पड़ोसी भाभियों को जमकर बजाया–4

Padosi bhabhiyo ko jamkar bajaya-4

कहानी के तीसरे भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह से मैने संगीता भाभी की अच्छी तरह से गांड़ मेरी।फिर मैंने शालू भाभी को भी पूरी नंगी कर दिया था। अब कहानी आगे……………………………….
शालू भाभी के नंगी होते ही मैंने उनकी टांगो को फैला दिया जिससे शालू भाभी का भोसड़ा अच्छी तरह से खुल गया। अब मैंने भाभी के भोसड़े में मेरी दो उंगलियां एक साथ पेल दी और भाभी की एक टांग पकड़कर भाभी के भोसड़े को सहलाने लगा।शालू भाभी दर्द से कसमसाने लगी।
शालू भाभी– ऊंह आह आह ओह ऊंह आह आह आह ऊंह।
मुझे शालू भाभी के भोसड़े को सहलाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।मेरी उंगलियां भाभी के भोसड़े में डूब चुकी थी।
मैं– आह भाभी! बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह ओह ओह भाभी।
शालिनी भाभी– खूब मजे लेता है यार तू तो।
मैं– तभी तो चुदाई का असली मजा आता है भाभी।

शालिनी– गजब की चुदाई करता है यार तू तो।
मैं– चिंता मत करो भाभी आप। आपको को भी ऐसे ही पिघलाकर चोदूंगा।
शालिनी भाभी ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया।वो चुप हो गई। मैं शालू भाभी के भोसड़े में जबरदस्त तरीके से खुदाई कर रहा था।भाभी का भोसड़ा बहुत ज्यादा गरम हो रहा था।
शालू भाभी– ऊंह आह आह ओह ऊंह आह आह ओह।
फिर मैंने बहुत देर तक शालू भाभी के भोसड़े में जबरदस्त खलबली मचाई। अब मैंने शालू भाभी की टांगो को पकड़ा और उन्हें फोल्ड कर दिया। अब मैंने मेर लन्ड के सुपाड़े को भाभी के भोसड़े के बीचोबीच रखा और ज़ोरदार धक्का देकर लंड को भोसड़े में ठोक दिया।लंड भोसड़े में ठूकते ही शालू भाभी की गांड के नीचे से ज़मीन खिसक गई।वो बुरी तरह से चीख पड़ी।
शालू भाभी– आईईईई।आईईईई।
अब मैं शालू भाभी को फोल्ड करके बुरी तरह से पेलने लगा।मुझे शालू भाभी को फोल्ड करके पेलने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।शालू भाभी दर्द से तड़प रही थी।

शालू भाभी– ऊंह आह आह आईईईई आईईईई ऊंह ओह।
मेरा लन्ड खस खस घस घस भाभी के भोसड़े में अंदर बाहर हो रहा था।
मैं– ओह भाभी,,,गजब का मज़ा आ रहा है।आह आह ओह ओह।
शालू भाभी– ऊंह आह आह ओह ऊंह ऊंह।
अर्पिता भाभी– यार रोहित जल्दी जल्दी बजा लेे सबको,,कोई आ जाएगा तो प्रॉब्लम हो जाएगी।
मैं– कोई नहीं आएगा।आज तो मैं सबको अच्छी तरह से ही बजाऊंगा।
शालिनी भाभी– अरे यार अर्पिता तू टेंशन मत कर।बजाने दे इसे आज जितना बाजना चाहता है । हम भी तो देखे कितना दम है इसके लंड में।
मैं– दम के बारे में संगीता भाभी से पूछ लो।
संगीता भाभी– बहुत दम है कुत्ते के लंड में।
शालिनी भाभी– देखती हूं कितना दम है।
मैं– अभी देख लेना रण्डी।

तभी मैंने ज़ोरदार धक्कों से शालू भाभी को बुरी तरह से बजा डाला। अब मैंने शालू भाभी को वापस अन्फॉल्ड कर दिया। अब मैं शालू भाभी के मुंह पर चढ गया और भाभी के मुंह में लंड डालकर उन्हें चोदने लगा।
मेरा गरमा गरम लंड शालू भाभी के मुंह में अंदर बाहर हो रहा था। मैं अच्छी तरह से शालू भाभी के मुंह को चोद रहा था। तभी मैंने लंड को ज़ोर से शालू भाभी के मुंह में ठोक दिया।शालू भाभी तड़पने लगी।उनकी जान हलक में आ चुकी थी।फिर मैंने थोड़ी देर बाद शालू भाभी के मुंह में ले लेने बाहर निकाला तब जाकर उनकी जान में जान आई।
मैं फिर से उनके मुंह में लंड ठोकने लगा।भाभी चुपचाप होकर मुंह को चुदवा रही थी।मुझे शालू भाभी के मुंह को चोदने में बड़ा मजा आ रहा था।फिर मैंने थोड़ी देर तक शालू भाभी के मुंह को अच्छी तरह से चोदा।

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अब मैंने शालू भाभी को पलट दिया और पीछे से उन पर चढ़ गया। अब मैं शालू भाभी की छरहरी पीठ पर चुंबनों की बारिश करने लगा।शालू भाभी चुपचाप होकर बेड पर पड़ी थी। इधर मेरा लन्ड उनकी गांड़ में घुसने की कोशिश कर रहा था।मुझे भाभी की पीठ पर किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर मैंने थोड़ी देर में ही शालू भाभी की पीठ को किस करके गीला कर दिया। अब मैं भाभी की गांड पर आ गया ।
आह! क्या मस्त सेक्सी हॉट गांड़ थी शालू भाभी की।बहुत ज्यादा सेक्सी।उनके गौरे चिकने चूतड़ मेरे लन्ड की आग को बढ़ाने लगे।
मैं– ओह भाभी,जितनी आप सेक्सी हो आपकी गांड़ उससे भी ज्यादा सेक्सी है।

तभी मैं शालू भाभी के चूतड़ों को सहलाने लगा।मुझे भाभी के चूतड़ों को सहलाने और दबाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर मैं भाभी के चूतड़ों को बजाने लगा।मुझे भाभी के चूतड़ों को बजाने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।तभी भाभी दर्द से चू चू मै मै करने लगी।
शालू भाभी– ऊंह आह आह आईईईई आईईईई।
मैं– ओह भाभी,,बहुत मस्त चूतड़ है आपके।एकदम कसे हुए और गोल गोल।
संगीता भाभी– हां उसके तो चूतड़ बहुत गौरे है और तेरे चूतड़ देख।
मैं– मेरे चूतड़ों का क्या करना है।काम तो आपके चूतड़ों से है साली रण्डी।
अर्पिता भाभी– बहुत शानदार गांड़ है शालू की।

शालिनी भाभी– तो शानदार तो रहेगी ही यार।अभी तो उसने गांड़ ही मरवाई है कभी।
अर्पिता भाभी– क्यो शालू तूने गांड़ नहीं मरवाई क्या अभी तक!
शालू भाभी– नहीं भाभी, उन्होंने कभी गांड़ मारने की कोशिश ही नहीं की।
अर्पिता भाभी– कमाल है यार। ये अजय भी कुछ नहीं जानता क्या?
शालू भाभी– उनको तो बस चूत मारने का शौक है।
अर्पिता भाभी– तब तो फिर आज तेरी गांड़ का उद्घाटन पक्का हो ही जाएगा।
मैं– हां भाभी,आज तो मैं शालू भाभी की गांड का सुराख खोल ही दूंगा।
तभी मैंने शालू भाभी की गांड के छेद में उंगली डाल दी।तो बड़ी मुश्किल से मेरी उंगली भाभी की गांड के छेद में घुसी। इसका मतलब शालू भाभी ने सच में कभी गांड़ नहीं मरवाई है।

अब मैंने शालू भाभी से घोड़ी बनने के लिए कहा।
शालू भाभी– यार मै घोड़ी तो बन जाऊंगी लेकिन प्लीज गांड़ मत मारना।
मैं– भाभी,आज तो आपकी गांड़ मारूंगा ही। अब आप चुपचाप जल्दी से घोड़ी बन जाओ।
शालू भाभी– यार प्लीज।
मैं– कोई प्लीज नहीं।
शालिनी भाभी– शालू मरवा ले गांड़ बहुत मज़ा आता है।
शालू भाभी– भाभी लेकिन दर्द भी तो होगा ।
शालिनी भाभी– कोई बात नहीं थोड़ा सा दर्द होगा।सहन कर लेना।एक तूने इसके घोड़े से गांड़ मरवा ली ना फिर तो तुझे जमकर मज़ा मिलेगा।
शालू भाभी– अच्छा !

शालिनी भाभी– हां शालू।
तभी शालू भाभी डरते हुए घोड़ी बन गई।
शालू भाभी– यार थोड़े आराम आराम से मारना। मैं पहली बार गांड़ मरवा रही हूं।
मैं– चिंता मत करो भाभी,आपकी ऐसी गांड़ मारूंगा की आप बार बार गांड़ मरवाने के लिए तरसोगी।
अब मैंने सोचा शालू भाभी की गांड मारने से पहले थोड़ी देर इनके भोसड़े को और बजा लेता हूं।तभी मैंने भाभी के भोसड़े में फिर से लंड डाल दिया और भाभी की गांड पकड़कर फिर से शालू भाभी के भोसड़े को बजाने लगा।फिर से शालू भाभी की सिसकारियां फूटने लगी।
शालू भाभी– ऊंह आह आह आह ओह आह ऊंह आह आह।

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मैं गांड़ हिला हिलाकर अच्छी तरह से शालू भाभी के भोसड़े को चोदने लगा।मेरा लन्ड अच्छी तरह से शालू भाभी के भोसड़े को बजा रहा था।शालू भाभी भी अब तो मस्त होकर भोसड़े को चुदवा रही थी।भाभी के भोसड़े से लगातार रस टपक रहा था।
शालू भाभी– ऊंह आह आह ओह ऊंह आह आह ऊंह।
मैं– अब बताओ भाभी ,कितना मज़ा आ रहा है भोसड़ा फड़वाने में?
शालू भाभी– बहुत मज़ा आ रहा है रोहित।
मैं ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए भाभी के भोसड़े में जबरदस्त ठुकाई कर रहा था। मैं बहुत अच्छी तरह से भाभी के भोसड़े में आनंद के गोते लगा रहा था।
मैं– ओह भाभी ,,मज़ा आ गया यार।आह आह।
फिर मैंने शालू भाभी को घोड़ी बनाकर बहुत देर तक ठोका। अब भाभी की गांड ठोकने की बारी थी। अब मैंने तेल लिया और शालू भाभी की गांड की मालिश करने लगा। अब मैंने अर्पिता भाभी से मेरे लन्ड पर तेल की मालिश करने के लिए कहा।तो अर्पिता भाभी हाथ में तेल लेकर मेरे लन्ड को मसलने लग गई।

अर्पिता भाभी– ये तो बहुत मोटा तगड़ा है यार।
मैं– मोटा तगड़ा होता है तभी तो तगड़ी ठुकाई करता है मेरा लौड़ा।
अर्पिता भाभी– हां ये बात भी सही है।
अजब गजब नज़ारा था यारो जिस नज़ारे के बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था आज मै उस नज़ारे का पूरा मज़ा ले रहा था।इधर मै शालू भाभी की गांड में मालिश कर रहा था इधर अर्पिता भाभी मेरे लन्ड को दूल्हे की तरह तैयार कर रही थी।जिस अर्पिता भाभी ने इतनी बार चूत देने के लिए मना कर दिया था आज वो अर्पिता भाभी खुद के घर में ही उसकी सहेली भाभियों को चुदवा रही थी।
खैर मैंने कुछ देर में ही शालू भाभी की गांड को अच्छी तरह से तेल लगा कर मसल डाला। अब मैंने भाभी की गांड के छेद में मक्कन भी भर दिया। अब शालू भाभी की गांड मारने की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
अर्पिता भाभी– थोड़ा धीरे से मारना।पहली बार गांड़ मरवा रही है शालू।
मैं– हां ठीक है भाभी,धीरे धीरे ही डालूंगा।

अब मैंने शालू भाभी की गांड के छेद में मेरा लन्ड सेट कर दिया और भाभी की गांड को ज़ोर से पकड़ लिया। अब मैंने ज़ोरदार धक्का लगाया और लंड को भाभी की गांड में पेल दिया।धक्का लगाते मेरा आधा लंड भाभी की गांड में सेट हो गया।तभी शालू भाभी ज़ोर से चीख पड़ी।
शालू भाभी– आईईईई मम्मी।मर गई।
मैंने थोड़ी देर लंड को भाभी की गांड में ही अटकाए रखा।
शालू भाभी– बहुत दर्द हो रहा है।आईईईई।
संगीता भाभी– सहन कर ले शालू।
शालू भाभी– नहीं हो रहा है भाभी। मैं मर जाऊंगी।
शालिनी भाभी– अरे यार कुछ नहीं होगा। डर मत। रोहित एक बार लंड को बाहर निकाल ले।
तभी मैंने मेरे लन्ड को पूरा बाहर निकाल लिया।
शालिनी भाभी– अब ज्यादा आगे लंड मत घुसाना। यहां तक ही घुसाना।
मैं– ठीक है भाभी।
तभी मैंने फिर से शालू भाभी की गांड में लंड सेट किया और धीरे धीरे धक्का लगाया। अब मैं आराम आराम से शालू भाभी की गांड मारने लगा।लेकिन भाभी को उतना ही दर्द हो रहा था। वो ज़ोर ज़ोर से चीख रही थी।

शालू भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई।
तभी मैंने सोचा दर्द तो एक बार होगा ही।इनकी एक ही बार में पूरी गांड नाप लेता हूं।तभी मैंने ज़ोरदार धक्का लगाया और मेरा लन्ड शालू भाभी की गांड की गहराई को नापता हुआ उनकी गांड़ के अंतिम छोर तक पहुंच गया।तभी भाभी की गांड फटकर हाथ में आ गई।वो बुरी तरह से चिल्लाने लगी।
शालू भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई आईईईई आईईईई मर गई।आईईईई मम्मी।
अब मैं शालू भाभी के दर्द की परवाह किए बगैर दे दना दन शालू भाभी की गांड मारने लगा।शालू भाभी की तो हालात खराब होने लगी।मेरा लन्ड उनकी जान निकाल रहा था।
शालू भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई मत करो।
संगीता भाभी– जब ये कुत्ता मेरी गांड़ मार रहा था तब तो मेरी मज़ाक बना रही थी अब खुद देख।
शालिनी भाभी– भाभी आप भी कैसे बाते कर रही हो।देखो इस बैचारी को कितना दर्द हो रहा है।
मैं– भाभी, बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा है।आह आह आह बहुत टाइट गांड़ है शालू की। आज तो मैं इसकी गांड़ का गोदाम बना दूंगा।

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अर्पिता भाभी– तो बना दे गोदाम ।एक बार तो गोदाम बनना ही है।
मैं– हां भाभी।
मैं कसकर शालू भाभी को बजा रहा था।शालू भाभी बहुत ज्यादा दर्द से तड़प रही थी।मेरे लन्ड का एक एक शॉट उन पर भारी पड़ रहा था।
शालू भाभी– आईईईई आईईईई आईईईई ओह आईईईई।
मैं– हाय क्या टाइट गांड़ है तेरी। मज़ा आ गया आज तो।
शालू भाभी– मै मर जाऊंगी यार।मेरी जान निकल रही है।
मैं– कुछ नहीं होगा।बस दर्द होगा थोड़ी देर।
मैं खचाखच शालू भाभी की गांड में शॉट लगा रहा था।शालू भाभी बहुत बुरी तरह से तड़प रही थी। अब शालू भाभी से मेरे लन्ड का कहर ज्यादा देर तक सहन नहीं हुआ और उनके भोसड़े में से रस झर झर झरने लगा।
शालू भाभी– आईईईई मर गई आज तो मै।
मैं– अभी तो आयेगा मज़ा भाभी।
कुछ देर बाद फिर भाभी का दर्द कम होने लगा।अब उन्हें धीरे धीरे गांड़ मरवाने में मज़ा आने लगा।मेरा लन्ड अब तक शालू भाभी की गांड के परखच्चे उड़ा चुका था। मैं अभी भी पूरी शिद्दत लगन से शालू भाभी की गांड को बजा रहा था।
शालू भाभी– आह आह आह आह ओह आह ऊंह आह आह।
मैं– अब बताओ शालू ,गांड़ मरवाने का मज़ा?
शालू भाभी– हां अब थोड़ा थोड़ा अच्छा लग रहा है।

मैं– चलो,अच्छा हुआ अब आपको गांड़ मरवाने में मज़ा आ रहा है।
थोड़ी देर धीरे धीरे शालू भाभी की गांड मारने के बाद मै फिर से भाभी की गांड को ज़ोर ज़ोर से बजाने लग गया।भाभी की फिर से चीखे निकल पड़ी।
शालू भाभी– आईईईई आईईईई ओह आईईईई आईईईई।
मैं फूल स्पीड में भाभी की गांड को ठोक रहा था।भाभी बहुत बुरी तरह से चरमरा रहीं थी।गांड़ मरवा कर भाभी बहुत बुरी तरह से थक चुकी थी।तभी भाभी आगे से पूरी बेड पर पसर गई। अब मैंने शालू भाभी की गांड को खींचकर मेरे लन्ड पर ले लिया और फिर से उनकी गांड में लंड ठोककर शालू भाभी की गांड का गोदाम बनाने लगा। भाभी ने अब उनकी गांड़ मुझे सौंप दी थी।
अब मैं उनकी गांड़ के साथ मेरे लन्ड को भिड़ा रहा था।शालू भाभी अब धीरे धीरे सिसकारियां भर रही थी।
शालू भाभी– आह आह आह आह ओह आऊ आह आह।
फिर मैंने शालू भाभी की गांड को बहुत देर तक बजाया।आज मेरा लन्ड शालू भाभी की गांड का गोदाम बना चुका था।

कहानी जारी है…………
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