परिवार में सबके साथ धुंआधार चुदाई 5

(Parivar me sabke sath dhuwadhar chudai 5)

फिर हम वाटर पार्क के लिए निकल गए। वहां पर हमने टिकट ली और अंदर गए। हम कॉस्ट्यूम रूम में गये और सभी ने अपने कॉस्ट्यूम ले लिए और चेंज करने चले गए। सभी जेंट्स जेंट्स चेंजिंग रूम में और लेडीज लेडीज चेंजिंग रूम मे चली गयी। हम सभी जेंट्स अपने कॉस्ट्यूम पहन कर बाहर आ गए और लेडीज रूम के बाहर सबका इंतेजार करने लगे। तभी सबसे पहले टीना दीदी और नाविक भाभी बाहर आई, वाओ क्या कयामत लग रही थी वो कॉस्ट्यूम में, उनकी गौरी गौरी जाँघे, मोटी गाँड़ मुम्मे, उनके मुम्मे कॉस्ट्यूम से बाहर आ रहे थे।
फिर मामाजी की बेटी प्राची बाहर आई, वो भी बम्ब लग रही थी। फिर ग़ज़ल बाहर आई तो उसके मुम्मे भी कॉस्ट्यूम से बाहर आ रहे थे।

इतने में मेरी जान मेरी सगी दीदी दीपिका बाहर आई, दीदी की मोटी गौरी गाँड़ कॉस्ट्यूम से बाहर दिख रही थी, दीदी की गाँड़ बहुत बड़ी थी, जिसे देख कर मेरा मन किया कि अभी चोद दूँ। पापा, मौसा, मामा और मेरे सभी भाई, जीजा दीदी की गाँड़ देख रहे थे, दीदी की गाँड़ देख सभी के लन्ड खड़े हो गए। दीदी की गाँड़ देख वहाँ और भी जो लड़के वाटर पार्क आये हुए थे, वो भी देखने के लिए वही रुक गए।

फिर सोना दीदी, मोना दीदी और हिमांशी भाभी बाहर आई, तीनो के बूब्स कॉस्ट्यूम से बाहर आ रहे थे। सपना भाभी और उमा भाभी के बिल्कुल फिट थे कॉस्ट्यूम, अनमोल दीदी के बूब्स और गाँड़ भी कॉस्ट्यूम से बाहर दिख रहे थे।
सब की सब पटाखा लग रही थी, वाटर पार्क में वहां आते जाते सब मेरी बहनो भाभियो को ही घूर रहे थे, कोई गाँड़ देख रहा था तो कोई मुम्मे।
तभी सबसे बड़ी रण्डी हेमा मौसी बाहर आई उसके बूब्स तो कॉस्ट्यूम से बाहर ही आ रहे थे
लेकिन अब तक मम्मी दोनो मौसिया, दोनो मामीयां कॉस्ट्यूम पहन कर बाहर नही आई तो दीदी बुलाने गयी, जब दीदी उन्हें बुलाने के लिए चेंजिंग रूम में जा रही थी, तो पीछे से उनकी गाँड़ देखते ही मैं पागल हो गया, उनकी कॉस्ट्यूम से सिर्फ उनकी गाँड़ की मोरी ढकी हुई थी, बाकी उनकी मोटी गाँड़ पूरी बाहर दिख रही थी। क्या गाँड़ है दीदी की, मेरा तो दिल कर रहा था कहा जाऊं दीदी की गाँड़। फिर दीदी अंदर पहुंच गई, अंदर से सब दीदी के साथ बाहर आई तो उन्होंने कॉस्ट्यूम नही पहने थे। उन्होंने अपने अपने पतियों को बोला की कॉस्ट्यूम्स बहुत छोटे है, उनकी मुम्मे और गाँड़ नही छुप रहे इसमे, वो ऐसे जो सूट पहन है उसी सूट में ही नहा लेंगी। फिर वो ऐसे ही नहाने लगी, तो वाटर पार्क वालो ने उन्हें रोक दिया, और कॉस्ट्यूम पहन ने को कहा। पहले तो वो
नही मानी, फिर उनके पतियों ने और रण्डी मौसी हेमा ने उनको समझाया, फिर जब उन्होंने देखा कि वहां पर सभी मोटी पतली बूढ़ी जवान कॉस्ट्यूम में है, और सबकी गाँड़ ओर मुम्मे ऐसे ही दिख रहे है तो तैयार हो गयी पहनने को। फिर वो कॉस्ट्यूम पहन ने चली गयी और हम बाहर खड़े उनका इंतज़ार करने लगे।
मैं दीपिका दीदी के पीछे खड़ा था और उनकी गाँड़ को ही घूर रहा था। मेरा खड़ा लन्ड कॉस्ट्यूम में साफ दिख रहा था। जिस पर मेरे सगे जीजाजी विकास की नज़र पड़ी, जो मेरे साथ ही खड़े थे। जीजाजी ने देखा कि मैं दीदी की गाँड़ देख रहा हूँ, तो वो समझ गए कि मेरा लन्ड क्यों खड़ा है।
तभी मेरा ध्यान जीजाजी की तरफ गया, की वो मुझे, मेरे खड़े लन्ड को और दीदी की गाँड़ को देख रहे है। तभी जीजाजी से मेरी आँखें मिली, तो मेरी फट गई, पर जीजाजी हल्के से मुस्कुरा दिए और मुझे आँख मार दी। मैं दूसरी तरफ देखने लगा, तभी दीदी एक दम से थोड़ा पीछे हुई तो मेरा खड़ा लन्ड उनकी नंगी गाँड़ पर लगा और मेरे हाथ भी उनकी गाँड़ पर लगा। मैं हड़बड़ा गया और पीछे होने लगा तो टीना दीदी मेरे पीछे थी, तो मैं पीछे नही हो पाया ओर वैसे ही खड़ा रहा। मेरे हाथ दीदी की नंगी गाँड़ पर लग रहे थे, पर दीदी इस बात से बेखबर थी। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था।
तभी मीनाक्षी मामी कॉस्ट्यूम पहन कर बाहर आई तो सब देखते ही रह गये, उनके साँवले जिस्म पर सफेद कॉस्ट्यूम, जिसमे से उनकी चुचिया और गाँड़ उसे फाड़ कर बाहर आने को आतुर थे। बिल्कुल रांड लग रही थी वो। फिर दीदी भी थोड़ा आगे हो गयी। अब मुझसे टच नही हो रहे थी दीदी।

फिर बड़ी मौसी जया बाहर आई, जिसके कॉस्ट्यूम बिल्कुल फिट था, नार्मल फिगर है उस मौसी का।
फिर सुमित्रा मामी बाहर आई, उसके भी सही फिट था कॉस्ट्यूम।
फिर सबसे बड़ी मौसी लता लाल कॉस्ट्यूम में बाहर आई तो उसको तो देखते ही रह गए सभी, वहां के गार्ड भी उसके घूर रहे थे, कॉस्ट्यूम से उसकी चुचियाँ की सिर्फ निप्पल तक ही ढक रहे थे, बाकी चुचियाँ बाहर ही थी, और गाँड़ भी सारी बाहर थी मौसी की, बस आगे से चुत ढकी हुई थी
उसके बाद जब मम्मी बाहर आई तो उसको भी सब देखते रह गए, मम्मी के कॉस्टूयम में से उसकी गाँड़ और चुत पूरी ढकी हुई थी, पर मम्मी के मुम्मे यहां तक कि मम्मी की निप्पल्स भी ढंग से नही ढकी थी। मम्मी पापा को धीरे से बोली आज मैं हेमा से भी बड़ी रण्डी बनूँगी, पापा हँस दिए। हम सब अभी वहीं खड़े थे, और वाटर पार्क में सब लोगों की नज़र हमारे परिवार की औरतों पर थी, सब एक से बढ़कर एक पटाखा लग रही थी। तभी एक आदमी से कंट्रोल नही हुआ और वो वहीं सबके सामने अपना लन्ड निकाल कर हिलाने लगा, तो सिक्योरिटी वालों ने उसे बाहर निकाला।

फिर हम सब पानी मे गए और नहाने लगे। जैसे ही वो सब गीली हुई तो सभी और सेक्सी लगने लगी। मैं और देव ऊपर स्लाइड लेने गए तो ऊपर से हमने देखा कि वाटरपार्क में बहुत भीड़ थी, और वहां जितने भी मर्द थे, सभी हमारे घर की औरतों को घूर घूर कर देख रहे थे, लेकिन हमारे घर की औरते किसी भी गैर मर्द की तरफ आंख उठा कर भी नही देख रही थी और अपने अपने पतियों के साथ नहा रही थी। पर मेरी हेमा मौसी जो रण्डी है, मेरी मम्मी जो उस दिन पापा को बोल के आयी थी कि अब मैं भी आपके सामने दूसरे लोगों से चुदूँगी, प्राची दीदी, ग़ज़ल दीदी, जो शादी से पहले भी कई लड़को के लन्ड ले चुकी थी और अब भी कई लड़को के लन्ड लेती है। हिमांशी भाभी जो चालू माल है और कई बार पकड़ी भी गयी है चुदते हुए, क्योकि उनकी सास यानी मेरी लता मौसी पंजाब में अपने शहर की दबंग महिला है और सारा शहर उनके परिवार को जनता है और उनसे डरता है। इसलिए हिमांशी भाभी को कोई न कोई देख लेता तो पकड़ी जाती। इस बार मौसी ने उसे साफ कह दिया था कि अगर अब तूने कुछ ऐसा किया तो मैं तेरा बहुत बुरा हाल करूंगी। ये सभी वहाँ पराये मर्दो को देख रही थी, औऱ उनके कॉस्ट्यूम में बने टेंट को भी देख रही थी। इनके पतियों को भी पता था कि उनकी पत्नियाँ कितनी बड़ी रंडियां है, इसलिए वो भी अपनी पत्नियों के साथ ही नहा रहे थे और अपनी पत्नियों का ध्यान भी रख रहे थे कि रंडियाँ यही किसी से चुदने न बैठ जाये।
टीना दीदी, मीनाक्षी मामी, जया मौसी, ये तीनो अपना अलग नहा रही थी।
हमारे खानदान की सबसे बड़ी रण्डी हेमा कहाँ मानने वाली थी, वो तो वहाँ भी नया लन्ड लेने के चक्कर मे थी। एक लड़का लगभग 18 साल का मौसी को ज्यादा ही घूर रहा था, तो मौसी की नज़र भी उस पर पड़ी। मौसी ने उसे स्माइल करते हुए अपने बूब्स पर हाथ रखा तो वो लड़का और उत्तेजित हो गया, उसने अपने लन्ड पर हाथ रखा तो मौसी ने उसे फ्लाइंग किस दी। फिर मौसी ने मौसा के कान में कुछ कहा तो मौसा ने भी उस लड़के की ओर देख कर स्माइल किया और लड़के को इशारे से अपनी तरफ बुलाया। लड़का उनकी तरफ बढ़ने लगा, तो हम भी स्लाइड से नीचे आ गए। जब तक वो लड़का उनके पास पहुंच तब तक हम भी नीचे पहुंच गए, और उनके थोड़ा करीब जाकर उनकी बातें सुन ने लगे। नाम तो लड़के का पता नही चला हमे, क्योकि हमारे पहुंचने से पहले वो अपना नाम बता चुका था।
मौसा- बेटा कौन कौन आया है तुम्हारे साथ।
लड़का- मम्मी ओर दीदी।
मौसी- बेटा वो कहाँ है।
लड़के ने एक तरफ इशारा किया कि वो है।
हमने भी उस तरफ देखा तो एक लड़की 20 साल की खूबसूरत और एक आंटी 44 साल की नहा रही थी।
लड़की बहुत सुंदर थी, उसकी माँ तो मस्त पटाखा लग रही थी।
फिर मौसी ने मौसा को आंखों से कुछ इशारा किया।
मौसा(उस लड़के का हाथ पकड़ते हुए)- चलो बेटा स्लाइड लेने चलते है।
वाटरपार्क में कई स्लाइड्स थे, और सभी पति पत्नी आपस मे स्लाइड ले रहे थे। इसलिए वो तीनो जिस स्लाइड वाली साइड गए, उस स्लाइड में कोई नही जा रहा था, क्योकि वो सबसे बड़ा स्लाइड था और खतरनाख भी।
वो तीनो फिर ऊपर जाने लगे। हम भी उनके पीछे पीछे जाने लगे।
जब वो सीढिया चढ़ रहे थे, तो मौसी उस लड़के से चिपकने लगी। वो लड़का सहम रहा था।
मौसा- तुम दोनों चलो, मैं अभी आता हूँ। कह कर नीचे आने लगे। तो मैं और देव जल्दी से नीचे आकर थोड़ा साइड में हो गए। मौसा के निकलने के बाद हम जल्दी से ऊपर गए।
ऊपर पहुचे तो देखा मौसी उस लड़के से चिपकी हुई स्लाइड के पास खड़ी है।
मौसी- बेटा मुझे डर लगता है।
लड़का- इसमे डरना क्या, चलो मैं आपके अपने साथ ले चलता हूँ।
मौसी मान गई, फिर वो लड़का स्लाइड पर बैठा और मौसी को अपने आगे बैठने को कहा, तो मौसी सीधा उसके खड़े लन्ड ओर बैठ गई और उस लड़के के हाथ पकड़ कर अपनी चुचियों पर रख लिए। मौसी उसके हाथ अपनी चुचियों ओर दबाते हुए बोली की टाइट पकड़ो मुझे, तो उस लड़के ने मौसी की चुचियाँ दबा कर पकड़ ली और नीचे जाने लगा। उधर हमने नीचे देखा तो मौसा पापा के पास खड़े कुछ बात कर रहे थे। फिर मौसी जैसे ही नीचे पहुंची तो पापा और मौसा उनके पास गए, जैसे उन्ही का वेट कर रहे हो।
फिर उन्होंने लड़के को कुछ कहा, ओर वो रेस्टॉरेंट की तरफ जाने लगे। लड़का अपनी मम्मी ओर दीदी के पास गया, ओर उन्हें रेस्टॉरेंट की साइड ले गया। फिर हम दोनों भी नीचे आ गए। नीचे आये तो हमने रेस्टॉरेंट की साइड देखा तो मौसी मौसा पापा वो लड़का और उसकी मम्मी दीदी सभी आपस में बाते कर रहे थे, फिर मौसा उठकर चेंजिंग रूम में खुद वाले लाकर से कुछ निकाल कर लाये। वहां सेल्फ सर्विस थी तो मौसा और पापा जाकर 6 कोल्ड ड्रिंक लाये, ओर वहीं 2 कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिला दिया। फिर वही 2 कोल्ड ड्रिंक उन माँ बेटी को दी।फिर तो हम वापिस जहां सब थे उधर आ गए।

मम्मी लड़को के खड़े लन्ड देख रही है, कई लड़के भी मम्मी को देख रहे थे और मम्मी को दिखाते हुए अपना लन्ड खुजा देते थे। पर मम्मी की हिम्मत नही हो रही थी की किसी को कोई इशारा करे।
बाकी सभी अपने अपने पतियों के साथ स्लाइड्स ले रही थी, बस ग़ज़ल दीदी ओर प्राची दीदी कभी एक दूसरे के पतियों के साथ तो कभी खुद के पतियों के साथ स्लाइड ले रही थी।
मैं और देव वापिस सबसे बड़े वाले स्लाइड लेने के लिए ऊपर जाने लगे तो फिर टीना दीदी ने देव को बोला कि मुझे भी बड़े वाले स्लाइड्स लेने है, मेरे साथ चल, तो देव जाने लगा, तभी मीनाक्षी मामी और जया मौसी ने भी कहा कि हमे भी जाना है बड़े वाला स्लाइड् लेने तो वो भी हमारे साथ हो चलने लगी। हम ऊपर गए, पहले मैंने जया मौसी को कहा नीचे जाने को तो वो डर रही थी, इसलिये देव उनके साथ जाने को तैयार हुआ। पहले मौसी बैठी स्लइड पर, उनके पीछे देव उनकी कमर में हाथ डाल कर बैठ गया, फिर वो दोनों नीचे चले गए सलाईड से। फिर टीना दीदी गयी स्लाइड से नीचे, फिर मैंने मीनाक्षी मामी को कहा जाने को तो वो बोली तू भी साथ चल जैसे देव गया है जया के साथ। मैंने मामी को स्लाइड पर बिठाया, पीछे से उनको पकड़ कर बैठ गया। जब मैंने मामी को पकड़ा तो मेरे हाथ उनके मुममों पर लगने लगे, ओर उनकी बड़ी गाँड़ तो मेरे लन्ड पर लग ही रही थी, मेरा लन्ड खड़ा हो गया, जो मामी को महसूस हो रहा था गाँड़ पर। तभी मामी थोड़ा सा पीछे हुई तो, मेरा लन्ड उनकी गाँड़ में पूरा दबने लगा। फिर हम नीचे जाने लगे, नीचे जाते हुए मैंने बैलेंस बनाने के बहाने हाथ सेट किया और मेरे हाथ मामी की चुचियों पर आ गए, मैंने मामी को टाइट पकड़ा हुआ था, तो उनकी चुचियाँ पूरी मेरे हाथ मे थी। फिर हम नीचे पहुंचे, तो मामी को मैंने पानी में पकड़ कर खड़ा किया तो भी उनकी चुचियाँ पूरी दबाई। मामी ने स्माइल किया और बोली एक बात और चलते है। टीना दीदी बोली मैं भी चलती हुँ।

फिर हम तीनों वापिस ऊपर आये, मैंने टीना दीदी को बोला पहले जाने को तो वो बोली नही पहले तू और मामी जाओ। तो मामी पहले की तरह बैठी, उनके पीछे मैं बैठा तो मामी थोड़ी ऊपर हो कर मेरी गोद मे खड़े लन्ड पर बैठ गयी और मेरे हाथ पकड़ कर आगे करती हुई अपनी चुचियों पर रख दिये और बोली टाइट पकड़ ले पिछली बार बैलेंस बिगड गया था। मैंने भी मामी की चुचियाँ पूरी दबा कर पकड़ ली, ओर लन्ड का दबाव उनकी गाँड़ पर बनाया। तभी टीना दीदी भी मेरे पीछे आकर बैठ गयी और बोली कि तीनो साथ मे चलते है। दीदी ने मेरी कमर से हाथ आगे कर मामी को पकड़ लिया, जिस से दीदी के बड़े मुम्मे मेरी पीठ पर दब रहे थे, में तो पागल हो रहा था। फिर हम नीचे आने लगे, तो बीच मे मैं मामी के मुम्मे मसल रहा था, और निप्पल भी दबा दी। जैसे ही हम पानी मे गिर तो मामी को मैने पहले की तरह चुचियाँ दबाते हुए उठाया और टीना दीदी की पकड़ छूट गयी थी, वो उठने के लिए मेरे पैर के सहारे खड़ी होने लगी तो उनके हाथ मे मेरा लन्ड आ गया।
उसे पता ही नही चला कि उसने मेरा लन्ड पकड़ा हुआ था। फिर जब वो नार्मल हुई तो उसे होश आया और उसने मेरा लन्ड छोड़ा। फिर लता मौसी रैन डांस के लिए बोली तो हम सब लोग रेन डांस करने गए। अभी हमने वहां डांस करना शुरू ही किया था कि देखा मौसी पापा मौसा वो लड़का उसके मम्मी दीदी बड़े वाले स्लाइड की तरफ जा रहे है। तो मैं और देव भी उनके पीछे हो गए।
ऊपर जाकर उस लड़के की मम्मी ओर दीदी डरने लगी क्योकि वो स्लाइड बहुत ज्यादा बड़ी थी, उस लकड़े ने कहा कुछ नही होता मैं जाकर दिखाता हु और वो पहले की तरह मौसी के साथ नीचे आ गया। पर उसकी माँ और बहन अभी भी डर रही थी तो पापा ने उन्हें समझाया कि कुछ नही होता और पापा मौसा उन दोनो को लेकर स्लाइड के पास गए, तो वो ऊंचाई से डर गई। वो लड़की पापा के गले और उसकी माँ मौसा के गले लग गयी कि हमे डर लगता है। फिर मौसा और पापा उनकी पीठ पर हाथ फेरते हुए कह रहे थे कि कुछ नही होता। वो ओर ज्यादा उनके गले लग रही थी। शायद उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में सेक्स की दवा मिलाई थी। तो वो माँ बेटी ज्यादा ही चिपक रही थी। हमने नीचे देखा तो मौसी ओर वो लड़का कही नज़र नही आ रहे थे। इतने में वो माँ बेटी पर दवा का पूरा असर शुरू हो गया था और वो वहीं उनकी छातियों पर चूमने लगी तो पापा और मौसा उन्हें स्लाइड से नीचे लेकर आये, हम भी उनके पीछे नीचे आ गए। तो हमने देखा कि पापा मौसा उन माँ बेटी के साथ चेंजिंग रूम्स के पीछे वाली तरफ चले गए। हम भी उस साइड गए और छुप कर देखने लगे।

अब वाटरपार्क में काफी कम लोग थे,सिर्फ कुछ लड़के थे, जो हमारे परिवार की औरतों के आगे पीछे घूम रहे थे। बाकी सारा वाटरपार्क खाली था। हम भी चेंजिंग रूम के आईचे वाली साइड पहुंचे, हमने जैसे ही वहाँ देखा तो मौसी उस लड़के का लन्ड चूस रही थी। नार्मल 6 इंच का लन्ड था उसका। वहाँ वो अपनी माँ बहन को देख कर हैरान हो गया, पर उसकी माँ बहन को वो नही सिर्फ सेक्स दिख रहा था। मौसी वैसे ही उसका लन्ड चूस रही थी। इधर पापा और मौसा ने भी अपने लन्ड बाहर निकले और उन मा बेटी के कॉस्ट्यूम उतार कर पूरा नंगा कर दिया।।उसकी माँ की चुचियाँ तो बड़ी थी, ओर उसकी बहन की छोटी थी। फिर उन दोनों को वहीं जमीन पर लिटा कर मौसा ने उसकी माँ की चुत पर ओर पापा ने उनकी बहन की चुत पर लन्ड सेट किया और एक झटके में घुसा दिया, उसकी माँ को तो कुछ नही हुआ, पर उसकी बहन की चीख निकल गयी, तो पापा ने उसके मुँह पर हाथ रख कर उसकी चीख को दबा दिया। वो कुंवारी थी और उसकी चुत की सील टूट गयी, उसकी चुत से खून आने लगा, वो छूटने की कोशिश करने लगी, लेकिन पापा ने उसे नही छोड़ा। फिर वो दोनों बेरहमी से चोदने लगे, इतने में उस लड़के का पानी मौसी के मुह में निकल गया।
उसके बाद लड़का बोला- ये आप मेरी माँ बहन के साथ क्या कर रहे है, छोड़ दो उनको।
मौसी( उसे थप्पड़ मारते हुए)- साले जब तू मुझे लन्ड चूसा रहा था, तब क्यो नही बोला, अब चुप चाप देख तेरी माँ और बहन कैसे चुदती है।
लड़का- प्लीज उन्हें छोड़ दो।
मौसी चुप चाप चुदाई देख साले, वरना सबकों कहूंगी की तूने मेरे साथ जबरदस्ती किया है। वो लड़का डर गया, और वहीं बैठ कर ऊनी माँ बहन की चुदाई देखने लगा। मौसा जैसे जैसे ही धक्का मारते उसकी माँ के बड़े चुचे हिल रहे थे, ये देख उस लड़के को भी मज़ा आने लगा। उसने फिर मौसी के चुचे पकड़ लिए, मौसी ने अपना कॉस्ट्यूम उतार दिया। वो लड़का मौसी के चुचे चूसने लगा। फिर 20 मिनट बाद मौसा का पानी उसकी माँ की चुत में ही निकल गया।
इतने में मेरे मामाजी और सूरी मौसा भी वहाँ पहुंच गए। उन्होंने देखा कि मौसी उस लड़के का लन्ड अपनी चुत में लेने की कोशिश कर रही है। उन्हें देख उस लड़के की गाँड़ फैट गई, वो खड़ा होने लगा तो मौसी ने उसे वापिस अपने पास खींच लिया और लन्ड चुत में डालने को कहा। वो लड़का अनाड़ी था हमारी तरह, उस से मौसी की चुत में लन्ड नही डल रहा था तो मामाजी ने उसका लन्ड पकड़ा और मौसी की चुत ओर सेट कर उसे धक्का मारने को कहा। फिर उस लड़के का लन्ड मौसी की चुत में चला गया और वो धक्के मारने लगा। पापा अभी भी उस लड़की को चोद रहे थे और प्रेम मौसा अभी भी उसकी माँ की चुत में लन्ड डाले हुए लेते थे। ये देख वो कुछ नही बोले, प्रेम मौसा उनको देख कर चुत से लन्ड निकाल कर खड़े होते हुए बोले आओ सूरी जी, मजेदार माल है।
सूरी मौसा ने अपना कॉस्ट्यूम उतारा तो उनका लन्ड 9 इंच का था और काफी मोटा भी। और उस लड़के की माँ पर चढ़ गए, उसकी माँ रोने लगी, की छोड़ दो हमें।
प्रेम मौसा बोले- ऐसे कैसे छोड़ दे। तेरे बेटे ने मेरी बीवी पर गंदी नज़र डाली। और मेरी बीवी के साथ मजे कर रहा है। तो हम भी तो मजा लेंगे। अभी देखना हम सभी मर्द चोदेंगे तुमको। फिर सूरी मौसा ने उसकी माँ की चुत में एक झटके में अपना लन्ड डाला तो उसकी माँ की तो आंखें ही बाहर आ गयी, मामाजी ने उसका मुह बन्द किया नही तो उसकी चीख की आवाज़ जाती आगे। फिर मौसा उसकी माँ को पेलने लगे। उधर पापा भी अब उसकी बहन की चुत में ही पानी छोड़ने लगे। फिर जैसे ही पापा खड़े हुए तो मामाजी चढ़ गए उसकी बहन पर। फिर प्रेम मौसा हमारी तरफ आने लगे तो हम वहाँ से निकल गए दें डांस वाली तरफ।

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प्रेम मौसा भी रेन डांस वाली साइड आये, मेरे और देव के अलावा सभी मर्दों को अपने पास बुला कर उनसे कुछ कहा, फिर वापिस उसी तरफ चले गए तो उनके पीछे मेरे जीजाजी विकास भी हो लिए। ऐसे ही 15 मिनट में एक एक करके सभी मर्द उसी जगह पहुंच गए।
यहाँ सभी लेडीज अकेली रह गईं, तो आपस मे बात कर के लगी कि ये सभी मर्द कहाँ गए, तो दबंग लता मौसी बोली- अरे, कोई ना बियर पीने गए होंगे आ जाएंगे अभी चलो हम सब डांस करते है।
फिर सब औरतें डांस करने लगी, वहां पर सब मर्द उनको डांस करते हुए देख रहे थे, कोई किसी की हिलती गाँड़ तो कोई किसी की हिलती चुचियों देख कर मज़े ले रहा था। हम भी डांस करते देख रहे थे उनको।

फिर हम भी चुपके से वहां से निकल कर चेंजिंग रूम के पीछे गए तो देखा कि हेमा मौसी उस लड़के से अपनी चुत चटवा रही है। उस लड़के की माँ और बहन हमारे घर के मर्दो से घिरी हुई थी और अब वो दोनो बोल रही थी, की चोदो हमे फाड़ डालो। शायद उनको वापिस सेक्स की कोई दवाई दी थी मौसा ने जिस से उनकी हवस बढ़ गयी थी। लड़का बोल रहा था कि प्लीज उन्हें छोड़ दो, पर कोई कहाँ मानने वाला था। फिर जैसे ही किसी एक का पानी निकलता तो उसकी जगह दूसरा ले लेता। सब ऐसे ही जगह बदल बदल कर चोद रहे थे। फिर मौसी ने उस लड़के को अपने ऊपर चढ़ाया चोदने के लिए तो उस लड़के का लन्ड मौसी की चुत में था तो सुदीप जीजाजी ने उस लड़के को थोड़ा झुकाया और उसकी गाँड़ में उंगली डाली, वो लड़का उछल गया, मौसी समझ गयी कि जीजाजी क्या चाहते है, फिर उन्होंने उस लड़के को कस कर पकड़ लिया, ओर सुदीप जीजाजी ने जोर लगा कर लन्ड उसी गाँड़ में उतार दिया, उस लड़के की तो गाँड़ फट गयी, वो छूटने की नाकाम कोशिश करने लगा।
जब सबने लड़के की गाँड़ में लन्ड डला देखा तो, पापा ने उसकी बहन से मामाजी को हटाया और उसकी बहन को घोड़ी बना दिया। फिर मामाजी को कहा वापिस लन्ड डालने को और खुद उसकी गाँड़ में लन्ड डालने लगे, जिस से वो लड़की चीखने लगी तो विकास जीजाजी ने उसके मुह में लन्ड डाल दिया और फिर अनमोल दीदी के पति टिंकू जिजाजी ने उस लकड़ी के नीचे ले गए और उसकी चुत में लन्ड डालने लाए, जहां मामाजी का लन्ड आ पहले से। बहुत मुश्किल से लन्ड गया, वो लड़की तो मरने को हो गई थी दर्द से।
फिर ऐसा करते देख सभी मर्द जहां जिस औरत का मौरा था वहां लन्ड डाल दिया। उस लड़के के मुह में भी लन्ड डाल दिया, उस लड़की के, उसकी माँ के, मौसी के सबकी मुँह में 1- 1 लन्ड, गाँड़ में 1-1, चुत में 2-2 लन्ड थे। हम मौसी का बड़ा बेटा दीपक ऐसे खड़ा था, उसे कोई छेद नही मिला तो उसने मौसी की गाँड़ में जहाँ उसके बाप का लन्ड था, वही डाल दिया, पर मौसी के कोई असर नही क्योकि वो 3-3 लन्ड भी एक साथ ले सकती है। अब सब चुदाई में लगे हुए थे। ये सब देख कर लग रहा था कि मौसी इन सब से पहले भी ग्रुप में चुद चुकी थी। फिर देव ने बताया कि जो भी रिश्तेदार घर मे आता है, मौसी उसे उसे लेकर रूम में घुस जाती है और रूम बन्द कर लेती है, कई बार तो मौसा भी साथ मे जाते है। कई बार तो मौसी अपनी सहेलियों को भी बुला लेती है। मतलब मौसी सभी रिश्तेदारों से पहले भी चुदी हुई थी और ग्रुप में भी चुदी थी सबसे।

फिर वो अपने काम मे लगे रहे। हम वापिस रेन डांस की तरफ आ गए तो देखा कि जो लड़के हमारी औरतो के आगे पीछे घूम रहे थे, वो भी डांस कर रहे है। वो लड़के उनके पास आने को कोशिश कर रहे थे। वहां पर कुछ लड़के डांस करते हुए इन सबको छूने को कोशिश करने लगे। हमने देखा कि हिमांशी भाभी लता मौसी से छुपकर दो लड़के के लन्ड को छू रही थी डांस करते हुए, और वो लड़के भी कभी हिमांशी भाभी के बूब्स तो कभी गाँड़ पर छू रहे थे, एक बार तो उन्होंने हिमांशी भाभी के बूब्स दबा भी दिए। प्राची दीदी और ग़ज़ल दीदी दोनो के बीच एक लड़का डांस कर रहा था वो कभी प्राची दीदी गजल दीदी के बूब्स दबा रहा था। ये देख तो देव देख कर मजे ले रहा था। फिर हम भी डांस कने लगे, और छूने लगे, मैं मम्मी के साथ डांस करने लगा तो मम्मी का एक बूब की निप्पल कस्टयूम से बाहर दिखाई दे रही थी, जिसे देखकर मेरा लन्ड तंबू बन गया, मम्मी ने वो देख लिया और मुझे स्माइल किया। फिर मेरी दीपिका दीदी भी वहीं आकर डांस करने लगी, उनके बूब्स और गाँड़ उछल रहे थे, जिसे सभी लड़के घूर घूर कर देख रहे थे। मेरी नजर भी मेरी सगी दीदी दीपिका पर थी, जिसकी गाँड़ की मोरी के अलावा सारी गाँड़ कॉस्ट्यूम से बाहर थी। उस देख कर मेरा मन उसे छूने को हो रहा था, तो मैं दीदी के साथ चिपक कर डांस करने लगा, तो दीदी ने मुझे गले लगा लिया, मैंने भी दीदी की पीठ पर हाथ रख उसे अपने से दबा लिया। दीदी के मोटे बूब्स मेरी छाती में दब रहे थे मेरा खड़ा लन्ड दीदी के पेट पर लग रहा था, जिसे दीदी महसूस कर रही थी। फिर मैं और दीदी कपल डांस करने लगे। मैं अपने हाथ धीरे से दीदी की पीठ से गाँड़ की ओर ले गया। जैसे ही दीदी की बड़ी नंगी गाँड़ पर मेरा हाथ लगा तो मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। दीदी की गाँड़ बहुत बड़ी थी, दीदी की गाँड़ जितनी चौड़ी थी उतनी ही पीछे की ओर भी निकली हुई थी। दीदी की कमर पतली है, मैंने आज तक दीदी की गाँड़ जैसी मस्त गाँड़ किसी की नही देखी। मैं हौले हौले दीदी की गाँड़ पर अपना हाथ फेरने लगा।
तभी लता मौसी ने मुझे आवाज़ दी तो मेरी गाँड़ फट गई की कहीं लता मौसी ने मुझे दीदी की मस्त गाँड़ पर हाथ फेरते तो नही देख लिया।
मैं डरते डरते लता मौसी के पास गया।
लता मौसी- राजवीर मुझे वाशरूम जाना है, चल मेरे साथ कैंटीन वाली साइड, मैं उधर ही वाशरूम चली जाऊंगी।
राजवीर- ठीक है मौसी।
फिर वो कैंटीन वाली साइड चलने लगी, तो मैं उनके पीछे चलने लगा। पर मेरा ध्यान दीदी की तरफ था तो मैं पीछे मुँह करके चल रहा था।
तभी मैं अचानक किसी मे भिड़ा तो देखा कि लता मौसी खड़ी है, मेरी तरफ मुँह किये और मैं पीछे देखता हुआ सीधा उनके बड़े बड़े मुम्मों में जा भिड़ा और मेरा खड़ा लन्ड उनकी नाभि पर लगा, जो उन्होंने महसूस भी किया। जब मैं उन से भिड़ा तो मेरा तो बैलेंस भी बिगड़ गया और मैं गिरने लगा तो संभलने के चक्कर मे गलती से मेरे हाथ में लता मौसी की बड़ी बड़ी चुचियाँ आ गयी थी। जैसे हि मैं संभला मेरी तो गाँड़ फट गई कि अब लता मौसी मारेगी मुझको।
लता मौसी- ध्यान किधर है तेरा।
मैं चुप खड़ा रहा।
मौसी ने एक झन्नाटेदार झापड़ मेरे गाल पर रसीद कर दिया।
मैं फिर भी चुप खड़ा रहा।
मौसी- बोल साले बहनचोद, ध्यान किधर है तेरा जो पीछे देख कर चल रहा है।साले शर्म नही आती अपने ही घर की औरतों को गंदी नियत से देखते हुए।
मैं- मौसी वो….
मौसी ने एक ओर झापड़ मेरे गाल पर रसीद कर दिया और मेरे पेट मे लात मारी।
मैं दर्द से करहाने लगा।
मौसी ने मेरे बाल पकड़ कर मुझे उठाया और मेरे बाल खींचते हुए वाशरूम की तरफ ले गई और मुझे वाशरूम के बाहर खड़ाकर खुद वाशरूम में चली गयी और जाते हुए मुझे बोली कि मैं जब वापिस आऊ तब मुझे जवाब चाहिए, नही तो देखना कैसे तेरी माँ चोदती हुँ मैं और अंदर चली गयी।

मैं सोच रहा था कि अब क्या बोलू? फिर मैंने कुछ सोचा और मौसी का वेट करने लगा।
5 मिनट बाद मौसी बाहर आई, और मेरी तरफ आंखे निकाल कर देखा।
फिर मौसी ने मेरे एक और झापड़ मारा, फिर मेरे बाल पकड़ कर मुझे नीचे झुका दिया। मेरी पीठ पर एक मुक्का मारा और बोली।
लता मौसी- बहनचोद कुत्ते, अब बोल क्या देख रहा था।
मैं- मौसी वो कुछ लड़के उधर सभी को डांस करते देख रहे है, तो मैं उनका ध्यान रख रहा था कि कहीं वो किसी को छेड़े ना।
मेरे इतना कहते ही मौसी ने मुझे सीधा किया और मुझे अपने गले लगाया। जिस से मेरा सिर मौसी की बड़ी चुचियों के बीच धस गया था। इस उम्र में भी लता मौसी की चुचिया अपनी बेटी सोना दीदी की चुचियों से भी ज्यादा टाइट थी।
मौसी – सॉरी बेटा, मेरा बेटा इतना बड़ा और समझदार हो गया कि सबका ध्यान भी रख साथ है। मुझे माफ़ कर दे बेटा।
मैं(रोते हुए)- हाँ मौसी, अब ओर कोई नही है, तो किसी को तो ध्यान रखना ही पड़ेगा ना।
मौसी को जब मेरी आवाज़ में क्रंदन सुनाई दिया तो मौसी ने मुझे अपने मुममों से अलग कर सीधा किया और मेरे आंसू साफ किये, और फिर मुझे गले लगा लिया ओर रोते हुए बोली- मुझे माफ़ कर दे बेटा।
मैं(मौसी की पीठ पर हाथ फेरते हुआ) जिस से मेरे लन्ड में भी हल्का हलका तनाव आने लगा, जो मौसी की मार से बैठ गया था- कोई बात नही मौसी, चलो वहां चलते है।
मौसी ने मुझे फिर खुद से अलग किया और दोनों गालों पर किस किया, मैंने भी फिर मौसी के दोनों गालो पर किस किया, फिर मौसी मेरा हाथ पकड़ कर रेन डांस वाली साइड ले गयी, ओर मुझे पकड़ा कर मेरे साथ डांस करने लगी। डांस करते टाइम मैंने कई बार मौसी बड़ेबड़े मुममों को छुआ, और अपना लन्ड भी मौसी की गाँड़ और पेट पर लगाया।
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