पापा और भाई की रंडी बनकर चुद गई-3

Papa aur bhai ki randi bankar chud gai-3

पापा ने अपने एक हाथ से पकड़कर लंड को मेरी चूत में डाल दिया और उनका लंड 7 इंच का था और बहुत मोटा भी था इसलिए में उसके अंदर जाते ही दर्द की वजह से चिल्ला गई उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ मार दिया रे आईईईईई यह कौन सा हथियार है रे? उफ्फ्फफ्फ्फ़ में मर जाऊँगी मादरचोद कुत्ते की औलाद तेरी माँ ने क्या गधे से उसका लंड अपनी चूत में लिया था क्या? साले छिनाल की औलाद तभी तो तेरा इतना बड़ा, मोटा लंड है जिससे मेरी चूत फट गयी.

फिर पापा बोले कि रंडी कुतिया तेरी माँ की भी मैंने चूत ऐसे ही अपना लंड डालकर उसको फाड़ दिया था, अब देख आज में तेरी चूत को भी ठीक वैसे ही फाड़ दूँगा. गधे का लंड तो तेरी माँ ने लिया था और वो गधा में हूँ और आज में तुझे भी वैसे ही चोदूंगा, तेरी माँ की चूत साली रंडी ले और ले मज़े मेरे लंड के तुझे चुदाई का और लंड लेने का बहुत शौक है ना, कर मज़े मेरे साथ.

अब वो अपनी तरफ से जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से मेरी चूत को धक्के दिए जा रहे थे जिसकी वजह से उनका लंड अब मेरी चूत में पूरा अंदर चला गया था और अब पापा बोले कि मोहन तू क्या वहाँ पर खड़ा होकर अपनी इस रंडी बहन की चुदाई को देख रहा है? चल अब इधर आजा बहनचोद मार तू इसकी गांड और दे इसको वो भी मज़ा जिसके लिए इसने हमसे कहा था.

दोस्तों मेरा एक बूब्स पापा के मुँह में था और दूसरा उनके हाथ में, वो धक्के देने के साथ साथ उनको भी मसल निचोड़ रहे थे और तभी मोहन ने भी सही मौका देखकर मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया और फिर पापा उससे पूछने लगे क्यों बे तेरी इस रंडी बहन की गांड ज्यादा टाइट है क्या?

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मोहन बोला कि हाँ पापा यह छिनाल ऐसे ही हर रोज मुझसे अपनी गांड मरवाती है, लेकिन फिर भी इसकी गांड अभी भी इतनी टाइट है? अब हम तीनों एकदम फिट हो गये थे और मैंने उन दोनों से बोला कि अब अगर किसी भी कुत्ते हरामी की औलाद ने अपने मुहं से कोई भी आवाज़ की तो में उसका लंड काट दूँगी. अब तुम दोनों बिल्कुल चुप रहो और चोदो मुझे ज़ोर से और पूरे जोश के साथ मुझे वो मज़े दो.

फिर उन दोनों ने अपना अपना लंड सही जगह पर फिट किया और अब वो दोनों बारी बारी से मुझे धक्के लगाने लगे, जिसकी वजह से मुझे अब जन्नत का मजा मिल रहा था, लेकिन कुछ देर बाद हम लोग एकदम से जोश में आ गये और में उन दोनों को गालियाँ दे रही थी और वो दोनों मुझे अपने बीच में फँसाकर धक्के देकर मेरी चुदाई किए जा रहे थे और अब पापा का लंड चूत से अंदर बाहर निकलते समय फक फक की आवाज़ कर रहा था.

फिर मैंने उनसे पूछा कि पापा सच सच बताना मेरी माँ की चूत मस्त थी या मेरी मस्त है? तब पापा बोले कि तेरी माँ तो पक्की रांड थी, वो भी दिनभर में ना जाने कितनों से अपनी चुदाई करवाती थी, वो पूरी चुदेल थी, लेकिन तू तो मेरी रानी है, मेरी रंडी है, मेरी छिनाल है और में तुझे तो हर रोज सुबह शाम ऐसे ही चोदता रहूँगा.

फिर मोहन बोला कि मादरचोद में भी तो इसकी चुदाई करूंगा, तो में उससे बोली कि हाँ तुम दोनों ही मुझे चोद लेना, लेकिन अभी तुम दोनों इस स्पीड को और भी तेज करो, चलो जल्दी जल्दी आह्ह्ह्हहह म्‍म्म्मम उफफ्फ्फ्फ़ चोदो मुझे ज़ोर लगाकर, डाल दो पूरा, अंदर तक जाने दो. तभी कुछ देर धक्के देने के बाद पापा बोले कि में अब झड़ने वाला हूँ, मैंने कहा कि हाँ ठीक है अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाल लो और मेरे मुँह में डाल दो.

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दोस्तों मोहन अभी भी मेरी गांड में धक्के दे रहा था और अब पापा ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और वो मेरे मुँह में लंड को डालने की जगह वो मोहन की गांड के पास आ गये और वो मुझसे बोले कि बेटी इसे तू ज़ोर से पकड़ ले नहीं तो यह भाग जाएगा.

अब मोहन पापा की उस हरकत उनकी नियत को समझकर बोला कि नहीं पापा आप मेरी गांड मत मारना, मुझे बहुत दर्द होगा और मैंने कहा कि हाँ पापा मारो मारो इसकी गांड इस मादरचोद ने मुझे बहुत बार चोदा है, इसने कभी भी मुझ पर तरस नहीं खाया, आज आप भी जमकर चोदो इसको. दोस्तों मोहन का लंड अब भी मेरी गांड में था और मैंने उसे ज़ोर से पकड़ लिया और उसके बाद पापा ने पीछे से उसकी गांड में थूक दिया और थोड़ा सा तेल भी लगा दिया.

फिर उन्होंने सही निशाना लगाकर एक जोरदार धक्का देकर अपना पूरा लंड उसकी गांड में फँसा दिया और अब मोहन उस दर्द की वजह से रोने लगा, तो मैंने कहा कि मोहन रो मत मुझे भी दर्द होता है तू मुझे चोद लेना.

फिर मोहन ने कहा कि साली कुतिया तेरी वजह से आज मेरी गांड मर गयी. आज अब तू देख में क्या करता हूँ और गुस्से में मोहन ने मेरी गांड पर ज़ोर ज़ोर से अपना लंड डाला और उधर पापा ने पीछे से मोहन की गांड मार ली वो मुझसे पूछने लगे कि क्यों बेटी इस खेल में तुम्हे मज़ा आ रहा है ना? मैंने कहा कि हाँ पापा, लेकिन आज रात को मोहन आपकी गांड मारेगा. फिर पापा ने कहा कि ठीक है मुझे कोई भी आपत्ति नहीं है, अभी तो में इसकी गांड मार रहा हूँ और जल्दी ही पापा ने मोहन की गांड में अपना पूरा वीर्य निकाल दिया और वो झड़ गये और उसके बाद मोहन मेरी गांड में झड़ गया.

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फिर उसने भी अपना गरम गरम माल मेरी गांड में डाल दिया और इसके बाद हम लोग अपने घर में सेक्स को लेकर बहुत खुले हो गये. मोहन और पापा एक दूसरे की गांड मार लेते और फिर मेरे पास आकर हम तीनों मिलकर मज़े करते. मैंने एक रबर का लंड खरीद लिया था, जिसको अपनी कमर पर पहनकर में उन दोनों की गांड मारती थी और हम बहुत मज़े करते थे. दोस्तों हम सभी लोग इस दुनिया के सबसे बड़े चुदक्कड़ लोग है, जिन्होंने अपने मज़े मस्ती के लिए वो सब किया जो कोई और नहीं कर सकता.

//कहानी समाप्त//

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