नौकरानी के साथ उसकी माँ और भाभी को चोदा-2

Nokrani ke saath uski maa aur bhabhi ko choda-2

फिर में बोला कि कोई बात नहीं मेरी डार्लिंग, अगली बार में तेरा मुहं अपने वीर्य से जरुर भर दूंगा. अब तू बता तेरी चूत की खुजली कुछ कम हुई या नहीं?

तब पूर्णिमा ने एक उंगली अपनी चूत में डालकर कहा कि हाँ अभी भी हो रहा है. फिर मैंने उससे कहा कि चल तू बस पांच मिनट रुक जा, अभी अभी मेरा लंड झड़ा है और कुछ देर के बाद में तेरी दोबारा चुदाई करूंगा.

अब पूर्णिमा बोली कि ठीक है, तब तक में आपका लंड चूस लेती हूँ. फिर मैंने बोला अच्छी बात है हाँ चूस ले और तब पूर्णिमा ने मेरे लंड को बड़े प्यार के साथ चूसना शुरू कर दिया और वो अपनी जीभ से मेरे लंड को चाट रही थी. उसकी जीभ मेरे लंड के टोपे पर चारो तरफ घूम रही थी और वो मेरे लंड के छेद में भी अपनी जीभ को डालने की कोशिश कर रही थी, जिसकी वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उससे कहा कि पूर्णिमा तुम तो बहुत ही प्यासी लगती हो?

वो बोली कि हाँ भैया मुझे शुरू से ही लंड बहुत अच्छे लगते है. तभी तो मैंने अपने गांडू भाई और उसके दोस्तों से कुछ नहीं कहा और उन्होंने इस बात का फायदा उठाकर बहुत बार मेरी गांड मारी. फिर मैंने उससे पूछा क्या तुम्हें गांड मरवाने में मज़ा आता है?

तब वो बोली कि पहले पहले तो नहीं आता था, लेकिन अब मुझे बहुत मज़ा आता है. अब मैंने उससे पूछा क्या में भी आज तेरी गांड मारूं? तब पूर्णिमा बोली कि हाँ भैया जी आप कुछ भी कर सकते है. अब में उसकी गांड मारने की सोच रहा था और वो मेरे लंड को चूस चूसकर खड़ा कर रही थी. फिर उसी समय वो बोली कि आप मेरी गांड मारने के बाद एक बार फिर से मेरी चूत जरुर मारना.

फिर मैंने कहा कि मेरी प्यारी, रंडी, नौकरानी आज में तुझे अपनी चुदाई से बहुत खुश कर दूंगा और गांड मारने के बाद में तेरी चूत भी मारूंगा और यह बात सुनकर पूर्णिमा खुश हो गई और उसने तुरंत मेरा लंड चूसना छोड़ दिया और कहा कि गांड मरवाने का एक अलग तरीका होता है, इतना कहकर वो घोड़ी बन गई और मुझसे कहने लगी कि भैया आप पहले मेरी गांड के छेद में अपनी उंगली डालिए और अपने लंड के लिए उसमें रास्ता बना दो और वो कहने लगी कि भैया आप इसमें अपना थूक भी लगा सकते है.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  40 साल की नौकरानी को चोदा

फिर पूर्णिमा की काली गांड देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो चुका था, पहले मैंने अपनी एक उंगली को उसकी गांड के छेद में डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा, लेकिन मेरा दिल उसको चोदने और चाटने को कर रहा था. फिर मैंने बहुत देर तक अपनी उंगली को अंदर बाहर किया, जिसकी वजह से उसकी गांड खुल गई थी.

फिर मैंने अपनी जीभ से उसके छेद को चोदना शुरू किया और उस समय पूर्णिमा घोड़ी बनी हुई थी और अब वो मुझसे बोली कि भैया जी आपकी जीभ से मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और आप अपनी जीभ को मेरी चूत में अंदर भी डालोगे ना? वहां पर और भी ज्यादा मज़ा आएगा. फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है, में तेरी चूत में भी डाल दूंगा, पहले तेरी गांड के छेद को तो मुझे चाटने दे और मैंने बहुत देर तक अपनी जीभ से उसकी गांड के छेद को चोदा, लेकिन अब मेरा लंड बेकाबू हो रहा था. फिर मैंने लंड उसकी गांड में डाल दिया.

दोस्तों पूर्णिमा को गांड मरवाने का पहले से ही बहुत अच्छा अनुभव था, इसलिए मुझे कोई भी परेशानी नहीं हुई और मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड के छेद के अंदर जा रहा था. दोस्तों यह सच बात है कि गांड में चूत से ज्यादा मज़ा होता है और अब मेरा मन कर रहा था कि में पूर्णिमा की गांड मारता ही रहूँ, लेकिन दस मिनट के बाद मुझे लगा कि मेरा लंड अब झड़ने वाला है और उस समय पूर्णिमा ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी और वो बहुत खुश थी. फिर मैंने पूर्णिमा से कहा कि मेरा वीर्य अब निकलने वाला है. तब पूर्णिमा ने बोला कि प्लीज भैया आप इसको रोक लो, अभी मुझे अपनी गांड और मरवानी है. फिर मैंने उससे कहा कि पूर्णिमा डार्लिंग यह अब रुकने वाला नहीं है, पूर्णिमा ने मेरे आंड पकड़ लिए और वो उनको धीरे धीरे दबाने लगी, लेकिन अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था और उसकी गांड की खुशबू मेरे सर पर चड़ रही थी. फिर मैंने उससे पूछा क्या में अपना पानी अंदर ही छोड़ दूँ? वो बोली कि नहीं भैया आप यह पानी मेरे मुहं में डालना. मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला और पूर्णिमा ने अपना मुहं खोल लिया, जिसकी वजह से मेरे वीर्य की एक धारा उसके मुहं में चली गई और पूर्णिमा ने मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।
हिंदी सेक्स स्टोरी :  कामवाली की मस्त चुदाई

दोस्तों औरत के मुहं में अपना वीर्य निकालने का मज़ा ही कुछ और आता है, जब मेरा वीर्य निकल रहा था और तब पूर्णिमा उसको चूसने लगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा वीर्य निकले और उसने थोड़ा वीर्य अपने बूब्स पर भी लगा लिया और वो अपने बूब्स पर उसको अच्छी तरह से मसलने लगी, जब मेरे लंड से वीर्य निकलना बंद हो गया तो वो मुझसे कहने लगी कि भैया जी औरत के लिए यह पानी बहुत अच्छा होता है.

फिर में बेड पर लेट गया और पूर्णिमा अपनी चूत में उंगली करते हुए मुझसे पूछने लगी, क्या भैया आप मेरी चूत को चाटोगे? प्लीज़ आप मेरी चूत को चूसो आपको बड़ा मज़ा आएगा. फिर मैंने उससे कहा कि चल ला अपनी चूत को मेरे मुहं के पास रख, तब पूर्णिमा मेरे ऊपर चड़कर बैठ गई और उसने अपनी चूत को मेरे मुहं के ऊपर रख दिया और में नीचे लेटे हुए उसकी चूत को चाटने लगा और जैसे ही मेरी जीभ उसकी चूत में लगी तो पूर्णिमा ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी और वो मुझसे बोली कि आप मेरी चूत के ऊपर बने छोटे से दाने को अपने मुहं में ले लो और उसको अपनी जीभ से सहलाओ.

दोस्तों में उसका मतलब समझ गया और वो अपनी चूत का दाने के बारे में मुझसे बोल रही थी, उसका इशारा समझकर में उससे मज़ाक़ करने लगा और में पूछने लगा क्या औरत का लंड? पूर्णिमा बोली कि हाँ भैया जी उसको औरत का लंड ही कहते है, यह बिल्कुल चूत के ऊपर उठा हुआ होता है और तब मैंने उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से हिलाना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से पूर्णिमा कांपने लगी और उसकी चूत से गुलाबजल निकलने लगा और वो झड़ रही थी.

फिर वो मुझसे बोली कि आप मेरा यह रस पी लो, यह मर्दो के लिए बहुत अच्छा होता है. फिर में चूसने लगा और कुछ देर बाद मुझे उसकी चूत से निकलता हुआ वो रस अच्छा लगने लगा और मैंने उसको बहुत मज़े से चूसा और बहुत देर तक पूर्णिमा की चूत को चाटने के बाद जब में उठा और तब पूर्णिमा मुझसे बोली कि भैया जी अभी मेरी चूत की खुजली नहीं मिटी है.

फिर मैंने उसको कहा कि पूर्णिमा डार्लिंग अगर तू अपनी चूत को मुझसे हर दिन मरवाना चाहती हो तो तुम्हें मेरे लिए और भी औरतों को लाना पड़ेगा और में तुम्हारे साथ साथ उसको भी चुदाई के मज़े दूंगा. फिर पूर्णिमा मुझसे बोली भैया अगर आप कहें तो क्या में अपनी माँ को अपने साथ यहाँ पर ले आऊँ? मैंने उससे कहा कि तेरी माँ तो बूढी हो गई होगी, उसके साथ वो मज़ा कहाँ मिलेगा, जो एक जवान चूत से मिलता है? वो बोली कि नहीं भैया वो तो आज भी किसी से काम नहीं है. आप एक बार उसकी चूत मारोगे तो हर रोज़ आप उसको जरुर अपने पास बुलवाओगे.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  प्रिया और अंकिता की मस्त चुदाई

फिर मैंने उससे कहा कि ठीक है, अगर तू अपनी माँ की इतनी तारीफ करती है तो आज घर पर कोई भी नहीं है, इसलिए तू अभी अपने घर चली जा और अपनी माँ को अपने साथ में लेकर आजा. फिर पूर्णिमा ने कपड़े पहन लिए और तभी वो बोली कि मेरे घर में मेरी एक भाभी भी है, उसको भी लंड लेने का बहुत शौक है, में उनका क्या करूं?

तब मैंने उससे कहा कि क्या वो मुझसे भी अपनी चुदाई करवाएगी? तब पूर्णिमा बोली कि हाँ मेरा भाई तो गांडू है, उसको चूत में मज़ा नहीं आता, इसलिए मेरी भाभी आपसे चुदाई करवा सकती है, क्योंकि उसकी चूत लंड लेने के लिए हमेशा तैयार रहती है. अब मैंने खुश होकर उससे कहा कि ठीक है तू उन दोनों को अपने साथ में लेकर जल्दी से आजा और पूर्णिमा उनको लेने चली गई. फिर मैंने उसके चले जाने के बाद नाश्ता किया और करीब 15 मिनट के बाद पूर्णिमा अपनी माँ और अपनी भाभी को लेकर आ गई.

फिर उन तीनों को देखकर में बहुत खुश हुआ, क्योंकि उसकी माँ और उसकी भाभी सुंदर होने के साथ साथ बहुत सेक्सी मस्त माल लग रही थी. उनका गोरा रंग, कपड़ो से बाहर झांकते हुए बूब्स को देखकर में चकित बहुत आकर्षित हुआ और फिर मैंने उनसे पूछा क्या वो मेरे साथ सेक्स करना पसंद करेगी? तो वो दोनों मेरे मुहं से यह बात सुनकर शरमाने लगी.

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!