पति के साथ मेरी पहली सुहागरात-4

Pati ke saath meri pahali suhagraat-4

में : क्यों अभी और क्या क्या सीखना बाकी है?

सुनील : अभी तो तुम्हे मुखमैथुन भी सिखाना है और उसके बाद गुदामैथुन भी बाकी है. हमे 69 पोजीशन के भी मज़े लेने है और जब तुम्हारे पीरियड्स होंगे तब भी तो मुझे मेरे लंड को चुसाना होगा ना, तब में तुम्हारे साथ गुदामैथुन करूँगा. तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, क्योंकि में तुम्हे वो सब कुछ सिखा दूँगा, जिसके बाद तुम एकदम अनुभवी हो जाओगी और अब में सबसे पहले तुम्हे सेक्स फिल्म दिखाता हूँ, क्योंकि मेरे पास मेरे कंप्यूटर में बहुत सारी सेक्सी फिल्मे है, क्या तुम वो देखना चाहोगी?

में : हाँ तुम जो भी चाहोगे में वो सब कुछ करूँगी अब यह सब तुम्हारे लिए ही है क्योंकि तुम अब मेरे पति हो तुम्हे मेरे साथ जो भी करना है करो, क्योंकि तुम जो भी करते हो मुझे अच्छा लगता है और वैसे भी तुम तो शादी से पहले भी मेरे बूब्स को बहुत बार दबाते थे, लेकिन आज मुझे तुम्हारे साथ यह सब करके बहुत अच्छा लगा, वैसे भी मुझे पता है कि तुम्हे मेरे बूब्स बहुत पसंद है.

फिर उन्होंने मेरे कहने पर अपने कंप्यूटर शुरू कर दिया और हम दोनों सेक्सी फिल्म देखने लगे, थोड़ी देर तक हम दोनों एक दूसरे से चिपककर लेटे रहे और वो फिल्म देखते रहे उसके मज़े लेते रहे और में लेटे हुए ही अपने एक हाथ से उनका लंड दबा रही थी और वो मेरे बूब्स के निप्पल को दबाकर मुझे गरम कर रहे थे.

फिर कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि एक बार फिर से उनका लंड टाइट हो गया. तो वो मुझसे कहने लगे कि अब तुम इसको थोड़ा सा प्यार भी तो करो, इसको किस करो जैसा फिल्म में हो रहा है. तो मैंने कहा कि नहीं में यह सब नहीं कर सकती, वो काम करना मेरे लिए बड़ा मुश्किल है और वो बहुत गंदा है, मुझे ऐसा करने में बहुत घिन आएगी, में नहीं कर सकती.

सुनील : क्यों गंदा कहाँ है? में भी तो तुम्हे हर जगह पर किस करता हूँ क्यों यह भी मेरे शरीर का एक हिस्सा ही है और हर आदमी को जब उसकी पत्नी उसके लंड को चूसती है तब बहुत ज़्यादा मज़ा आता है और तभी तो वो जोश में आकर बड़ा होगा और उसके बाद तुम्हे और भी ज्यादा मज़ा देगा.

अब में उनके लंड को थोड़ी देर तक सिर्फ़ अपने हाथ से हिलाती और मसलती रही उसके बाद मैंने उनके पेट पर किस करते हुए में उनके लंड तक पहुंच गयी और तब मैंने लंड पर पहली बार किस किया. तो वो मुझसे कहने लगे कि अरे तुम अब इसका थोड़ा सा टोपा भी अपने मुहं में लेकर देखो वो भी तुम्हारे गुलाबी होंठो की तरह है और तुम इसको आईसक्रीम की तरह चूसकर देखो.

फिर मैंने उनके कहने पर वो सब करना शुरू किया जो वो मुझसे करवाना चाहते थे, लेकिन मुझे वो सब करना इतना अच्छा नहीं लगा और फिर इसलिए मैंने कुछ देर बाद उनको यह सब करने के लिए साफ मना कर दिया और मैंने उनको बहाना बनाकर कहा कि में फिर कभी बाद में करूँगी, वैसे भी अब तक उनका लंड बहुत टाईट हो चुका था और आकार में बड़ा भी जो अब मेरे मुहं में भी नहीं आ रहा था.

मुझे उसके लिए अपना पूरा मुहं जबरदस्ती खोलकर रखना पड़ा और उसमे भी मुझे दर्द होने लगा था. अब उन्होंने मुझसे कहा कि चलो आज के लिए इतना ही ठीक है, क्योंकि अब तुम एक बार करने के बाद धीरे धीरे सब कुछ करने लगोगी और फिर में उनके ऊपर लेट गयी, उनका तना हुआ लंड मेरी गर्दन को छू रहा था और मुझे उसका स्पर्श बड़ा गरम लगा.

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फिर अचानक से उन्होंने मुझे नीचे कर दिया और वो खुद मेरे ऊपर आ गये, वो मेरे होंठो को बहुत ज़ोर ज़ोर से काटने लगे और मैंने भी जोश में आकर उन्हे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और कुछ देर बाद वो थोड़ा नीचे आकर मेरे निप्पल को चूसने लगे और में सिसकियाँ लेने लगी उफफ्फ़ अहहह और उनका वो गरम मोटा लंड कभी इधर तो कभी उधर जा रहा था, क्योंकि उसको मेरी चूत में जाने का सही रास्ता नहीं मिल रहा था और तभी मैंने अपने एक हाथ से उनके लंड को पकड़कर उसको अपनी चूत के दरवाजे पर रख दिया और उनका लंड मेरी चूत के दाने को छूकर मेरे गरम जिस्म को और भी ज्यादा जोश में ला रहा था .

अब सुनील ने सही मौका देखकर तुरंत एक जोरदार झटका मार दिया, जिसकी वजह से उनका पूरा का पूरा लंड फिसलता हुआ मेरी गीली गरम चूत में समा गया और मेरे मुहं से वो आवाज़ निकल गई अहह्ह्ह्ह आईईईईइ फिर मैंने उनको ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और मेरे नाख़ून उनकी नंगी जांघो में चुभ गए और मेरे दर्द को देखकर वो अब बिना हिले कुछ रुके रहे और मेरे निप्पल को पकड़कर सहलाने लगे और फिर जब में शांत होने लगी तो सुनील ने अपनी तरफ से मुझे तेज़ तेज़ धक्के देकर चोदना शुरू किया और मेरे मुहं से अब अहहहहह उफ्फ्फफ्फ्फ़ आईईईई और बहुत तेज आवाज़ें निकलने लगी और में कहने लगी कि प्लीज सुनिल धीरे धीरे करो उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह सुनिल थोड़ा आराम से करो में क्या कहीं भागी जा रही हूँ? फिर कुछ देर धक्के खाने के बाद अब मुझे भी उसके धक्को में बड़ा मज़ा आने लगा था और सुनील धक्के देने के साथ साथ बीच बीच में रुककर कभी मेरे होंठो को काटने और कभी मेरे निप्पल को चूसने लगे थे.

फिर करीब दस मिनट तक यह सब करने के बाद एक बार फिर से उनके लंड का पानी निकल गया जो मुझे मेरी चूत में महसूस होने लगा था और अब में भी उनके साथ साथ शांत होती चली गयी और फिर वो मेरे ऊपर लेटकर मुझसे एकदम चिपककर पड़े रहे.

दोस्तों इस तरह उन्होंने मुझे उस पहली रात को रुक रुककर करीब चार बार चोदा, जिसमें तीन बार उन्होंने मेरी चूत में अपने लंड को डालकर बड़े मस्त धक्के देकर मुझे चोदा और एक बार उन्होंने मेरी गांड में जबरदस्ती अपना लंड डाल दिया.

में उस दर्द को किसी भी शब्द में लिखकर नहीं बता सकती मुझे चूत की चुदाई से ज्यादा अपनी गांड मरवाने में बहुत दर्द हुआ और उस दर्द की वजह से मेरी चाल बिल्कुल बदल सी गई. वो दर्द मेरे लिए बहुत दुखदायी साबित हुआ और पांच दिन के बाद वो मुझे हनिमून पर ले गये और उनके साथ हनिमून पर जाने के बाद मैंने बहुत मज़ा किया, तब उन्होंने वहां पर मेरे सब कुछ किया और हर बार मैंने भी उनका पूरा पूरा साथ दिया, क्योंकि अब मुझे उस काम का बहुत अच्छा अनुभव हो चुका था.