पड़ोसी की नई शादीशुदा बीवी की सील तोड़ी-1

Pados ki new shadishuda biwi ki seal todi-1

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रेहान है और आज में आप सभी चाहने वालों के सामने एक बार फिर से अपनी दूसरी कहानी लेकर आया हूँ. दोस्तों जैसा कि आप लोग अच्छी तरह से जानते है कि में कोलकाता में रहता हूँ और में वहां पर बिल्कुल अकेला रहता हूँ और यह घटना जो मेरे साथ घटी, ये करीब तीन या चार महीने पहले की है.

दोस्तों में उस दिन अपने ऑफिस से अपने घर पर थोड़ा जल्दी आ गया था, क्योंकि उस दिन मेरी तबियत मुझे कुछ ठीक नहीं लग रही थी और फिर में जैसे ही अपने रूम के पास गया तो मैंने देखा कि मेरे रूम के पास वाले रूम में उस समय बहुत भीड़ थी. उस रूम के सामने बहुत सारी लड़कियाँ और बच्चे खड़े हुए थे, उन्हें इस तरह से देखकर में बिल्कुल भी समझ नहीं सका कि यह सब क्या हो रहा है? फिर में अपने रूम के अंदर चला गया.

फिर थोड़ी देर बाद मुझे बाहर से कुछ आवाज़े आई, जैसे कई बच्चे आपस में बात करते हुए कि देखो यह दुल्हन कितनी सुंदर है ना और वो उसे देखकर बहुत खुश हो रहे थे. तभी में उनकी बातें सुनकर तुरंत समझ गया कि पास वाले रूम में कोई शादी होकर नया जोड़ा यहाँ पर रहने के लिए आया होंगा, लेकिन अब उनकी बातें सुनकर मेरा भी बहुत मन कर रहा था कि में उस दुल्हन को एक बार देख लूँ, लेकिन यह बिल्कुल भी मुमकिन नहीं था. फिर करीब तीन चार दिन के बाद मुझे मेरी अच्छी किस्मत से उस नई नवेली दुल्हन को देखने का मौका मिल ही गया. उस दिन में सुबह जब उठकर फ्रेश होने के बाद तैयार होकर अपने ऑफिस जाने के लिए जैसे ही अपने रूम के दरवाजे से बाहर निकला तो मेरी नज़र उस मेरे पास वाले रूम की तरफ पड़ी जिसमें वो दुल्हन थी.

फिर मैंने देखा कि एक 20-22 साल की सुंदर लड़की वो उस समय सूट पहने हुए थी, वो क्या मस्त लग रही थी और उसका फिगर बाहर से देखने में आकार में एकदम ठीक-ठाक था, लेकिन दोस्तों उसके बूब्स बहुत मस्त थे और वो बिल्कुल गोलमटोल थोड़े उभरे हुए थे.

फिर मैंने उसका चेहरा बहुत बार देखने की नाकाम कोशिश की, लेकिन उसके चेहरे पर उसका वो घूँघट था, उसकी नज़र जैसे ही मेरी तरफ पड़ी तो वो जल्दी से अंदर की तरफ चली गई, लेकिन मेरा लंड तो उसके सेक्सी बदन को देखकर तनकर खड़ा हो गया और अब मेरे दिमाग़ में उसके लिए बहुत सारी गंदी गंदी बातें आने लगी थी और में अपने ऑफिस में पहुंचने के बाद भी उसके बारे में ही सोचने लगा.

फिर मेरा वो पूरा दिन उसके बारे में सोचते सोचते निकल गया और मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि कब रात हो गई और अपने रूम पर वापस आ गया और जब में अपने रूम पर पहुँचा तो मैंने उसके रूम की तरफ नज़र डालकर देखा, लेकिन वो इस बार मुझे कहीं नहीं दिखी. फिर में एक नजर डालकर अपने रूम के अंदर चला गया और फिर से में उसी के बारे में सोचने लगा. फिर में बहुत देर तक अपने बेड पर लेटा और उसी के बारे में सोचता रहा, मेरी नजरों के सामने बार बार उसका सेक्सी बदन मुझे दिख रहा था और में उसी के सपने देख रहा था.

तभी कुछ देर बाद मेरे दरवाजे की घंटी बजी और मैंने उठकर दरवाजा खोल दिया. मैंने देखा कि एक आदमी बाहर खड़ा हुआ था, वो अपने हाथ में एक बोतल लिए खड़ा हुआ था, में उसको देखकर बहुत चकित था, क्योंकि उसको मैंने पहले कभी नहीं देखा था और उसके हाथ में एक खाली बोतल भी थी, में उसके बारे में ना जाने क्या सोचने लगा और फिर मैंने उससे पूछा कि कौन हो तुम और तुम्हें मुझसे क्या काम है?

उसने मुझे बताया कि में यहाँ पर आपके बिल्कुल पास वाले रूम में रहने के लिए कुछ दिन पहले ही नया नया आया हूँ और हमारी नयी शादी हुई है, मुझे आज आप से पीने के लिए थोड़ा सा पानी चाहिए था, मुझे उसकी ज़रूरत है और मेरे पास जो भी पानी था, वो खत्म हो गया है, प्लीज अगर आप मुझे थोड़ा पानी दे दे तो मेरा और मेरी पत्नी का आज रात भर काम चल जाएगा और कल सुबह तो कहीं और से इंतजाम कर लूँगा.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

फिर मैंने उससे तुरंत कहा कि हाँ ज़रूर, में आपको पानी के लिए क्यों मना करूंगा, क्या कभी पानी के लिए भी किसी को मना किया जाता है? आपको मुझसे जितना पानी चाहिए आप ले जा सकते है और इसके आलावा भी अगर आपको मेरी कोई भी जरूरत हो तो आप मुझे जरुर बता देना और फिर मैंने उससे कहा कि प्लीज आप अंदर आ जाए.

फिर वो मेरे कहने पर अंदर आ गया और फिर हम दोनों ने एक दूसरे से बातें करना शुरू कर दिया. में उसे कुछ अपने बारे में बताने लगा और उससे उसके बारे में पूछने लगा. तब उसने मुझे बताया कि उसकी शादी अपनी मर्जी से हुई है और उसका नाम शाहबाज़ है और उस लड़की यानी उसकी पत्नी का नाम सीमा है और फिर मैंने भी अपने बारे में उसे बाकी सब कुछ बता दिया और अब हम लोगों में बहुत अच्छी दोस्ती हो गई और कुछ देर मुझसे बातें करके जाते समय मुझसे धन्यवाद कहकर वो पानी लेकर अपने रूम पर चला गया.

फिर एक दो दिन के बाद उसने मुझे मेरे घर पर आकर अगले दिन अपने घर पर खाना खाने के लिए कहा और उसने मुझसे कहा कि आप अपने ऑफिस से आ जाने के बाद मेरे घर पर आकर खाना खा लेना. दोस्तों में तुरंत उसकी वो बात मान गया और में उसके मुहं से यह बात सुनकर मन ही मन बहुत खुश था, क्योंकि में खुद भी उसके घर पर जाकर उसकी पत्नी को एक बार देखना जरुर चाहता था.

फिर दूसरे दिन में सुबह उठा और बहुत खुश होकर अपने ऑफिस चला गया और वहां पर पहुंचने के बाद मेरा मन किसी भी काम में नहीं लग रहा था और में पूरे दिन उसके घर पर जाने की बात और उसकी पत्नी को करीब से देखने की अपनी इच्छा को लेकर मन ही मन बहुत उत्सुक था.

//क्रमशः//