पहला सुख कमाई का और ठुकाई का

(Pahla sukh kamai ka aur thukai ka)

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम दक्ष है और में दिल्ली से हूँ. में आपको मीरा के बारे में बता दूँ, वो दिखने में दूध जैसी गोरी थी और कोई उसके बूब्स को देख ले तो पागल हो जाये, उसकी 36-29-34 साईज थी. ये उन दिनों की बात है जब में कॉलेज जाता था. में रोज एक लड़की का मेट्रो स्टेशन पर पीछा किया करता था, में उसको बहुत पसंद करता था. आप तो जानते है कि लड़को की आदत रोज पीछा करने की होती है.

फिर मैंने हिम्मत करके उसे एक दिन प्रपोज कर दिया, तो उसने मना कर दिया. अब मेरा तो दिल ही टूट गया और अब में मुँह लटका कर मेट्रो स्टेशन पर बैठा था, तभी एक आवाज आई हैल्लो, वो बहुत सेक्सी आवाज थी. फिर मैंने अपना सिर उठाकर देखा तो मेरे देखते ही मेरा लंड उसे सलामी देने लगा, क्या माल थी? गुलाबी ड्रेस, नेट वाली ब्रा जिसमें से उसके बूब्स अभी बाहर निकलने को बेताब थे. अब मेरे मुँह में पानी आ गया और अब में तो खो गया था. तभी उसने दोबारा कहा कि हैल्लो, में होश में आया. फिर उसने कहा कि हैल्लो, तो मैंने उसे जवाब दिया कि हैल्लो, तो उसने कहा कि आई एम मीरा, तो मैंने कहा कि में दक्ष हूँ. फिर उसने कहा कि में आपको यहाँ रोज देखती थी, अब मेरी तो यह सुनकर लॉटरी लग गई थी.

फिर मैंने कहा कि में भी आपको रोज देखता था. फिर उसने कहा कि में बच्चे को छोड़ने आती हूँ और पास ही में फ्लेट में रहती हूँ. अगर आप बुरा ना माने तो आप मेरे साथ कॉफी पीने चलेंगे. अब में तो ये सुनकर खुश हो गया, अब तो में चुदाई करना चाहता था. अब में खुशी-खुशी में उसके साथ चल दिया, अब में उसके साथ कार में बैठा था और उसने एक सेक्सी सी स्माइल देते हुए कोल्ड ड्रिंक ऑफर की तो में पीने लगा. फिर जब वो पीने लगी तो ड्रिंक उसके बूब्स पर गिर गई में खुश हो गया और उसके बूब्स को देखते हुए उसने मुझे देख लिया. उसने एक और सेक्सी स्माइल देते हुए कहा कि इसे साफ कर दो में ड्राइव कर रही हूँ. अब में टिश्यू पेपर लेकर साफ़ करने लगा तो उसने मुस्कुराते हुए कहा कि टिश्यू से नहीं अपनी जीभ से साफ़ करो तो में हैरान रह गया.

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फिर उसने स्माइल दी तो मैंने कहा कि अभी नहीं घर पर. अब वो यह सुनकर हंसने लगी और फिर उसने कहा कि बदमाश. फिर इतने में हम उसके घर पहुँच गये. फिर उसने कहा कि में फ्रेश होकर आती हूँ. तब तक तुम बियर और सिगरेट ले आओ, मैंने कहा ओके और में नीचे चला गया. फिर मैंने मार्केट से कंडोम का पैकेट लिया और वियाग्रा की गोली ले ली. उसके बाद मैंने सीधा मीरा के घर पहुंचकर बेल बजाई तो मीरा ने दरवाजा खोला और उसे देखकर ही मेरे होश उड़ गये.

उसने एक नेट वाली नाइटी बिना ब्रा के पहनी थी और स्ट्रीप वाली काले कलर की पेंटी पहनी थी. अब तो में उसे देखकर ही पागल हो गया था. अब मेरा तो मन बहुत किया कि अभी उसे चोद दूँ, लेकिन अभी तो बहुत कुछ होना बाकी था. तभी उसने कहा कि हैल्लो तो में होश में आया और फिर उसने कहा कि चलो कुछ खा लेते है. फिर हम सोफे पर बैठकर बियर पीने लगे. फिर उसने मेरे बारे में पूछा तो मैंने कहा कि मेरा नाम दक्ष है और में स्टूडेंट हूँ और एक सामान्य परिवार से हूँ. उसने कहा तुम्हारे कोई गर्लफ्रेंड है तो मैंने कहा कि नहीं गर्लफ्रेंड बनाने में पैसे लगते है तो वो हंसने लगी कि पैसे कैसे पैसे?

फिर मैंने कहा कि गर्लफ्रेंड तो बना लो, लेकिन फिर उनको खिलाओ पिलाओ और इतना पैसा मेरे पास नहीं है. फिर मैंने कहा कि में जिसके पीछे था उसने मना कर दिया तो मेरा दिल टूट गया, तो वो हंसने लगी और मेरे पास आकर बैठ गई. अब तो मेरे पसीने छूट गये थे, पहली बार कोई लड़की मेरे बगल में बैठी थी, उम्र 23 साल, कमर 29, बूब्स 36, अब में उसकी खुशबू से ही पागल हो रहा था.

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फिर उसने मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखकर कहा कि में तुम्हारी दोनों कमी पूरी कर दूँगी, एक चूत की और दूसरी पैसे की और ये कहते ही वो मुझ पर टूट पड़ी और स्मूच करते हुए में भी पागलों की तरह उसे किस करने लगा. अब वो मेरे होंठ चूसे जा रही थी और में उसकी नाइटी उतार कर उसके बूब्स दबाए जा रहा था. फिर उसने मेरी पेंट उतारी और मेरा तनतनाता हुआ लंड खड़ा हो गया. अब वो मेरा लंड देखकर खुशी से उछल पड़ी. फिर उसने कहा कि में ऐसे ही लंड की दीवानी हूँ.

फिर मैंने पूछा कि आपने अभी तक कितनो का लंड लिया है? तो उसने कहा कि तुम पहले हो, लेकिन देखा बहुत बार है. में अपने कॉलेज के बाथरूम से लड़को का लंड देखती थी. अब में ये सुनकर दंग रह गया और साथ में मुझे खुशी हुई कि अब उसकी सील में तोड़ूँगा. इतने में उसने मेरा लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू किया और अब वो पागलों की तरह मेरा लंड चूसे जा रही थी, जैसे पता नहीं कब से प्यासी हो? मेरा तो नया-नया था तो मैंने अपना सारा पानी उसके मुँह में ही छोड़ दिया और उसने पी लिया. उसके बाद वो मुझे किस करने लगी. अब मुझे पहले तो बहुत बुरा लगा, लेकिन बाद में मज़ा आने लगा. उसके बाद मैंने उसकी नाइटी उतार दी. क्या रंग था ओह गॉड, उसके ऊपर उसके गोरे-गोरे बूब्स जो शायद में अपने सपने में भी नहीं सोच सकता.

अब तो में सातवें आसमान पर था और फिर में उसके बूब्स पर कूद पड़ा और अब में उसके बूब्स खूब ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा और दबाने लगा. अब वो पागलों की तरह चिल्लाने लगी, आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह, तो उसने कहा ज़रा धीरे करो, तो मैंने कहा कि जानेमन अब धीरे नहीं और ज़ोर से चूसते-चूसते मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा. अब वो फिर से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. फिर उसने उसकी चूत चाटने को कहा. मैंने कभी चूत नहीं चाटी थी, लेकिन उस मदहोशी में मैंने उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया. पहले तो मुझे बहुत घिन आई, लेकिन बाद में मुझे मज़ा आने लगा. दोस्तों चूत चाटने का मज़ा ही कुछ और है. अब में और वो खूब मजा करने लगे थे.

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फिर हम 69 की पोजिशन में आ गये. अब मेरा पूरा लंड उसके मुँह में और उसकी पूरी चूत मेरे मुँह में थी. फिर हम एक दूसरे को चूसते रहे और हम चूसते-चूसते दो बार झड़ गये. हमें ऐसा करते हुए 1 घंटे से ज्यादा हो गया था और पूरा बेड गंदा हो गया था. फिर उसने मुझे कुछ पैसे दिये और पैसे लेकर में वहां से निकल गया.

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