पड़ोसन की सुखी चूत पर लंड का बारिश किया

(Padosan Ki Sukhi Chut Par Lund Ka Barish Kiya)

मेरा नाम हेमंत और मेरी उम्र 23 साल है। दोस्तों में एक बहुत ही अच्छे गठीले बदन का दिखने में बहुत अच्छा लड़का हूँ। मेरी लम्बाई 5.11 इंच है, क्योंकि में हर दिन कसरत रहता हूँ जिसकी वजह से मेरा बदन बहुत ही आकर्षक दिखता है। अब में अपनी कहानी की तरफ आपको सीधे ले जाता हूँ। दोस्तों मुझे शुरू से ही सेक्स करना और अब सेक्सी कहानियों को भी पढ़ने का बहुत शौक है। मैंने अब तक ना जाने कितनी कहानियों को पढ़कर बड़े मज़े लिए है। Padosan Ki Sukhi Chut Par Lund Ka Barish Kiya.

फिर एक दिन मेरे मन में अपने एक सेक्स अनुभव को लिखकर यहाँ पर पहुँचाने के बारे में विचार आया, जिसमे मैंने अपने पड़ोस में रहने वाली एक बहुत ही हॉट सेक्सी लड़की के साथ बहुत कुछ किया। वैसे तो में उसके साथ पहले से ही चुदाई के सपने देख रहा था। अब में उस घटना को विस्तार से बताना शुरू करता हूँ, दोस्तों मेरे पड़ोस में एक घर है, जिसमे एक अंकल, आंटी और उनकी एकलौती बेटी जिनका नाम श्वेता है वो रहती है। दोस्तों उसके बूब्स का आकार 40-28-34 है और उसका बदन एकदम मलाईदार और बूब्स छोटे संतरे की तरह दिखते है उसके गुलाबी गाल तो ऐसे कि बस छू लो तो वो एकदम लाल हो जाए। दोस्तों यह बात उस समय की है, जब में बी.ए. पहले साल की पढ़ाई कर रहा था और श्वेता भी बी.ए. की आखरी साल की पढ़ाई कर रही थी।

दोस्तों हम दोनों का कॉलेज और विषय भी एक ही था और हम दोनों का परिवार भी एक दूसरे से बहुत मिलकर रहते थे। दोस्तों मेरे अंकल एक प्राइवेट कंपनी में और आंटी एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करते थे और इस वजह जब भी श्वेता कॉलेज नहीं जाती थी, वो पूरे दिन दस बजे से चार बजे तक उनके घर में कोई भी नहीं होता था, बस श्वेता ही अकेली रहती थी। एक बार में श्वेता से लिए हुए कुछ नोट्स देने उसके घर करीब सुबह 11 बजे चला गया और उस समय वो घर में अकेली ही थी और में नोट्स देकर वापस जाने लगा। अब वो मुझसे बोली कि बैठ जाओ और चाय पीकर चले जाना तुम्हे इतनी जल्दी भी क्या है जाने की? तुम कुछ देर मेरे साथ बैठकर चाय पीकर बातें करके चले जाना। फिर अचानक उसको पता नहीं क्या हुआ मुझे पता नहीं, लेकिन उसने मुझसे बोला कि थोड़ी देर रुको में अभी नहाकर आती हूँ। फिर हम दोनों साथ में बैठकर चाय पी लेंगे आयर मुझे नहाने में बस दस मिनट लगेंगे। दोस्तों उसने मुझे बताया कि कल रात को देर रात तक पढ़ाई करने की वजह से वो अभी कुछ देर पहले ही उठी थी इसलिए सुबह देर से सोकर उठने की वजह से वो मुझसे यह बात बोलकर नहाने चली गई। अब मेरे अंदर का शैतान धीरे धीरे जागने लगा था और वैसे भी में बहुत दिनों से उसको चोदने के बारे में सोचा करता था।       “Padosan Ki Sukhi Chut”

अब मुझे ऐसा लग रहा था कि आज मेरे हाथ उसके साथ बहुत कुछ करने का मौका हाथ लगा है। अब में मेहमानों वाले कमरे में बैठा हुआ था। फिर कुछ देर बाद में वहाँ से उठकर चुपचाप उसके कमरे में आ गया जहाँ कि उसके कमरे वाले बाथरूम में वो नहा रही थी। फिर में वहीं पास की अलमारी के पीछे चुपचाप छुप गया, मेरा लंड तनकर सात इंच का हो चुका था और जींस के अंदर काले नाग की तरह फुंकार मार रहा था। अब मैंने देखा कि मेरे सामने बिस्तर पर उसकी ब्रा, पेंटी स्कर्ट और एक सफेद रंग की टी-शर्ट रखी हुई थी और में तुरंत समझ गया कि वो सिर्फ़ टावल लेकर नहाने गई है। फिर मैंने उस जगह से उठकर तुरंत वो सारे कपड़े पलंग के नीचे छुपा दिए, जिसकी वजह से जब वो नहाकर बाथरूम से बाहर निकले और में उसको अपने आगोश में ले लूँ और उसको अपने पास बदन ढकने को कुछ ना मिले। फिर करीब दस मिनट के बाद मेरे इंतज़ार की घड़ी खत्म हो गई और वो अब अपने बदन पर सिर्फ़ टावल लपेटे हुए बाथरूम से बाहर निकली, वाह उसका क्या मस्त गोरा गठीला बदन था वो बड़ी गजब की सुंदर एकदम तराशा हुआ माल नजर आ रही थी। दोस्तों में उस अलमारी के पीछे इस तरह छुपा हुआ था कि वो मुझे नहीं देख सकी।                 “Padosan Ki Sukhi Chut”

अब मैंने देखा कि वो कांच के सामने खड़ी होकर अपने पानी से भीगे हुए बालों को ठीक कर रही थी और अचानक से उसने अपना टावल अपने गोरे चिकने बदन से हटा दिया और मुझे पर वो द्रश्य देखकर बिजली गिर गई। दोस्तों अब पूरी तरह से वो एक नंगी लड़की जिसकी गांड अब मेरी तरफ थी और उस सामने लगे कांच में मुझे उसके बड़े आकार के बूब्स और एकदम गोरी उभरी हुई चूत साफ साफ नजर आ रही थी और मैंने देखा कि चूत पर हल्के भूरे बाल भी थे।

अब उसने पलंग पर रखे अपने कपड़ों की तरफ हाथ बढ़ाया, लेकिन वहां पर कपड़े ना पाकर वो एकदम चकित रह गई। फिर में समय ना गँवाते हुए उस अलमारी के पीछे से निकल गया और एक झटके में मैंने उसको अपनी बाहों में पीछे से दबोच लिया। दोस्तों में पहले से जानता था कि वो अचानक से हुए इस हमले की वजह से चिल्लाएगी जरुर इसलिए मैंने तुरंत ही उसको दबोचकर पलंग पर पटक दिया और मैंने अपने एक हाथ को उसके मुहं पर रख दिया। अब में उसके ऊपर पूरी तरह से सवार हो चुका था और में अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को बड़े मज़े से दबा रहा था।                          “Padosan Ki Sukhi Chut”

फिर जैसे ही मैंने उसके मुहं से अपने हाथ को हटाया और वो ज़ोर से चिल्लाने लगी और अब वो मुझसे कहने लगी कि छोड़ दो हेमंत मुझे यह तुम क्या कर रहे हो? यह सब ठीक नहीं है तुम मेरे ऊपर से हट जाओ प्लीज छोड़ दो मुझे कपड़े पहनने दो, में कहीं मुहं दिखाने लायक नहीं रहूंगी। अब मैंने उसको बोला कि देख श्वेता इस समय तू मेरी बाहों में पूरी नंगी है और आज में तुझे बिना तेरी चुदाई करे नहीं छोड़ सकता, क्योंकि में तुझे इस तरह नंगा देखने के लिए बहुत तड़पा हूँ।                    “Padosan Ki Sukhi Chut”

अब तू ज्यादा शोर शराबा करेगी तो इसमे तेरी ही बदनामी होगी, क्योंकि में तो लड़का हूँ और मुझे क्या फर्क पड़ेगा, लोग मुझे आवारा कहने लगेंगे, लेकिन तेरा क्या होगा पहले तू सोच ले? और वैसे भी एक बात यह भी है कि एक बार मुझसे चुदाई करवा लेने से तेरी घिस तो नहीं जाएगी? देखना तुझे भी मेरे साथ बड़ा मस्त मज़ा ही आएगा। दोस्तों उसके साथ यह सब बातें करते हुए में उसके बूब्स को भी दबा रहा था और उसकी चूत पर भी अपने एक हाथ को फेर रहा था और शायद वो मेरे इतना सब करने की वजह से अब गरम हो चुकी थी, इसलिए अब वो अपनी लड़खड़ाती आवाज़ में मुझसे पूछने लगी कि किसी को पता चल गया तो क्या होगा? तू रहने दे, मैंने आज तक ऐसा पहले कभी नहीं किया, मुझे डर लगता है।

फिर मैंने उसको बोला कि तू किसी भी बात की ज्यादा टेंशन मत ले, मेरे होते हुए तुझे डरने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं यहाँ पर कोई नहीं आने वाला है और किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा। अब श्वेता मुझसे कहने लगी कि देख तू मेरी चुदाई मत करना उसके अलावा तुझे मेरे साथ जो भी करना है कर ले में मना नहीं करूंगी। फिर मैंने उसको कहा कि हाँ ठीक है, लेकिन अगली बार तू खुद मुझे अपनी चुदाई करने के लिए कह देगी। अब उसने मुझसे बोला कि हाँ पक्का आज बस इस तरह तू मुझे प्यार कर उसके बाद आगे की देखी जाएगी। फिर में उसके नरम मुलायम बूब्स को दबाते हुए उसके होठों को चूसने लगा और वो भी अब मेरा साथ देते हुए मेरे होठों को चूसने लगी। फिर कुछ देर बाद में धीरे से अपना मुहं उसकी चूत की तरफ ले गया और मैंने बिना देर किए अपनी पूरी जीभ को उसकी चूत में डाल दिया। अब में उसकी चूत को चूसने लगा और वो मज़े मस्ती की वजह से पागलों की तरह छटपटाने लगी, में लगातार चूत के दाने को अपनी जीभ से सहलाने के साथ साथ उसके बूब्स की निप्पल को दबाकर उसका रस भी निचोड़ रहा था। फिर मैंने महसूस किया कि अब उसका पूरा बदन मेरे यह सब करने की वजह से बहुत गरम होने लगा था और में उसी तरह उसकी चूत को चाट रहा था।               “Padosan Ki Sukhi Chut”

अब अचानक से उसका हाथ मेरी पेंट पर जा पहुंचा और जोश में एक ही झटके में उसने मेरी पेंट को खोल दिया। फिर मेरी अंडरवियर के नीचे के काले नाग रूपी लंड को उसने अपने एक मुलायम हाथ से पकड़कर बाहर निकालकर तुरंत अपने हाथों में ले लिया और इतना लंबा सात इंच का लंड देखकर वो डरते हुए काँप गई। अब मैंने उसको बोला कि तुम इसको देखकर बिल्कुल भी डरो मत मेरी जान, आज में तुम्हारी चुदाई नहीं करूंगा, आज तो सिर्फ़ इसको तुम्हारे मुहं में देना है और थोड़ी सा नखरा दिखाने के बाद वो मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूसने लगी, जिसकी वजह से उसको बड़ा मज़ा आने लगा था।                “Padosan Ki Sukhi Chut”

फिर हम दोनों कुछ देर बाद 69 की पोज़िशन में आ गए और वो बड़े मज़े से खुश होकर मेरा लंड चूस रही थी और में उसकी चूत की चुदाई अपनी जीभ से कर रहा था। अब वो जोश में आकर मेरे लंड के टोपे पर अपनी जीभ को घुमाकर लंड को अंदर बाहर करते हुए उसको लोलीपोप की तरह चूस रही थी और अपने कूल्हों को उठा उठाकर मेरी जीभ को अपनी चूत के पूरा अंदर लेने की कोशिश करने लगी थी। फिर कुछ देर बाद अचानक ही मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत से बाहर निकाल दिया और उसने तुरंत ही लंड को अपने मुहं से बाहर निकालकर मुझसे पूछा कि क्या हुआ? हेमंत तुम ऐसे रुक क्यों गए? मुझे बहुत मज़ा आ रहा है।

प्लीज तुम फिर से डालो ना अपनी जीभ को अंदर, क्यों तुम मुझे तरसा रहे हो? दोस्तों में उसके मुहं से वो बात सुनकर तुरंत समझ गया कि लोहा पूरी तरह से गरम हो चुका है, इसलिए अब इसके ऊपर हथोड़ा मारने का ठीक समय आ गया है। अब मैंने बहाना बनाकर उसको कहा कि श्वेता आज के लिए बस इतना ही बहुत है, मेरी जीभ दर्द कर रही है, क्योंकि में पिछले दस मिनट से तेरी चूत को मेरी जीभ से चूसकर मज़े दे रहा हूँ मुझसे अब और नहीं होता। फिर उसने जोश में आकर कहा कि तेरे यह सब करने से मेरे अंदर एक आग सी लगी है, अब उसको कौन बुझाएगा? साले चल अब चुपचाप तू अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर डाल दे और चूसना शुरू कर में तेरे लंड को चूसकर अभी हल्का कर देती हूँ।                      “Padosan Ki Sukhi Chut”

दोस्तों में अब उसके मुहं से पहली बार वो गंदे शब्द सुनकर बड़ा खुश हो गया, क्योंकि मुझे अब उसकी बातों और जोश को देखकर महसूस होने लगा था कि उसकी चूत में अपने लंड को डालने का मेरा सपना अब बहुत जल्दी पूरा होने वाला था। फिर मैंने मन ही मन खुश होकर उसको कहा कि अब मेरा जीभ में दर्द हो रहा है इसलिए में अब अपनी जीभ नहीं डालूँगा। अब उसने मुझसे कहा कि साले कमीने तू मेरी चूत में अपनी जीभ को नहीं डाल सकता तो फिर अब तू तेरे लंड को इसके अंदर डाल दे।                   “Padosan Ki Sukhi Chut”

फिर मैंने उसको कहा कि अभी कुछ देर पहले तुमने ही तो मुझसे मना करके लंड को डालने से इंकार किया था और अब तुम्हे क्या हो गया जो तुम ही मुझे डालने के लिए कह रही हो? श्वेता कहने लगी कि तू अब मेरी आग को बुझा दे हेमंत, आज तू मुझे जमकर चोद, तू अब जल्दी से डाल दे अपने लंड को मेरी इस प्यास को बुझा दे, प्लीज जल्दी कर कल किसने देखा? मुझसे ज्यादा देर अब नहीं रुका जाएगा। अब मैंने खुश होकर हंसते हुए उसको बोला कि श्वेता मेरी जान फिर तुम तैयार हो जाओ मेरे लंड को झेलने के लिए आज में तुम्हारी चूत को चोद चोदकर इसका भोसड़ा बना दूंगा। फिर मैंने बिना देर किए उसको बिस्तर पर एकदम चित लेटा दिया और अब में उसके ऊपर चड़ गया। अब मैंने अपने लंड के टोपे की मदद से गीली चूत के दाने को सहलाकर उसका जोश और भी ज्यादा बढ़ा दिया वो अपने सर को इधर उधर पटक रही। अब वो सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी कि ऊफ्फ्फ्फ़ स्सीईईइ प्लीज तुम मुझे क्यों इतना तरसा रहे हो? अब डाल भी दो ना इसको अंदर आह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह क्या तुम्हे मज़ा आ रहा है। फिर उसने मुझसे यह सब कहते हुए अपने दोनों पैरों को दूर करते हुए अपनी कामुक चूत को पूरा खोलकर मेरे लंड के उसके अंदर जाने का स्वागत किया।

अब मैंने उसका जोश देखकर लंड का टोपा उसकी खुली चूत के छेद पर रखकर एक जोरदार करारा धक्का मार दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड चार इंच तक एक ही बार में उसकी चूत की दीवारों को फाड़ता फैलाता हुआ अंदर चला गया। अब वो उस धक्के की वजह से दर्द से उछलकर बिस्तर से एक फिट ऊपर चली गई और उसके मुहं से आहह ऊऊईईईईईई नहीं आईईई साले कुत्ते आह्ह्ह में मर गई निकाल इसको बाहर। दोस्तों वो अपनी पूरी ताकत को लगाकर मुझे अपने ऊपर से हटा रही थी, लेकिन मेरा लंड उसकी कसी हुई चूत में अंदर जाकर फंस सा गया था और मेरी मजबूत पकड़ की वजह से में उसकी कमर को जकड़े हुए था।                “Padosan Ki Sukhi Chut”

दोस्तों दर्द की वजह से लगातार उसके गले से चीखने की आवाज आ रही थी और मेरा लंड उसकी चूत में फंसा हुआ चूत में ही फुदकने लगा था और मैंने उसी तरह से अपने लंड को दो मिनट तक रोके रखा और फिर में उसके बूब्स को चूसता दबाता रहा। फिर कुछ देर बाद जब मैंने देखा कि वो दर्द कम होने की वजह से विरोध ना करते हुए कुछ शांत हो गई है तब जाकर मैंने अपने लंड को उसकी चूत से थोड़ा सा बाहर निकाल लिया। फिर अचानक से मैंने एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा सात इंच का लंड उसकी चूत की गहराईयों में उतार दिया।    “Padosan Ki Sukhi Chut”

अब वो दर्द से मचलते हुए चिल्ला उठी और कहने लगी कि मुझे अब छोड़ दे ऊफ्फ्फ्फ़ निकाल ले साले कुत्ते तू अब अपने लंड को आह्ह्ह्ह वरना मेरी चूत फट जाएगी है ऊह्ह्ह प्लीज थोड़ा तू मेरे ऊपर तरस खा। फिर मैंने उसके बूब्स और चूत के ऊपर अपने हाथ से सहलाते हुए उसको कहा कि श्वेता मेरी रानी तुम थोड़ी देर और सह लो फिर उसके बाद बस मज़ा और जन्नत ही जन्नत है। दोस्तों में लगातार उसके पूरे जिस्म को सहलाता रहा और जब उसका दर्द कम होता देख मैंने अपने लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया और अब मुझे उसकी चूत गीली महसूस हो रही थी, इसलिए लंड बड़े ही आराम से अपनी जगह बनाकर अंदर बाहर होता रहा।

फिर कुछ ही देर के बाद उसको दर्द खत्म होने के बाद मज़ा आने लगा था और फिर में धीरे धीरे धक्के लगाने लगा था और वो मुझसे कहने लगी, उह्ह्ह्ह हाँ मेरे राजा तुम अब रूको मत और तेज़ हाँ और तेज़ आह्ह्ह मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा है, तू आज जमकर चोद दे मेरी इस चूत को, में भी तेरे लंड के लिए बहुत तड़ती हूँ। दोस्तों में लगातार उसकी बातें सुनकर जोश में आकर धक्के देता रहा और वो बड़बड़ाती रही उफ्फ्फ्फ़ हाँ आज इस बंजर ज़मीन पर पहली बार बरसात हुई है, तू ऐसे ही इसको इसी तरह चोदता रह आह्ह्ह्ह हाँ आज तू फाड़ दे मेरी इस चूत को, वो लगातार ऐसे शब्द अपने मुहं से निकाल रही थी।                 “Padosan Ki Sukhi Chut”

फिर करीब बीस मिनट धक्के देने के दौरान वो तीन बार झड़ चुकी थी और फिर अचानक ही तेज़ धक्के लगाते हुए मैंने भी अपने ढेर सारे वीर्य की उसकी चूत में पिचकारी सी छोड़कर उसकी चूत को पूरा अपने वीर्य से भर दिया था। फिर उसके बाद भी आधे घंटे तक हम दोनों ऐसे ही पूरे नंगे एक दूसरे से चिपके पड़े रहे और एक दूसरे के अंग से खेल भी रहे थे। दोस्तों उस दिन में श्वेता की कुंवारी चूत को अपने लंड से जमकर चोदकर बहुत खुश था, क्योंकि यह मेरे लंड की अच्छी किस्मत थी, जिसको उसके जैसी कामुक चूत मिली थी जो कुछ देर में ही गरम होकर चुदाई के लिए तैयार हो गई और उसने चुदाई में मेरा पूरा पूरा साथ भी दिया, में उसका वो जोश देखकर बड़ा चकित था। दोस्तों उस हमारी पहली चुदाई के बाद भी में हर कभी अच्छा मौका मिलते ही श्वेता की चुदाई करता हूँ और मुझे उसका जवाब गोरा कुंवारा बदन मिला था, जिसको पाकर मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था और अब उसको भी मेरे लंड का चस्का लग चुका है और हम दोनों बहुत खुश रहते है ।                                 “Padosan Ki Sukhi Chut”