परिवार की तीन चुदक्कड़ रंडियां-1

Pariwar ki teen chudakkad randiya-1

हैल्लो दोस्तों, एक बार मेरे मम्मी पापा और मधु मेरे मामा के घर एक शादी में 10 दिनों के लिए चले गये, जब प्रिया के एग्जॉम चल रहे थे, इसलिए में और प्रिया नहीं जा सके थे. अब उस दिन प्रिया कुछ ज़्यादा ही खुश नजर आ रही थी.

उस रात हम दोनों खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गये. फिर रात में लगभग 12 बजे प्रिया मेरे कमरे में आई और मेरे बगल में सो गयी और अपना एक हाथ मेरे लंड के ऊपर रखकर सहलाने लगी. अब मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा था, तो प्रिया डर गयी और उसे लगा कि में जगा हुआ हूँ, तो प्रिया ने अपना हाथ झट से हटा लिया और सोने लगी. फिर थोड़ी देर तक प्रिया ने कुछ नहीं किया, तो में भी सो गया. फिर रात में 3 बजे मेरी आँख खुली तो प्रिया मेरी बगल में सो रही थी. फिर में धीरे से अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रखकर धीरे-धीरे उसके बूब्स को दबाने लगा, तो प्रिया सोई ही रही.

फिर में अपना एक हाथ उसकी ब्रा के अंदर डालकर उसके बूब्स को दबाने लगा. और तभी प्रिया की आँख खुल गयी और वो मेरे हाथ को झटकाते हुए गुस्से से बोली कि राहुल ये क्या कर रहे हो? तुम्हें शर्म नहीं आती, आने दो मम्मी को में सब बताती हूँ और फिर वो अपने कमरे में जाने लगी.

तभी मैंने उसके हाथ को पकड़ा और बोला कि पहले ये तो बताओं कि तुम मेरे कमरे में क्या कर रही हो? तो वो बोली कि मुझे अपने कमरे में डर लग रहा था इसलिए में यहाँ सो गयी थी, लेकिन तुम ऐसे होंगे, मैंने कभी नहीं सोचा था, आने दो मम्मी को में सब बताती हूँ और वो जाने लगी.

तभी मैंने उसे अपनी तरफ खींचकर उसे बेड पर पटक दिया और उसके बूब्स को दबाते हुए बोला कि मेरी रानी गुस्सा क्यों हो रही हो? जब मेरे लंड को सहला रही थी तो तब मम्मी की याद नहीं आई और अब मम्मी की याद आ रही है. फिर तब जाकर प्रिया शांत हुई और बोली कि राहुल तुम्हें सब पता है? तो मैंने कहा कि हाँ मेरी जानेमन मुझे सब पता है.

फिर उसके बाद तो प्रिया मुझसे लिपट गयी और बोली कि राहुल आई लव यू, तुम्हें नहीं पता में तुम्हें कितना चाहती हूँ? फिर उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के होंठो को चूमने लगे. फिर मैंने प्रिया के सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी कपड़े उतार दिए.

अब प्रिया सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी. फिर जब मैंने प्रिया को देखा तो बस देखता ही रह गया. में जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को इस हालत में देख रहा था. अब मेरा लंड तो बिल्कुल तनकर खड़ा हो गया था. फिर उसके बाद में प्रिया के बूब्स को दबाने लगा. फिर जब प्रिया गर्म होने लगी, तो तब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और प्रिया के हाथ में दे दिया. अब प्रिया मेरे लंड के साथ खेलने लगी थी.

फिर में अपना लंड प्रिया के मुँह में डालने लगा, तो प्रिया मना करने लगी और बोली कि नहीं राहुल प्लीज. फिर मैंने कहा कि जानेमन आज तो हमारी सुहागरात है और आज की रात यही सब तो होता है, आज मना करोगी तो ये साहब नाराज हो जाएगें. फिर तब प्रिया मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लग गयी. अब उस वक़्त मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना सारा रस प्रिया के मुँह में ही निकाल दिया, तो प्रिया मेरा सारा जूस पी गयी.

उसके बाद मैंने प्रिया की ब्रा और पेंटी उतार दी और प्रिया की चूत में अपना लंड डालने लगा, तो प्रिया चिल्ला पड़ी और बोली कि राहुल प्लीज धीरे-धीरे डालो, मुझे दर्द होता, पहली बार तुम्ही तो मेरे राजा बने हो. फिर मैंने प्रिया को आराम- आराम से चोदना शुरू कर दिया.

हम दोनों ने उस रात 2 बार सेक्स किया और थककर सो गये. फिर सुबह जब में सोकर उठा, तो प्रिया बाथरूम में नहा रही थी, तो में सीधा बाथरूम में चला गया और प्रिया को पीछे से पकड़ लिया और उसके बूब्स को दबाने लगा, तो प्रिया मुझे देखकर खुश हो गयी और मुझसे लिपट गयी.

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फिर हम दोनों साथ-साथ नहाने लगे और फिर में प्रिया को चोदने लगा. फिर उसके बाद प्रिया अपने कॉलेज चली गयी. फिर इस तरह से हम दोनों एक हफ्ते तक पति पत्नी की तरह एक दूसरे के साथ मजे करते रहे. अब हम कभी बाथरूम में तो कभी किचन में तो कभी सोफे पर जब मन करता एक दूसरे के साथ चिपक जाते थे.

जब मम्मी पापा आ गये, तो तब हम दोनों छुप-छुपकर अपना काम कर लेते थे. फिर एक दिन मैंने प्रिया से बोला कि प्रिया में एक बार मधु को भी चोदना चाहता हूँ. फिर प्रिया बोली कि राहुल तुम पागल तो नहीं हो गये हो?

मधु अभी सिर्फ़ 18 साल की है और उसे थोड़ी और बड़ी होने दो फिर कर लेना. फिर मैंने कहा कि प्रिया तुम भी ना मधु अब बच्ची नहीं है और कब तक इंतजार करवाओगी? सोचो जरा कितना मज़ा आएगा जब में तुम और मधु एक साथ होंगे? तो तब जाकर प्रिया बोली कि अच्छा मेरे साजन जी बहुत जल्द मेरी ननद और तुम्हारी साली तुम्हारी बीवी बनकर तुम्हारे सुहाग के सेज पर होगी और फिर हम दोनों हँसने लगे.

फिर उस दिन रात में मम्मी मेरे कमरे में आई और धीरे-धीरे मेरी जाँघ को सहलाने लगी और फिर उन्होंने मेरी पैंट की चैन खोल दी. फिर में हड़बड़ा गया और उठकर बैठ गया. फिर मम्मी ने कहा कि क्या हुआ? तो मेरे मुँह से कुछ आवाज ही नहीं निकल पाई.

मम्मी मेरी पैंट के अंदर अपना एक हाथ डालते हुए बोली कि क्या सारा हक सिर्फ़ प्रिया का ही है? मेरा तुम पर कोई अधिकार नहीं है, आख़िर में भी तो तुम्हारी माँ हूँ और एक औरत भी हूँ, तुम्हें तो पता ही है कि तुम्हारे पापा कई-कई दिन तक घर से बाहर होते है, मेरी भी तो कुछ चाहत है और फिर मम्मी ने मेरे लंड को मेरी पैंट से बाहर निकाल दिया और बोली कि प्लीज राहुल मेरी भी प्यास बुझा दो और फिर मम्मी मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.