परिवार में सबके साथ धुंआधार चुदाई 3

(Parivar me sabke sath dhuwadhar chudai 3)

फिर मम्मी मेरे पास आ कर खड़ी हो गयी तो मैं दीदी के सर से थोड़ा हट गया। मैंने देखा मम्मी की आंखों में आंसू थे। मैंने मम्मी से पूछा क्या हुआ- तो कुछ नही बोली।
मैंने अपना हाथ मम्मी के कंधे पर रखा, उन्हें चुप करवाने के लिए। तभी मम्मी की नज़र मेरे पाजामे में बने तंबू पर पड़ी।मम्मी मन मे सोचने लगी ( अब जब मैंने रांड बन ने का सोच ही लिया है तो क्यो ना अपने बेटे का लन्ड भी ले लू)यह सोचते सोचते मम्मी रोना बंद कर चुप हो गयी और अंताक्षरी में देखने लगी। फिर मम्मी एक दम से मुझ से चिपक कर खड़ी हो गयी, जैसे उसे कुछ पता ही नही। मेरा लन्ड खड़ा तो था ही, अब वो मम्मी की गाँड़ की साइड में लग रहा था। जिस से मुझे भी मजा आ रहा था। तभी मौसी अपनी चुदाई खत्म कर के आगे आ गयी वापिस, पापा और मौसा वैसे ही उसी सीट पर बैठे रहे। मम्मी मौसी को घूर घूर कर देख रही थी। मौसी मम्मी को देख कर हँस रही थी, जैसे मम्मी को चिढ़ा रही हो की मैं सबसे बड़ी रण्डी हूँ। फिर 2-3 गाने और चले, फिर सब अंताक्षरी बंद कर सब नाश्ता करने लगे।

हमने रास्ते मे चंडीगढ़ हो कर जाना था, क्योकि हेमा मौसी की 2 बेटियां चंडीगढ़ में रहती थी, बड़ी बेटी अनमोल दीदी की शादी चड़ीगढ़ में हुई थी, और छोटी बेटी टीना चंडीगढ़ में पढ़ती थी, उन्हें लेना था चंडीगढ़ से, तो सबने कहा कि क्यों ना एक दिन चंडीगढ़ घूमा जाए, तो सब मान गए। साथ मे ये भी डिसाइड किया कि अनमोल दीदी के घर ना रुक कर सब होटल में ही रुकेंगे, क्योकि अनमोल दीदी के ससुराल में जॉइंट फैमिली थी और इतने जानो की रुकने की व्यवस्था भी मुश्किल थी। नाश्ता करने के बाद फिर ऐसे ही अंताक्षरी शुरू हो गई। पीछे की सीट अब खाली थी तो मैं और देव अब वापिस पीछे आकर बैठ गए। मैंने देव को उसकी माँ और मेरे बाप की चुदाई की बात बताई, तो वो हैरान रह गया सुन कर की उसकी माँ की चूत में कितनी आग है, जो उसने बस में ही चुदवा लिया। मैंने देव से कहा कि अब मैं भी मौसी को छोड़ कर ही रहूंगा, तो देव खुश हो गया और बोला- भाई, मम्मी तो कब से तुझसे चुदवाना चाहती है। बातें सुनी थी ना सुबह मम्मी की, मैंने कहा हाँ बस अब मौका मिलने दे। फिर मैं और देव पीछे की सीट पर नीचे मुँह कर के ऐसे बैठ गए, जैसे सबको लगे कि हम सो रहे है, ओर देव मेरे पाजामे के ऊपर से ही मेरा लन्ड दबाने लगा।

मैंने आपको अपनी पिछली कहानी “परिवार में सबके साथ धुंआधार चुदाई।” में बताया था की हम 35 लोग थे, छोटे बच्चे अलग है। अब मैं उन सबका शार्ट इंट्रो देता हूँ।

सबसे पहले मेरी सबसे बड़ी मौसी लता, उम्र 63 साल, बड़े चुचियों की मालकिन और पूरी रौबदार बड़े मौसा सूरी- 68 साल के, लेकिन पापा की तरह पूरे हट्टे कट्टे। उनकी बड़ी बेटी सोना दीदी 46 साल की, पूरी गदराई हुई, बड़े बड़े मुम्मे, हमेशा खुले गले के सूट पहनती है, जिसे उसके मुम्मे ऊपर से दिखते रहते है, उनका पति सुदीप 48 साल, वो भी पूरा हट्टा कट्टा है।
फिर बड़े मौसा की छोटी बेटी मोना दीदी 44 साल की, वो भी सोना दीदी की तरह मस्त गदराई हुई है, पर सोना दीदी से कम, उनका पति गौरव भी 44 साल का है, बॉडी बिल्डर है वो पूरा।
बड़े मौसी का बड़ा बेटा व्योमेश भैया 40 साल, वो भी पूरा तंदरुस्त है, उसकी पत्नी हिमांशी भाभी 39 साल थोड़ी मोटी है, बूब्स बड़े बड़े है और टाइट भी।
बड़ी मौसी का छोटा बेटा अनिल 39 साल का, पतला से, इसकी पत्नी सपना 36 साल की पतली पर बहुत ही सेक्सी।

फिर मेरी बड़ी मौसी जया विधवा 58 साल। उनका बेटा 37 साल सनी भैया, नार्मल दिखने वाला, उसकी पत्नी उमा भाभी 35 साल, वो भी नार्मल ही दिखती है।

मेरी मम्मी मधुबाला 56 साल की सेक्सी औरत उनके पति मेरे पापा अशोक 57 साल के, गबरू जवान, लम्बे लन्ड के मालिक।
मेरी दीदी दीपिका 35 साल, पूरे खानदान में सबसे गौरी और सबसे बड़ी मस्त गाँड़ की मालकिन।
मेरे जीजाजी विकास 36 साल के, जिन्होंने दीदी की गाँड़ मार मार कर इतनी बड़ी और मस्त कर दी।
उसके बाद मैं राजवीर 20 साल साल 9 इंच लन्ड। अब मैं 25 साल का हूँ।

छोटी मौसी हेमा 54 साल बड़े बूब्स गाँड़ की मालकिन।
छोटे मौसा प्रेम 56 साल।
छोटी मौसी की बड़ी बेटी अनमोल दीदी 33 साल की मस्त मौसी की तरह मोटे बूब्स वाली।
अनमोल दीदी के पति टिंकू 35 साल।
छोटी मौसी का बड़ा बेटा दीपक भैया 30 साल। दीपक भैया की पत्नी नाविका 28 साल, सेक्सी भरे जिस्म की मालकिन।
छोटी मौसी की छोटी बेटी टीना 25 साल।
छोटी मौसी का छोटा बेटा देव 19 साल।

बड़ी मामी मीनाक्षी विधवा 55 साल, मस्त बूब्स गाँड़, पर सांवली है।
बड़ी मामी का बेटा पवन भैया, 36 साल।
बड़ी मामी की बहू आकांशा 33 साल।
बड़ी मामी की बेटी प्राची दीदी 30 साल।
प्राची दीदी का पति सुमित 34 साल।

छोटे मामा सुरजीत 56 साल।मम्मी और छोटे मामा जुड़वा है।
सुरजीत मामा की पत्नी सुमित्रा 53 साल।
छोटे मामा की लड़की ग़ज़ल दीदी 31 साल।
ग़ज़ल दीदी के पति अंकित 33 साल।

बाकी मेरे सभी कजिन के बच्चे भी है छोटे छोटे, जिनके इंट्रो की कोई जरूरत नही है।

अब सभी 35 से मैंने आपको शार्ट इंट्रो करवा दिया।

टीना दीदी, देव और मेरे अलावा सब मैरिड है।

पिछली पार्ट में मैंने आपको सबका इंट्रो करवा दिया अब आगे।
सब अंताक्षरी खेल रहे थे और देव व मैं पीछे बैठे थे। देव पाजामे के ऊपर से ही मेरा लन्ड दबा रहा था। मैं भी मौसी की चुदाई को सोच कर देव से अपना लन्ड दबवा रहा था। देव और मैं ऐसे बैठे थे जैसे सो रहे हों। इतने में मुझे अनिल भैया और सोना दीदी पीछे आते हुए दिखे, तो मैंने देव का हाथ मेरे लन्ड से हटा दिया और हम सोने की एक्टिंग करने लगे। वो दोनों पीछे आकर बैठ गए, आप सब को पता ही है की बस के पीछे की सीट बड़ी होती है। वो आये तो उन्होंने देखा कि हम दोनों सो रहे है, तो अनिल भैया लेट गए और अपना सर सोना दीदी की गोद में रख लिया। वो जिस तरह से सीट के पीछे थे कि अनिल भैया का सर कोई नही देख सकता था। तभी सबसे बड़ी मौसी लता ने पूछा
लता मौसी- क्या हुआ अनिल बेटा, पीछे क्यो लेट गए।
अनिल भैया- मम्मी वो सर में दर्द था तो आया था, फिर दीदी ने कहा कि मैं दबा देती हूं तो पीछे आ गए।
लता मौसी- ठीक है बेटा।
फिर लता मौसी भी अंताक्षरी वाली साइड हो गयी। वैसे भी दोनो सगे भाई बहन है, शादीशुदा है तो किसी ने क्या शक करना।
5 मिनट बाद सोने की कोशिश करते हुए मुझे भी नींद आ गई, थोड़ी देर बाद देव ने आराम से मुझे उठाया, और मुँह पर ऊँगली रखते हुए चुप रहने का इशारा किया। फिर सोना दीदी की तरफ इशारा किया कि वो देख। जैसे ही मैंने दीदी वाली साइड देखा तो मेरी तो आँखें फटी ही रह गयी।
सोना दीदी ने लोअर टी शर्ट पहने हुए थे। अनिल भैया ने सोना दीदी की टी शर्ट ऊपर कर उसमे अपना मुँह घुसा रखा था, और सोना दीदी का हाथ अनिल भैया के लन्ड के पास पेंट के ऊपर ही था। फिर भैया थोड़ा सा घूमे और अपना मुँह दीदी के पाजामे के ऊपर चुत की तरफ लर गए। सोना दीदी अनिल भैया का सर दबाने लगी। तभी सोना दीदी के पति सुदीप जीजाजी भी पीछे की तरफ आने लगे, जिन्हें आते देख दीदी ने देख लिया और अनिल भैया को बता दिया। अनिल भैया फटाफट सीधे लेट गए, और आँखे बंद कर ली।
सुदीप जीजाजी- अनिल भैया को हिलाते हुए, क्या हुआ अनिल, सर सही हो गया क्या।
अनिल भैया(ऐसे नाटक करते हुए जैसे नींद से जागे हो)- हाँ जीजाजी, पहले से आराम है। दीदी ने सर दबा दिया था और मसाज भी कर दिया था।
सुदीप जीजाजी- हाँ, तुम्हारी बहन के हाथों में तो जादू है, मसाज ऐसे करती हि की पूरा शरीर ही तरोताजा हो जाता है। फिर जीजाजी भी वहीं बैठ गए।

हम पटियाला के पास पहुंच हए थे, दोपहर 1 बज गए थे। इतने में मामाजी ने बस एक ढाबे पर रोकने को कहा, की सभी थोड़ा फ्रेश हो लो। और ड्राइवर ने भी चाय के लिए कहा था। तो पटियाला से थोड़ा आगे राजपुरा रोड पर ड्राइवर ने एक ढाबे पर बस रोक दी। फिर सभी नीचे उतर गए। पर सोना दीदी और अनिल भैया नही उतरे।
सभी लेडीज, लेडीज वाशरूम की साइड चली गयी। ढाबे पर कई ट्रक ड्राइवर बैठे थे। वो तो लेडीज को देखते ही रह गए, दीपिका दीदी की गाँड़ जीन्स में से क्या कयामत ढा रही थी। ई
दीदी की गाँड़ देख कर तो वहां पर सभी मर्द अपना लन्ड मसलने लगे। मामाजी ने ढाबे वाले को सभी के लिए चाय बोल दी। देव और मैं थोड़ा साइड में चले गए, चुप कर सिगरेट पीने के लिए।
जब हम सिगरेट पीकर आये तो वाशरूम गए। इतने में सबके लिए चाय बन गयी, और सबने चाय ले ली। और सभी वहीं बैठ कर चाय पीने लगे, तभी मैंने देखा कि एक ट्रक ड्राइवर हेमा मौसी की तरफ कुछ इशारा कर रहा है। हेमा मौसी भी उसे इशारा कर रही थी। फिर वो ड्राइवर उठ कर कर एक ट्रक की तरफ चला गया और हेमा मौसी भी 2 मिनट बाद चाय पी कर, टहलते हुए उस तरफ चली गयी। तभी लता मौसी बोली कि सोना और अनिल नही आये चाय पीने। उन्हें बस में दे आयो। तो मुझे और देव को बोला कि उन्हें चाय दे आयो। मैं और देव उनकी चाय लेकर जैसे ही बस में घुसे तो हमे बस में कोई नही दिखा, हम वापिस मुड़े ही थे कि इतने में लास्ट से सीट से कुछ हिलने की आवाज आई। हम दोनों चुप चाप उधर देखने गए, तो देखा कि अनिल भैया नीचे बैठे है और सोना दीदी उनका लन्ड चूस रही है। ये देख कर हम दोनों स्तब्ध रह गए। सोना दीदी लन्ड ऐसे चूस रही थी जैसे आइस क्रीम हो, भैया खुद तो पतले थे पर भैया का लन्ड बहुत मोटा था, जिसे दीदी पूरा मुह खोल कर चूस रही थी। तभी अनिल भैया की नज़र हम पर पड़ी, तो वो हड़बड़ा गए, हम वहाँ चाय रखकर जल्दी से बाहर आ गए। हेमा मौसी जिस ट्रक की तरफ गयी थी हम भी उसी ट्रक की तरफ चले गए और अपनी चाय पीने लगे और चुपके से ट्रक में देखने लगे तो देखा ट्रक वाले ने हेमा मौसी को घोड़ी बना रखा है और पीछे से मौसी की चूत पेल रहा है। मौसी भी मज़े से चुदवा रही है, इतने में ट्रक वाले का पानी निकल गया और वो शांत हो गया और सीट पर बैठ गया। यह देख मौसी को गुस्सा आया और उसे गालियाँ देने लगी- साले मादरचोद जब लन्ड में दम नही था तो क्यो इशारे कर रहा था रण्डी की औलाद, तेरी बीवी किसी और से ही चुदती होगी भड़वे, तू तो 10 धक्कों में ही गया, तेरे पीछे से तेरी बीवी अपने यारों से चुदती हागी बहन चोद। फिर गालिया देती हुई मौसी ट्रक से उतर गयी। हम भी बस की और आ गए।