकी वजह से चाची की हल्की हल्की आवाज़ें निकल रही थी और 5-7 मिनट ऐसा करने के बाद मेरा वीर्य अब निकलने वाला था.

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फिर जैसे ही में झड़ा तो में पीछे हट गया और मेरा पूरा वीर्य चाची के कूल्हों के ऊपर और पीठ के ऊपर गिर गया.

फिर मैंने चाची की पेंटी से उसे साफ किया और फिर नीरू मुझसे बोली कि तुमने ऐसा क्यों किया. फिर तभी मैंने अपने वीर्य को उसके मुँह से मज़ाक में चिपका दिया, जिसकी वजह से वो मुँह सा बनाने लगी, लेकिन दोस्तों मुझे मज़ा आ गया. फिर उसके बाद 3-4 मिनट में और मेरी नीरू चाची नंगे ही एक दूसरे से चिपके रहे और वो बोली कि तुम बहुत अच्छे हो में तुमसे प्यार करती हूँ और मैंने उसे हल्के से किस किया और हग किए रखा.

फिर चाची मुझसे बोली कि अब तुम नहा लो तुम्हे जाना है तो मैंने कहा कि क्या तुम नहा लिए? तो उसने कहा कि हाँ लेकिन अब तो मुझे दोबारा नहाना पड़ेगा. फिर मैंने पूछा कि क्यों अब तुम्हे दर्द है? तो उसने कहा कि नहीं, मैंने कहा कि चल हम साथ में नहाते है.

फिर में नीरू चाची को पूरी नंगी ही अपनी गोद में उठाकर बाथरूम में ले गया और वहां पर मैंने पानी के नीचे चाची के हर एक अंग को छुआ और चूमा. अब हम दोबारा एक दूसरे से चिपके और अब की बार फिर से बहुत लंबे लंबे स्मूच किए, जिसकी वजह से हम दोनों जोश में आकर गरम हो चुके थे और फिर मैंने चाची को दीवार की मदद से थोड़ी झुका दिया और फिर मैंने दोबारा चाची की योनि में अपना लंड डाल दिया और एक बार फिर से मैंने उनके साथ वो सब किया.

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मुझे अब थोड़ी दिक्कत हो रही थी इसलिए चाची स्टूल पर खड़ी हो गई और उस पर थोड़ी फिसलन थी, तो मैंने अपना एक हाथ दरवाज़े के हेंडल पर रख लिया और दूसरा हाथ दीवार पर. फिर नीरू चाची ने अपने हाथ मेरी छाती पर रखे और अपनी ज़ोर की पकड़ के साथ वो लंड को अंदर की तरफ धकेलने लगी और कुछ मिनट बाद झड़ गया.

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फिर नहाने के बाद कपड़े पहनने लगा, लेकिन वो बेड पर ही थी. फिर दोबारा में गीली और पूरी नंगी नीरू को उठाकर बेडरूम में ले गया और दोबारा किस किया और चाची को बेड के किनारे बैठा किया और एक बार फिर से मैंने चाची की योनि में अपना लंड डाल दिया, वैसे तो हम गीले थे, लेकिन फिर भी मुझे चूत में थोड़ा सूखापन महसूस हुआ और में चाची से संभोग करता रहा. चाची को थोड़ा दर्द होने लगा था और में समझ गया कि यह दर्द उन्हें सूखेपन की वजह से है.

फिर मैंने लंड को बाहर निकाला और चाची की गीली पीठ पर लंड को थोड़ा घुमाया, लेकिन फिर सोचा कि इससे भी कुछ नहीं होगा. फिर में झुका और मैंने चाची की योनि पर थोड़ा सा थूका, लेकिन वो योनि तक नहीं गया. फिर मैंने अपनी एक ऊँगली पर थूका और चाची की योनि पर लगा दिया और ऐसा मैंने कई बार किया. नीरू चाची को उसमे भी बहुत मज़ा सा आ रहा था. अब मैंने अपनी ऊँगली को थोड़ा सा अंदर डाला और देखा कि वो बहुत गीली हो गई थी.

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मैंने थोड़ा सा थूक अपने लंड पर भी डाला और दोबारा लंड को अंदर डाल दिया और में एक बार फिर से चुदाई करने लगा. में कई देर तक करता रहा, लेकिन अब मेरा वीर्य निकल नहीं रहा था, लेकिन हाँ मुझे मज़ा बहुत आ रहा था.

फिर नीरू ने मुझसे कहा कि प्लीज अब थोड़ा जल्दी करो और मैंने बहुत ज़ोर ज़ोर से झटके लगाए. अब हम दोनों बहुत अच्छी तरह से पसीने में गीले हो गए थे और अब चाची भी चुदाई करते करते मुझसे बोली कि तुम्हारे साथ नहाना बेकार है. फिर मैंने कहा कि दोबारा नहा लेना मेरी जान और अब में बहुत ज़ोर ज़ोर से धक्के देता रहा. फिर कुछ देर बाद अब मेरा वीर्य निकलने वाला था इसलिए मैंने अपना लंड तुरंत खींचकर बाहर निकाल दिया और दोबारा मैंने चाची के बूब्स पर अपना वीर्य गिरा दिया, वो अब मुझे बहुत पतला लग रहा था.

फिर कुछ देर बाद चाची ने उठकर अलमारी से एक टावल निकाला और वो जल्दी की वजह से खुद को साफ लगी. फिर मैंने उनसे टावल ले लिया और मैंने उनको कहा कि लाओ में साफ कर देता हूँ, वो मुझसे बोली कि तुम रहने ही दो, तो मैंने मीठे स्वर में कहा कि नीरू दे ना यार और फिर मैंने ही उसे साफ किया और उसके बाद मैंने ही चाची को पेंटी पहनाई और बाकी कपड़े उसने खुद पहन लिए.

//कहानी समाप्त//

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