परिवार की तीन चुदक्कड़ रंडियां-3

Pariwar ki teen chudakkad randiya-3

मधु बोली कि दीदी मैंने आज तक आपके सिवा किसी और के साथ कभी नहीं किया है. फिर मधु ने बोला कि दीदी आपने कभी किया है क्या? तो प्रिया बोली कि हाँ किया है. तो तभी मधु बोली कि किसके साथ किया है? तो प्रिया बोली कि है कोई. तो तभी मधु बोली कि दीदी तब तो आपको बहुत मज़ा आया होगा?

तो प्रिया बोली कि बहुत मज़ा आया था और तभी प्रिया बोली कि मधु तू भी मिलेगी उससे. तो मधु बोली कि हाँ दीदी. तो प्रिया ने मधु से बोला कि ठीक है तो आज रात को में तुझे उससे मिलवा देती हूँ, तो मधु बहुत खुश हुई. फिर रात में 11 बजे जब मम्मी सो गयी, तो तब प्रिया मधु को मेरे कमरे में लेकर आई और मेरे पास आकर प्रिया मुझसे लिपट गयी और बोली कि मधु यह रहे तेरे जीजू. तो तभी मधु चौंक गयी और कुछ नहीं बोल पाई.

मैंने मधु के पास जाकर उसके बूब्स पर अपना एक रखा ही था की मधु पीछे की तरफ हट गयी और बोली कि भैया प्लीज में आपके साथ कभी ऐसा नहीं कर सकती और दीदी आप भी भैया के साथ में ऐसा सोच भी नहीं सकती थी और फिर मधु वापस जाने लगी. तो तभी प्रिया ने मुझे इशारा किया, तो मैंने मधु को झट से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और प्रिया ने जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया. फिर मैंने मधु को बिस्तर पर पटक दिया और बोला कि मधु इस वक्त में तुम्हारा भैया थोड़ी ना हूँ और फिर में अपनी पैंट की बेल्ट को खोलने लगा. फिर ये देखकर मधु रोने लगी और मुझसे मिन्नते करने लगी की में उसे छोड़ दूँ.

अब में और प्रिया उसे हर तरह से समझा चुके थे, लेकिन वो नहीं मानी. अब हर वक़्त वो बस यही बोलती रही कि में भाई बहन के रिश्ते को नहीं तोड़ सकती हूँ.

प्रिया ने कहाँ कि राहुल जाने दो, लेकिन अब में उसे कैसे छोड़ सकता था? क्योंकि अब मधु जो इस वक्त मेरे सामने थी 18 साल की कच्ची कली जो बिल्कुल ही मिठाई की तरह स्वीट थी. फिर मैंने सोचा कि मधु मम्मी को बोलकर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती तो क्यों ना में जबरदस्ती ही अपनी ख्वाहिश पूरी कर लूँ?

फिर मैंने मधु को जाने के लिए बोला, तो मधु बेड से उठकर दरवाजे की तरफ बढ़ी, तो तभी मैंने मधु को पीछे से पकड़ लिया और उसकी शर्ट को खींचकर खोल दिया और उसे बेड पर पटक दिया. तो तभी मधु रोने लगी और बोली कि भैया प्लीज. अब प्रिया चुपचाप एक तरफ खड़ी थी.

फिर में आहिस्ते से बेड पर बैठ गया और मधु का एक पैर पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और उसका स्कर्ट भी खोल दिया. अब मधु सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी.

अब उसका चिकना बदन देखकर मेरा लंड बिल्कुल तन गया था और मेरे मुँह में पानी आ गया था कि आज में एक ऐसी लड़की को चोदने जा रहा हूँ जो बिल्कुल परी की तरह है और मेरी मधु को चोदने की बहुत दिनों को ख्वाहिश थी.

अब मधु अपने दोनों हाथों से अपने बदन को ढकने की कोशिश कर रही थी. फिर मैंने मधु को एक बार फिर से समझाया कि देख मधु में तुझे आज छोड़ने वाला तो नहीं हूँ इसलिए ये जिद छोड़कर हमारे साथ मज़े कर, तुझे बहुत मज़ा आएगा, तुझे प्रिया ने तो बताया ही है.

फिर प्रिया बोली कि मधु दिक्कत क्या है? तू बस ऐसा समझ ले कि ये तुम्हार भाई नहीं एक लड़का है और तू एक लड़की है और अगर तू ये सोचती है कि तेरे चिल्लाने से कोई आ जाएगा, तो तू जानती ही है कि इस कमरे से आवाज बाहर नहीं जा सकती है और में तुझे बचाने वाली नहीं हूँ और तू नहीं मानी तो राहुल तो जबरदस्ती करेगा ही.

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फिर दर्द तुझे ही होगा इसलिए कह रही हूँ कि बस एक बार राहुल के साथ मज़े ले ले, फिर तुझे राहुल कभी भी परेशान नहीं करेगा और अगर तू नहीं मानी, तो राहुल तेरे साथ रोज जबरदस्ती करेगा इसलिए कहती हूँ कि बस एक बार राहुल को मज़ा लेने दो, फिर हम तुम्हें छोड़ देंगे. फिर मधु कुछ नहीं बोली. फिर मैंने मधु के करीब जाकर उसके बूब्स को पकड़ लिया और मधु चुपचाप बैठी रही. फिर उसके बाद में और प्रिया मधु के बूब्स को सहलाने लगे.

मैंने मधु के सारे कपड़े उतार दिए और अपने कपड़े भी उतार दिए और प्रिया ने भी अपने कपड़े उतार दिये. फिर उसके बाद में मधु के बूब्स को चूसने लगा और प्रिया मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, तो थोड़ी देर में ही मधु भी गर्म हो गयी. अब उसके नींबू जैसे बूब्स बिल्कुल तन गये थे और मधु के मुँह से सिसकारी निकलने लगी थी.

मधु बोली कि भैया प्लीज अब बर्दाश्त नहीं होता है, प्लीज कुछ करो ना. फिर मैंने कहा कि क्यों? अब क्या हुआ? तब तो भाई बहन की बातें कर रही थी. फिर तभी मधु बोली कि प्लीज भैया अब मना मत करो, प्लीज जल्दी से कुछ करो. फिर मैंने मधु को बेड पर लेटा दिया और उसके बाद अपने लंड को उसकी चूत में डालने लगा, उसकी चूत बहुत ही टाईट थी. फिर प्रिया मधु की चूत पर तेल डालकर उसे सहलाने लगी.

फिर थोड़ी देर के बाद में अपना लंड मधु की चूत में डालने लगा, तो तभी मधु चिल्लाने लगी और बोली कि भैया प्लीज इसे बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. तभी प्रिया मधु के बूब्स को दबाने लगी और बोली कि पहली पहली बार ऐसा ही दर्द होता है और फिर सब ठीक हो जाएगा. फिर में मधु को आराम-आराम से चोदने लगा और थोड़ी देर में ही मधु ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया, तो मुझे ऐसा लगा कि अब उसका निकलने वाला है और में ज़ोर-ज़ोर से उसकी चुदाई करने लगा.

अब मधु मुझसे बुरी तरह से लिपट गयी थी और ज़ोर-ज़ोर से साँसे लेने लगी थी और फिर उसके बाद उसने एक जोर की सिसकारी ली और शांत हो गयी. फिर तभी मेरा भी पानी निकल गया और में भी अपने लंड को बाहर निकालकर हांफने लगा. फिर हम तीनों थोड़ी देर तक शांत रहे. फिर प्रिया मेरे लंड को सहलाने लगी और में मधु के बूब्स को सहलाने लगा.

उसके बाद मैंने अपना लंड मधु के मुँह में डाल दिया, तो मधु मेरे लंड को चूसने लगी. तो थोड़ी देर में ही मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया तो फिर में बिना रुके प्रिया को चोदने लगा. फिर इस तरह से मैंने प्रिया की मदद से मधु को चोदा, उस दिन शनिवार था. फिर सुबह यह बात प्रिया ने मम्मी को बताई कि रात में मैंने किस तरह से मधु को चोदा? फिर मैंने मम्मी के सामने भी मधु को चोदा.