पापा और भाई की रंडी बनकर चुद गई-2

Papa aur bhai ki randi bankar chud gai-2

दोस्तों मेरी उस बात को सुनकर पापा बिल्कुल चुप हो गए और वो मन ही मन ना जाने क्या सोचने लगे थे? तभी मैंने उनसे कहा कि एक पल के लिए आप यह बात सोचिए कि में आपकी बेटी नहीं हूँ और आपके सामने सिर्फ़ एक नंगी जवान गरम लड़की अपनी कामुक चूत को लेकर खड़ी हुई है, क्या आप उसको नहीं देखेंगे? आप यह देखिए मेरे दूध इतने बड़े सेक्सी है, मेरी चूत इतनी चिकनी है और मेरी गांड इतनी मोटी है कि इन्हें कोई प्यार करने वाला भी तो होना चाहिए ना.

फिर पापा ने मेरी यह बात को सुनकर उन्होंने मेरे पूरे शरीर को बहुत ध्यान से देखा और वो लगातार घूर घूरकर देखते ही रहे और तब मैंने उनसे कहा कि देखिए अब आप खुद भी मेरे इस गोरे गरम सेक्सी बदन को देखकर धीरे धीरे गरम हो रहे है, क्यों में ठीक कह रही हूँ ना पापा, आप बहुत लंबे समय से बिल्कुल अकेले है और कितने ही दिनों से आपने भी किसी की चुदाई नहीं की है. आप अपनी इस अनमोल जिंदगी को ऐसे ही खत्म मत कीजिए, यह मेरी प्यासी चूत आपके लिए ही तो है और उनसे यह बात कहकर मैंने तुरंत अपने एक पैर को उठा दिया जिसकी वजह से मेरी चूत उनके सामने फैल गयी.

अब पापा अपने हाथ से उस गिलास को नीचे रखकर तुरंत खड़े हो गये थे और उनकी इस हरकत को देखकर में तुरंत समझ गई थी कि वो अब क्या करना चाहते है? इसलिए मैंने उनको अपनी बातों से और भी ज्यादा गरम करना शुरू कर दिया था.

फिर मैंने उनसे कहा कि पापा आज आप मुझे अपनी बेटी नहीं बल्कि अपनी बीवी समझो और अगर बीवी का यह रूप आपको पसंद ना आए तो आज आप मुझे अपनी रांड ही बना लो, प्लीज अब आओ ना मेरे पास और इतना कहने पर पापा मेरे पास आ गये. फिर हम दोनों ने एक दूसरे को चूमा और मैंने सही मौका देखकर उनको भी पूरा नंगा कर दिया था.

फिर मैंने देखा कि उनका लंड करीब 7 इंच का था और वो पूरा तनकर खड़ा हुआ था, जिसको देखकर में मन ही मन बहुत खुश थी, इसलिए मैंने उनको चूमते हुए कहा कि अभी तो आप मुझ पर बड़ा गुस्सा थे और अब आप मुझे चोदने के लिए तैयार हो, पापा आप पूरे बेटीचोद है. फिर पापा ने मुझसे पूछा कि तुमने यह गंदी गाली देना कहाँ से सीखा? मैंने उनसे कहा कि मोहन ने मुझे बहुत कुछ नया करना सिखाया है और अब पापा पूछने लगे कि वो बहनचोद तुम्हें कब से चोद रहा है और यह सब तुम दोनों के बीच में कब से चल रहा है? तो मैंने उनसे कहा कि बहुत समय हो गया है और हम एक दूसरे की प्यास को बुझा लेते है.

हम दोनों ऐसा बहुत बार ना जाने कितने दिनों से करते आ रहे है? तो पापा उस समय मेरी चूत को चाट रहे थे, वो बोले कि मेरी प्यास अब बुझेगी. फिर मैंने उनसे कहा कि हाँ चाटो मुझे, चूसो मेरी इस चूत को और चोदो मुझे. फिर वो जोश में आकर मेरी चूत को चूसते रहे और अपनी जीभ को मेरी चूत में अंदर तक डालकर हिलाते रहे और उसके कुछ देर बाद मैंने पापा से कहा कि पापा में अब आपका लंड अपने मुहं में लेकर उसको चूसना चाहती हूँ.

फिर पापा ने मुझसे कहा कि हाँ ले ले बेटी, यह इतना लंबा मोटा तेरे लिए ही है हाँ चूस ले इसको और फिर में उनका लंड अपने मुहं में लेकर लोलीपोप की तरह चूस रही थी, जिसकी वजह से मेरे साथ साथ उनको भी बहुत मज़ा आ रहा था और फिर कुछ देर लंड चूसने के बाद मैंने उनकी गांड में अपनी ऊँगली को डाल दिया और अब मैंने महसूस किया था कि वो अब मेरी चूत को अपने लंड से जोश भरे धक्के देकर उसकी चुदाई करने के लिए एकदम तैयार थे.

फिर मैंने आवाज़ दी कि मोहन अब तू भी अंदर आजा, क्योंकि मोहन अभी तक भी रूम के बाहर ही खड़ा हुआ था और अब वो भी मेरी आवाज को सुनकर तुरंत अंदर आ गया और वो पापा से पूछने लगा क्यों पापा आपको भी दीदी की जवानी ने गरम कर दिया ना?

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पापा उससे बोले कि बहनचोद तू खुद तो इसको अपनी रांड बनाकर हर कभी इसको चोद देता है तो में भी क्यों ना इसकी चुदाई करूं? तो मैंने उनसे कहा कि वो सब तो ठीक है, लेकिन अब मेरी एक शर्त है, वो दोनों मुझसे पूछने लगे कि वो क्या है? तब मैंने उनसे कहा कि मुझे एक ही साथ एक लंड गांड में दो और एक मेरी चूत में डालकर मेरी जमकर चुदाई करो जिससे मुझे भी अपनी चुदाई में पूरा मज़ा आए और तुम दोनों भी खुश हो जाओ. दोस्तों सच कहूँ तो मेरी वो बात सुनकर वो दोनों बड़े खुश हो गये और उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे और में उनके मन की बात को समझ गई.

फिर मोहन मेरे पास आया और वो मुझसे बोला कि ठीक है चल अब जल्दी से तू अपनी चूत को फैला ले और मैंने उसके कहने पर अपनी चूत की पंखुड़ियों को मेरे एक हाथ की उँगलियों की मदद से फैला लिया और उसने मेरी चूत पर थूक दिया और फिर उसके बाद उसने मेरी चूत को कुछ देर चाटा और उसके बाद वो बोला कि हाँ अब ठीक है यह पूरी गीली हो गई है और उसके बाद उसने मुझसे कहा कि दीदी अब गांड को फैला ले और मैंने ठीक वैसा ही किया, लेकिन इस बार मेरी गांड को मेरे पापा ने चाटा और फिर वो भी कुछ देर चाटने के बाद मुझसे बोले कि हाँ अब यह भी गीली हो गई है.

फिर मैंने उन दोनों से पूछा कि कौन मेरी चूत में अपना लंड डालेगा और कौन मेरी गांड मारेगा? तब पापा कहने लगे कि मोहन तू इसकी चूत ले ले और में इसकी गांड को अपने लंड का मज़ा देता हूँ. आज यह भी क्या याद रखेगी. अब मोहन ने कहा कि नहीं पापा आज आप इसकी चूत ले लो में इसकी गांड में अपना लंड डालूँगा प्लीज, पापा बोले कि हाँ ठीक है और फिर में पापा के ऊपर लेट गई.

अगले भाग में कहानी समाप्त-