पापा ने मम्मी को बेटे से चुदवाया- 2

Papa ne mummy ko bete se chudwaya- 2

दोस्तों मुझसे इतना कहकर पापा एक बार से अपना पेपर पढ़ने में व्यस्त हो गए और हम लोग एक दूसरे को चूमने लगे और एक दूसरे के शरीर पर हाथ फेरने लगे. अब मैंने कुछ देर बाद माँ की गांड को पकड़कर उनको थोड़ा सा ऊपर उठाया और मैंने अपनी पेंट को उतार दिया और पेंट के उतारते ही मेरा तनकर खड़ा मस्त लंड बाहर आ गया और उसको देखते ही माँ ने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत से सटा दिया, मेरा लंड जैसे ही चूत के मुहं पर गया तो मैंने अपनी कमर को हिलाकर उसको माँ की चूत के अंदर कर दिया और लंड चूत के अंदर जाते ही माँ ने एक चैन की लंबी सांस ली और अपने कूल्हों को उठा उठाकर वो धीरे मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगी.

अब हम माँ और बेटा बहुत ही चिपककर बैठे थे और हम लोगों का निचला हिस्सा सोफे से छुपा हुए था और पापा हमारे पास ही बैठे थे, लेकिन हम लोग पापा के रहते ही चुदाई कर रहे थे और जब भी पापा पेपर से आँख उठाकर हम लोगों को देखते थे तो उनको में माँ के बूब्स को या तो दबाते या चूसते हुए दिख रहा था. अब हम लोग अपनी चुदाई को धीरे धीरे चला रहे थे और इसलिए पापा को कुछ समझ नहीं आया और उनके सामने ही में माँ को चोदता रहा और माँ मुझसे चुदवाती रही. थोड़ी देर के बाद चुदाई करते करते माँ और में भी झड़ गया और माँ तुरंत उठकर बाहर चली गयी. अब में भी अपनी पेंट को पहनकर पापा के पास में बैठ गया और पापा को इस बात का धन्यवाद दिया, क्योंकि उन्होंने अपनी बीवी को मेरे सामने नंगी करके उनका नंगा मस्त रूप मुझको दिखा दिया. पापा ने मेरी पीठ थपथपाई और बोले, बेटा यह बात बाहर किसी को ना कहना, लेकिन में अभी भी खुश नहीं था.

अब में पापा को मेरे खड़े लंड को उनकी बीवी और मेरी माँ की चूत में डालते हुए बाहर आते हुए चोदते हुए दिखाना चाहता था. मैंने पापा से कहा कि पापा मैंने माँ को पूरा नंगी देखा भी और उसकी चूत का मज़ा भी थोड़ा बहुत लिया है, लेकिन उसने मेरा लंड नहीं देखा है, इसलिए में एक बार अपने लंड को आपके सामने उसकी चूत मे रगड़ना चाहता हूँ. दोस्तों पापा पहले तो नहीं माने और मेरे बहुत बार कहने के बाद वो मान गये और वो मुझसे बोले कि ठीक है, तू अपना लंड खड़ा करके अपनी माँ की चूत के ऊपर ऊपर रगड़ लेना, लेकिन में से कहता हूँ कि चोदना मत वो तेरी माँ है और में तुझको मादारचोद नहीं होने दूँगा. मैंने झट से उठकर अपनी पेंट को खोल दिया.

अब मेरा लंड अभी खड़ा नहीं था, क्योंकि मैंने अभी आधे घंटे पहले ही माँ को अपनी गोद में बैठाकर उनको चोदा था. तभी माँ थोड़ी देर के बाद कमरे में आ गई और में अभी भी नंगी ही थी. अब मैंने माँ से पूछा कि माँ चुदाई क्या होती है? माँ मेरे पास आकर खड़ी हो गयी और अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर वो सहलाने लगी. थोड़ी देर के बाद मेरा लंड माँ की चूत की खुशबू और उनके हाथों का स्पर्श पाकर खड़ा हो गया. तभी माँ ने अपने एक पैर को ऊपर उठाकर कुर्सी पर रख दिया और अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ते हुए बोली, जब भी लंड चूत के अंदर जाता है तो उसको चुदाई कहते है.

दोस्तों माँ मुझसे बात कर रही थी और अपने हाथों से मेरे लंड को पकड़कर वो अपनी चूत के ऊपर रगड़ भी रही थी. मैंने जब माँ की चूत की तरफ देखा तो पाया कि मेरा लंड करीब एक इंच तक माँ की चूत में घुसा हुआ है, वो मेरे लंड को सिर्फ़ रगड़ती रही, लेकिन अपनी चूत में घुसने का नाम नहीं ले रही थी. मैंने जब हल्के से धक्का मारा तो माँ मेरे लंड को छोड़कर मेरे सामने बैठ गयी और मेरे लंड को से पकड़कर पापा को दिखाते हुए अपने मुहं में भर लिया और अब वो लंड को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी.

दोस्तों मैंने देखा कि वो मेरे लंड को आँख बंद करके चूसती रही और में अपनी माँ से अपने पापा के सामने लंड चुसवाता रहा. थोड़ी देर के बाद मुझे एहसास हुआ कि में अब झड़ने वाला हूँ और मैंने माँ के मुहं से अपना लंड बाहर खींचना चाहा, लेकिन उन्होंने मुझको और भी कसकर पकड़ लिया और में माँ के मुहं के अंदर ही झड़ गया, मेरे झड़ने के बाद माँ ने अपना मुहं खोला तो मैंने देखा कि माँ के मुहं के अंदर मेरे लंड से निकला गाढ़ा गाढ़ा सफेद पानी जमा हुआ था.

अब माँ मुझे और पापा को दिखाते हुए वो सारा का सारा का पानी पी गयी और कुछ बूँद उनके मुहं से टपककर माँ के बूब्स पर गिर गई थी. माँ ने उनको अपने बूब्स पर मल लिया. अब पापा अपनी आँखे फाड़ फाड़कर माँ को देख रहे थे और वो मुस्कुरा भी रहे थे. तभी में अपनी पेंट को पहनते हुए पापा से बोला धन्यवाद पापा आज मुझे बहुत मज़ा आया और जब लंड को चूत पर रगड़ने में इतना मज़ा आता है तो पूरा लंड चूत में डालने में कितना मज़ा आएगा पापा? कभी मुझे भी माँ की मस्त और रसीली चूत के अंदर मेरा लंड डालकर चोदने दो, में आपसे वादा करता हूँ कि बस में माँ को सिर्फ़ एक बार ही चोदूंगा.

पापा बिल्कुल चुप बैठे रहे और मैंने माँ को से अपनी गोद में खींच लिया और गोद में माँ को बैठाकर में कपड़ो के अंदर हाथ डालकर माँ की चूत और उनकी झांटो से खेलता रहा और पापा माँ के बूब्स से खेलते रहे. अब मैंने पापा से बिना पूछे माँ के पेटिकोट और ब्लाउज को उतारकर उनको नंगी कर दिया और उनके गोल गोल मस्त बूब्स को चार पाँच बार कस कसकर दबा दिया. में उनके बूब्स को दबाते हुए पापा से बोला पापा आज आपने माँ के बूब्स और चूत का बहुत मज़ा लेने दिया और अब हम लोग जब भी अकेले रहेंगे माँ को नंगा ही रखेंगे. मेरी बात को सुनकर पापा मुझसे बोले कि बेटे क्या तुमको अपनी माँ के बूब्स और चूत बहुत पसंद आई?

मैंने पापा से कहा कि किसको इतने मस्त बूब्स और चूत पसंद नहीं आयेंगे? माँ को छोड़कर पापा के पैर दबाने लगा और थोड़ी देर के बाद पापा बोले कि बस बहुत हो गया, अब जाओ और सो जाओ. मैंने पापा के पैरों को छोड़ते हुए बोला अब में माँ के पैर भी दबाना चाहता हूँ. में माँ की तरफ मुड़कर माँ की हर अंग को मैंने बहुत अच्छी तरह से दबाया और कुछ देर बाद उनको उल्टा लेटा दिया और उनके गोल गोल और भारी भारी कूल्हों को दबाया और चूमा, जिसकी वजह से अब में बहुत गरम हो गया था और में माँ को चोदना चाहता था, इसलिए मैंने अपने पापा से कहा कि पापा मेरा लंड माँ पहले ही चूस चुकी है और अपनी चूत से रगड़ भी चुकी है, अब आप मुझे उसकी चुदाई भी करने दो, में किसी को नहीं बोलूँगा कि मैंने अपनी माँ को चोदा है. पापा ने मेरी बातों पर कुछ नहीं कहा.

मैंने से उनसे कहा तो उन्होंने ना कर दिया और मैंने से अपने पापा से कहा क्या पापा आप अपने बेटे को मज़ा नहीं करने दोगे? प्लीज अपनी बीबी को मुझे चोदने दो, में नहीं करूंगा तो मेरा लंड फूल फूलकर फट जाएगा और अब तक मेरा लंड जो कि खड़ा होकर झूल रहा था और मेरे लंड को देखते ही पापा मेरी बात मान गये और बोले कि हाँ ठीक है, तू अपनी माँ को एक बार जरुर चोद सकता है, मुझसे तेरे लंड की तकलीफ़ नहीं देखी जाती, जा अपनी माँ पर चड़ जा और तू अपना खड़ा लंड अपनी माँ की चूत में डाल दे.

अब पापा की वो बात सुनते ही में माँ पर चड़ गया, कमरे में लाईट जल रही थी और उस लाईट में माँ का नंगा शरीर चमक रहा था. मैंने सबसे पहले माँ की चूत को बहुत जमकर चूसा.

उनकी चूत और गांड में अपनी उंगली को डालकर चोदा और मेरी उंगली से माँ बहुत गरमा गयी और उन्होंने अपने हाथों से मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत से सटा दिया और चूत से लंड छूते ही मैंने उनकी रसीली चूत में अपना लंड कमर के एक झटके के साथ अंदर डाल दिया और मेरा लंड माँ की चूत के अंदर जाते ही माँ मुझसे लिपट गयी और बड़बड़ाने लगी और मेरे हर धक्के का जवाब माँ अपनी कमर को उछाल उछालकर दे रही थी और अपनी चूत में मेरा लंड पापा को दिखाते हुए वो खूब मज़े से ले रही थी.

उन्होंने अपने पैर ऊपर उठाकर घुटनों से मोड़ लिया और उसने अपने घुटनों को दोनों हाथों से पकड़ लिया, ऐसा करने से उनकी चूत पूरी खुल गयी और मुझको धक्का मारने के लिए बहुत जगह मिल गई और माँ मुझसे लिपटे हुए बोली ओहह्ह्ह बहुत अच्छे साले मादारचोद, चोद साले चोद माँ की खुली चूत को धक्के मारकर चोद, वाह तेरा लंड बहुत मस्त है मार धक्का और ज़ोर से ऊऊऊह्ह्ह्हह हाँ ऐसे ही मारते रहो, आआआहह बस में अब झड़ने वाली हूँ, तू धक्का मार और ज़ोर ज़ोर से मार.

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थोड़ी देर के बाद माँ झड़कर चुपचाप लेट गयी, लेकिन मेरे लंड ने अभी तक पानी नहीं छोड़ा था और में चूत के अंदर अपना लंड डालता रहा. में माँ के दोनों बूब्स को पकड़कर उनकी चूत के अंदर अपना लंड धनाधन डालता रहा. माँ मुझसे बोल रही थी, उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह्ह्ह अब बस कर मुझे बहुत जलन हो रही है, अब इसको बाहर निकल ले, लेकिन मैंने धक्के देना बंद नहीं किया और थोड़ी देर के बाद अब में भी झड़ गया था. मैंने देखा कि माँ उस समय मेरे साथ अपनी चुदाई करवाकर बहुत खुश थी और पापा उनके पास में लेटकर हम लोगों की चुदाई को ध्यान से देख रहे थे. जब हमारा काम खत्म हुआ तो पापा मुझसे बोले, अमित क्या तुम्हें चुदाई का मज़ा आया? में पापा से बोला कि हाँ पापा माँ की चूत में अपना लंड डालकर उनकी चुदाई करने में मुझे बड़ा मज़ा आया.

अब तो में हर रोज माँ की चूत मारूँगा, क्योंकि माँ की चूत में और उनके शरीर में बहुत मस्ती है और में माँ साथ ही शादी करूँगा. अब मैंने माँ से पूछा क्यों माँ मुझसे चूत मरवाकर मज़ा आया कि नहीं? आप सच सच बोलना माँ, क्या मैंने ठीक तरीके से तुम्हारी चूत को चोदा है कि नहीं?

तभी वो मेरे मुरझाए हुए लंड को अपने हाथों से सहलाते हुए बोली कि बेटे तुमसे चूत मरवाकर मुझे बहुत मज़ा आया, आज सालो बाद मेरी चूत को इतना मज़ा आया है और आज मेरी चूत ने बहुत दिनों के बाद भरपेट लंड का धक्का खाया है, तेरा लंड बहुत मस्त और तगड़ा वाला है और इसने मेरी चूत को पानी पानी कर दिया और यह चूत आज से अब तुम्हारी है, तुम्हें जब भी मन करे चोद लेना, ना में कुछ कहूँगी और ना ही तेरे पापा कुछ कहेंगे, हाँ एक बात और है, जब जब मेरी चूत को तेरे लंड की ज़रूरत होगी, में भी तेरे लंड को अपनी चूत को खिलाऊँगी, तब मना मत करना. थोड़ी देर के बाद में उठ बैठा और माँ से बोला कि माँ अभी तो में सोने जा रहा हूँ, रात को अगर मेरी नींद खुली तो में तुम्हें से चोदने के लिए कमरे में आ जाऊंगा, इसलिए तुम अभी नंगी ही सो जाओ.

उसके बाद में बहुत गहरी नींद में सो गया और जब मेरी आँख खुली तो सवेरे के 5.00 बज रहे थे. मैंने उठकर अपना अंडरवियर पहन लिया और अपनी मम्मी पापा के कमरे की तरफ चल दिया. मैंने देखा कि माँ अभी भी नंगी ही सो रही थी और में चुपचाप जाकर माँ के पास में लेट गया और उनको बिना जगाए ही मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया, मेरा लंड उनकी चूत में घुसते ही वो जाग गयी और वो मुझसे बोली बेटे खाली लंड अंदर डाले रहो, धक्का मत मारना.

मैंने उनकी बात को मानते हुए अपना लंड माँ की चूत के अंदर डालकर लेट गया और थोड़ी थोड़ी देर के बाद एक हल्का सा धक्का भी मारने लगा और उस समय सुबह सुबह माँ की चूत बिल्कुल सुखी और टाईट महसूस हो रही थी और मुझे उनकी चूत एक कुंवारी लड़की की चूत की तरह लग रही थी और माँ मुझको चूमते हुए और अपने एक बूब्स को मेरे मुहं में डालते हुए बोली, बेटे आज तो तुमने अपने बाप के सामने अपनी माँ को चोदा है और अब एक दो दिन के बाद में अपनी बेटी के सामने भी तुझसे अपनी चुदाई करवाउंगी, तब देखना तेरी दीदी कैसे मस्त हो जाती है और मौका पाते ही वो भी तुझसे अपनी चूत मरवाएगी. दोस्तों उस समय में उनको बहुत धीमी ताल में धक्के देकर चोद रहा था और इसलिए में करीब एक घंटे के बाद झड़ गया, जब में माँ की चूत के अंदर झड़ा और माँ ने अपनी चूत को साफ किया, तब बहुत दिन निकल आया था और वो उठकर बाथरूम में चली गयी.

उसके बाद पापा माँ से बोले, रानी सुबह सुबह एक बार अपने बेटे का लंड चूसकर दिखा दो, माँ तो इसके लिए हमेशा तैयार रहती है, इसलिए माँ तुंरत मेरे सामने ज़मीन पर बैठ गयी और वो मेरा मुरझाया हुआ लंड अपने मुहं में भरकर चूसने लगी. उनके मुहं की गर्मी और उनके धीरे धीरे अंदर बाहर करके चूसने से मेरा लंड थोड़ी ही देर में ही खड़ा हो गया और जैसे ही मेरा लंड खड़ा हो गया. पापा मुझसे बोले कि देख बेटे माँ के मुहं की गर्मी से तेरा लंड खड़ा हो गया है, अब तू अपने इस खड़े लंड को माँ की चूत में डाल दे. मैंने अपने पापा की बात को मानते हुए झुकाकर माँ को उनके चार हाथ पैर पर झुका दिया और उनके पीछे जाकर मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और लंड को डालने के बाद में माँ के दोनों कूल्हों को पकड़कर ज़ोर ज़ोर धक्के मारकर उनको चोदने लगा.

वो भी इस समय बहुत गरम हो गयी थी और वो भी अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरा लंड अपनी चूत के अंदर बाहर कर रही थी और माँ मुझसे बोल रही थी उफफ्फ्फ्फ़ हाँ मार बेटे और मार अपनी माँ की चूत मार, तू अपने पापा की बात मान और अपने पापा के सामने अपनी माँ को चोद, मेरी चूत को फाड़ डाल ओह्ह्हह्ह्ह्ह आहहह्ह्ह्ह में अब झड़ने वाली हूँ बेटे, अब रुकना नहीं और तेज़ी से धक्के देकर चोद मेरी चूत को. में भी अब खुश होकर तेज़ी से माँ की चूत में अपना लंड अंदर बाहर करते हुए उनको चोद रहा था.

तभी थोड़ी देर के बाद माँ पहले झड़ी और में भी झड़ गया और पापा अपनी बीवी की चुदाई देखकर बहुत खुश थे और माँ के एक बूब्स मलते हुए वो बोले कि तेरा बेटा तेरी चूत की खूब अच्छी चुदाई करता है, अब जब मन करे तब तू अपने बेटे के लंड से अपनी चूत की चुदाई करवा लेना.