पास वाली आंटी की चुदाई

(Pass wali aunty ki chudai)

नमस्ते दोस्तों मेरा नाम कृष्णा है मैं महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं मेरी उम्र 21 साल है हमारे पड़ोस में एक बहुत ही खूबसूरत आटी रहती थी है जिसे देखकर कोई भी उसका दीवाना बन जाएगा उसका दूध उसकी गांड उसकी फिगर देख कर किसी का भी खड़ा हो जाएगा।

अब ज्यादा समय न लेते हुए सीधा मैं कहानी पर आता हूं यह बात उस समय की है जब मैं कक्षा अकरावी में था आते जाते मैं आंटी को देखा करता था ओर वो बालकनी में खड़े होकर सुबह-सुबह अपने बाल झटक तिथि और अपने अंग की आंग से मुझे जलाती थी और मुझे ऐसा लगता था आभि उसे जाकर चोद डालू पर ऐसा हो नहीं सकता था। ऐसे ही दिन बीते चलेगा और मेरे अंदर की आग बढ़ती चली गई फिर मैंने सोचा एसे तो में आटी को चोद जी नहीं पाऊंगा फिल्म मैंने एक तरकीब सोची कैसे भी करके आंटी से बात करना चालू करना पड़ेगा
फिर अचानक से ही आंटी मुझे रस्ते में सामान की थैलियां लेकर जाते हुए दिखी, तो मैंने आंटी से कहा लाओ आंटी में सामान पकड़ लेता हूं।तो आंटी ने कहा कि मैं आपको कहीं देखा है तो मैंने आंटी से कहा कि मैं आपके घर के पास में ही रहता हूं चलिए मैं आपके घर तक थेली पकड़ लेता हूं पहले तो आंटी ने नानू करके फिर बाद में रिक्वेस्ट करने पर आटी ने हां कर दिया मैथिली पकड़कर उनके साथ उनके घर तक चलते-चलते ले उनसे बात करने लगा और बातों बातों में मैंने उनसे पूछा कि मैंने आपके पति को कभी घर में देखा नहीं तो उन्होंने बताया कि उनके पति किसी कंपनी में शहर में काम करते हैं और महीने में एक या दो दिल घर पर आते हैं और इसी कारण वह घर पर अकेली रहती है।  तो मैंने आंटी से कहा कि आप अकेली रहती हो तो आपको कुछ भी सामान लाना रहा तो आप मुझे बोल देना तो आंटी ने बोला कोई बात नहीं और फिर हम उनके घर पर पहुंच गए और घर पर आते ही आंटी ने कहा कि बैठो मैं तुम्हारे लिए चाय लेकर आते हो तो मैंने मना कर दिया तो आंटी ने कहा तुम्हें चाय पीकर ही जाना पड़ेगा तो मैंने भी हां कर दी हां कर दी और आंटी भटकती हुई किचन की और चलदी और मैं उन्हें पीछे से देखने लगा देखते-देखते मेरा लैंड खड़ा हो गया और कुछ समय बाद आंटी चाय लेकर आई और मुझे चाय दिया और मेरे पेंट में मेरा लन खड़ा था और वह आंटी ने देख लिया और छोटी सी स्माइल देकर मुझे देख और मैंने कहा में चलता हूँ ओर में वह से चल दिया इसी तरह में आंटी के छोटे बड़े काम करने लगा था और आंटी के करीब आने लगा था और आंटी मुझे आंटी मुझे अपना समझ कर काम भी करवाने लगी थी और मैं भी कर दिया करता था।

और ऐसे ही एक दिन आंटी का मुझे फोन आया और कहने लगी मुझे बाजार में कुछ काम है और तुम मुझे बाजार लेकर चलो तो मैंने भी हां कर दिया और बाइक लेकर में उनके घर पर चल दिया और उनके घर पर आते ही मेने डोर बेल बजाई और जैसे ही आंटी ने दरवाजा खोलो मैं उन्हें देखता ही रह गया और वह बहुत ही कातिल लग रही थी उन्होंने लाल कलर की साड़ी और लोग कट ब्लाउज पहना था जिसमें वह एकदम अप्सरा लग रही थी और मैंने देखता ही रह गया और आंटी ने कहा ऐसा क्या देख रहे हो तो मैंने आंटी से कहा कि आप बहुत खूबसूरत दिख रही हो। तो आंटी ने कहा चल झूठे अब चल बाजार ओ मैंने उन्हें गाड़ी पर बिठाकर बाजार की ओर चल दिया जाते-जाते मैंने कहीं स्पीड ब्रेकर पर गाड़ी कुदाई और उनके बूब्स का सपश जबरदस्त था और उन्हें और उन्हें समझ गया था कि मैं जानबूझकर कर रहा हूं और हम बाजार से काम खत्म कर कर वापस आ गए और आंटी ने मुझे धन्यवाद कहा और बहुत ही लेट होने के कारण मैं घर की ओर वापस आ गया और मैं सोचने लगा कि साला आज मैंने चानस गवा दिया फिर कुछ दिन आंटी का मुझे कोई भी फोन नहीं आया और ना ही मुझे वहां बाहर बालकनी में दिखी।

फिर एक दिन मैंने सोचा जो होना आंटी के घर पर चल कर देखा जाए कि क्या हुआ तो मैं आंटी के घर पर गया और बेल बजाई कुछ देर आंटी ने दरवाजा नहीं खोला मुझे लगा कि वहां घर पर नहीं है पर मैंने एक दो बार फिर घंटी बजाई तो कुछ देर बाद दरवाजा खुला और मैंने देखा आंटी दरवाजे पर थोड़ा सा खोल कर मुझे देख कर कहने लगी ओ तुम आए हो मुझे लगा कोई और है मैं नहा रही थी चलो ठीक है तुम अंदर आकर बैठ जाओ तो मैं अंदर आकर देखा की आंटी ने एक टावर लपट रखा है जिसमें वहां बहुत हॉट लग रही थी और मैं उन्हें देखा और सोफे पर आकर बैठ गया और आंटी ने कहा मैं नहा कर आती हूं उन्हें वहां से उन्हें देखने लगा और आंटी ने दरवाजा बंद कर कर नहाने लगी और मुझे लगा चलो देखें कहीं से आंटी नहाते हुए दीखती क्या और मैं देखने लगा की कहीं खिड़की या कुछ दरवाजे में छेद है क्या तो मैंने देखा कि उनकी बाथरूम की एक खिड़की टूटी हुई थी, जिसमें से अंदर का सब कुछ दिख सके मैंने पास में ही रखे हुए एक स्टूल पर खड़े होकर अंदर देखने लगा जैसे मैंने अंदर देखा आंटी पूरी नंगी होकर नहा रही थी और अपने बूब्स को मसल रही थी देख कर मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मेरा लंड वहीं पर खड़ा होने लगा था और मैं अपने लंड को बाहर निकाल कर हिलाने लगा और मैंने देखा कि आंटी अपने चूत में उंगली कर रही थी और आहिस्ता आहिस्ता सिसकारी ले रही थी।

Aaaaaah aaaaaah ahhhha aaaaah aaaaaah ahhhh hummmm hummmm की आवाज़ आने लगी और मैं वहीं पर झड़ गया कुछ देर में आंटी भी झड़ गई गया और आंटी नहा कर बाहर आई और तैयार होने के लिए अपने बेडरूम की ओर चल गई और तैयार होकर आंटी बेडरूम में से आकर ने पास बैठी मेरे पास बैठी और कहने लगी कहो क्या काम था तुम आज कैसे आए तो मैंने कहा कि आपका कुछ दिनों से कुछ भी फोन या काम नहीं था तो मैं सोचा कि आप नाराज हो क्या तो उन्होंने कहा किस बात से मैंने कहा बस ऐसे ही सोचा था और हंसने लगा वहां भी हंसने लगी।

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चलो तुम आ ही गए हैं तो एक काम था मेरे कुछ दिनों से बदन दर्द हो रहा है और सर में भी दर्द हो रहा है तो मैंने कहा चलो मैं आपकी मसाज कर देता हूं तो उन्होंने कहा अभी नहीं कभी और तो मैंने कहा कि मैं कह देता थोड़ी देर बोलने पर वहां मान गई मैंने उनसे कहा चलो मैं आपके पहेले हेड मसाज कर देता हूं बाद में आपके पैरों की और पीठ की कर दूंगा तो हो नहीं उन्होंने हाँ कारदी और हम बेडरूम की ओर चल दिए वहां पर पहुंचते ही मैंने आंटी से कहा कि आप मुझे तेल दे दीजिए और उन्होंने मुझे अपने कपाट मेंसे तेल की बोतल निकाल कर दे दी और मैंने उनकी हेड मसाज करना चुरु कर दिया और उनको अच्छा लगने लगा था फिर मैंने उनसे कहा किया सीधा लेट चाहिए और मैं आपके पैरों की मसाज कर देता हूं जैसी मैंने उनकी पैरों की मसाज शुरू की उनके शरीर में एक अकड़न सी आने लगी और मैंने देखा कि वहां कड़क हो रही थी फिर मैंने धीरे धीरे उनकी मूसाज की और उनके पैरों की साड़ी को ऊपर लेना शुरू किया और फिर मैंने उनसे कहा कि आपकी साड़ी तेल से खराब हो जाएंगी तो आप ही से निकाल दो तो उन्होंने भी हां करके सारी निकाल दी।

मैं धीरे-धीरे मसाज करते हुए उनके घुटनों तक पहुंचने लगा फिल्म मैंने उनके पैरों को थोड़ा चौड़ा किया और मैंने देखा कि उन्होंने बहुत ही सेक्सी लाल कलर की पेंटी पहनी थी और मैंने धीरे धीरे अपने हाथ को उनके पेंटी के पास लेकर जाना शुरू किया और जैसे ही मेरा हाथ उनके पेंटिं के पास पोहचा तो मैंने महसूस किया कि उनकी पैंटी गीली हो गई थी और वहां अब सिसकारी मार रही थी और मुझे भी जोश आ रहा था तो मैंने उनकी चूत में उंगली डालते हुए उंगली करना चालू किया और वहां जोर-जोर से सिसकारियां मारने लगी और मैं समझ गया था कि वहां चुदनेके लिए रेडी है तो मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उनकी पेंटी को खींच लिया और उन पर चढ़ गए और अपने लड़ को उनकी चूत में डाल दिया और मैं अब उनको जो जोर से चोदने लगा था और मैं उनकी इनको अलग-अलग पॉज ने चोदने लगा था और पूरे कमरे में सिसकारियाँ की आवाज गूंजने लगी आह्ह्ह आह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्हाहहह्हा ऐसी कुछ घंटे तक जोरदार चुदाई चलती रहे और बाद में मैं उनके यहां से खाना खाकर अपने घर पर आ गए और ऐसे ही कई दिनों तक हमारी चुदाई चलती रही।

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